बालों के झड़ने के कारण (Balo ke jhadne ke karan) – Hair fall ke karan

बड़े बालों वाली महिलाओं के बाल झड़ने की संभावना काफी अधिक होती है। पर आजकल छोटे बालों वाले पुरुषों के बाल भी तेज़ी से झड़ रहे हैं। बाल झड़ने के कारण कई होते हैं। महिलाएं अपने बाल पतले होते हुए देखकर काफी परेशान हो जाती हैं। यह आपका उत्साह कम कर देता है। कुछ लोगों के बाल झड़ने के काफी सामान्य कारण होते हैं जैसे प्रोटीन एवं विटामिन (proteins and vitamins) की कमी जिसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। पर दूसरी तरफ ऐसे भी लोग हैं जिनके बाल झड़ने के पीछे काफी जटिल कारण होते हैं। चिकित्सा की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपके लिए उन कारणों के बारे में जानना आवश्यक है जिनकी वजह से बाल झड़ते हैं।

बालों के झड़ने के कारण (Balo ke jhadne ke karan)

गर्भावस्था (Pregnancy)

बाल गिरने और झड़ने से कैसे रोके और बचाएँ?

गर्भावस्था बाल झड़ने का एक अहम कारण होती है। यह उन महिलाओं के लिए काफी सामान्य है जिनकी गर्भ में उनका शिशु रहता है। गर्भावस्था के समय महिलाएं शारीरिक तनाव से गुजरती हैं जिसका सीधा सम्बन्ध उनके बालों के झड़ने से होता है। महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान बाल झड़ने की समस्या बच्चे के जन्म के बाद ही देखी जाती है। पर आपको इसे लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि बाल झड़ने की समस्या बच्चे के जन्म के 2 से 3 महीनों तक ही रहती है।

प्रोटीन की कमी (Lack of protein)

आपने अवश्य सुना होगा कि प्रोटीन हमारे शरीर के विकास एवं बढ़त के लिए काफी आवश्यक है। इसी प्रकार हमारे झड़ना रोकने के उपाय के रूप में भी प्रोटीन की आवश्यकता होती है। आपके बालों के झड़ने का एक कारण आपके द्वारा प्रोटीन का भरपूर मात्रा में ना लिया जाना भी हो सकता है। यदि आपको प्रोटीन का सेवन करने की इच्छा नहीं हो रही है तो आप अपने बालों में अंडे, दही जैसे प्रोटीन युक्त तत्वों का प्रयोग कर सकते हैं।

भावनात्मक तनाव (Emotional stress)

यदि आप घर पर या निजी जीवन में किसी कारण से भावनात्मक रूप से परेशान हैं तो यह भी बाल झड़ने के कारण का रूप ले सकती है। यदि आपके जीवन में समस्या है या फिर आप बीच बीच में ही अपनी पत्नी से झगड़ा कर लेते हैं तो भावनात्मक तनाव काफी आसानी से पनपने लगता है। भावनात्मक तनाव के अन्य कारणों में किसी प्रिय मनुष्य का देहांत, खूबसूरत लम्हे साझा करने वाले पति या पत्नी के साथ तलाक आदि शामिल हैं।

विटामिन बी की कमी (Deficiency of vitamin B)

आपके खानपान में मौजूद अन्य पौष्टिक तत्वों की तरह ही विटामिन बी भी एक महत्वपूर्ण उत्पाद है। बालों का झड़ना रोकने के उपाय के रूप में अपने भोजन में विटामिन बी की सही खुराक का सेवन अवश्य करें। आप मछलियों, नॉन साइट्रस (non citrus) फलों, स्टार्च (starch) युक्त सब्जियों आदि से प्राकृतिक विटामिन बी प्राप्त कर सकते हैं। किसी एक ही प्रकार के पोषक पदार्थों के सेवन के बदले संतुलित आहार लेने का प्रयास करें।

