Ganesh chaturthi 2017 – Puja,date, Ganesha puja vidhi at home – जानें, घर में कैसे स्थापित करें गणपति , गणेश पूजा विधि हिंदी में

गणपति या गणेश भगवान को प्रथम पूज्य देवता का स्थान दिया गया है जिनकी पूजा सब देवों से पहले की जाती है और हर शुभ कार्य की शुरुआत भी गणेश पूजा से होती है. घर में समृद्धि और खुशहाली का आशीष देने वाले गणपति विघ्नहर्ता अर्थात विघ्न या कठिनाइयों को दूर करने वाले हैं. इनकी कृपा से घर और जीवन में मंगल आता है इसीलिए ही इन्हें मंगलमूर्ति भी कहा गया है. भगवन श्री गणेश अतिशीघ्र प्रसन्न होने वाले देवताओं में से एक हैं, जिनकी पूजा घर घर में की जाती है, गणेश मूर्ति पूजा भी बहुत आसान और मंगलदायक माना जाता है इसीलिए लोग घरों में गणेश चतुर्थी में गणेश स्थापना करते हैं.

गणेश चतुर्थी का दिन और तारीख (Vinayak chaturthi  2017 Date ,time, puja vidhi in Hindi)

इस साल गणेश चतुर्थी 25 अगस्त 2017 दिन शुक्रवार को है, गणेश स्थापना के लिए भी यही दिन निश्चित है. अगर आप घर में गणेश स्थापना करना चाहते हैं तो इसके लिए इस दिन दोपहर में 11:25 से 12:48 के बीच का समय गणेश मूर्ति स्थापना के लिए शुभ है.

गणेश स्थापना कैसे करें/गणेश मूर्ति स्थापना विधि हिंदी में (Ganesh sthapana vidhi in Hindi)

  • चतुर्थी के शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा को घर पर लायें और आरती की थाल से इनका स्वागत करें.
  • प्रतिमा को स्थापित करने की जहग को पहले से ही साफ़ सुथरा और सजीला बनाना चाहिए.
  • जिस कमरे या स्थान में प्रतिमा स्थापित करनी है उस कमरे की भी साज सज्जा करें, मुख्य द्वार पर फूल माला और तोरण अवश्य लगायें.
  • लकड़ी के पाटे या टेबल में लाल या नारंगी कपडा बिछाकर उसमें गणेश प्रतिमा को विराजित करें. मूर्ति स्थापना इस तरह होनी चाहिए कि गजानन का मुख पश्चिम की ओर हो.
  • प्रतिमा के समक्ष ताम्बे के लोटे में मौली बांधकर आम के पत्ते और नारियल रखें. लोटे में स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं.
  • इस लोटे के तली में अक्षत या चावल बिछाएं.
  • आटे और हल्दी की रंगोली भी स्थापना के वक़्त ज़रूर बनानी चाहिए.
  • अब गणेश जी को गंगा जल से स्नान कराएं और मौली धागा पहनाएं. इसके साथ वस्त्र, आभूषण और जनेऊ आदि भी पहनाएं.
  • दूध, दही, घी, चीनी, शहद, पंचामृत, पंचमेवे, गंगाजल,पान के पत्ते, सुपारी आदि पूजा सामग्री के साथ अवश्य रखें.
  • पुष्प, माला, दूर्वा, पान के पत्ते, प्रसाद में चढाने के लिए लड्डू या मोदक आदि पहले से तैयार रखें.
  • स्थापना की शुरुआत में अगरबत्ती और सुगन्धित धूप जलाएं.
  • ब्राम्हण या पुजारी के द्वारा आचमन और षोडशोपचार करें.
  • गणेश जी के सामने घी का दीपक जलाकर ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मन्त्र का जाप करें.
  • लाल जसवंत के फूल और दूर्वा की माला गजानन को अतिप्रिय होती है.
  • प्रसाद में यथा संभव लड्डू या मोदक चढ़ाकर सपरिवार आरती करें और श्री गणेश से सुख समृद्धि का आशीष मांगे.
  • अंत में क्षमा याचना कर प्रसाद बांटे.

सुबह शाम 10 दिनों तक इसी विधि से पुजारी द्वारा या स्वयं पूजा करें.

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