Hindi tips for high blood pressure (BP) – उच्च रक्तचाप के लक्षण तथा रोकथाम के उपाय

शरीर में रक्तचाप के कई कारक होते हैं जैसे शरीर में पानी एवं नमक की मात्रा, रक्त वाहिकाओं की तथा गुर्दे जैसे शरीर के मुख्य अंग की स्थिति, तंत्रिका तंत्र की स्थिति तथा किसी व्यक्ति के हॉर्मोन का स्तर।

किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप की समस्या है या नहीं ये पता चलता है निम्नलिखित लक्षणों से :-

1. अगर वह व्यक्ति मधुमेह एवं मोटापे जैसी समस्याओं का शिकार है।

2. अगर वह व्यक्ति किसी कारण से बहुत ज़्यादा तनाव में है।

3. अगर वह व्यक्ति एक दिन में काफी ज़्यादा मात्रा में धूम्रपान करता है या शराब का सेवन करता है तो भी उसे उच्च रक्तचाप की समस्या की समस्या हो सकती है।

4. अगर उस व्यक्ति के परिवार में पहले भी किसी को उच्च रक्तचाप की समस्या रही है।

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उच्च रक्तचाप के कारण (Causes of the high blood pressure – high blood pressure ke karan)

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ज़्यादातर व्यक्तियों में उच्च रक्तचाप की समस्या जन्म लेने का कोई कारण नहीं होता। इसे प्राथमिक उच्च रक्तचाप कहा जाता है। जो रक्तचाप किसी औषधि के सेवन से या किसी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या के फलस्वरूप बढ़ती है उसे मध्यम स्तर का उच्च रक्तचाप कहा जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर के कारण – मध्यम स्तर के उच्च रक्तचाप के कारण (Secondary hypertension come to you due to)

1. हाइपर पैरा थाइरॉइडिस्म।

2. दीर्घकालिक गुर्दे की बीमारी।

3. गुर्दे में रक्त संचार करने वाली धमनियों में समस्या।

4. अधिवृक्क ग्रंथियों की समस्या जैसे फिओक्रोमोसीटोमा या कुशिंग सिंड्रोम।

5. कुछ दवाइयों जैसे बर्थ कंट्रोल पिल, माइग्रेन की दवाइयाँ, डाइट की गोलियां तथा ठण्ड से बचने वाली दवाइयाँ।

उच्च रक्तचाप के लक्षण (Symptoms of high blood pressure to look)

ज़्यादातर लोगों में इसके कोई लक्षण नहीं होते और डॉक्टर से सलाह करने एवं जांच कराने के पश्चात ही उन्हें अपनी इस समस्या के बारे में पता चलता है। इसके कोई साफ़ लक्षण नहीं होने के कारण बहुत से लोग काफी दिनों तक इस समस्या के शिकार रहते हैं और उन्हें पता तक नहीं होता है। गुर्दे की बीमारियां भी कुछ इसी तरह की होती हैं।

अगर आप बहुत तेज़ सिर दर्द, नाक से खून निकलना, चक्कर आना, उलटी, भ्रम तथा आँखों की समस्या के शिकार हो रहे हैं तो इसका मतलब आपको काफी उच्च रक्तचाप है जिसे मलिग्नैंट हाइपरटेंशन कहते हैं। अगर आप हाइपरटेंशन के शिकार हैं तो अपनी जीवनशैली को बदलें। इससे आपका रक्तचाप सामान्य स्तर पर आने की संभावना रहती है।

ब्लड प्रेशर कम करने के उपाय (To control blood pressure in Hindi – Cinnamon home remedy)

गर्म पानी में आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाकर इसे अच्छी तरह घोल लें. इस मिश्रण को पीने से रक्त चाप नियंत्रण में रहता है. इस प्रयोग को नियमित रूप से खली पेट में करना चाहिए.

ब्लड प्रेशर कंट्रोल के लिए मेथी (Fenugreek seeds for blood pressure – Hindi tips for Blood pressure cure)

मेथी में ब्लड प्रेशर को सही रखने का गुण पाया जाता है. मेथी के प्रयोग वैसे तो कई तरह से किये जाते हैं, खाने में भी मेथी एक प्रयोग मसाले के तौर पर किया जाता है. पर ब्लड प्रेशर के लिए मेथी को सादे पानी के साथ सेवन करना बेहतर उपचार होता है. इसके लिए मेथी को पीस कर पाउडर बना कर किसी बंद डिब्बे में रख लें. इसे रोजाना सुबह खाली पेट में गुनगुने पानी से साथ एक चम्मच मिला कर पीयें.

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उच्च रक्तचाप का उपचार – रक्तचाप नियंत्रित करने के घरेलू नुस्खे/उपाय (To control the blood pressure one can do many things at home)

1. हाई ब्लड प्रेशर का उपचार, ह्रदय को स्वस्थ रखने वाले भोजन खाएं। फाइबर, पोटैशियम और लौह खनिज की मात्रा वाले भोजन करने से आपका ह्रदय स्वस्थ रहेगा। काफी मात्रा में पानी पीना भी एक बेहतर विकल्प है।

2. हाई बीपी का इलाज, खाने में सोडियम की मात्रा घटाएं और फर्क देखें।

3. हाई ब्लड प्रेशर का उपचार, धूम्रपान से दूर रहे। अगर आपको धूम्रपान की आदत है तो इसे धीरे धीरे छोड़ने की कोशिश करें। धूम्रपान छोड़ना काफी कठिन कार्य है अतः इस मामले में डॉक्टर की सलाह लें।

4. हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू इलाज, शराब पीने की मात्रा कम करें। शराब पीने का हिसाब रखें एवं इस मात्रा को कम करने की कोशिश करें।

5. हाई ब्लड प्रेशर के उपाय, तनाव से दूर रहें। तनाव पैदा करने वाली चीज़ों से परे रहने का प्रयास करें। आप तनाव दूर करने के लिए योग का सहारा भी ले सकते हैं।

6. हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू इलाज, शरीर का वज़न कम करने का प्रयास करें। हाई बी पी के लिए उपचार, सही प्रकार के व्यायाम करें जिससे की शर्तिया लाभ हो।

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7. उच्च रक्तचाप के लिए घरेलू उपचार, वज़न घटाने, धूम्रपान छोड़ने एवं शारीरिक व्यायामों के शिविर में हिस्सा लें। इससे सटीक परिणाम मिलेंगे।

आजकल जीवनशैली में परिवर्तन एवं सही दवाओं के चुनाव से रक्तचाप को नियंत्रण में लाना संभव है। अगर इसे नियंत्रण में नहीं किया गया तो आप दीर्घकालिक गुर्दों की बीमारी, पैरों में खून का ना पहुंचना, दिल का दौरा, आँखों की समस्या, बड़ी रक्त वाहिका से रक्तपात जो कि पेट, पैर एवं कूल्हों में रक्त संचार करती है जैसी समस्याओं का शिकार हो सकते हैं।

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