अचानक एवं अनपेक्षित रूप से वज़न का कम होना (Sudden and unexpected weight loss)

घने बालों के लिए सरल घरेलू नुस्खे

कई लोगों का वज़न अचानक कम हो जाता है। इसका कारण तनाव, उपयुक्त पोषण का अभाव या कुछ और हो सकता है। किसी व्यक्ति के शरीर के रक्त में चीनी की मात्रा के बढ़ने की वजह से भी अनपेक्षित रूप से वज़न घट सकता है। ये भी आपके बालों के झड़ने या पतले होने का कारण हो सकता है। आप सोच सकते हैं कि वज़न का घटना आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है परन्तु आपको शायद नहीं पता कि यह आपके शरीर को तनावग्रस्त करता है जिसके फलस्वरूप बाल झड़ते हैं।

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome)

सेक्स हॉर्मोन (sex hormone) के असंतुलन के कारण पैदा हुई यह शारीरिक समस्या मुख्य रूप से महिलाओं में देखी जाती है। ओवरी में सिस्ट एण्ड्रोजन (androgens) की मात्रा बढ़ जाने की वजह से पैदा होती है। यह बालों के झड़ने का कारण बनती है। इससे आपके शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है एवं आपके मासिक धर्म में परिवर्तन होता है। यह स्थिति तब और भी अधिक गंभीर हो जाती है जब महिलाओं के चेहरे पर काफी बाल आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में बालों का झड़ना भी आम है। मरीज़ इस समय नपुंसकता, मधुमेह एवं वज़न के बढ़ने की समस्या से भी ग्रस्त होता है।

अवसादरोधी गोलियों का प्रयोग (Use of antidepressant)

लम्बे समय तक हताशा की स्थिति में रहने वाले लोगों को डॉक्टर द्वारा आवसादरोधी गोलियों की सलाह दी जा सकती है। इन गोलियों के साइड इफेक्ट्स (side effects) के फलस्वरूप आपके बाल झड़ सकते हैं। यदि आप उच्च रक्तचाप के मरीज़ हैं तो रक्तचाप की खुराक अतिरिक्त होने से भी बालों के झड़ने की समस्या उत्पन्न होती है। इन औषधियों में मेथोट्रेक्सेट एवं लिथियम (methotrexate and lithium) होते हैं, जिनके कारण आपके बाल झड़ने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

ट्रिकोटिलोमेनिया (Trichotillomania)

बाल झड़ने के प्रमुख कारणों में इस समस्या का भी ज़िक्र आता है। यह उन व्यक्तियों को दिया हुआ नाम है जो आवेग नियंत्रण की समस्या से ग्रस्त होते हैं। इस स्थिति में मरीज़ आवेग में आकर अपने सिर के बाल नोचने पर विवश हो जाता है। यहाँ व्यक्ति बिना किसी कारण के अपने बालों के साथ खेलता या इन्हें खींचता है। यह समस्या 17 वर्ष की आयु से कम के लोगों में देखी जाती है। इस स्थिति का इलाज करने के लिए अवसादरोधी औषधियों का सेवन किया जा सकता है।

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शारीरिक तनाव (Physical stress)

बालों के लिए कैसे करे करी पत्तों का उपयोग?

जो लोग शारीरिक श्रम करते हैं, उन्हें किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए अच्छा ख़ासा जोर लगाना पड़ता है। इससे शारीरिक तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है। शारीरिक तनाव किसी बीमारी, शल्य क्रिया, बुखार एवं दुर्घटना के कारण भी हो सकता है, जिसके फलस्वरूप बालों के झड़ने की स्थिति उत्पन्न होती है। बालों का इस प्रकार झड़ना अस्थायी होता है एवं तनाव की स्थिति से उबरने के बाद इसे रोका जा सकता है।

विटामिन ए की अधिकता (Excess of Vitamin A)

