Foods to eat and avoid during malaria in Hindi – मलेरिया के दौरान खाना खाने और बचने के लिए

मलेरिया में खानपान का विशेष महत्व होता हैं, क्योंकि मलेरिया होने से शरीर बहुत कमजोर हो जाता हैं इसके साथ ही इसका प्रभाव लिवर पर भी पढता हैं। ऐसे में अगर रोगी कुछ भी बिना सोचे समझे कुछ भी खाये तो इसका प्रभाव पाचनतंत्र और लिवर पर पढता हैं जिससे शरीर और भी अधिक कमजोर हो जाता हैं और मलेरिया बुखार भी लम्बे समय तक बना रहता हैं। ऐसे में जरुरी हैं की प्रत्येक रोगी को यह पता हो की मलेरिया में क्या खाये और क्या न खाये इससे रोगी को रिकवरी करने में बड़ी तेजी मिलती हैं व इसके साथ ही मलेरिया में परहेज रखने से भी सहायता मिलती हैं। इस बारे में हमने सारी जानकारी निचे दी हैं यह मलेरिया का सही भोजन हैं। हमने यह जानकारी घरेलु उपाय के एक साइट से प्राप्त की है।

मलेरिया बुखार में रोगी को काफी तेज ठण्ड लगती हैं शरीर कांपने लगता हैं, सर्दी जुकाम हो जाता हैं और तेज बुखार आने लगती हैं, ऐसे में दवा लेकर रोगी अपना बुखार उतारता हैं और फिर अगले दिन रोगी को वैसे ही लक्षणों के साथ बुखार आ जाता हैं ऐसे में अगर रोगी मलेरिया का सही उपचार न करवाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

बुखार में शरीर चयापचय दर बढ़ जाती हैं जिससे शरीर को और अधिक कैलोरी की जरूरत लगती हैं। हमे कितनी मात्रा में कैलोरी लेना चाहिए यह बुखार के तापमान पर निर्भर करता हैं। इसलिए मलेरिया के रोगी को ऐसे आहार ज्यादा से ज्यादा लेना चाहिए जिनमे कैलोरी ज्यादा मात्रा में पाई जाती हो। यह ऐसे आहार होते हैं जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं, आपको मलेरिया में यह आहार लेना चाहिए – ग्लूकोस का पानी, गन्ने का रस, मौसमी फलों का रस, नारियल पानी, इलेक्टोरल वाटर, निम्बू पानी आदि ऐसे आहार जो की इंस्टेंट एनर्जी देते हो उनका सेवन करना चाहिए।

मलेरिया में क्या खाये और क्या नहीं खाना चाहिए (Malaria Diet Chart in Hindi Bhojan)

प्रोटीन से भरपूर आहार लें

मलेरिया के समय करने एवं ना करने योग्य बातें

मलेरिया में प्रोटीन की आवश्यकता बढ़ जाती हैं क्योंकि मलेरिया वायरस के संक्रमण से शरीर के उत्तकों को बड़े पैमाने में नुकसान पहुंचता हैं, जिससे शरीर की ऊर्जा क्षीण हो जाती हैं। ऐसे में रोगी को हाई प्रोटीन डाइट और हाई कार्बोहाइड्रेट्स डाइट लेना बहुत जरुरी होता हैं। भरपूर मात्रा में प्रोटीन और कार्बोहायड्रेट लेने से शरीर में उत्तकों की संख्या तेजी से बढ़ती हैं और इस तरह रोगी को शारीरिक कमजोरी महसूस नहीं होती और मलेरिया से जल्द रिकवरी हासिल हो जाती हैं।

मलेरिया में प्रोटीन और कार्बोहायड्रेट से भरपूर यह आहार होता हैं – दूध पिए, दही खाये, लस्सी पिए, छाछ, मछली, चिकन और चिकेन का सूप, अंडे आदि यह सभी आहार प्रोटीन और कार्बोहायड्रेट से भरपूर होते हैं। अगर आप मांसाहारी हैं तो ऐसे में आपको ज्यादा से ज्यादा चिकन सूप का सेवन करना चाहिए यह जल्द ही मलेरिया से आई कमजोर को दूर कर देता हैं और अन्य लाभ भी करता हैं, मलेरिया में भोजन का स्त्रोत।

फैट से परहेज करे

मलेरिया में फैट/वसा का सेवन कम से कम मात्रा में लेना चाहिए। फैट ज्यादातर इन निम्न आहारों में पाया जाता हैं – दूध से बने पदार्थों में, मक्खन में, क्रीम में आदि डेरी के उत्पादों का सेवन पाचन में मददगार होता हैं और शरीर इन्हें आराम से पचा लेता हैं। क्योंकि इन डेरी आहारों में ज्यादा मात्रा में फैट वसा नहीं होता हैं इसलिए आप इनका सेवन कर सकते हैं। आप सिर्फ भोजन में वसा का ज्यादा उपयोग न करे, तले हुए आहार न लें, भुने हुए आहार भी न ले आदि इनके सेवन से पाचन बिगड़ जाता हैं जिससे मलेरिया में दस्त लगने की शिकायत भी हो सकती हैं। इसलिए फैट वसा का मलेरिया में परहेज करना ही उत्तम होता हैं।

ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें

मलेरिया में अत्यधिक पसीना आने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती हैं जिससे रोगी को डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता हैं। ऐसे में रोगी को ज्यादा से ज्यादा तरल चीजों का सेवन करना चाहिए जैसे की फलों का रस, ग्लूकोस का पानी, नारियल पानी आदि मलेरिया में खाना चाहिए। यह शरीर में तरलता बनाये रखते हैं और साथ ही शरीर की मल मूत्र की क्रिया में तेजी लाते हैं जिससे शरीर में मौजूद अन्य विषाक्त पदार्थ मल मूत्र के जरिये शरीर से बाहर निकलते जाते हैं।

विटामिनो से भरपूर आहार लें

विटामिन A और विटामिन C से भरपूर आहार – गाजर खाये, चुकुन्दर खाये व् इसका रस भी पिए, पपीता व पपीता का रस। ज्यादातर विटामिन A और B खट्टे फलों में पाए जाते हैं जैसे की नारंगी, मोसम्बी, पाइनएप्पल, सेब, अंगूर, जामुन, निम्बू आदि। Vitamin B रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में बहुत मददगार होता हैं इसलिए आपको निम्बू बताये गए आहारों का सेवन अवश्य करना चाहिए. ऐसा करने से आपके शरीर को मलेरिया वायरस व अन्य संक्रमणों से लड़ने की शक्ति मिलती हैं।

मलेरिया की शुरुआती दिनों में

Day 1 to 3

जैसे ही व्यक्ति को पता चले की उसे मलेरिया बुखार हो गया हैं तो उसे ऐसी स्थिति में यह चीजे खाना चाहिए। मलेरिया होने की शुरुआत में रोगी को ज्यादा से ज्यादा संतरे कर रस पीना चाहिए, यह रामबाण उपाय हैं। आप भूख लगने पर दलिया, खिचड़ी आदि आहारों को कम मात्रा में लें व दिन में चार से पांच बार संतरे का रस पिए ऐसा आप मलेरिया होने के शुरूआती तीन दिनों तक करे।

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सुबह खाली पेट

करेले के औषधीय एवं स्वास्थ्य गुण

1-2 ग्लास संतरे का रस (Orange Juice) पिए, इसका उपयोग आप सुबह के नाश्ते के रूप में भी कर सकते हैं।

नोट: संतरे के रस को सुबह उठने के तुरंत बाद लेना परम लाभकारी होता हैं, ऐसे में आप सुबह उठने के बाद पानी के अलावा और कुछ भी न खाये पिए।

सुबह, दुपहर और रात का भोजन

मलेरिया होने पर शुरूआती तीन दिनों में आप हल्का आहार लें वैसे जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा फलों का रस ही पिए, लेकिन फिर भी अगर आपकी भूख नहीं जाती हो तो आप अल्प मात्रा में खिचड़ी, दलिया, मूंग दाल का पानी, सूप आदि मलेरिया के शुरूआती दिनों में खा सकते हैं। (मलेरिया के शुरूआती तीन दिनों में सिर्फ नारंगी का रस लेने से पुरे शरीर की सफाई हो जाती हैं जिससे मलेरिया के संक्रमण का असर बहुत कम हो जाता हैं इसलिए शुरआती तीन दिनों में आप दलिया, खिचड़ी आदि को कम से कम मात्रा में ही लें)

मलेरिया में थोड़ा आराम मिलने पर

Day 3 to 6

जब रोगी का मलेरिया बुखार कम होने व रोगी को लगने लगे की उसकी तबियत में अब थोड़ा सुधार हैं तो ऐसे में रोगी अन्य फलों का सेवन शुरू कर देना चाहिए। अब तक हमने मलेरिया के शुरुआती दिनों में सिर्फ संतरे के रस का सेवन करने को कहां था लेकिन अब आपको अगले तीन दिनों में अन्य सभी तरह के फलों का सेवन व फलों के रस का सेवन करना हैं जैसे की – पाइनएप्पल, पपीता, अंगूर, सेब, आम, चीकू, नासपती, तरबूज, काले अंगूर, मुनक्का आदि फलों का व इनके रस का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए।

मलेरिया से ठीक हो जाने पर

अब आखिर में जब रोगी का बुखार जाने लगे तो आप उसे धीरे-धीरे कम मात्रा से शुरुआत करते हुए भोजन देना शुरू कर सकते हैं। ऐसे में रोगी को सबसे पहले भूख से कई कम भोजन करना चाहिए उसके बाद धीरे-धीरे भोजन की मात्रा बढ़ा सकते हैं।

