Health benefits in hindi of eating Ragi / Finger millet – रागी या बाजरा के स्वास्थ्य गुण

रागी की उपज मुखयतः एशिया और अफ्रीका में होती है। रागी क्या है? यह काफी पोषक पदार्थ है और ऊर्जा प्राप्त करने का काफी अच्छा स्त्रोत है। पोषक पदार्थों के मामले में रागी काफी आगे है तथा अनाजों में इसका एक मुख्य स्थान है। रागी साबुत, रागी का आटा , कई अनाजों के मिश्रण तथा माल्टेड (malted) रागी के आटे के रूप में भी हमें उपलब्ध होती है।

यह एक वसा युक्त सीरियल (cereal) है और इसका ज़्यादातर वसा अंसैचुरेटेड (unsaturated) रूप में उपलब्ध होता है। रागी में कई पोषक पदार्थ जैसे फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम (fiber, protein, calcium) तथा अन्य खनिज भरपूर मात्रा में होते हैं। आप कैल्शियम की एक गोली के बदले में रागी का सेवन कर सकते हैं। नीचे इसके कुछ स्वास्थ्य लाभ बताये गए हैं।

रागी के स्वास्थ्य लाभ (Health benefits of ragi)

बाजरा के लाभ हड्डियों के विकास में मददगार (Helps in bone development hai ragi ke gun)

बाजरा के लाभ, रागी बढ़ते बच्चों और बूढ़े लोगों के लिए काफी असरदार होती है, क्योंकि उन्हें शरीर में नियमित कैल्शियम के संचार की आवश्यकता होती है। रागी का सेवन करने से हड्डियां टूटने और ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) की समस्या से छुटकारा मिलता है, क्योंकि इससे हमारी हड्डियों को मज़बूत होने में मदद मिलती है। बाजरा की रोटी, कैल्शियम से भरपूर यह अनाज महिलाओं के स्वास्थ्य का सम्पूर्ण ख्याल भी रखने में सफल होता है।

रागी के लाभ वज़न घटाने में फायदेमंद (Ragi for losing weight me ragi ke fayde)

चमेली के फायदे

रागी में ट्रिप्टोफैन (tryptophan) नामक एमिनो एसिड (amino acid) मौजूद होता है, जिससे भूख कम लगती है और वज़न को नियंत्रित रखने में सफलता पाई जा सकती है। रागी के लाभ, रागी हमारे शरीर में काफी धीरे धीरे हजम होती है, अतः इसको खाने से हमारा पेट लम्बे समय तक भरा हुआ रहता है। रागी का आटा, इसका सेवन करने से हमें अधिक मात्रा में भोजन करने की इच्छा नहीं होती है।

बाजरा के गुण / रागी के गुण मधुमेह की बीमारी में सहायक (Aid for diabetics me ragi ke labh)

बाजरा की रोटी (bajre ki roti), रागी में फाइटोकेमिकल्स (phytochemicals) होते हैं, जो खाना पचाने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। अगर आपको मधुमेह की बीमारी है, तो ये आपके रक्त में शुगर (sugar) का स्तर भी बरकरार रखने में सहायता करते हैं। बाजरा के गुण, रागी मधुमेह के मरीज़ों के लिए काफी अच्छी होती है, क्योंकि इसमें गेहूं और चावल से ज़्यादा फाइबर मौजूद होता है। रागी के फायदे, इसके सेवन से आपके शुगर के स्तर के बढ़ने की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं।

बाजरा के गुण एनीमिया से छुटकारा (Anaemia ke liye bajre ke gun)

रागी प्राकृतिक आयरन (iron) का काफी अच्छा स्त्रोत होते हैं। रागी का निरंतर सेवन करने से एनीमिया के उपचार में काफी मदद मिलती है। ज़्यादातर महिलाएं उम्र के किसी ना किसी पड़ाव पर एनीमिया की शिकार होती हैं, और इसीलिए रागी उनके लिए काफी अच्छा खाद्य पदार्थ है।

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रागी के गुण कोलेस्ट्रोल घटाने में सहायक (Reduces blood cholesterol me bajre ke fayde)

रागी का सेवन करने से कोलेस्ट्रोल के उच्च स्तर को भी कम होते हुए देखा गया है। इसमें एमिनो एसिड (amino acid) मौजूद होते हैं, जो लिवर (liver) से अतिरिक्त वसा निकालकर कोलेस्ट्रोल का स्तर काफी कम कर देते हैं। इसमें थ्रेओनीन एमिनो एसिड (threonine amino acid) भी होता है, जो लिवर में वसा जमने नहीं देते और कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम कर देते हैं।

चावल के पानी के स्वास्थ्य एवं सौन्दर्य गुण

रागी के स्वास्थ्य लाभ शरीर को आराम पहुंचाए (Relaxes body me bajre ke labh)

रागी का सेवन करने से शरीर प्राकृतिक रूप से चिंता और तनाव से मुक्त हो जाता है। इसका सेवन करने से आपको बेचैनी और नींद ना आने जैसी समस्याएं भी नहीं सताती हैं। रागी माइग्रेन (migraine) होने की स्थिति में भी काफी प्रभावशाली सिद्ध होती है।

बाजरा के फायदे और रागी के स्वास्थ्य लाभ, अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए (For other health conditions me ragi ka atta)

अगर इसका सेवन रोज़ाना किया जाए तो रागी डीजेनेरटिव बीमारियों (degenerative disease), कुपोषण और समय से पहले उम्र के बढ़ने जैसी समस्याओं से आपको बचाकर रखता है। रक्तचाप (blood pressure), लिवर की परेशानी, दमे और दिल की कमज़ोरी की स्थिति के दौरान भी रागी का सेवन काफी फायदेमंद होता है। जिन माओं के स्तनों में दूध का ठीक से उत्पादन ना हो रहा हो, उन्हें हरी रागी का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

बाजरा के फायदे, यह एक काफी पोषक आहार है, जिससे हमें अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। लेकिन रागी का अधिक मात्रा में सेवन ना करें, क्योंकि इससे शरीर में अधिक मात्रा में ओक्सालिक एसिड (oxalic acid) का संचार होता है। इसकी वजह से किडनी (kidney) में पथरी वाले मरीज़ों के लिए इसका सेवन सही नहीं है।

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