किसी भी चीज़ की अति अच्छी नहीं होती है। यदि आपने अतिरिक्त रूप से विटामिन ए का सेवन किया है तो यह आपके बाल झड़ने के समस्या का कारण बन सकता है। इसके लिए त्वचा विशेषज्ञों से सलाह करें एवं इस स्थिति से निपटें। अपने खानपान में विटामिन ए का प्रयोग पूर्णतः बंद करें एवं बालों के झड़ने की समस्या से निजात पाएं।

आनुवांशिकता (Hereditary)

जिन लोगों के बाल बिना किसी कारण के अतिरिक्त रूप से झड़ रहे हैं, उन्हें अपना पारिवारिक इतिहास उठाकर देखना चाहिए। हो सकता है कि ऐसा उनके पूर्वजों की देन हो। आपके पूर्वज या परिवार के सदस्य शायद अतिरिक्त रूप से बालों के झड़ने की समस्या से ग्रसित हों जिसके कारण यह समस्या अब आपको हो रही है। यदि आपके साथ यही स्थिति है तो मिनोक्सिडिल (minoxidil) का प्रयोग करें एवं इस स्त्रोत को दूर करें।

ऑटो इम्यून हेयर लॉस (Auto immune hair loss)

यह लेख पढ़ने वाले कई लोगों के लिए यह नाम शायद नया प्रतीत होगा। बालों के झड़ने की यह समस्या अति कार्यशील प्रतिरोधी प्रणाली के कारण उत्पन्न होती है। ऐसे समय में शरीर अपनी कार्यक्षमता खो देती है एवं उलझन में पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में प्रतिरोधी प्रणाली बालों को एक बाहरी तत्व समझकर इसे अपना निशाना बनाती है।

चिकित्सा विज्ञान ने इसका उपचार भी ढूंढ लिया है। आप शुरूआती चिकित्सा के तौर पर मरीज़ को स्टेरॉयड इंजेक्शन (steroid injection) दे सकते हैं। ऐसी कई अन्य औषधियां हैं जिनका सेवन किया जा सकता है जैसे रोगेन (Rogaine)

लुपस (Lupus)

बालों के लिए कैसे करे करी पत्तों का उपयोग?

यह नाम एक और प्रकार की ऑटो इम्यून बीमारी को दिया गया है। यह एक काफी खतरनाक शारीरिक स्थिति है जहां बालों का झड़ना काफी भयावह रूप धारण कर लेता है। यहाँ मरीज़ के बालों की कोशिकाओं पर प्रतिरोधी कोशिकाओं द्वारा आक्रमण किया जाता है।

ऐसी स्थिति में बालों के झड़ने की समस्या को दूर करने के लिए किसी नए प्रकार की हेयरस्टाइल (hairstyle) का प्रयोग करें। यदि आप अपने बालों को छोटा करके ऐसी हेयरस्टाइल अपनाते हैं जिससे आपके बाल काफी घनत्व लिए हुए प्रतीत हों, तो सिर के बालरहित भाग न के बराबर दिखेंगे।

कीमोथेरेपी (Chemotherapy)

कैंसर के मरीजों को कीमोथेरेपी नामक एक किरण दी जाती है जो बालों को प्रभावित करती है। ऐसा भी देखा गया है कि ऐसे मरीज़ कुछ दिनों तक नियमित रूप से कीमोथेरेपी करवाने पर गंजेपन की समस्या से जूझते हैं। कीमो के दौरान सबसे पहले बाल काफी पतले हो जाते हैं एवं इसके बाद गंजेपन का अनुभव करते हैं।

बालों की अधिक स्टाइलिंग (Overstyling)

