Health Benefits of Oil Pulling in Hindi – ऑयल पुलिंग के फायदे

ऑयल पुलिंग एक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति है जिससे न केवल असाध्य रोगों से बचा जा सकता है बल्कि इससे कई तरह की बीमारियों से बचाया जाता है। आम तौर पर मुंह के बैक्टीरिया को मारने के लिए ऑयल को मुंह में भरकर हिलाने की प्रक्रिया को ऑयल पुलिंग कहते हैं। इससे हमारे सिरदर्द से लेकर साइनस ही नहीं समस्त अन्य बीमारियां से भी बचाते है। तो आइए जानते हैं ऑयल पुलिंग करने का सही तरीका –

कैसे करें ऑयल पुलिंग

ऑयल पुलिंग करने के लिए तिल, जैतून या नारियल का तेल लेकर मुंह में घूमाना होता है। करीब 10-15 मिनट तक इसे मुंह के अंदर करना होता है और इसके बाद इसे थूक देना होता है। याद रखें एक बूंद भी गले के भीतर न जाने पाए। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें मुंह में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस, कवक और अन्य विषैले तत्व शामिल हो चुके होते हैं।

ऑयल पुलिंग के फायदे

  • ऑयल पुलिंग से मुंह के बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और दांतों की सेंसिटिविटी कम होती है।
  • ये थेरेपी सिरदर्द, ब्रोंकाइटिस, दांतदर्द, अल्सर, पेट, किडनी, आंत, हार्ट, लिवर, फेफड़ों के रोग और अनिद्रा में भी राहत देती है।
  • ऑयल पुलिंग करने से बॉडी की सूजन भी ठीक होता है।
  • कीटाणु और विषैले पदार्थ मुंह से ही जाते हैं लेकिन ऑयल पुलिंग से ये रूक सकता है।

एनर्जी लेवल बढ़ाए

  • ऑयल पुलिंग करने से हमे एनर्जी लेवल बढ़ाने में प्राप्त होते है।
  • बॉडी जब डिटॉक्स हो जाती है तो इससे एनर्जी का बढ़ना तय है।
  • सिरदर्द ,माइग्रेन, साइनस या स्ट्रेस से होने वाला सिर दर्द सब कुछ ऑयल पुलिंग से ठीक हो सकता है।
  • बॉडी डिटॉक्स होने के कारण पेट का ऐसिडिक लेवल बैलेंस रहता है और इससे माइग्रेन की समस्या नहीं होती है।
  • बॉडी से जब विषैले तत्व हट जाते हैं तो इससे हार्मोन्स लेवल भी बैलेंस होता है।
  • ऑयल पुलिंग से हार्मोन लेवल का सेक्रिशन भी बेहतर तरीके से होता है।

त्वचा में चमक लाए

  • बेक्टिरया, वायरस, कवक और दूसरे विषाक्त पदार्थों के बाहर निकलने से त्वचा भी साफ होती है।
  • चेहरे पर चमक आना इसकी पहली निशानी है कि शरीर आपका डिटॉक्स हो चुका है।
  • दांतों को मोतियों सा चमकाती है। दांतो की चमक के साथ कई तरह की समस्याएं ऑयल पुलिंग से ठीक होती है।
  • ऑयल में मौजूद नेचुरल एंटीबेक्टिरियल और एंटीबायोटिक गुण होता है जो दांतों को साफ करता है।
  • 2 हफ्ते रोज इसे करने से ही फर्क नजर आ जाएगा।
  • यह कैविटी, सांसों की दुर्गंध और मसूड़ों से खून आने जैसी दिक्कते भी दूर करता है।