Worst toxic ingredients in feminine products – महिलाओं के उत्पादों में विषैले पदार्थों के नुकसान

सारी दुनिया में महिलाएं शैम्पू (shampoo), मॉइस्चराइज़र्स (moisturizers), क्रीम्स (creams), लोशन्स (lotions) आदि सौंदर्य तथा घरेलू उत्पाद प्रयोग में लाती हैं। वे कुछ और हाइजीन केयर उत्पाद (hygiene care products) जैसे पैड्स (pads), टैम्पोन्स (tampons), वाइप्स (wipes) तथा वैजाइना डूश (vagina douche) भी इस्तेमाल करती हैं। इनमें से ज़्यादातर उत्पाद ऐसे कुछ तत्वों का प्रयोग करते हैं, जो आपके लिए हानिकारक हो सकते हैं। इन उत्पादों में मौजूद विषैले त्वचा के संपर्क में आने पर सीधे आपके रक्त में चले जाते हैं तथा शरीर के संवेदनशील अंगों पर हमला करते हैं।

पर्सनल केयर उत्पादों में विषैले तत्वों के नुकसान (Dangers of toxic ingredients in feminine personal care products or toxic products ke nuksan)

  • महिलाओं के हाइजीन उत्पाद, जैसे टैम्पॉन तथा सैनिटरी पैड्स (tampons and sanitary pads) काफी तरह के विषैले तत्वों, जीवाणुओं तथा कीटनाशकों से भरपूर होते हैं। ऐसा पाया गया है कि एक सैनिटरी पैड 4 प्लास्टिक बैग (plastic bag) के बराबर होती है। इनमें मौजूद केमिकल्स (chemicals) से (endocrine disruption), दिल की बीमारियां तथा कैंसर (cancer) भी हो सकता है। टैम्पॉन तथा सैनिटरी पैड्स में सिंथेटिक फाइबर्स (synthetic fibers), डायोक्सिन (dioxins) तथा पेट्रोकेमिकल (petrochemical) मिले होते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि ये टैम्पॉन बैक्टीरिया (bacteria) के संपर्क में आकर उनके पैदा होने की अच्छी जगह बन जाएं। इससे टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (toxic shock syndrome) तथा इससे मौत भी हो सकती है।

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  • त्वचा हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग होती है। त्वचा, खासकर गुप्तांगों में, काफी पतली होती है। कोमल त्वचा पर केमिकल्स का प्रयोग उनका सेवन करने से भी ज़्यादा खतरनाक है। सेवन करने पर आपकी थूक और पेट मिलकर इन विषैले तत्वों को तोड़ते हैं तथा इन्हें शरीर से बाहर निकाल देते हैं। परन्तु इनका त्वचा पर प्रयोग करने से ये सीधे रक्त वाहिनियों में चले जाते हैं और हमारे कोमल अंगों पर हमला करते हैं।
  • डायोक्सिन क्लोरीन (chlorine) से बनता है जिसका आमतौर पर ब्लीच (bleach) तथा सैनिटरी पैड्स को सफ़ेद करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इन पैड्स तथा टैम्पॉन से निकलने वाला यह विषैला तत्व शरीर के फैटी कोशिकाओं (fatty tissues ) में इकठ्ठा होता रहता है और इसके फलस्वरूप प्रजनन अंगों (reproductive organs) तथा पेट में कोशिकाओं की सामान्य से ज़्यादा बढ़त हो जाती है। इससे आपके सारे शरीर में कोशिकाओं की असामान्य बढ़त होने लगती है और शरीर में हॉर्मोन तथा एंडोक्रिन के स्तर (hormonal and endocrine balance) में असमानता आ जाती है।
  • महिलाओं के ज़्यादातर हाइजीन उत्पाद सेल्यूलोस (cellulose), विस्कोस (viscose), रेयॉन (rayon) तथा लकड़ी के गूदे से बने होते हैं। पैड के रेयॉन और विस्कोस फाइबर गुप्तांग की दीवार पर चिपक जाते हैं और शरीर के अंदर छूट जाते हैं। इससे टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (toxic shock syndrome) होने की संभावना बढ़ जाती है।

महिलाओं के विषैले हाइजीन उत्पादों के विकल्प (Safe alternatives to toxic feminine hygienic products)

  • सौभाग्य से ऐसे कुछ सुरक्षित विकल्प बाज़ार में उपलब्ध हैं जो महिलाओं के निजी उत्पादों में मिलने वाले केमिकल्स के खतरों से निपटने की क्षमता रखते हैं।
  • टैम्पॉन और सैनिटरी पैड्स जो सूती की लाइनिंग (cotton lining), सूती के जैविक टैम्पॉन (organic cotton tampon), क्लोरीन मुक्त टैम्पॉन तथा जैविक पैड्स होते हैं, वे प्रयोग करने के लिए सुरक्षित होते हैं।
  • सुगन्धित निजी उत्पाद काफी हानिकारक होते हैं, क्योंकि सौंदर्य प्रसाधन, इन्हें बनाने में कई केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है। बिना किसी खुशबू वाले उत्पादों का प्रयोग करें जिन्हें क्लोरीन से ब्लीच (bleach) ना किया गया हो और जो शुद्ध जैविक सूती से बने हों।
  • इन विषैले टैम्पॉन तथा सैनिटरी पैड्स का एक आदर्श विकल्प दोबारा प्रयोग में लाए जा सकने वाले प्राकृतिक गम रबर मेंस्ट्रुअल कैप्स (natural gum rubber menstrual caps) होते हैं। यह एक महँगा उत्पाद है, पर आपको ये कीमत एक बार ही देनी होगी और हर महीने पैड्स खरीदने के खर्चे से आप बच सकेंगे। मेंस्ट्रुअल कैप्स (menstrual caps) आरामदायक, प्रभावी तथा प्रयोग करने में आसान हैं।

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महिलाओं के सौंदर्य उत्पादों में मौजूद हानिकारक तत्व (A few common hazardous ingredients in feminine cosmetics or personal care me toxin)

  • एल्युमीनियम कंपाउंड्स (aluminium compounds) एंटी परस्पिरैंट्स (antiperspirants) तथा डिओड्रेंटस (deodorants) के मुख्य तत्वों में से एक होते हैं। ये पसीने के छेद को रोक लेते हैं तथा पसीना निकलने से रोकते हैं। इस तरह के उत्पादों से स्तन के कैंसर का ख़तरा भी बढ़ जाता है।
  • बेंजाइल अल्कोहल (benzyl alcohol) तथा आइसोप्रोपिल अल्कोहल (isopropyl alcohol) त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं। ये हैंड सैनीटाइज़र्स, सनस्क्रीन, लोशन और बेबी वाइप (hand sanitizers, sunscreens, lotions and baby wipes) के लिए प्रिज़र्वेटीव, साल्वेंट तथा एंटी फोमिंग एजेंट (preservatives, solvents and anti-foaming agents) का कार्य करते हैं।

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