पुरुषों एवं महिलाओं दोनों को ही किसी स्टाइलिंग विकल्प को अपनाकर अपने दोस्तों एवं कर्मचारियों के समूह में इसे दिखाने की आदत होती है। थोड़ी बहुत स्टाइलिंग ठीक है, परन्तु यदि आप निरंतर बालों पर ड्रायर (dryer) का प्रयोग करेंगे एवं हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल करेंगे तो इससे बाल झड़ने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। कुछ लोग बालों को घुंघराला बनाने का स्टाइल अपनाते हैं। इससे दोमुंहे बालों एवं बालों के बीच से टूटने की समस्या उत्पन्न होती है। आप ऐसे कारण के फलस्वरूप बालों के झड़ने के समाधान के तौर पर गर्म तेल का इलाज अपना सकते हैं एवं बालों पर शैम्पू करने के बाद अच्छे कंडीशनर (conditioner) का प्रयोग कर सकते हैं।

उम्र बढ़ना (Aging)

जैसे जैसे एक व्यक्ति बूढ़ा होता है, वह कमज़ोर होने लगता है। वह उन मांसपेशियों एवं ऊर्जा को खोने लगता है जो 20-30 वर्ष की आयु में उसके पास हुआ करती थी। अतः ऐसी स्थिति में बालों के झड़ने की समस्या भी आम है। आप अपने बालों को झड़ने से बचाने के लिए आयुर्वेदिक उपायों का प्रयोग कर सकते हैं।

हाइपोथाइरोइडिस्म (Hypothyroidism)

बालों को स्‍ट्रेट करने के लिये प्राकृतिक तरीके

यह नाम उस समस्या को दिया जाता है जिसके अंतर्गत एक व्यक्ति की थाइरोइड ग्रंथियां कम कार्यशील हो जाती हैं। आपके गले पर दिखने वाली एक छोटी ग्रंथि ऐसे हॉर्मोन के निर्माण के लिए आदर्श है जो विकास एवं मेटाबोलिज्म (metabolism) के लिए आवश्यक है। पर ऐसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है जब ये ग्रंथि पर्याप्त हॉर्मोन का उत्पादन ना कर पाए। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अतिरिक्त रूप से बालों के झड़ने की समस्या का शिकार होता है। सिंथेटिक थाइरोइड मेडिकेशन (Synthetic thyroid medication) इस समस्या का एक समाधान है।

महिला हॉर्मोन (Female horonems)

गर्भावस्था के हॉर्मोन में परिवर्तन के फलस्वरूप महिलाओं में बाल झड़ने की समस्या देखी जा सकती है। यदि आप लम्बे समय से गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल कर रही हैं तो यह भी बाल झड़ने का कारण हो सकता है। अण्डोत्सर्ग के दौरान भावनात्मक तनाव से गुजर रही महिलाएं भी बाल झड़ने की समस्या का शिकार हो सकती हैं। इसका समाधान प्राप्त करने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह करें।

एनाबोलिक स्टेरॉयड (Anabolic steroid)

कई लोग अपनी मांसपेशियों के विकास के लिए स्टेरॉयड लेते हैं। ऐसा कई भारोत्तोलकों एवं धावकों की स्थिति में देखा गया है। ऐसा करने से आप भीड़ में आकर्षण का केंद्र अवश्य बनेंगे, परन्तु क्या अपने इनसे होने वाले नुकसान के बारे में सोचा है? आप आसानी से बाल झड़ने की समस्या के शिकार हो सकते हैं। पुरुष अपने बाल गंवाकर गंजे भी हो सकते हैं। इसकी बजाय मांस एवं अंडे जैसे प्रोटीन का सेवन करके कड़ा व्यायाम करें।

एनीमिया (Anemia)

शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी आपको एनीमिया का शिकार बना सकती है। इसके अलावा महिलाओं के शरीर में आयरन (iron) की कमी से भी एनीमिया हो सकता है। महिलाओं को हमेशा स्वस्थ रहने के लिए लौह पूरक पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। आप आप एनीमिया से ग्रस्त हैं तो आपके बालों की जड़ कमज़ोर रहेगी एवं इसके फलस्वरूप आपके बाल झड़ सकते हैं। यदि आपको लगता है कि आप एनीमिया के शिकार हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह करें एवं इसके पीछे के प्रमुख कारण को दूर करें।

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