Do’s and don’ts during Diwali – दिवाली के दौरान क्या करें और क्या नहीं?

सिर्फ कुछ दिन की प्रतीक्षा के बाद दिवाली आ रही है। दिवाली भारत के सारे प्रान्तों तथा विश्व के कई अन्य भागों में भी काफी हर्षोल्लास तथा ख़ुशी के साथ मनाई जाती है। दिवाली रोशनी का त्यौहार है तथा रंगों एवं खुशियों से सराबोर होने की वजह से यह उत्सव हर भारतीय घर में काफी ख़ास मौक़ा होता है।

ज़्यादातर भारतीय घरों में दशहरा समाप्त होने के बाद से ही दिवाली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं एवं लोग इस उत्सव को अतिरिक्त रूप से आकर्षक तताहा रंगीन बनाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा देते हैं। यह ख़ुशी सिर्फ अपने ख़ास लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि  पड़ोसियों एवं आसपास के लोगों के लिए भी होती है।

लेकिन हर साल दिवाली के मौके पर आपको कई छोटी बड़ी दुर्घटनाओं का समाचार मिलता है जिसका कारण किसी प्रकार की असावधानी ही होती है। जब बात आग के किसी भी रूप की आए तो सावधानी बरतना काफी आवश्यक है। आग या पटाखों के साथ थोड़ी सी भी असावधानी बरतने पर आपको और आपके करीबी लोगों को काफी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

अतः चाहे आप इस दिवाली अपने घर को जिस तरह भी सजाएं या कोई भी पटाखें खरीदें, इस बात का ध्यान रखें कि हर कदम पर सावधानी बरती जाए। आपकी दिवाली को खूबसूरत एवं अकस्मात दुर्घटनाओं से मुक्त रखने के लिए सावधानी बरतना आवश्यक है। इस लेख में आपको इस बात की सलाह दी जाएगी कि दिवाली के दौरान क्या करें और क्या ना करें।

दिवाली के दौरान क्या करें (Do’s during Diwali)

घर की सफाई करें (Clean your home)

दिवाली आने से पहले ही इस बात को सुनिश्चित कर लें कि आपके घर का हर कोना गन्दगी, धूल तथा मलबे से मुक्त हो। दिवाली एक ऐसा त्यौहार है जब देवी लक्ष्मी, जो कि धन और समृद्धि की देवी हैं, की पूजा की जाती है तथा भारतीय सभ्यता में यह माना जाता है कि घर साफ़ सुथरा रहने से ही उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। अतः अपने घर की सफाई करें और इस बात को सुनिश्चित करें कि कोई भी कमरा गंदा या ऐसी चीज़ों से भरा ना हो जिसकी आपको कोई ज़रुरत नहीं है।

दीवारों पर नया रंग करें (Opt for new paint on the walls)

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ऐसे कई घर हैं जहां दिवाली से पहले दीवारों को रंगना काफी ज़रूरी होता है। दीवारों पर रंग की एक नयी परत आपके घर का नक्शा बदलने की क्षमता रखती है तथा इसे एक नया और खुशनुमा स्वरुप देती है जो कि इस भव्य उत्सव से पूरी तरह मेल खाता है। अतः अगर विकल्प उपलब्ध हो तो आप हमेशा ही दिवाली से पहले अपने घर को रंग रोगन के द्वारा एक ताज़ा और नया स्वरुप प्रदान कर सकते हैं।

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अपने घर को सजाएं (Decorate your home)

साफ़ सफाई के बाद बारी आती है सजावट की। अपने घर को सही प्रकार से सजाना दिवाली के दौरान काफी आवश्यक है। आप अपने घर को किसी उत्तम प्रदर्शन वस्तु, फूलों की माला तथा रोशनी, दीयों और मोमबत्तियों से सजा सकते हैं। इस बात को सुनिश्चित करें कि आपके घर का कोई भी कोना अंधकारमय ना हो, बल्कि इसे सही सुरक्षा साधन अपनाकर रोशनी से भर दें।

