Home remedies in Hindi to cure ringworm – रिंगवर्म या दाद का उपचार करने के घरेलू उपाय

दाद जिसे हम टिनिअ कहते हैं वह एक प्रकार का त्वचा पर लाल रंग का संक्रमण जैसा होता हैं। दाद के प्रकार, इस संक्रमण के फैलने का खतरा हमेशा बच्चों और बड़ों दोनों में एक समान बना रहता हैं। इसका इलाज कई प्रकार के घरेलु उपचार से किया जा सकता हैं।

दाद एक प्रकार का फंगल संक्रमण (fungal infection) है, जो आपकी त्वचा, नाखूनों और सिर की त्वचा पर हो सकता है।त्वचा की यह समस्या बच्चों में काफी सामान्य रूप से देखी जाती है। विभिन्न प्रकार की दाद शरीर के विभिन्न भागों को प्रभावित करती है। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, पर यह छूने से फैलती है और इसकी अच्छे से देखभाल की जानी काफी ज़रूरी है।

आपके शरीर पर दाद के प्रकार का पता करने के लिए त्वचा की स्थिति का पता लगाना काफी आवश्यक है। ये लाल रंग के धब्बों की तरह दिखते हैं औेर इनके बड़े होने के साथ साथ इनका बॉर्डर (border) भी बढ़ता चला जाता है।

दाद का उपचार करने के लिए घरेलु उपचार :

पैरों का दाद के इलाज के लिए घरेलू उपचार

दाद को ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Home remedies to cure ringworm)

दाद का इलाज टी ट्री तेल से (Tea tree oil)

टी ट्री तेल में विरोधी कवक और रोगाणु रोधक तत्व होते हैं जो की त्वचा की समस्याओं को समाप्त करने में बहुत मददगार हैं। यह तेल कवक संक्रमण को जड़ से ख़त्म करता हैं| इसे इस्तेमाल करने के लिए रुई का गोला लें और उसे कायापुट्टी के तेल में डुबो कर संक्रमण वाली त्वचा पर 5-10 मिनट तक लगा कर रखें। दिन में 2-3 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं। यह उपाय आपके दाद को ख़त्म करने में बहुत असरदार हैं।

दाद की दवा हैं लहसुन (Garlic)

लहसुन में प्राकृतिक विरोधी कवक के तत्व होते हैं। दाद की दवा, अध्ययन से पता चलता हैं की दाद को ख़त्म करने में लहसुन की खुबियाँ बेहद कारगर साबित हो सकती हैं। लहसुन के टुकड़े लें और उन्हें पीस कर उनका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को दाद पर लगा कर कपडे से बांध लें। बेहतर परिणामों के लिए सोने से पहले इसका इस्तेमाल करें।

सेब का सिरका (Apple cider vinegar)

सेब के सिरके में एंटीफंगल (anti fungal) गुण होते हैं, जो दाद का प्रभावी रूप से इलाज करने में काफी प्रभावी साबित होते हैं। सेब के सिरके के मिश्रण में रुई का गोला डुबोएं और इसका प्रयोग दाद की जगह पर करें। इसे एक घंटे या इससे ज़्यादा समय के लिए छोड़कर हटा लें। दिन में इस विधि का 2 से 3 बार प्रयोग करके आप दाद को जड़ से दूर कर सकते हैं। सेब के सिरके का मिश्रण अपने भोजन में करने से आपके स्वास्थ्य में काफी सकारात्मक असर पड़ता है।

लीवर में फैट

दाद का इलाज सिरका और नमक से (Vinegar and salt)

जैसा की हम जानते हैं सिरके में विरोधी कवक की खुबियाँ होती हैं जो की दाद का इलाज करने में असरदार हैं। सिरके को नमक के साथ मिलाकर पिस लें अब इस मिश्रण को 5-10 मिनट तक दाद पर लगायें। इस मिश्रण का निरंतर इस्तेमाल करें आपको जरुर आराम देगा।

दाद की चिकित्सा के लिए हल्दी (Turmeric)

हल्दी घर पर आसानी से उपलब्ध हैं और अपनी प्रतिजीवाणु खूबियों की वजह से यह संक्रमण को ख़त्म करती हैं। इसका सेवन आपकी त्वचा के सारे संक्रमण को जड़ से ख़त्म करता हैं और संक्रमण वाले छेत्र में हल्दी का उपयोग करें दिन में 2-3 बार लगायें निश्चय ही फर्क पड़ेगा।

दाद की देशी दवा के लिए नारियल का तेल (Coconut oil)

नारियल के तेल का इस्तेमाल दाद को ख़त्म करने के लिए किया जा सकता हैं। नारियल के तेल अपने चिकित्सिक गुणों की वजह से संक्रमण को ख़त्म करता हैं और त्वचा को मुलायम बनाता हैं। नारियल के तेल का इस्तेमाल दाद को समाप्त करने का सर्वोत्तम इलाज हैं। नारियल के तेल का इस्तेमाल दाद पर रात भर के लिए करें।

दाद की अचूक दवा एलोवेरा (Aloe vera)

