Hindi tips to stop bed wetting in children – बच्चों को बिस्तर में पेशाब करने से कैसे रोके?

बिस्तर गीला करना बच्चों की एक सामान्य समस्या है। कई बार बच्चों को ऐसा ना करने की शिक्षा देने पर भी वे बिस्तर गीला कर ही देते हैं। कई व्यस्क पुरुष भी अनजाने में रात को बिस्तर पर सोते समय बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें बुरे सपने आना प्रमुख है। बिस्तर पर पेशाब कर देना काफी शर्मनाक होता है। अगर वयस्कों को किसी प्रकार की शारीरिक या मानसिक समस्या होती है तो वे भी रात को बिस्तर गीला कर देते हैं। कई बार अंतर्मुखी व्यक्तियों को भी इस समस्या से ग्रस्त होता हुआ पाया गया है। परन्तु कुछ घरेलू नुस्खों का प्रयोग करने से आपको बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या से छुटकारा प्राप्त हो जाएगा।

माता पिता को बच्चों की बिस्तर में पेशाब करने की आदत बड़ी सामान्य लगती होगी। यह गहरी नींद में पेशाब करने की आदत होती है। बच्चों का मूत्राशय छोटा होता है जिस वजह से बहुत देर तक वे पेशाब को रोक नहीं सकते। यह बिस्तर में पेशाब करने का एक कारण हो सकता है। कई बच्चों की यह समस्या आनुवंशिक होती है। इसी के साथ कभी यह डरावने सपनों के कारण भी हो सकता है।

यह समस्या समय के साथ ठीक हो जाती है। पर कई जगहों में यह होना माता पिता के लिए शर्मिंदगी से भरा हो सकता है। बच्चे भी इसके कारण सहम जाते हैं। इसीलिए माता पिता इस समस्या के समाधान ढूंढ़ते हैं। इसे ख़त्म करने के लिए कई प्राकृतिक उपचार हैं।

घरेलू उपचार (Top home remedies for bedwetting or bacho ka bistar gila karna)

बच्चों का बिस्तर में पेशाब करना के लिए गुड़ (Jaggery)

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गुड़ हमारे किचन में आसानी से उपलब्द होता है। बच्चे के शरीर को अंधरुनी गर्मी देने के लिए यह एकदम उत्तम होता है। इसका सेवन करते ही बच्चे को अंदर से गर्मी मिलती है। इससे बिस्तर में पेशाब करने की समस्या को खत्म किया जा सकता है। अपने बच्चे को रोज़ सुबह गरम दूध के साथ गुड़ का टुकड़ा खिलाएं।

क्रैनबेरी रस (Cranberry juice for bistar par peshab ka ilaj)

मूत्राशय या गुर्दे की खराबी के कारण यह समस्या हो सकती है। चूँकि क्रैनबेरी का रस गुर्दे, मूत्र पथ और मूत्राशय के लिए अच्छा होता है, आप इसे अपने बच्चे को पिला कर इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। यह बच्चे के सोने के एक घंटे पूर्व दिया जाना चाहिए। इसके अच्छे परिणामों को देखने के लिए करीब एक महीने तक इसे उपयोग में लाएं।

बिस्तर पर पेशाब के लिए सरसों का पाउडर (Mustard powder)

यह पाउडर हमारे किचन में काफी उपयोग में लाया जाता है। इसे बनाने के लिए एक कप गरम दूध में आधा चम्मच सरसों के बीज का पाउडर मिला कर मिश्रण बना लें। अपने बच्चे के सोने के पहले ये उसे पीने को दें। शोध के अनुसार, मूत्र पथ की समस्या को सही करने के लिए सरसों के बीज एकदम उचित उपचार है। मुट्ठी भर सरसों के बीज का सेवन करने से बिस्तर में पेशाब की इस समस्या से निजात पायी जा सकती है।

बिस्तर गीला करना के लिए देसी करोंदा (Indian gooseberry)

देसी करोंदे को आम भाषा में आमला कहा जाता है। यह कई तरह के बिमारियों को ठीक करने में अनुकूल होता है। इनमें से एक है बिस्तर में पेशाब करना। मिक्सर या ग्राइंडर में आमले को पीस कर उसका गुदा निकाल लें। अब दो चम्मच गुंडे में चुटकी भर काली मिर्च डालें। अपने बच्चे को इसे सोने के पहले खाने का कहें। इस मिश्रण से बिस्तर में पेशाब करने की समस्या को खत्म किया जा सकता है। आप इसे शक्कर और जीरे के साथ भी बना सकते हैं। इसे अपने बच्चे को दिन में दो बार खाने को दे।

बच्चों का बिस्तर में पेशाब करना के लिए केला (Banana)

कई सालों से केला पेट के लिए अच्छा माना गया है। आप अपने बच्चे को दिन में 2-3 केले खिला सकते हैं जिससे यह समस्या का समाधान होता है। आप एक पका हुआ केला दिन में एवं एक रात में खिला सकते हैं।