खुशियाँ बांटें (Share happiness)

ख़ुशी एक ऐसी चीज़ है जो कि बांटने से बढ़ती है। इस त्यौहार की ख़ुशी को सिर्फ अपने परिवार एवं दोस्तों तक सीमित ना रखें, बल्कि इसमें उन लोगों को भी शामिल करें जो शायद आपके जैसी खुशनुमा दिवाली मनाने में सफल ना हो पाएं। तोहफों का आदान प्रदान करें जिससे आपके आसपास हर व्यक्ति प्रसन्न हो।

घर सजाते समय सावधानियां बरतें (Take precautions while decorating your home)

दिवाली के दौरान अपने घर को बिजली की रोशनी, मोमबत्तियों तथा दीयों से  सजाना काफी सामान्य बात है, पर  इस सजावट को शुरू करने से पहले यह काफी ज़रूरी है कि आप कुछ बचाव उपाय अपनाएं। नीचे उन नियमों की सूची दी गयी हैं जिनका पालन आपको अपने घर को बिजली की रोशनी और दीयों से सजाते समय करना चाहिए।

बिजली की रोशनी लगाते समय कुछ करने योग्य बातें (Do’s for using electrical lights)

  • सिर्फ अच्छी गुणवत्ता के बिजली के सजावटी सामान खरीदें। खराब गुणवत्ता के उत्पाद ऐसे तारों के साथ आते हैं जो काफी जल्दी कट जाती हैं और इनसे झटके लगने की आशंका भी रहती है। अतः सबसे पहले इस बात को सुनिश्चित करें कि आप अच्छी गुणवत्ता की रोशनी खरीदें जो अच्छे से काम करे और पूर्ण सुरक्षा भी दे।
  • घर पर बिजली की सजावट करते समय इस बात को सुनिश्चित करें कि विद्युत् के किसी स्त्रोत के साथ कोई तार नहीं जुड़ी है। एक बार सजावट पूरी कर लेने के बाद ही तार को विद्युत् के स्त्रोत से जोड़ें। इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके शरीर का कोई भी भाग तारों या रोशनी के सीधे संपर्क में ना रहे।

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  • घर में बिजली की सजावट करते समय इस बात का ध्यान रखें कि ये सजावटें बच्चों की पहुँच से दूर रहें। उन्हें किसी भी ज्वलनशील चीज़, जैसे पर्दों या कागज़ की सजावटों के संपर्क से भी दूर रखें। ये चीज़ें बिजली की अत्याधिक आंच के फलस्वरूप काफी जल्दी आग पकड़ सकती हैं।
  • अगर आपने पहले कभी घर में बिजली की सजावट का काम नहीं किया है, तो किसी विशेषज्ञ इलेक्ट्रीशियन (electrician) की मदद लें। विद्युत् का ख़तरा काफी गंभीर होता है और आपकी दिवाली को भी बर्बाद कर सकता है, अतः बचाव उपाय अपनाएं तथा बिना मतलब के खतरे ना उठाएं।

दीयों / मोमबत्तियों की सजावट कैसे करें (Do’s for decorating with Diyas/Candles)

  • दिवाली की कल्पना घर में दीयों और मोमबत्तियों की सजावट के बिना की ही नहीं जा सकती। अतः अगर आप बिजली की सजावटों का प्रयोग कर भी रहे हैं, तो भी रंगोली और अन्य सजावटों के साथ दीयों का भी प्रयोग करें। इससे त्यौहार का सही माहौल बनता है।
  • दिए और मोमबत्तियां जलाते समय काफी सावधान रहें। जलते हुए दीयों के ज़्यादा पास ना जाएं तथा इस बात को सुनिश्चित करें कि आपके कपड़े भी इनके पास ना जाएं। दिया जलाने के लिए माचिस के प्रयोग की बजाय लम्बी मोमबत्तियों का प्रयोग करें। इससे दिया जलाना आसानी से, तेज़ी से तथा काफी सुरक्षित भाव से हो जाएगा।
  • दीयों और मोमबत्तियों की सजावट से पहले इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी पर्दा या कागज़ जलते दिए के संपर्क में ना आए। अगर आप दरवाज़े पर दिया रख रहे हैं, जो कि एक प्रथा है, तो इस बात का ध्यान रखें कि बाहर दिए के ज़्यादा करीब आये बिना चलने के लिए पर्याप्त जगह हो।

