Is it possible to get slim when the obesity is in your heredity? – क्या वंशानुगत ओबेसिटी से बचना संभव है? मोटापे के कारण

ओबेसिटी (Obesity) किसी भी उम्र में अच्छा संकेत नहीं है. यह कई तरह की शारीरिक समस्याओं के साथ सुन्दरता के जुड़े बिन्दुओं को भी प्रभावित करता है. ओबेसिटी या मोटापे का प्रमुख कारण नियमित रूप से ज़रूरत से ज्यादा कैलोरी ग्रहण करना है. वसा की यह खास विशेषता होती है कि यह शारीर में प्रवेश करने के साथ जमा होना शुरू कर देता है जो एक समय के बाद वजन बढाकर मोटा बना देता है. हमारे द्वारा ली जाने वाली कैलोरी की मात्रा और कैलोरी बर्न के बीच एक समस्या रहती है जो बाद में मोटापे या ओबेसिटी की वजह बनता है.

इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि आनुवांशिकता की भी ओबेसिटी में खास भूमिका होती है. पर यह भी सत्य है कि यह अनुवांशिकता ओबेसिटी की मुख्य वजह नहीं है लेकिन फिर भी यह मोटापे के खतरे को और अधिक बढ़ा देती है. अगर आपके परिवार में किसी को यह समस्या पूर्व में रही है तो आपको भी इसकी परेशानी होने की सम्भावना बनी रहती है. इन सब के साथ आपके आस पास  का वातावरण या मौसम, खानपान, अनियमित जीवन शैली और शारीरिक परिश्रम की कमी इस खतरे को दुगुना कर देती है.

कुछ शोधों में इस बात को प्रमाणित किया गया है कि अनुवांशिकता और ओबेसिटी का सीधा सम्बन्ध नहीं है. एक ही परिवार के सदस्यों या बच्चों के वजन में काफी अंतर हो सकता है जो इस बात को प्रमाणित करता है.

फिर भी अगर आपके परिवार में कोई ओबेसिटी की समस्या से गुजर रहा है तो आपको भी विशेष सावधानी की ज़रूरत पड़ती है, आपको अपने बढ़ते वजन के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहना पड़ता है. अन्य लोगों के मुकाबले ऐसे लोगों को सेहतमंद रहने के लिए ज्यादा शारीरिक परिश्रम और स्वस्थ जीवन शैली की आवश्यकता होती है.

आपने देखा ही होगा कि हमारे आस पास विभिन्न प्रकार की वजन और अकार वाले लोग होते हैं. सभी की शारीरिक रचना भिन्न भिन्न हो ही सकती है. कुछ लोग लम्बे हो सकते हैं, कुछ के नितम्ब अधिक चौड़े हो सकते हैं और कुछ लोग ऐसे भी हो सकते हैं जिनके पेट का आकार अन्य की तुलना में ज्यादा बड़ा होता है. वजन बढ़ाना या मोटा होना एक असं प्रक्रिया है जिसे आप अच्छे खान पान और पोषक तत्वों की मदद से जल्दी ही प्राप्त कर सकते हैं लेकिन वजन कम करना उतना ही जटिल है. शरीर को सही आकार में लाने के लिए लम्बा समय लगता है. इसके साथ आपको लगातार एक्सरसाइज करनी पड़ती है. ओबेसिटी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शरीर के किसी एक खास हिस्से में वसा का जमाव लगातार होता रहता है. कुछ लोगों के कूल्हों में यह वसा के जमाव के रूप में दिखाई देता है तो कुछ में यह पेट में जमा होता है और इन अंगों को मोटा बना देता है. कुछ लोग यह समस्या वंशानुगत प्राप्त करते हैं.

जब हम अपने शारीर में इस तरह के कोई लक्षण या परेशानी देखते हैं तो सबसे पहले ही अपनी वंशानुगत कारणों को इसके लिए जिम्मेदार मानने लगते हैं. पर हम यह भूल जाते हैं कि हमारी जीवन शैली और खान पान भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार है. कैलोरी ग्रहण करने के बाद अगर यह शारीरिक मेहनत द्वारा खपत नहीं किया जाता तो चर्बी या वसा के रूप में त्वचा के नीचे जमा होता ही रहता है और ओबेसिटी के लक्षण सामने आते हैं.

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मोटापा बढ़ने का कारण (What influences body weight?)

ऐसे कई कारण है जो शरीर का वजन बढ़ाने में खास भूमिका निभाते हैं जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं,

  • अक्सर मोटापा उन लोगों में खास रूप से दिखाई देता है जो ज़रूरत से ज्यादा कैलोरी ग्रहण करते हैं. या ज्यादा मात्रा में भोजन लेते हैं.
  • अगर आप कम शारीरिक मेहनत करते है और ज्यादा समय बैठे रहते हुए काम करते हैं तो मोटापे की समस्या ज्यादा असरकारी दिखाई देती है.
  • हम पहले ही इस बारे में बात कर चुके हैं, मोटापा या ओबेसिटी पीढ़ी दर पीढ़ी होने वाली एक समस्या भी हो सकती है. अगर आपके परिवार में पहले से ही किसी को मोटापे की समस्या है तो आप में या आने वाली पीढ़ी में इसकी संभावना ज्यादा बढ़ जाती है.
  • लोगों को आस पास के वातावरण, सामाजिक और सांस्कृतिक कारणों से भी ओबेसिटी का शिकार होते हुए देखा जा रहा है.
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