Foods you should avoid during pregnancy – गर्भावस्था के दौरान टालने योग्य खाद्य पदार्थ

गर्भावस्था के दौरान आप जो खाती हैं उसका परिणाम पेट के बच्चे की सेहत पर होता है। ऐसे कुछ खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें खाने से आपके बच्चे की सेहत को खतरा हो सकता है। कम चरबीवाला मांस, सब्जियां और फलियाँ रोज के भोजन का अविभाज्य भाग होना चाहिए। यहाँ पर ऐसे पदार्थ दिए गए हैं जो गर्भावस्था के दौरान टालने चाहिए।

चरबीयुक्त डेरी उत्पाद, मांस और हॉट डॉग (Unpasteurized dairy foods, luncheon meats and hot dogs)

इन पदार्थों में लिस्टिरिओसिज़ के बिमारी पैदा करनेवाले कीटाणु होते हैं। यह कीटाणु गर्भपात का कारण बन सकते हैं। फ्रिज में संगृहीत किये गए समुद्री पदार्थ भी न खाएं जिनमे यह कीटाणु पाए जाते हैं।

गर्भावस्था में देखभाल, स्वस्थ बच्चा पाने के लिए महिलाओं का आहार (A safe pregnancy diet for a healthy baby)

क्या गर्भावस्था के दौरान रुट कैनाल पद्दति का प्रयोग सही?

गर्भावस्था के दौरान खाए गए पदार्थ सीधी तरह से बच्चे की सेहत पर असर करते हैं। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की और पेट के बच्चे की रोग प्रतिकारक शक्ति कम हो जाती है और इस वजह से खाद्य पदार्थों के कीटाणु आसानी से हमला कर सकते हैं।

स्वस्थ गर्भावस्था के लिए आहार, गर्भावस्था के दौरान टालने योग्य खाद्य पदार्थ (Foods to avoid during pregnancy or pregnancy mai khana)

  • कम पकी कस्तुरा मछली, सुशी, कच्चे अंडे और घरेलु केक टालने चाहिए क्योंकि इनमे कीटाणु होते हैं जो बीमारियाँ दे सकते हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन, हॉट डॉग,मांस और चरबी युक्त डेरी उत्पाद में कीटाणु होते हैं जो गर्भपात के जिम्मेदार हो सकते हैं या बच्चे की सेहत पर बुरा असर कर सकते हैं।
  • चरबीयुक्त दही और पनीर से भी कीटाणु का खतरा होता है।
  • शार्क और स्वोर्डफिश में पारा होता है जो बच्चे के दिमाग के स्वास्थय को खतरा होता है।
  • नालियां और तालाबों से पकड़ी हुई मछली में कारखानों के प्रदुषण की वजह से बीमारियाँ हो सकती है जो बच्चे के स्वास्थय को खतरा हो सकती है।

गर्भ निरोध – परिवार नियोजन के उपाय

  • ज्यादा कॉफ़ी पिने से बच्चे के दिल की धड़कन पर असर हो सकता है।
  • जिगर में ज्यादा मात्रा में विटामिन ए होता है जो बच्चे में जन्म के दौरान दोष पैदा कर सकता है।
  • कच्चे अंडे खाने से पूरी तरह से परहेज करना चाहिए।
  • फफूंदी लगा पनीर खाने से बच्चे में संक्रमण हो सकता है या गर्भपात होने का खतरा होता है।
  • ब्री पनीर से बच्चे और माँ की सेहत को खतरा हो सकता है। यह पनीर चरबीयुक्त दूध से बनाया जाता है जिस कारण कीटाणुओं का संक्रमण हो सकता है।

गर्भावस्था में भोजन में मछली (Certain fish and seafood)

स्वोर्डफिश और शार्क जैसी मछली में ज्यादा मात्रा में पारा होता है। पारा बच्चे के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर बुरा असर करता है। ऐसी मछली खाएं जिनमे पारे का स्तर काफी कम हो। नालियों और तालाबों से पकड़ी हुई मछली में भी अधिक मात्रा में पारा होता है जो बच्चे की सेहत पर बुरा असर करता है।

गर्भावस्था में खानपान में अंकुरित सब्जियों (Sprouts of raw vegetables)

मुंग, मुली और अन्य अंकुरित सब्जियों को गर्भावस्था में टालना योग्य होता है। इनमे कीटाणु प्रवेश कर सकते हैं जो धोने के बाद भी निकलने की संभावना नहीं होती है।

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शराब (Alcohol)

गर्भावस्था जे दौरान शराब पूरी तरह से टालनी चाहिए। शराब पिने से बच्चे की शाररिक बढ़त पर बुरा असर होता है।

शराब से महिलाओं की कोशिकाओं से पोषण द्रव्य और ऑक्सीजन खिंच लिया जाता है जिस कारण पेट के बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर करता है।

गर्भावस्था में भोजन में फलों के रस (Unpasteurized juices)

रास्ते पर बेचे जा रहे फलों के रस में ज्यादा मात्रा में कीटाणु होते हैं जो बच्चे की सेहत पर असर कर सकते हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए खास टिप्स लेड (Lead)

पिने के पानी के पाइप अगर जस्ते के बने हो तो वह पानी में घुल सकता है। ऐसा पानी पिने से समय से पहले बच्चा होना, बच्चे की बढ़त धीरे से होना ये समस्याएँ हो सकती हैं। यह जस्ता पानी के शुद्धिकरण से भी नहीं निकाला जा सकता। अपने पिने के पानी की जांच करवा लें।

