Eyelid cysts tips in Hindi – पलक अल्सर / पलकों की गिल्‍टी ठीक करने के घरेलू नुस्खे

आँखें और उनकी पलकें शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा होती हैं। आँखों में हलके से संक्रमण के फलस्वरूप ही काफी जलन होने लगती है, जिससे आँखों की काफी समस्याएं पैदा होती हैं। इनमें सबसे आम समस्या है आँखों की सूजन या गिल्टी। इन गिल्टियों के होने का मुख्य कारण जलन या तेल की ग्रंथियों का बंद हो जाना होता है।

आँखों की ये गिल्टियाँ कई प्रकार की होती हैं, जिसके फलस्वरूप आँखों की पलकों एक छोटे भाग में सूजन आ जाती है। किसी प्रकार के संक्रमण या किसी कीड़े की काटने की वजह से भी ये संक्रमण हो सकता है। ज्यादातर गिल्टियाँ खुद ही ठीक हो जाती हैं, पर कुछ गिल्टियों को ठीक होने के लिए दवाइयों या शल्य क्रिया की आवश्यकता पड़ती है। अगर आँखों के संक्रमण को काफी दिनों तक बिना इलाज के छोड़ दिया गया तो इससे आँखों की रोशनी जाने का ख़तरा भी होता है।

लोगों को आँखों से सम्बंधित विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन आम समस्याओं में से एक है आँखों का फोड़ा होना। इसे चलाज़िओं के नाम से भी जाना जाता है। ये गिल्‍टी सख्त और एक तरल द्रव्य से भरे होते हैं जो कि आँखों की ग्रंथियों के ब्लॉक हो जाने पर होते हैं। गिल्‍टी कई कारणों से हो सकते हैं जैसे कि आँखों को अत्याधिक मात्रा में घिसना,साफ़ सफाई की कमी और ज़्यादा मेकअप का प्रयोग करना।

आँखों की गिल्टियों के प्रकार (Types of eyelid cysts)

खुजली को ठीक करने के घरेलू नुस्खे

  • स्टाई (stye) आँखों की गिल्टियों का सबसे सामान्य प्रकार होती है। यह तेल की ग्रंथियों पर एक फोड़े के समान होती है, जिसका मुख्य कारण भारी संक्रमण होता है। यह एक तरह की सूजन है, जो धीरे धीरे लाल और काफी दर्दनाक भी हो जाती है। यह आमतौर पर 2 दिनों तक रहती है, पर अगर यह ठीक ना हो रही हो तो किसी नेत्र विशेषज्ञ से सलाह अवश्य कर लें।
  • चलाज़िया (Chalazia) पलकों पर आई एक तरह की सूजन है, जो तब पैदा होती है जब स्टाई को लम्बे समय तक बिना उपचार के छोड़ दिया जाए। इसके अंतर्गत आँखों की पलकों के नीचे बैक्टीरिया (bacteria) जमा होते रहते हैं और एक गाँठ का सृजन करते हैं। चलाज़िया संक्रमण युक्त नहीं होता है और ना ही ये दर्दभरा या नर्म होता है। यह 2 से 3 महीनों तक रह सकता है और फिर अपने आप ठीक हो जाता है। अगर यह खुद से ठीक नहीं होता, तो इसे हटाने के लिए शल्य क्रिया की आवश्यकता पड़ती है।
  • पसीने की ग्रंथियों की गिल्टियाँ चमकदार, पारदर्शी और गोल गांठों जैसी होती हैं जो आंसुओं की ग्रंथियों के नीचे होती हैं। इस गिल्टी को डॉक्टरी उपचार की आवश्यकता होती है, क्योंकि यह काफी खतरनाक होता है और बैसल सेल कार्सिनोमा (basal cell carcinoma) की वजह भी बन सकता है।
  • 3 केराटोसिस (Keratosis) गिल्टियाँ हैं एक्टिनिक, केराटोसिस पिलारिस तथा सेबरिक (actinic, keratosis pilaris.and seborrheic)।
  • इन्क्लूशन (inclusion) गिल्टियाँ सफ़ेद रंग की गिल्टियाँ होती हैं, जो सूजी होती हैं और इनमें द्रव्य भरा हुआ रहता है। इसमें कोई दर्द नहीं होता और यह आपको कोई हानि भी नहीं पहुंचाती। पर फिर भी इसके होने की स्थिति में आँखों के चिकित्सक से परामर्श कर लें।

