Home remedies in Hindi for motion sickness – मोशन सिकनेस ठीक करने के घरेलू नुस्खे

मोशन सिकनेस उन लोगों के लिए एक आम समस्या है जो कि निरंतर यात्रा करते रहते हैं। यातायात का साधन कोई भी हो, यह समस्या लोगों को अपना शिकार बनाती है और उन्हें छुट्टियों का आनंद लेने से रोकती हैं। मोशन सिकनेस के कई लक्षण होते हैं जैसे चक्कर आना, काफी पसीना आना, उलटी, थकी त्वचा, लार पैदा होना, सिरदर्द आदि।

आमतौर पर हमारा मस्तिष्क हमारी आँखों, त्वचा,कान के अंदरूनी भाग तथा मांसपेशियों से जानकारी प्राप्त करता है तथा इस जानकारी के आधार पर हमारा मस्तिष्क हमारे शरीर के चलने की दिशा को जान पाता है। लेकिन यात्रा के समय हमारा मस्तिष्क हमारे शरीर से भिन्न भिन्न प्रकार की जटिल जानकारियां प्राप्त करता है जो कि मस्तिष्क ठीक से समझ नहीं पाता।

ऊपर दिए गए सारे लक्षण और समस्याएं तभी समाप्त होती हैं जब आपकी यात्रा समाप्त होती है। परन्तु कुछ घरेलू नुस्खों की सहायता से आप इस समस्या को दूर कर सकते हैं।

घरेलू नुस्खे (Home remedies to control motion sickness)

यात्रा के दौरान उल्टी के लिए एक्युप्रेशर (Acupressure)

एक्युप्रेशर हमारे शरीर की ऊर्जा के बहाव को पूरी तरह से नियंत्रित करने में सक्षम होता है, जिसकी मदद से मोशन सिकनेस पर काबू पाने में काफी आसानी होती है। अगर आपको कहीं यात्रा करते हुए तबियत खराब होने का अनुभव होता है तो आप एक विधि का प्रयोग कर सकते हैं। अपने अंगूठे की मदद से अपनी बांह के भीतरी हिस्से को कलाई से तीन चौथाई जगह छोड़कर दबाएँ। इसे इसी प्रकार से तब तक दबाकर रखें, जब तक आपके मोशन सिकनेस के लक्षण पूरी तरह दूर ना हो जाएं। अगर आप चाहें तो आप एक एक्युप्रेशर बैंड (acupressure band) का भी प्रयोग कर सकते हैं। इससे यात्रा के पूरे समय के दौरान आप पर दबाव बना रहेगा।

फटी एड़ियां ठीक करने के घरेलू नुस्खे

सफ़र में उलटी होना के लिए लम्बी सांसें लें (Breathing)

मोशन सिकनेस की समस्या से निपटने के सबसे पहले उपाय के तौर पर अच्छी प्रकार से लम्बी सांसें लेने की विधि का प्रयोग करने का प्रयास करें। इस नुस्खे का पालन करने से पेट की किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, मतली तथा चक्कर आने जैसे लक्षणों से पूरी तरह छुटकारा मिल जाता है। यात्रा के दौरान इस प्रकार की समस्या होने पर लम्बी और गहरी सांसें लें।

यात्रा संबंधी मतली में अदरक (Ginger yatra sambandhi mitali ke liye)

अदरक सबकी रसोई में आसानी से मिलने वाला उत्पाद है जिसमें एंटीएमेटिक के गुण होते हैं। घरेलू नुस्खे घरेलू उपचार, यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है तथा चक्कर आने की स्थिति को काफी हद तक कम करता है। किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले आधा चम्मच ताज़े पिसे हुए अदरक को शहद लगाकर चबाने से यात्रा के समय तबीयत ठीक रहती है। आप यात्रा से पहले अदरक के रस और नींबू के रस को मिलाकर भी पी सकते हैं।

एक अन्य विकल्प के रूप में आप अदरक के टुकड़ों को गरम पानी में मिलाकर अदरक वाली चाय भी बना सकते हैं। इस मिश्रण को अच्छे से मिलाएं और फिर इसमें थोड़ा शहद भी मिलाएं। किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले इस मिश्रण को ग्रहण करने से आपकी यात्रा सुखद कटेगी। गर्भवती महिलाओं और दिल के मरीज़ों के लिए ये पद्दति काफी गुणकारी है।

मोशन सिकनेस के उपाय सेब का सिरका के साथ (Apple cider vinegar)

सेब का सिरका आपके ph स्तर और पेट में मौजूद एसिड अल्कलाइन रेशियो (acid/alkaline ratios) को नियंत्रित करके मतली के लक्षणों से पूरी तरह निजात दिलाता है। एक कप गर्म पानी में 2 चम्मच सेब का सिरका तथा एक चम्मच शहद मिश्रित करें। इन सबको अच्छे से मिश्रित करें और इस मिश्रण का सेवन अपनी यात्रा शुरू करने से आधे घंटे पहले ही कर लें। आप इस मिश्रण के द्वारा कुल्ला करके मोशन सिकनेस की समस्या से प्रभावी रूप से निजात प्राप्त कर सकते हैं। इससे आपके साँसों की बदबू भी दूर होगी तथा आप तरोताजा महसूस करेंगे।

मोशन सिकनेस का इलाज पुदीना से (Peppermint se motion sickness ka ilaj)