सुबह के समय

मलेरिया में सुबह के समय रोगी को संतरे का रस और गुन-गुने पानी में निम्बू डालकर निम्बू पानी बनाकर पीना चाहिए। इसमें आप जरा सी शहद भी मिला सकते हैं। इस तरह सही भोजन कर आप मलेरिया का उपचार कर सकते है।

मलेरिया आहार चार्ट योजना (Malaria diet chart plan)

ब्रेकफास्ट

नाश्ते में रोगी को एक ग्लास दूध व ताज़ा फलों का सेवन करना चाहिए, इसके साथ रोगी मुनक्का भी खा सकते हैं।

लंच

करेले के औषधीय एवं स्वास्थ्य गुण

दुपहर के भोजन में रोगी को उबली हुई सब्जियां खाना चाहिए, खिचड़ी, दलिया, साजा, मूंग की दाल आदि हरी सब्जियों का सेवन करना लाभप्रद होता हैं।

रात का भोजन

रात के समय रोगी को अंकुरित आहार लेना चाहिए, ताजा हरे पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए। शुरूआती दिनों में भोजन कम से कम मात्रा में ही लेवे इसके बदले रोगी को फलों का रस ज्यादा से ज्यादा पीना चाहिए।

“ऐसे रोगी जिनको मलेरिया के साथ अन्य रोग भी हो जैसे की डायबिटीज, दिल का मरीज, लिवर की बीमारी, उच्च रक्तचाप का रोगी आदि होने पर बताये गए मलेरिया में भोजन आहार को अपनी चिकित्सक की अनुमति के बिना नहीं लेना चाहिए”

मलेरिया में परहेज क्या न खाये

  1. मिर्च मसलों व तेल से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए
  2. मलेरिया में ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स आदि के सेवन न करे
  3. मलेरिया होने पर पहले तीन चार दिनों तक रोगी को बिलकुल भी नाहना नहीं चाहिए
  4. ठन्डे कमरे न सोये, कूलर आदि को बंद ही रखें
  5. शरीर पर पुरे ढंके हुए कपडे पहन कर रखें
  6. दही, शिकंजी, छाछ आदि चीजों का सेवन चिकित्सक से पूछ कर करे
  7. मलेरिया में दी गई दवाई के कोर्स का पूरा सेवन करे
  8. मांसाहारी भोजन से बचे इसमें आप सिर्फ चिकन का सूप ही ले सकते हैं
  9. ठन्डे पानी के बदले उबला हुआ गुन-गुना पानी ज्यादा से ज्यादा पिए

अन्य आयुर्वेदिक प्रयोग

  • मलेरिया बुखार आने से पहले लहसुन का रस (लहसुन का पेस्ट) नाखुनो पर लगाने से जल्द आराम मिलता हैं।
    एक चम्मच लहसुन का पेस्ट व तिल का तेल मिलकर दिन में तीन से चार बार 1-1 घंटे के बीचमे देते रहने से मलेरिया ख़त्म हो जाता हैं। इसका प्रयोग तीन चार दिनों तक करना चाहिए
  • मलेरिया में खाली पेट तुलसी के 8-10 पत्ते एक ग्लास पानी के साथ 10-15 दिनों तक लेते रहने से मलेरिया बुखार दुबारा नहीं आता हैं।
  • 9 तुलसी के पत्ते व 9 कालीमिर्च दोनों को आपस में मिलाके चबाकर खाने से मलेरिया बुखार का उपचार होता हैं।
  • रोजाना सुबह हलके गर्म पानी में नीबू मिलाकर पिने से रोगी को बहुत आराम मिलता हैं ऐसा करने से मलेरिया के संक्रमण का प्रभाव नष्ट होता हैं।
  • मेथी से बनी हुई चीजों का सेवन करने से रोगी की कमजोरी दूर होती हैं।

कुछ अन्य टिप्स

क्यों खानी चाहिए मछली, मछली खाने के फायदे

  • मलेरिया में पानी ज्यादा मात्रा में पीते रहना चाहिए, इसके साथ ही नारियल पानी, गन्ने का रस आदि का सेवन भी भरपूर मात्रा में करना चाहिए।
  • मच्छरों से बचने के सारे उपाय करे
  • घर में बरसात का जमा हुआ पानी हटाए
  • कूलर का पानी हर तीन चार दिनों में बदलते रहे। (malaria diet in Hindi full info)
  • मलेरिया बुखार आने पर कम्बल ओढ़कर पूरा आराम करे खुली हवा में न घूमे

अगर आप मलेरिया में क्या खाये और क्या न खाये के इस लेख में बताई गई बातों पर ध्यान देंगे तो आपको इससे मलेरिया बुखार से रिकवरी करने में बहुत मदद मिलेगी। दुबारा मलेरिया बुखार न हो जाए इसके लिए रोगी को मलेरिया क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए इस पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हैं (अल्कोहल का मलेरिया में परहेज करे)। इसके अलावा अगर आपको बताई बातो पर कोई संकोच हैं तो अपने नजदीकी चिकित्स्क से सलाह ले सकते हैं।

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