आँखों की गिल्टियों के लक्षण (Symptoms of eyelid cysts)

आँखों में सूजन होना गिल्‍टी होने का प्रमुख लक्षण है परन्तु कई और लक्षण हो सकते हैं जैसे:-

बवासीर ठीक करने के घरेलू नुस्खे

  • आँखों में खुजली होना
  • आँख से पानी गिरना
  • गन्दगी जमना
  • आँखों से पानी या म्यूकस (mucus) की तरह का द्रव्य निकलना
  • आँखों की पलकों या आँखों के आसपास गांठें पैदा होना
  • आँखों के पास की त्वचा का नर्म होना
  • आँखें लाल होना
  • आँखों में या इसके आसपास खुजली होना
  • आँखों का रोशनी के प्रति संवेदनशील होना
  • आँखों के आसपास दर्द होना।
  • आँखों की पलकों में सूजन होना।

आँखों की गिल्टियों के होने के कारण (Causes of eyelid cysts)

पर्यावरण में मौजूद गन्दगी, धूल तथा बैक्टीरिया हमारी आँखों में तथा इसके आसपास जम जाते हैं। इनके जमने से आँखों में गाँठ या गिल्टियाँ पैदा होती हैं।

  • आँखों की धमनियां तथा ग्रंथियां जब गन्दगी और धूल की वजह से बंद हो जाती है, तो इससे गिल्टियाँ पैदा होती हैं।
  • स्टाफ बैक्टीरिया (Staph bacteria) का संक्रमण
  • साफ़ सफाई का अभाव होना इस समस्या का मुख्य कारण होता है।
  • कांटेक्ट लेंस (contact lens) के गन्दा होने की वजह से भी आँखों में संक्रमण हो जाता है।
  • कुछ सौन्दर्य पदार्थों में कठोर रसायन होते हैं, जिनकी वजह से आँखों के अन्दर या आसपास जलन तथा संक्रमण हो जाता है।

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  • अगर मेकअप (makeup) को हटाया नहीं गया और सारी रात छोड़ दिया गया तो इससे भी संक्रमण का ख़तरा हो सकता है।
  • आँखों को गंदे हाथों से रगड़ने से भी आँखों की गिल्टियों का ख़तरा बना रहता है।

इन समस्याओं से निपटने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे प्रयोग में लाए जा सकते हैं। प्राकृतिक इलाज ही इस समस्या को दूर करने का सबसे कारगर उपाय है।

पलक अल्सर के घरेलू उपाय (Home remedies to eradicate eyelid cysts)

पलक अल्सर का इलाज पानी से (Water palkon ki gilti ke liye)

पानी सबके घर आसानी से उपलब्ध होता है अतः पानी का प्रयोग आँखों के लिए सबसे आसान एवं कारगर उपाय है। आपको अपनी आँखें ठन्डे पानी से अच्छी तरह धोनी चाहिए जिससे आँखों में गन्दगी ना जमे। आँखों की सफाई के लिए आप गरम पानी करके एंटीसेप्टिक लिक्विड या साबुन से हाथ धो सकते हैं।

गुलाबजल और शहद (Rose water and honey)

शहद आसानी से आपके रसोईघर में उपलब्ध होता है। गुलाबजल का प्रयोग भी अच्छी त्वचा प्राप्त करने के लिए काफी मात्रा में किया जाता है। इन दोनों का मिश्रण आँखों पर प्रयोग करने से आँखों के फोड़े कम होते हैं।

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पलक अल्सर का इलाज दूध से (Milk palak ka ulcer ke liye)