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पुदीना आपके पेट की मांसपेशियों को आराम देता है और इस तरह चक्कर आने और यात्रा के दौरान तबीयत के खराब लगने की स्थिति को भी समाप्त करता है।

1. सूखे पुदीने के पत्तों को गर्म पानी में मिलाकर खुद के लिए पुदीने की चाय बनाएं। इस मिश्रण को अच्छे से मिलाएं और इसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं। कहीं निकलने से पहले इस मिश्रण को पियें।

2. कहीं जाते समय पुदीने की कैंडी लेकर चलें या फिर अपने रूमाल पर थोड़ा पुदीना छिड़क लें और जब भी आपको चक्कर आए या उलटी या मतली महसूस हो, तुरंत रूमाल को सूंघ लें।

सफर में जी मिचले तो नींबू लें (Lemon)

एक और असरदार औषधि है नींबू। घरेलू नुस्खे आयुर्वेद, नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड उलटी और चक्कर आने की प्रक्रिया को रोकता है। कुछ लोग मानते हैं कि नींबू को सूंघना इस समस्या का सबसे अच्छा इलाज है।

एक छोटे कप में गर्म पानी लें और उसमें 1 नींबू का रस तथा थोड़ा सा नमक मिलाएं। इसे अच्छे से मिलाकर पियें या फिर नींबू के रस को गर्म पानी में मिलाकर तथा शहद डालकर पियें। यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियों को दूर करने का यह एक कारगर इलाज है।

हरा सेब (Green apple se motion sickness ka upchar)

हरा सेब पेक्टिन का काफी अच्छा स्त्रोत होता है जो पेट के एसिड को नियंत्रित करके यात्रा के समय होने वाली पीड़ा से बचाता है। एक हरे सेब को पीसें उर उसका रस निकालें। अब इसमें आधा नींबू तथा थोड़ा सा काला नमक डालें। सारे पदार्थों को अच्छे से मिलाएं और चक्कर आने तथा अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए इस मिश्रण को पियें। सेब में मौजूद प्राकृतिक चीनी आपके पेट को सुकून देने में बड़ी भूमिका निभाती है।

मोशन सिकनेस से छुटकारा क्रैकर्स से (Crackers)

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क्रैकर्स आसानी से हज़म होने वाली एक प्रकार की नमकीन होती है, जिसका सेवन करके पेट की किसी भी गड़बड़ी से निजात पायी जा सकती है। आप नमकीन या स्वादिष्ट क्रैकर्स का चयन कर सकते हैं. पर अगर आप मोशन सिकनेस दूर करने के उद्देश्य से क्रैकर का सेवन करना चाहते हैं, तो मीठे क्रैकर्स का चुनाव बिलकुल ना करें। नमकीन क्रैकर्स इस स्थिति में आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प साबित होते हैं, क्योंकि ये आपके शरीर से अतिरिक्त एसिड सोखने में काफी सहायता करते हैं। इनका सेवन करने से मतली और उलटी के लक्षणों से आपको राहत मिलेगी। सूखे क्रैकर्स का सेवन करें। इन्हें अदरक के रस की तरह साफ़ एवं कार्बोनेटेड (carbonated) सोडा से धोकर खाने का प्रयास करें। खाली पेट में हर दो घंटे के बाद इसका सेवन करने का प्रयास करें। इससे आपके बीमार होने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

काला होरहाउंड (Black horehound)

काला होरहाउंड मोशन सिकनेस को दूर करने के क्षेत्र में काफी ज़्यादा प्रभावी साबित होता है। ये अपने परिवर्तनशील (volatile) तेलों की मदद से आपकी नसों को काबू में लेकर आता है। दो कप पानी में एक चम्मच काला होरहाउंड, एक चम्मच कैमोमाइल (chamomile) तथा दो चम्मच किसी हुई अदरक का मिश्रण करें। इस मिश्रण को तब तक उबालते रहें, जब तक पानी की मात्रा कम होकर आधी ना हो जाए। अब इस मिश्रण को छान लें तथा इसके ठंडा होने की प्रतीक्षा करें। इस चाय को इसकी गर्म अवस्था में ही पीने का प्रयास करें। इसका सेवन अपनी यात्रा पर निकलने से आधे घंटे पहले करें। अगर आपको यात्रा के दौरान भी मतली का अनुभव हो रहा हो, तो आप इसका सेवन यात्रा के समय भी कर सकते हैं।

जैतून (Olives hai safar mein ulti hona ke liye)

जैतून की सहायता से आपके मुंह के अन्दर बन रही अतिरिक्त थूक (saliva) के उत्पादन में काफी कमी आती है। इसके सेवन से आपको मतली या उलटी की समस्या होने की संभावना काफी कम हो जाती है। जैतून में टैनिंस (tannins) होता है, जो प्राकृतिक रूप से आपके मुंह की थूक के उत्पादन को घटाने में मदद करता है। इसके लिए सिर्फ अपनी यात्रा पर निकलने से पहले जैतून के कुछ अंशों का सेवन कर लें। अगर आपकी तबियत यात्रा के दौरान खराब होने लगी तो कुछ मिनट के अंतराल पर एक जैतून का सेवन तब तक करें, जब तक कि मतली और उलटी के लक्षण समाप्त ना हो जाएं।