Herbal remedies during pregnancy – Tips in Hindi – गर्भावस्था के दौरान हर्बल उपचार

आज के दौर में ज़्यादा से ज़्यादा लोग हर्बल उपचारों का सहारा लेते हैं, क्योंकि इनके कोई भी साइड इफेक्ट्स नहीं होते। प्रकृति से प्राप्त जड़ीबूटियों से दवाइयाँ बनाई जाती हैं, जिससे कि किसी महिला को गर्भावस्था के दौरान किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। अब आपके लिए हर्बल उत्पादों का प्रयोग पाउडर, क्रीम या मिश्रण के रूप में करना संभव हो गया है। आजकल हर्बल औषधियां टेबलेट्स और कैप्सूल्स के रूप में भी उपलब्ध हैं। आप विशेषज्ञ हर्बलिस्ट्स से ऑनलाइन बात कर सकती हैं और ऐसे उत्पाद मंगवा सकती हैं, जो कि गर्भवती महिलाओं के लिए औषधि का काम करें।

गर्भावस्था के हर्बल उपाय (Herbal remedies in pregnancy)

गर्भावस्था के दौरान पहली तिमाही के दौरान सावधानी बरतें (Caution during first trimester)

एक गर्भवती महिला को गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान काफी सावधान रहना चाहिए। इस समय हर्बल उत्पाद भी बच्चे के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। परन्तु अगर आपने किसी विशेषज्ञ से इस बारे में बात की है, तो उनसे आपको पता चलेगा कि इस समय आपको हर्बल औषधियों का प्रयोग करना चाहिए या नहीं। परन्तु अगर आप पहले से ही अन्य औषधियां ले रही हैं तो हर्बल औषधियां लेने से बिलकुल परहेज करें।

गर्भावस्था के दौरान अच्छी डाइट और बचाव उपाय

अगर आप खाना पकाने के दौरान थोड़ी सी मात्रा में जड़ीबूटियां अपने भोजन में डाल रही हैं, तो इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। परन्तु अतिरिक्त मात्रा में जड़ीबूटियों का प्रयोग बिलकुल वर्जित है। गर्भवती महिलाओं की सुगन्धित चाय पीने की काफी इच्छा होती है, परन्तु दिन में 2 बार से अधिक इसका सेवन करना आपके लिए हानिकारक हो सकता है।

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य में मतली (Nausea ke liye garbhavastha me dawai)

मतली एक सामान्य समस्या है जो कि कई गर्भवती महिलाओं में देखी जाती है। इसके होने का मुख्य कारण ऐसी स्थिति में एक महिला के शरीर में हॉर्मोन्स का स्तर बढ़ जाना होता है। सिर्फ कुछ गिनी चुनी भाग्यशाली महिलाएं ही ऐसी होती हैं, जिन्हें मॉर्निंग सिकनेस की समस्या नहीं होती।

मतली का प्राकृतिक उपचार (Prevention of Nausea naturally)

आजकल कई ऐसी जड़ीबूटियां हैं, जिनकी मदद से हम एक महिला की मॉर्निंग सिकनेस की समस्या को दूर कर सकते हैं। ऐसी अवस्था में आपको किसी भी प्रकार की चिंता और तनाव से मुक्त रहना चाहिए। अगर आप फैट तथा मसालों से भरपूर भोजन और फ्राइड भोजन का सेवन करती हैं, तो ये लक्षण और भी गंभीर हो सकते हैं। संतुलित खानपान और अपने भोजन में सही मात्रा में पोषक पदार्थ होने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य में कब्ज़ (Constipation)

यह एक और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है, जिसका सामना इस स्थिति में ज़्यादातर गर्भवती महिलाओं को करना पड़ता है। इस समय प्रोजेस्टेरोन ढीला पड़ जाता है और इसी वजह से भोजन को पचाने की प्रक्रिया भी काफी धीमी पड़ जाती है।

कब्ज़ को दूर करने के उपाय (Measures to avoid constipation)

गर्भवती महिलाओं को अपने पेट की समस्याओं से निजात पाने के लिए फाइबर की ज़्यादा मात्रा वाले भोजन का सेवन करना चाहिए। कुछ ऐसे खाद्द पदार्थ जिनमें फाइबर की काफी ज़्यादा मात्रा होती है, वे हैं साबुत अनाज, सब्ज़ियां, सीरियल्स, होल मील ब्रेड आदि। कब्ज़ को दूर करने के लिए रोज़ाना काफी मात्रा में पानी पीना भी काफी ज़्यादा ज़रूरी है।

गर्भावस्था के दौरान पीठ में दर्द के कारण

गर्भावस्था के महीने में सीने में जलन (Heart burn se pregnancy me dekhbhal)

गर्भावस्था के दौरान एक महिला जिन सामान्य समस्याओं से गुज़रती है, सीने में जलन उनमें से ही एक है। इसके होने का मुख्य कारण हॉर्मोन प्रोजेस्टेरोन का शरीर को प्रभावित करना होता है। यह पेट के ऊपरी भाग में स्थित वाल्व को ढीला करने के लिए ज़िम्मेदार होता है। कई महिलाओं को अपनी गर्भावस्था के समय पेट में एसिड बन जाने की समस्या के कारण काफी मात्रा में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यह समस्या और भी ज़्यादा गंभीर हो सकती है, अगर : –

  • किसी महिला के गर्भ में बच्चों की संख्या एक से ज़्यादा है।
  • बच्चे के शरीर का आकार काफी बड़ा है।
  • गर्भ में स्थित बच्चे की पोजीशन सही नहीं है।
  • एसिड और सीने में जलन की समस्या को दूर कैसे करें?

आप ज़्यादा मात्रा में भोजन से परहेज करके इस समस्या से खुद को बचा सकती हैं। इस स्थिति में आपको हर प्रकार के मसालेदार भोजन का सेवन करने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। कई बार भोजन में मौजूद अतिरिक्त पदार्थ भी गर्भावस्था के समय के दौरान आपके लिए काफी हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं। भोजन करने के समय किसी प्रकार के तरल पदार्थ का सेवन करने से पूरी तरह परहेज करें।

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