अगर आप ठन्डे दूध से आँखें धोते हैं तो इससे आपकी आँखों को आराम मिलेगा और फोड़ा भी जल्दी ठीक होगा। वाष्पित दूध आपकी आँख को तुरंत आराम पहुंचाता है।

पलक अल्सर का उपचार टी बैग्स से (Tea bags)

आँखों के गिल्‍टी को ठीक करने का एक और तरीका है टी बैग्स। अपनी आँखों पर 5-10 मिनट तक टी बैग लगाकर रखें। हर्बल टी बैग्स बाज़ार में काफी मात्रा में पाये जाते हैं। ठंडी कैमोमाइल टी का प्रयोग भी लाभदायक है।

ब्रैस्ट मिल्क (Breast milk aankhon me gilti ke liye)

यह पलक अल्सर हटाने का काफी असरदार प्राकृतिक नुस्खा है। अगर आपके घर में कोई गर्भवती स्त्री नहीं है तो इस नुस्खे का प्रयोग थोड़ा मुश्किल है। नियमित रूप से आँखों पर दूध की कुछ बूँदें डालने से ही गिल्‍टी पर काफी फर्क पड़ता है।

पलक अल्सर का उपचार प्याज का रस से (Onion juice)

आँखों पर प्याज के रस की कुछ बूँदें डालना काफी असरदार तरीका है।आप थोड़े से प्याज काटकर उन्हें मिक्सर में पीसकर उनका रस निकाल सकते हैं और फिर उसे आँखों पर लगा सकते हैं।

अगर आप पलक अल्सर होने से पहले उसे रोकना चाहते हैं तो उसके कई तरीके हैं। आप अलसी के बीज के तेल,फल और सब्ज़ियों  सेवन करके आँख के पलक अल्सर से बच सकते हैं।

त्वचा पर लगी चोटें ठीक करने के घरेलू नुस्खे

आँखों की गिल्टियाँ आमतौर पर खुद ही ठीक हो जाती हैं, और नीचे दिए गए नुस्खों को अपनाकर इन्हें और भी जल्दी ठीक किया जा सकता है।

  • फिटकरी का पानी आँखों की गिल्टियों का प्रभावी रूप से उपचार करने की क्षमता रखता है। एक पात्र में पानी लेकर इसमें फिटकरी के कुछ अंश डुबोएं। इस पानी से अपने आँखों की गिल्टियों पर सेंक दें।
  • एक कप उबलते पानी में थोडा सा अजवायन डुबोकर रखें और इस पानी को ठंडा होने दें। इस पानी में एक कपड़ा डुबोएं तथा इसे अपनी आँखों के ऊपर 15 मिनट तक रखें। इससे आँखों की सूजन कम होगी।
  • आँखों पर अमरुद की पत्तियां रखने से भी इनकी गिल्टी तथा सूजन काफी कम होती है। इन पत्तियों को गर्म उबलते पानी में डुबोकर रखें तथा इन्हें एक सूखे कपड़े में लपेट लें। इस कपड़े को आँखों के ऊपर रखने से आँखों का लालपन, दर्द और सूजन तुरंत कम हो जाएंगे।
  • बबूल की पत्तियां चलाज़िया की गिल्टी को प्राकृतिक रूप से ठीक करती हैं। इन पत्तियों को पानी में उबालें और कुछ देर के लिए छोड़ दें। इस पानी में एक साफ़ कपड़ा डुबोएं और इससे आँखों की पलकों पर सेंक करें।
  • अगर आपकी आँखों में संक्रमण हो तो आँखों के मेकअप से दूर रहें।
  • खुद को हमेशा साफ़ सुथरा रखें। दूसरों के साथ कपड़े, खासकर तौलिये की अदलाबदली करने से आपको भी संक्रमण होगा और यह संक्रमण दूसरों तक भी फैलेगा।
  • एक अच्छे एंटीसेप्टिक हैण्ड वाश (antiseptic hand wash) का प्रयोग करके हाथों को स्वच्छ और जीवाणु रहित बनाए रखें।
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