पटाखे छोड़ने से जुडी सावधानियां (Take precautions for lighting fireworks)

पटाखों से दिवाली खुशनुमा बनती है, पर इन्हें जलाते समय सावधानी बरतें जिससे कि किसी भी खतरे या दुर्घटना की आशंका ना रहे। नीचे कुछ चीज़ों का वर्णन है जिनका पालन आपको दिवाली के दौरान करना चाहिए।

  • पटाखे जलाने के लिए कोई खुली जगह चुनें , बगीचे, पार्क्स (parks) या खुली छत इसके लिए सही जगह है। कभी भी भीड़ भाड़ वाली सड़कों, तारों के पास या छत के नीचे पटाखे ना जलाएं।
  • सिर्फ अच्छी गुणवत्ता के पटाखे ही प्रयोग में लाएं। खराब पटाखे भले ही सस्ते हों, पर ये आपके दिवाली के अनुभव को खराब कर देंगे और कई दुर्घटनाओं का कारण भी बनेंगे।
  • बच्चों को सिर्फ किसी बड़े की देखरेख में ही पटाखे छोड़ने की अनुमति होनी चाहिए। बड़े पटाखे हमेशा ही किसी बड़े को ही जलाने चाहिए।

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  • हमेशा पटाखे चलाने के स्थान के पास एक बाल्टी रेत तथा एक बाल्टी पानी रखें। इन सामान्य चीज़ों से किसी की जान बचाई जा सकती है।
  • पटाखे जलाने के बाद इस बात को सुनिश्चित करें कि यह पूरी तरह जल जाए। एक बार पटाखा पूरी तरह जल जाने पर इसके ऊपर थोड़ी सी रेत या पानी डाल देना अच्छा रहता है।
  • अगर पहली बार में पटाखा ना जला हो, पर लड़ी ख़त्म हो गयी हो, तो इसे दोबारा जलाने की चेष्टा ना करें। इसपर थोड़ा सा पानी और रेत डालकर यह सुनिश्चित करें कि इसमें कोई आग ना बची हो। आग बच जाने पर यह बाद में कभी भी फट सकता है जिससे कोई भी दुर्घटना हो सकती है।
  • पटाखे जलाते समय इनके ज़्यादा पास ना जाएं और माचिस की बजाय एक मोमबत्ती या फुलझड़ी की सहायता से पटाखे जलाएं। पटाखे जलाते समय अपने चेहरे और आँखों को पटाखों से दूर रखें।
  • राकेट (rockets) या अन्य पटाखे, जो कि आसमान में जाकर फूटते हैं, जलाते समय इसे समतल मिट्टी में रखें, जिससे कि ज़मीन छोड़ने के बाद यह सही दिशा में जाए।
  • पटाखे जलाते समय फर्स्ट ऐड बॉक्स (first aid box) हमेशा अपने पास रखें। हो सकता है कि आपको इसकी ज़रुरत पड़ जाए।

दिवाली के दौरान क्या ना करें (Don’ts during Diwali)

बजट के ऊपर ना जाएं (Do not go over your budget)

दिवाली हर भारतीय घर में एक बड़ा त्यौहार है  तथा इसे अच्छी तरह से मनाना एक आम बात है। हालांकि इस बात को भी ध्यान में रखें कि त्यौहार पर होने वाला खर्च आपके लिए बोझ ना बन जाए। इससे आपकी वित्तीय हालत बिगड़ सकती है। अतः दिवाली मनाने के चक्कर में बजट से ऊपर ना चले जाएं।

ज़रुरत से ज़्यादा ना खाएं (Do not eat more than you can chew)

