Home remedies for Spider Vein – घरेलू विधि से स्पाइडर नसों या मकड़ी नसों का उपचार

स्पाइडर नसे फैली हुई नसों का एक ऐसा समूह है जो त्वचा की सतह पर पेड़ की शाखाओं जैसी फैली हुई है। चेहरे, गर्दन, हाथ की ऊपरी सतह और जांघों की त्वचा पर लाल या नीले रंग में वे पहचाने जा सकते है। ये नसें त्वचा पर बिना कोई लक्षण छोड़े आती और जाती दिखाई पड़ती है।

स्पाइडर नसें 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों में प्राय: पायी जाती है।  स्पाइडर नसों / मकड़ी नस में वैरोकॉस नसे ज्यादा खतरनाक होती है। वे गम्भीर समस्यायें खड़ी कर सकती है और संचार की समस्या को बढ़ाती है।

मकड़ी नसों / स्पाइडर नसों के कारण (Causes of spider veins)

वैरीकॉस नसों और स्पाइडर नसों के कारणों का पता नहीं है लेकिन यह परिवारों में पाया जाता है। महिलाओं में यह समस्या पुरूषों की तुलना में अधिक पायी जाती है। महिलाओं में ऑस्ट्रोजेन स्तर में परिवर्तन वैरिकॉस और स्पाइडर नसों के विकास में भूमिका अदा करता है। उम्र भी एक अन्य कारक है।

वैरीकॉस और स्पाइडर नसों / मकड़ी नस के लक्षण (Symptoms of varicose veins and spider veins)

प्राय: ये असामान्य नसें कोई लक्षण नहीं छोड़ती लेकिन पैरों में मरोड़, सूजन, स्पंदन और असहजता कोई अनुभव कर सकता है। कुछ मामलों में दर्द, त्वचा के फोड़े या रक्त में थक्का जमना हो सकता है। नसों के उभर आने से त्वचा की सतह पर भूरा रंग आ जाता है।

घरेलू उपाय (Home remedies for makadi nas ka ilaj)

पैर दर्द और पैर में ऐंठन का प्राकृतिक घरेलू उपाय

जैसा कि बताया गया स्पाइडर नसें हानि रहित होती हैं, कुछ स्वयं से देखभाल वैरिकॉस नसों के द्वारा होने वाली असहजता को कम करने में मदद कर सकती है और वैरीकॉस नसों के विकास से बचाव और धीमा कर सकती है।

  • स्पाइडर नस – व्यायाम : टहलना पैरो में रक्त संचार को बढ़ाने का बेहतरीन तरीका है। लम्बे समय तक बैठने और खड़ें होने से बचें।
  • वज़न और आहार : अतिरिक्त वज़न को हटाने के द्वारा वज़न पर नियंत्रण रखें। यह नमक की कम मात्रा के उपयोग द्वारा किया जाता है। कम वज़न पैरों की नसों पर दबाव को कम कारते हैं और कम नमक पानी रूकने की वजह से उठने वाली सूजन को कम कर देता है।
  • पहनावा : ऊंची एड़ी की अपेक्षा कम ऊंची एड़ी वाले जूतो/चप्पलो को चुनें। कमर, पैरों और उसके आस पास कसे कपड़ों को पहनना खून के बहाव को कम कर देता है और नसों के सूजन को बढ़ाता है।
  • अपने पैरो को उठाना : दिन में थोड़ी थोड़ी देर पर विश्राम करना पैरो में रक्तसंचार को बढ़ायेगा। पैरों को हृदय की ऊंचाई तक उठाकर भी बढ़ाया जा सकता है।
  • लम्बे समय तक खड़े होने और बैठने से बचें : 30 मिनट से अधिक देर तक एक स्थिति में न बैठें। स्थिति में बदलाव रक्तसंचार को बढ़ाता है।
  • स्पाइडर नस – पालथी मारकर बैठना : ऐसा विश्वास किया जाता है कि पालथी मारकर बैठना रक्तसंचरण को बढ़ाता है। और आपको इससे बचना चहिये।
  • पैरो के व्यायाम : पैरो का व्यायाम या चलना रक्त संचरण को बढ़ाता है और स्पाइडर नसों से छुटकारा दिलाताहै।
  • एंटीऑक्सीडेंट आहार : एंटीऑक्सीडेंट आहार आपकी नसों को मजबूत और स्वस्थ रखता है।।
  • सेब रस का सिरका : स्पाइडर नसों पर सेब रस सिरका से भिगा कपड़ा या मालिश करना इन स्पाइडर नसों को कम करेगा।
  • मसाले : मसाले जैसे लहसुन, अदरख और लाल मिर्च का आहार में उपभोग फाइब्रिन को तोड़ देगा जो स्पाइडर नसों में गांठ की तरह होते हैं।
  • स्पाइडर नस – एल्कोहल : एल्कोहल नसों के फैलाव का कारण है जो नियमित हो सकता है और स्पाइडर नसों को प्रोत्साहन देता है।
  • विटामिन सी : यह संतरे और अन्य सिट्रस फलों में पाया जाता है और स्पाइडर नसों के उपचार में महत्तवपूर्ण भूमिका अदा करता है। विटामिन सी एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है जो कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। यह रक्त वाहिनियों को मजबूत करने में सहायता करता है और रक्त परिसंचरण को बढ़ाने का प्रोत्साहन देता है।
  • अरंडी तेल : इसमें सूजन विरोधी और उत्तेजक का गुण पाया जाता है प्रभावित क्षेत्र में गर्म अरंडी तेल से मालिश आपके रक्त परिसंचरण और रक्त के बहाव को बढ़ाता है। यह नसों में रक्त के थक्कों को बनने से रोकता है और सूजन को कम करता है।
  • अमरूद : अम्रूद विटामिन सी से भरपूर है जो खून की नसों को मजबूत करने के लिये आवश्यक है। अमरूद में विटामिन के की अधिक मात्रा कोशिकाओं में खून के बहाव को प्रोत्साहित करता है और रंगहीनता को बचाता है जो स्पाइडर नसों को बढ़ा सकता है।