गर्भावस्था के दौरान आहार कॉफ़ी या चाय (Caffeine)

कॉफ़ी या चाय ज्यादा मात्रा में पिने से जन्म के समय बच्चे का वजन कम हो सकता है या गर्भपात भी हो सकता है।

गर्भधारण के सबसे अहम लक्षण

गर्भावस्था के दौरान खान-पान में ठंडा मांस (Deli meat)

ठंडा मांस खाने से गर्भपात हो सकता है। इसके कीटाणु खून में विषैले तत्त्व होते हैं जो बच्चे की सेहत पर असर करता है।

गर्भावस्था के दौरान आहार में कच्चे अंडे (Raw eggs)

कच्चे अंडे से बने व्यंजन अच्छी तरह से पकाकर कीटाणुमुक्त किये जा सकते हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए खास टिप्स में बिना धुलि सब्ज़ियाँ (Unwashed vegetables)

सब्जी धोकर ही पकाई जानी चाहिए। जिस मिटटी में यह सब्जी उगती है उस मिटटी में कीटाणु हो सकते हैं जो सब्जी में आ सकते हैं। इसलिए पकाने से पहले सब्जी अच्छी तरह से धो लेनी चाहिए।

फेटा चीज़ (Feta cheese)

फेटा चीज़ एक काफी प्रसिद्ध प्रकार का चीज़ है जिसका प्रयोग कई प्रकार के सलाद और पास्ता (pasta) में किया जाता है। इसका सेवन करना दुनियाभर के खाद्य प्रेमी काफी पसंद करते हैं। गर्भावस्था के दौरान आपकी इसका सेवन करने की चाह और भी ज़्यादा बढ़ जाती है। अगर आप भी चीज़ के प्रेमी हैं तो आपका यह जानना काफी ज़रूरी है कि चीज़ बिलकुल सुरक्षित होती है। फेटा चीज़ एक नर्म तथा बिना पाश्चरीकरण की प्रक्रिया से गुजरी हुई चीज़ (unpasterurized) होती है, जिसके सेवन से खाद्य पदार्थों से जुड़ी हुई बीमारियाँ हो सकती हैं। चीज़ के सेवन से जो सबसे हानिकारक बीमारी हो सकती है, वह है लिस्टेरियोसीस (listeriosis)। लिस्टिरिया (listeria) से युक्त भोजन से बीमारी हो सकती है, जिसके लक्षण ऐसे होते हैं जिसका आपके स्वास्थ्य पर लम्बे समय का कोई असर या नुकसान नहीं होता। ऐसे चीज़ का सेवन ना करें जो पाश्चरीकृत ना हो। अतः सुरक्षित रहने के लिए फेटा चीज़ की बजाय मोज़रेला (mozzarella) चीज़ का सेवन करें। अगर आप लिस्टेरियोसीस से पीड़ित हो जाती हैं तो आपके गर्भपात की भी काफी संभावना बढ़ जाती है। समय से पहले लेबर (labor) और काफी गंभीर बीमारी की वजह से भी लिस्टेरियोसीस की समस्या जन्म लेती है। कई प्रकार के मांस भी गर्भावस्था के समय काफी हानिकारक होते हैं क्योंकि इनमें लिस्टिरिया होता है।

गर्भावस्था के दौरान कुछ स्वास्थ्य समस्याएँ

बिना पाश्चरीकृत दूध (Unpasteurized milk)

बिना पाश्चरीकृत दूध या पनीर आपके अजन्मे बच्चे के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इस समय कच्चे दूध का सेवन करने से बचें। इसे बिना पाश्चरीकृत दूध कहते हैं जिसमें भेड़ तथा बकरी का दूध शामिल होता है। बिना पाश्चरीकृत दूध तथा कच्चे और ठीक से ना धुले भोजन में पैथोजेन्स (pathogens) होते हैं जो आपको काफी बीमार बना सकते हैं। कच्चे दूध के पाश्चरीकृत दूध की तुलना में लिस्टेरिया से प्रभावित होने की काफी ज़्यादा सम्भावना होती है। इससे लिस्टेरियोसीस का खतरा बढ़ सकता है।

बिना पाश्चरीकृत दूध का सेवन करने से खाद्य सम्बन्धी कई बीमारियों जैसे लिस्टेरियोसीस का शिकार होने की सम्भावना बढ़ जाती है। यह एक खतरनाक संक्रमण है जिसके फलस्वरूप आपको गर्भपात, गम्भीर बीमारी और बच्चे के मृत पैदा होने की स्थिति से भी गुज़रना पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं को लिस्टेरियोसिस होने की सम्भावना काफी ज़्यादा होती है, अतः उन्हें इस समय बिना पाश्चरीकृत दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।

नाइट्रेट युक्त भोजन (Nitrate rich foods)

रसायन युक्त भोजन से हमारी सेहत पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। बेकंस, सॉसेज, डाएट सोडा, नकली मिठास वाले पदार्थ (bacons, sausages, diet sodas, artificial sweetener) आदि नाइट्रेट युक्त खाद्य पदार्थों की सूची में आते हैं। ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होते, पर इनमें पोषक पदार्थों की भारी कमी की वजह से ये गर्भावस्था के दौरान ग्रहण करने के लिए काफी अस्वास्थ्यकर भोजन माने जाते हैं। इनका रोज़ाना भारी मात्रा में सेवन करने से भ्रूण के विकृत होने और इसी तरह की अन्य समस्याओं से दो चार होना पड़ता है।

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