नींद में चलना (स्लीप वाकिंग) को रोकने की घरेलू चिकित्सा

माता पिता अपने बच्चों से यह उम्मीद न करे की वह इस आदत को तुरंत छोड़ देंगे। आप यह घरेलु नुस्खे अपना सकते है और उन्हें बाथरूम जाने की आदत लगाएं। आप इन घरेलु नुस्खों को अपनाते वक़्त धैर्य रखें।

अखरोट (Walnut baccho ka bed par peshab karna ke liye)

अखरोट एक ऐसा तत्व है जो बच्चों की बिस्तर में पेशाब करने की समस्या को दूर करता है। सबसे पहले ये पेशाब करने की मात्रा को कम करता है और फिर धीरे धीरे इस आदत को ही दूर कर देता है। बिस्तर गीला करने से रोकने का एक नुस्खा होने के साथ ही यह काफी स्वादिष्ट भी होता है। आप इसे नाश्ते में या शाम को चाय के साथ भी ले सकते हैं और बिस्तर में पेशाब करने की आदत से भी छुटकारा पा सकते हैं।

किशमिश (Raisins for mutra rog upay)

आपने किशमिश के कई स्वास्थ्य गुणों के बारे में अवश्य सुना होगा। इसका एक गुण यह भी है कि आपकी बिस्तर गीला करने की आदत पर लगाम लगाता है। अगर आप अपनी इस शर्मनाक आदत के बारे में अपने रिश्तेदारों से सुनते सुनते तंग आ चुके हैं और इसे दूर करना चाहते हैं तो थोड़ी सी किशमिश का सेवन करें। सुबह उठकर खाली पेट में इनका सेवन रोज़ाना करें। अगर आप इन्हें रातभर भिगोकर रखें और सुबह उठकर इनका सेवन करें तो और भी अच्छा होगा।

बिस्तर गीला करना के लिए दालचीनी (Cinnamon)

दालचीनी की खूबियों से भी लोग परिचित हैं। बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या को दूर करने का यह भी काफी प्रभावी तरीका है। इस मसाले का सेवन करने से शरीर गर्म हो जाता है तथा बिस्तर गीला करने की आदत से छुटकारा मिलता है। आप सारे दिन में एक बार अपने बच्चे को इसे चबाने के लिए दे सकते हैं। आपका बच्चा इसका ऐसे ही सेवन नहीं करेगा। आपको इसे स्वादिष्ट बनाना पड़ेगा, जिससे कि वह इसका सेवन कर सके। दालचीनी के टुकड़ों का सेवन करने की बजाय उसे भुने हुए बब्रेड (bread) पर दालचीनी का पाउडर और चीनी छिड़ककर दें। आपका बच्चा इसे आसानी से खाएगा और बिस्तर गीला करने की समस्या से दूर रहेगा।

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व्यायाम (Exercise for bistar me peshab ka ilaaj)

कई बार थोड़ा सा व्यायाम करने से भी बिस्तर गीला होने की समस्या से निजात मिलती है। अगर आप किसी डॉक्टर से पूछें तो वह आपको ब्लैडर (bladder) का व्यायाम करने को कहेगा, क्योंकि बिस्तर पर पेशाब करना ब्लैडर के सही प्रकार से काम ना करने की वजह से होता है। एक बार यह व्यायाम करने पर ये मांसपेशी काफी खिंचती है और इससे ब्लैडर से आसानी से मूत्र निकलता है। इससे ब्लैडर अच्छे से काम करने लगता है, जिससे आप ज़्यादा लम्बे समय तक मूत्र को रोककर रख सकते हैं। ब्लैडर को नियंत्रित करने के लिए इस व्यायाम का प्रयोग रोज़ाना करें। इससे आपके बच्चे के कूल्हे की मांसपेशियों में भी कसावट आएगी। अपने बच्चे को जितनी देर तक तक हो सके मूत्र रोकने के लिए कहें, जिससे उसे इसे रोकने की आदत हो जाए। इसे रोज़ करने से बिस्तर गीला करने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

बिस्तर गीला करना के लिए जैतून का तेल (Olive oil)

आजकल ज्यादातर लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग हो गए हैं और खाना पकाने के लिए भी जैतून के तेल का प्रयोग करते हैं। अतः रसोई में जैतून का तेल आसानी से उपलब्ध हो जाता है। यह भी साबित हुआ है कि बिस्तर गीला होने से रोकने के लिए जैतून का तेल काफी फायदेमंद साबित होता है। एक छोटे पात्र में जैतून के तेल की कुछ बूँदें डालें और इसे पेट के निचले हिस्से में लगाएं। अब इस भाग की इस तरह मालिश करें कि तेल पेट में समा जाए। मालिश के लिए गर्म उत्पाद का प्रयोग करें, जिससे कि आपके बच्चे के मूत्र रोकने की स्थिति में सुधार हो। आप इस आसान उपाय का प्रयोग करें और इसकी क्रियाशीलता को महसूस करें।

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