सूर्य के ताप से होने वाली जलन को मिटाने के लिए एलोवेरा का उपयोग एक सर्वोत्तम इलाज हैं। एलोवेरा का रस का इस्तेमाल दाद को ख़त्म करने के लिए कारगर इलाज हैं।

दाद की चिकित्सा लैवेंडर का तेल (Lavender oil)

लैवेंडर के तेल में विरोधी कवक संक्रमण को रोकता हैं। इस तेल में सिर्फ संक्रमण को खत्म करने के ही गुण नहीं हैं बल्कि यह दाद को भी जड़ से समाप्त करने का एक कारगर उपाय हैं।

दाद की अचूक दवा कोलॉइडी रजत (Colloidal silver)

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कोलॉइडी रजत रोगाणु रोधक सूक्ष्मजीवों को पोषक तत्व प्रदान करता हैं| कोलॉइडी रजत का इस्तेमाल दाद को खत्म करने के लिए किया जा सकता हैं। इसे आप दाद पर दिन में 2 बार छिडकें या रगड़े निश्चय ही आराम मिलेगा।

दाद की देशी दवा लोहबान (Myrrh for fungal infection treatment in hindi)

लोहबान एक बहुत ही कारगर विरोधी कवक उपचार हैं। लोहबान और पीत कंद को बराबर की मात्रा में पानी के साथ मिलाएं। इस मिश्रण को दाद पर दिन में 3 बार लगायें।

सरसों के बीज (Mustard seed se daad ke gharelu upay in hindi)

ये दाद की समस्या को दूर करने का काफी प्रभावी कारक माना जाता है। पानी में कुछ घंटों तक सरसों के बीजों को भिगोने के लिए छोड़ दें और फिर इसे पीसकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट का प्रयोग अपने दाद पर भी करें। इससे आपको खुजली और जलन से तुरंत छुटकारा प्राप्त हो जाएगा।

लेमनग्रास टी (Lemongrass tea)

यह दाद की खुजली को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है। एक गिलास लेमनग्रास टी का सेवन दिन में 3 बार करें। और प्रभावित भाग पर प्रयोग में लाए गए टी बैग्स (tea bag) का इस्तेमाल करें।

जैतून की पत्तियां (Olive leaf)

इन पत्तियों में शरीर की कई समस्याओं का उपचार करने के गुण होते हैं। यह दाद को ठीक करने की भी काफी प्रभावी औषधि मानी जाती है। इसमें मौजूद एंटी फंगल गुणों की वजह से यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में काफी वृद्धि करती है। इसे बनाने के लिए जैतून की पत्तियों के अंश से बने पाउडर को जैतून के तेल के साथ मिश्रित करें और एक पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट का प्रयोग रैशेस (rashes) पर करें।

कच्चे पपीते का पेस्ट (Raw papaya paste)

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यह त्वचा के ऊपरी भाग से पुरानी और मृत कोशिकाओं को निकालने का काम करता है। यह वही भाग है, जहां दाद के फंगस (fungus) रहते और बढ़ते हैं। पपीता नई और स्वस्थ कोशिकाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता, पर इसमें मौजूद पपेन (papain) वायरस (virus), खमीर और अन्य प्रकार के फंगस को नष्ट कर देता है। यह सूजन को ठीक करता है और त्वचा में हो रही जलन से भी आराम दिलाता है। यह दाद के संक्रमण को दूर करने का काफी असरदार नुस्खा है।पपीते के टुकड़े करें या फिर इसका पेस्ट बनाएं और इसे दाद की जगह पर इस्तेमाल करें। इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गर्म पानी से धो लें।

नमक (Salt se dad ka ilaj)

नमक एक बेहतरीन एस्ट्रिंजेंट (astringent) है जो घाव भरने की प्रक्रिया में काफी तेज़ी लाता है। यह प्रभावित भाग के संक्रमण को दूर करता है और दाद के धब्बों को सुखाने में मदद करता है। आप समुद्री नमक का प्रयोग प्रभावित भाग पर कर सकते हैं। दाद के संक्रमण को दूर करने के लिए प्रभावित भाग को गर्म पानी के टब में डुबोएं, जिसमें नमक का भी मिश्रण किया गया हो। वैकल्पिक तौर पर समुद्री नमक को सिरके की मदद से थोड़ा गीला कर लें और इसका प्रयोग दाद से प्रभावित भाग पर करें। इस पेस्ट का प्रयोग दिन में 3 बार करें।

अंगूर के बीज का अंश (Grapefruit seed extract)

ये अंश अंगूर के बीज, गूदे और सफ़ेद मेम्ब्रेन (membrane) से प्राप्त किये जाते हैं। यह एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) होने के साथ ही एंटीवायरल और एंटी बैक्टीरियल (antiviral and antibacterial) कारक भी है। अगर आप इसका सेवन करते हैं तो इससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता में काफी इज़ाफ़ा होता है। आप इस मिश्रण का प्रयोग पानी की कुछ बूँदों के साथ करके भी अपने दाद के ऊपर लगा सकते हैं।

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