Yellow Nail Syndrome and its remedies in Hindi – पीले नाखूनों की समस्या एवं इसके उपचार

नाखूनों का रंग उड़ जाने की वजह से वे पीले हो जाते हैं और ऐसा कई कारणों से होता है। महिलाओं में पीले नाखूनों (nails) की समस्या आमतौर पर लोकल नेल पोलिश लगाने से होती है जिनमें हानिकारक केमिकल्स मिले रहते हैं। हमेशा ब्रांडेड कंपनी के नेल पोलिश का प्रयोग करें क्योंकि इनकी क्वालिटी अच्छी होती है और नेल रिमूवर से नेल पोलिश हटाने के बाद भी ये कोई दाग नहीं छोड़ते। अगर आप खराब क्वालिटी के नेल रिमूवर का भी प्रयोग कर रही हैं तो इससे नाखून प्रभावित होते हैं और उनका रंग खराब हो जाता है। कई बार सब्ज़ियों में ज़्यादा हल्दी का प्रयोग करने से आपके भोजन करते वक़्त दाग आपके नाखूनों (nails) और उँगलियों पर रह जाते हैं। हटाने का एक और तरीका है। नेल पोलिश लगाने से पहले नेल इनेमल या पारदर्शी बेस लगाएं। इससे नाखूनों (nails) को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी।

येलो नेल सिंड्रोम (yellow nail syndrome) हाथ और पैरों के नाखूनों (nails) की एक काफी विरल समस्या है जिसके अंतर्गत शरीर के कुछ हिस्सों में सूजन भी आ जाती है। यह समस्या आमतौर पर लोगों को 30 से 40 वर्ष की आयु में अपना शिकार बनाती है पर छोटे बच्चे भी इस समस्या की चपेट में आ सकते हैं। लसीका प्रणाली के बंद होने की वजह से यह समस्या उत्पन्न होती है। इसके अंतर्गत फेफड़ों के आसपास पानी जम जाता है और फेफड़ों में संक्रमण की भी समस्या होती है। येलो नेल सिंड्रोम (yellow nail syndrome) की मुख्य विशेषता यही है कि इसमें हाथ और पैर की सारी उंगलियां प्रभावित होती हैं। नाखूनों (nails) का बढ़ना रूक जाता है तथा वे मोटे तथा हलके हरे और पीले रंग के हो जाते हैं। पैरों में सूजन आ जाती है तथा मरीज़ों को फेफड़ों की समस्या होती है तथा ब्रोंकाइटिस,साइनसाइटिस तथा निमोनिया के दौरे पड़ते हैं। येलो नेल सिंड्रोम (yellow nail syndrome) के मुख्य कारणों का किसी को पता नहीं है। पैरों के नाखून आमतौर पर किसी फंगल संक्रमण की वजह से पीले होते हैं। पैरों के नाखूनों (nails) में मौजूद फंगस पीले या भूरे रंग का रंजक तत्व उत्पन्न करते हैं। लेबोरेटरी में इसकी जांच से अगर फंगल संक्रमण का पता चलता है तो फिर इसका अलग उपचार होता है। संक्रमण का इलाज ना होने से यह पूरे नाखून में फ़ैल जाता है तथा नाखूनों (nails) की जड़ों में चला जाता है जिससे विकट समस्या उत्पन्न हो सकती है। ये संक्रमण आसानी से दवाइयों से या डॉक्टर द्वारा सुझाये नेल पेंट द्वारा ठीक हो सकते हैं। इस संक्रमण से निपटने में घरेलू नुस्खे डॉक्टरी सुझावों से ज़्यादा काम आते हैं।

बदरंग नाखून के कारण- बदरंग नाखून के उपचार

येलो नेल सिंड्रोम (Yellow nail syndrome)

यह ऐसी समस्या है जिससे आज के दौर में लाखों लोग परेशान हैं। यह समस्या फंगल संक्रमण या सांसों की समस्या से उत्पन्न हो सकती है। इस समस्या की चाहे जो वजह हो पर विटामिन इ युक्त पदार्थों के सेवन से इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

पीले नाखून के लिए घरेलू नुस्खे (Home Remedies for Yellow Nails)

येलो नेल सिंड्रोम (yellow nail syndrome) का उपचार सांस लेने की प्रणाली से जुड़ा हुआ है जो कि नाखूनों (nails) के रंग खोने का कारण बनते हैं। कुछ मामलों में यह परिवर्तन स्थायी होते हैं पर कुछ अन्य मामलों में इसका उल्टा भी देखा गया है।

1. विटामिन इ और जिंक युक्त पोषक पदार्थों से येलो नेल सिंड्रोम (yellow nail syndrome) की समस्या से प्रभावी तरीके से निपटा जा सकता है।

2. कभी कभी अधिक धूम्रपान अथवा नेल पोलिश के अत्याधिक प्रयोग से भी नाखून पीले हो जाते हैं। इस समस्या के कम विकट होने की स्थिति में कुछ घरेलू पद्दतियों द्वारा नाखूनों (nails) का असली रंग वापस लाया जा सकता है।

3. ताज़े नींबू के रस से नाखूनों को साफ़ किया जा सकता है। इसके अंतर्गत एक बर्तन में नींबू का रस डालकर उसमें अपने नाखून डुबोकर रखें।

4. दांतों को सफ़ेद रखने वाले डेन्चर टेबलेट का प्रयोग करके नाखूनों (nails) को भी साफ़ किया जा सकता है। .इ लिए डेन्चर टेबलेट और पानी के मिश्रण में नाखूनों (nails) को कुछ देर तक डुबोकर रखें।

5. नाखूनों के ऊपर से धीरे धीरे रगड़ने पर भी इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