दिवाली जैसे त्योहारों के मौके पर हमें हमेशा ही भूख लगती रहती है। असल में दिवाली के दौरान बनने वाली हर मिठाई और पकवान हमसे विनती करते रहते हैं कि उन्हें खा लिया जाए। लेकिन अगर आपकी उम्र 20 से ज़्यादा है तो मिठाइयां और अन्य व्यंजन कितने ही स्वादिष्ट क्यों ना हों, इनकी मात्रा पर ध्यान रखें। अपनी सामान्य खुराक से ज़्यादा खाने से आप बीमार पड़ सकते हैं और आपकी दिवाली पूरी तरह खराब हो सकती है।

सिंथेटिक और ढीले ढाले कपड़े ना पहनें (Do not wear synthetic, loose fitting clothes)

घर के लिए श्रेष्ठ दिवाली सजावट

दिवाली के दौरान सिंथेटिक या ढीले कपड़े जिनके किनारे लम्बे हों, पहनना काफी खराब विकल्प होता है। सिंथेटिक कपड़े काफी खतरनाक होते हैं क्योंकि इनमें कभी भी आग लग सकती है और यह संभावना काफी ज़्यादा होती है। अतः दिवाली के समय कसे हुए सूती के कपड़े ही ज़्यादा सही रहते हैं। अगर आप पूजा के वक्त कोई ढीला ढाला पारंपरिक परिधान पहन रही हैं, तो पटाखे छोड़ने के समय इन कपड़ों को बदल लें।

खराब गुणवत्ता की बत्तियां या पटाखे ना खरीदें (Do not buy low quality lights or fireworks)

हम आमतौर पर दिवाली के समय खराब गुणवत्ता की बत्तियां और पटाखे खरीद लेते हैं क्योंकि ये सस्ते होते हैं और आप कम पैसों में इन्हें काफी मात्रा में खरीद सकते हैं। लेकिन इन सस्ती बत्तियों और पटाखों की वजह से दिवाली के दौरान बहुत सी दुर्घटनाएं भी होती हैं। अतः अच्छी गुणवत्ता के उत्पाद खरीदें।

खाली पैर पटाखे ना छोड़ें (Do not lit fireworks in bare feet)

पटाखे छोड़ते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके शरीर का ज़्यादातर हिस्सा कपड़ों से ढका हो और पटाखे छोड़ने से पहले जूते पहनना भी ना भूलें। दिवाली के दौरान फट चुके पर गर्म पटाखे पर पैर पड़ जाना और जल जाना काफी सामान्य दुर्घटना है। अतः सही बचाव उपाय लें तथा दुर्घटना का ख़तरा कम करें।

सिर्फ मज़े के लिए पटाखे ना फेंकें (Do not throw firecrackers for fun)

पटाखे सुरक्षित दिख सकते हैं, पर अगर इन्हें गलत तरीके से जलाया या प्रयोग में लाया गया तो ये काफी हानिकारक होते हैं। अगर आप पटाखे फोड़ रहे हैं तो ज़िम्मेदार बनें और सही प्रकार से इसे जलाएं। हवा में किसी व्यक्ति या जानवर के ऊपर जलते हुए पटाखे फेंकना एक सोचा समझा जुर्म भी माना जा सकता है।

खुद के मज़े के लिए दूसरों को परेशान ना करें (Your enjoyments should not be a botheration for others)

हर व्यक्ति अपने हिसाब से दिवाली मनाता है और आपको ये बिल्कुल पता नहीं होता कि किसी व्यक्ति की निजी ज़िन्दगी में इस वक्त क्या चल रहा है। अतः दिवाली का मज़ा लेते समय इस बात को सुनिश्चित करें कि आपकी ख़ुशी आपके किसी पड़ोसी या किसी और के दुःख तथा परेशानियों का कारण तो नहीं बन रही है। अपने कार्यों के प्रति ज़िम्मेदार रहें तथा सुरक्षित रूप से दिवाली मनाएं।

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