How to treat cracked heels? – फटी एड़ियों के उपचार कैसे करे?

फटे पैर की समस्या सभी को किसी न किसी वक़्त होती है।ये सौंदर्य समस्याओं से दर्द भरी समस्याओं तक कुछ भी हो सकते हैं। फटी एड़ियों और होंठों की सबसे ज़्यादा समस्या ठण्ड के महीने में होती है। फटी एड़ियों को हील फिस्शर्स भी कहते हैं और ये एक या दोनों पैरों पर हो सकती है।

समय पर सही कदम उठाना एड़ियों को और ज़्यादा फटने एवं खून निकलने और तेज़ दर्द जैसी पीड़ाओं से रोक सकता है। इससे निपटने के लिए कुछ घरेलू उपचार मौजूद हैं।

फटी बिवाई / फटी एड़ियों का उपचार (Home remedies for crack heels)

फटे पैर के लिए वनस्पति तेल (Vegetable oils)

अलग अलग प्रकार के वनस्पति तेल जैसे जैतून का तेल, तिल का तेल, नारियल का तेल या अन्य कोई तेल फटी एड़ियों को रोकने एवं ठीक करने में काफी सहायक होते हैं। सोने के पहले इन्हें पैरों पर मलें और बेहतर परिणामों के लिए मोज़े पहन कर रहें।

एड़ी फटना के लिए चावल का आटा (Rice flour)

यह उत्पाद फटी त्वचा (fati edi) से मृत कोशिकाएं निकालने के लिए एक्सफ़ोलिएटिंग स्क्रब की तरह प्रयोग में लाया जा सकता है। इस स्क्रब को बनाना काफी आसान है और एडी फटना, इसके लिए आपको 1 मुट्ठी चावल,सेब का सिरका और जैतून के तेल की आवश्यकता होती है। पैरों को गरम पानी में 10 मिनट तक डुबोकर रखें और उसके बाद पैरों में चावल का पेस्ट लगाएं।

लीवर में फैट

फटी एड़ियां के लिए भारतीय लाइलैक (Indian lilac)

इसे नीम की पत्तियों के रूप में भी जाना जाता है और इसमें फंगीसाइडल तत्व होते हैं जो कि फटी एड़ियों पर काफी असरदार साबित होते हैं। नीम की पत्तियों और हल्दी का पेस्ट बनाएं और इसे फटी एड़ियों पर लगाएं 1 घंटे तक रखकर गरम पानी से धो दें।

फटे पैरों के लिए नींबू (Lemon)

नींबू उस रूखी त्वचा को कोमल करने में सक्षम है जिसकी वजह से एड़ियां (fati edi) फटती हैं। आप फटी एड़ियों में सीधे ही नींबू का रस लगा सकते हैं या फिर गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर उस पानी में 15 मिनट तक पैर डुबोये रखें। इसके बाद पैरों को पुमिस स्टोन और साबुन से साफ़ कर लें।

गुलाबजल एवं ग्लिसरीन (Rosewater and glycerin)

ग्लिसरीन त्वचा को मुलायम बनाता है और गुलाबजल विभिन्न विटामिनों का मिश्रण करता है और एक एंटी बैक्टीरियल एवं एंटी सेप्टिक माध्यम का भी काम करता है। इन दोनों सामग्रियों का मिश्रण करके सोने जाने से पहले पैरों में लगाएं। इससे आपको काफी आराम प्राप्त होगा।

पैर फटना के लिए पैराफिन वैक्स (Paraffin wax)

फटी एड़ियों (fati adiya) की विषम समस्याओं जैसे खून निकलना एवं तेज़ दर्द में पैराफिन वैक्स काफी आराम देता है। पैराफिन वैक्स, सरसों के तेल एवं नारियल तेल का मिश्रण तैयार करें। मोम के पिघलने तक इस मिश्रण को गरम करें और पैरों में लगाने से पहले इसे ठंडा होने दें।

फटी एड़ियों के कारण (Cause of cracked heels)

  • पैरों की सही देखभाल ना होना
  • गलत जूते पहनना
  • गरम पानी में पैरों को लम्बे समय तक डुबाकर रखना
  • मधुमेह की समस्या
  • खानपान में अनियमितता
  • ठण्ड का मौसम
  • पैरों को पोषण ना मिलना
  • पैरों का सूखापन

फटी एड़ियों के लक्षण (Symptoms of cracked heels)

मकड़ी नसों का उपचार

फटी एड़ियां के लिए सूखापन और खुजली (Dryness & itching)

त्वचा का उतारना फटी एड़ियों की पहली निशानी है। पैरों के नीचे कई बार काफी तेज़ खुजली भी होती है।

पैर फटना में लम्बी दरारों का उभरना (Development of vertical lesions)

अगर आपकी रूखी है तो उसमें एड़ियों के पास दरारें पड़नी शुरू हो जाती हैं।

दर्द होना (Pain and tenderness)

चलने के समय दर्द होना एवं एड़ियों का नरम एवं दर्दभरा लगना

फटे पैरों में त्वचा कठोर हो जाना (Hardening of the skin)

त्वचा जब नमी खो देती है तो वह काफी सख्त हो जाती है।

फटी एड़ियों का इलाज और फटी एड़ियों की देखभाल (Care for the heels)

फटे पैर के लिए तुरंत इलाज करें (Take measures if it is severe)

जब आपको पता चल जाए कि आपकी एड़ियां (fati adiya) फैट रही हैं तो तुरंत उसका उपचार करें। अगर जूते समस्या पैदा कर रहे हैं तो उन्हें बदलें। अन्य किसी  भी समस्या पर तुरंत कार्यवाही करें।

पैर फटना के लिए गरम पानी में पैर डुबोना (Soak your feet in a bucket of warm water)

थोड़ा कास्टर आयल या कैमोमाइल आयल पानी में डालें जिससे कि पैरों को नमी मिल सके। पैरों को संक्रमण रहित करने की आवश्यकता पड़ेगी और यह काम सेब का सिरका करता है।

शरीर के प्राकृतिक तेल को ना खोएं (Never remove the natural oils of your skin)

पेट की सूजन से निपटने के उपाय

आपके शरीर में प्राकृतिक तेल की परतें होती हैं और बहुत ज़्यादा गरम पानी से नहाने पर ये तेल शरीर से निकल जाते हैं। सिर्फ सौम्य साबुनों का इस्तेमाल करें।

फटे पैरों की सुरक्षा करें (Protection is important)

ठण्ड से त्वचा रूखी हो जाती है तथा नमी खो जाती है अतः बाहर जाने से पहले पैरों को ढक लें। हमेशा क्रीम और मॉइस्चराइज़र लगाएं। सूरज की किरणों से खुद को बचाए रखें।

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