मुड़े हुए नाखूनों को ठीक करने के उपाय

6. ऐसी कुछ सस्ती, प्रभावी एवं प्रयोग करने में आसान व्हाइटनिंग पेंसिल, जो कि दवाई की दुकानों पर उपलब्ध होती है, द्वारा भी नाखूनों (nails) को हम सफ़ेद दिखा सकते हैं।

नाखूनों की परेशानी – बेकिंग सोडा (Baking soda – nakhun ki bimari ka ilaj)

क्योंकि घर में बेक करने के लिए कई तरह के पात्र मिल जाते हैं, अतः बेकिंग सोडा की मदद से येलो नेल सिंड्रोम का उपचार करना काफी आसान रहेगा। बेकिंग सोडा कपड़ों और अन्य जगहों पर लगे ज़िद्दी दाग काफी आसानी से हटा लेता है, अतः यह आपके नाखूनों (nails) पर भी चमत्कारी रूप से काम करता है। इस मिश्रण को बनाने के लिए एक छोटे पात्र में 2 चम्मच बेकिंग सोडा और 3 परसेंट हाइड्रोजन पेरोक्साइड लें। एक बार इसे मिश्रित करने के बाद एक रुई का फाहा लें और इसकी मदद से इस मिश्रण को नाखूनों (nails) में उस जगह पर लगाएं जहाँ पर पीले दाग हों। इसे इसी अवस्था में करीब 4 मिनट तक रखें और फिर गुनगुने(luke warm)पानी से धो लें। इस विधि का प्रयोग रोज़ाना करें और फर्क देखें।

नाखूनों की देखभाल – टी ट्री आयल (Tea tree oil)

कई बार नाखूनों पर फंगस के अत्याधिक बढ़ने की वजह से भी आप येलो नेल सिंड्रोम (yellow nail syndrome) का शिकार हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में टी ट्री आयल आपकी समस्या का काफी अच्छा उपचार बन सकता है। टी ट्री आयल से आप एंटी फंगल तथा एंटी माइक्रोबियल दोनों गुण प्राप्त कर सकते हैं। इस तेल की मदद से आप सभी प्रकार के इन्फेक्शन से लड़ सकते हैं और अपने नाखूनों (nails) का प्राकृतिक सफ़ेद रंग वापस पा सकते हैं। इस तेल को नाखूनों (nails) पर लगाने की एक ख़ास विधि है।एक ड्रॉपर में टी ट्री आयल लें और इसे अपने नाखूनों की जड़ों से लेकर सिरे तक अच्छे से लगाएं। अब इसे 15 मिनट तक रखें और गुनगुने पानी से धो दें। आप इस मिश्रण में बराबर मात्रा में ओलिव आयल और टी ट्री आयल मिला सकते हैं। इनका मिश्रण बनाकर इसमें रुई का फाहा डुबोएं और इसे अपने नाखूनों (nails) पर लगाएं। पीले नाखूनों से मुक्ति पाने के लिए इस विधि का प्रयोग दिन में दो बार करें।

नाखूनों की परेशानी – नींबू (Lemon – nakhun ke rog)

नाखूनों को गुलाबी तथा चमकदार बनाने के उपाय

नाखूनों को सफ़ेद करने के लिए सबसे अच्छा तरीका प्राकृतिक नींबू के रस का प्रयोग करना है। क्योंकि यह रस विभिन्न प्रकार के दाग धब्बों को निकालने में काफी प्रभावी भूमिका निभाता है, अतः नाखूनों का पीलापन निकालना इसके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। अगर आपके नाखून पीले नहीं हैं, तो भी आप नाखूनों (nails) पर नींबू का रस डाल सकते हैं, क्योंकि इससे नाखून मज़बूत होते हैं और टूटने के खतरे से बचते हैं। इस विधि के अंतर्गत एक पात्र लें जिसमें आप अपने नाखून डुबो सकें। इस पात्र में करीब आधे भाग तक नींबू का रस भरा होना चाहिए। अब इसमें 15 मिनट तक अपने पीले नाखून डालकर रखें। एक बार समय पूरा हो जाने पर एक नरम टूथ ब्रश लें और धीरे से नाखूनों पर स्क्रब करें जिससे नाखूनों (nails) का पीलापन छूट सके। इसके बाद आप इसे गुनगुने पानी से धो सकते हैं। हाथ धोने के बाद नाखूनों को नमी प्रदान करने के लिए इनमें लेमन एसेंशियल आयल लगाएं।

नाखून की देखभाल – टूथपेस्ट (Toothpaste)

आपने टीवी पर दांतों को चमकाने वाले टूथपेस्ट के कई विज्ञापन देखे होंगे। येलो नेल सिंड्रोम (yellow nail syndrome) से छुटकारा पाने का एक उपाय वाइटनिंग टूथपेस्ट भी होता है। दांतों को चमकाने वाले टूथपेस्ट का थोड़ा सा अंश अपनी उँगलियों पर लें और नाखूनों पर अच्छे से लगाएं। अब इसे 10 मिनट तक छोड़ दें और फिर नेल ब्रश से हटा दें। इसके बाद गुनगुने पानी में एक रुई का टुकड़ा डुबोएं और अपने नाखूनों (nails) पर उस जगह लगाएं जहाँ पर आपके नाखूनों में पीलापन आया है। अगर इस विधि का प्रयोग आप हफ्ते में तीन बार कर लेते हैं तो सफ़ेद और सुन्दर नाख़ून पाना काफी आसान हो जाएगा। क्योंकि टूथपेस्ट में हाइड्रोजन पेरोक्साइड होता है, अतः इससे आपके नाखूनों (nails) में काफी प्रभावी सफेदी आएगी।

loading...

Subscribe to Blog via Email

Get Hindi tips to your inbox everyday