Glucose and its health benefits – सेहत के लिए ग्लूकोज के फायदे

ग्लूकोज (Glucose) एक तरह की शर्करा (Sugar) या चीनी ही है जो कार्बोहाइड्रेट का ही परिवर्तित रूप है। यह  भारी व्यायाम और परिश्रम करने के दौरान दिमाग और मांसपेशियों को ऊर्जा या एनर्जी प्रदान करता है। जब शरीर में ग्लूकोज़ की यह मात्रा अधिक हो जाती है तो यह ग्लूकोजेन के रूप में संरक्षित हो जाता है और यह भी एक्सर्साइज़ आदि के समय शरीर द्वारा काम में लाया जाता है। अगर अधिक मेहनत करने के दौरान इस ग्लूकोज का प्रयोग नहीं किया जाता तो इसकी वजह से कई तरह की समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं जिनमें – हाइपोग्लाइसेमिया और शारीरिक व मानसिक थकान शामिल है। कई बार यह समस्या कमजोरी और चक्कर आना जैसे लक्षणों के रूप में दिखाई देती है।

ग्लाइकोजेन (Glycogen)

एथलीट्स के लिए यह मासपेशियों के भोजन की तरह होता है जो ग्लूकोज की अतिरिक्त मात्रा के रूप में शरीर में ही संरक्षित रहता है। यह लीवर और स्केलिटल मसल्स में मौजूद रहता है। ज़रूरत पड़ने पर यह शरीर और दिमाग को एनर्जी प्रदान करने में मदद करता है।

बहुत ज़्यादा थका देने वाले व्यायाम के दौरान भी यही ग्लूकोज काम में आता है।  जब शरीर अत्यधिक परिश्रम कर लेता है तो रक्त नलिकाओं के द्वारा इसका संचार होने लगता है और शरीर को एनर्जी मिलती है।

अधिक मेहनत के बाद शरीर को सरल कार्बोहाइड्रेट की जगह जटिल कार्बोहाइड्रेट की ज़रूरत पड़ती है इसके लिए ब्रेड, स्टार्च, पास्ता और साबुत अनाज प्रमुख स्रोत हैं। फल, कैंडी और जूस आदि में सरल कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। अपने शरीर में ग्लूकोज के स्तर को सही रखने के लिए कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन लेना चाहिए। इसके अलावा जब आप एक से दो घंटे तक भारी व्यायाम करें तो व्यायाम के बाद ग्लूकोजयुक्त स्पोर्ट्स जूस पीना चाहिए।

डायबिटीज़ के मरीजों को अपने शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को हमेशा संतुलित रखने की ज़रूरत पड़ती है, नहीं तो कई तरह की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे लोगो को भोजन के साथ कार्बोहाइड्रेट की उचित मात्रा वाले भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे लोग जिन्हें डायबिटीज़ है और उसके लिए दवा ले रहे हैं, उन्हें भी व्यायाम के बाद अपने रक्त में ग्लूकोज के स्तर की जांच ज़रूर करनी चाहिए।

शरीर में ईंधन के रूप में ग्लूकोज का महत्व (Glucose as fuel)

ग्लूकोज कार्बोहाइड्रेट से निकला हुआ अर्क होता है जो भोजन और पेय आदि के माध्यम से हमें प्राप्त होता है। जब हमारा शरीर मेहनत करता है तो मेहनत के दौरान दिमाग और मसल्स के सही संचालन के लिए ग्लूकोज की आवश्यकता पड़ती है, उस समय यह शरीर में ईंधन का कार्य करता है। अगर आप लंबे समय तक कड़ी एक्ससरसाइज या कोई मेहनत वाला काम करते हैं तो एनर्जी में कमी महसूस होने पर प्लेन शुगर या चीनी का प्रयोग भी कर सकते हैं लेकिन इसकी संतुलित मात्रा ही लेना अच्छा होता है।

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मसल्स की मरम्मत में ग्लूकोज का महत्व (Role in muscles recovery)

इन्टरनेशनल सोसाइटी ऑफ स्पोर्ट्स न्यूट्रीशन ने साल 2012 में अपने जर्नल में यह प्रकाशित किया था कि, कड़ी मेहनत के बाद शरीर के मसल्स को मरम्मत के लिए प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट दोनों की ही ज़रूरत पड़ती है। इसमें यह भी प्रकाशित किया गया कि इस मेहनत के बाद जितनी जल्दी आप प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का सेवन करते हैं उतनी ही जल्दी यह मसल्स की मरम्मत शुरू हो जाती है।

क्या खाएं? (What to eat?)

ग्लूकोज लेने के लिए जब बात आती है कि क्या खाएं जिसकी मदद से ग्लूकोज की बेहतर मात्रा प्राप्त हो सके तो कई लोग उलझन में पड़ जाते हैं। यह एक प्राकृतिक पदार्थ है जो साबुत अनाज, फल, सब्जियों और डेयरी उत्पादों में पाया जाता है। फाइबर से भरपूर भोजन में भी इसकी मात्रा होती है, इसके अलावा केले का सेवन कर आप बेहतरीन मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं साथ ही इसमें ग्लूकोज भी मौजूद होता है।

ग्लूकोज की कितनी मात्रा है ज़रूरी? (How much glucose do you need?)

अपनी बॉडी और मसल्स को सही और बेहतर संचालन के लिए हेवी वर्कआउट के पहले दो बार सही मात्रा में आहार लेना ज़रूरी है। इसके अलावा प्रत्येक बार भोजन में 25 से 30 ग्राम कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अवश्य होनी चाहिए। पुरुषों के लिए यह मात्रा 30 से 50 ग्राम तक हो सकती है। सरल कार्बोहाइड्रेट का प्रयोग अधिक करना चाहिए जो प्रोटीन से भरपूर हो।

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