Home remedies for chafing – How to treat chafing? – चैफिंग के घरेलू नुस्खे – चैफिंग का इलाज कैसे करें?

चैफिंग त्वचा का चोटिल भाग होता है जो त्वचा के खुद से या अपने पहने गए कपड़ों से रगड़ खाने की स्थिति में काफी प्रभावित होता है। यह उन लोगों में काफी देखा जाता है जो नियमित रूप से व्यायाम करते हैं एवं जिनका वज़न सामान्य से काफी अधिक है। चैफिंग घर्षण की वजह से उत्पन्न होता है जिसके फलस्वरूप सूजन, जलन, लालपन एवं दर्द भरे दाग शरीर पर आ जाते हैं। चैफिंग से प्रभावित होने वाले अंगों में जांघें, कंधे, कांख, निप्पल (nipples) एवं श्रोणि का भाग शामिल होता है। पसीने की वजह से प्रभावित भाग लालपन से काफी नर्म एवं नमीयुक्त हो जाता है। त्वचा के घर्षण से छोटी फुंसियाँ भी शरीर पर आ जाती हैं एवं त्वचा पपड़ीयुक्त होकर फटने लगती है।

आपको आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए एवं प्रभावित भागों को हवादार रखना चाहिए। प्रभावित भाग को सही प्रक्रिया से साफ़ एवं इसका सही समय पर इलाज करना चाहिए जिससे कि यह समस्या बढ़ने ना पाए। चैफिंग से बचने के लिए आपको अपने शरीर में पानी की कमी कभी नहीं होने देनी चाहिए।

वैसे तो बाज़ार में इस समस्या के उपचार के लिए चैफिंगरोधी बाम उपलब्ध हैं, परन्तु नीचे हम कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में बताएंगे जो प्रभावी रूप से चैफिंग का इलाज करते हैं।

आइस पैक्स (Ice packs)

गर्मियों में तैलीय त्वचा की देखभाल के नुस्खे

जलन एवं सूजन को कम करने में बर्फ के पैक्स काफी काम आते हैं। प्रभावी परिणामों के लिए प्रभावित भाग पर दिन में दो बार आइस पैक्स का प्रयोग करें।

गुलाबजल (Rose water)

गुलाबजल जलनयुक्त भाग को ठंडक एवं राहत प्रदान करता है। रोजाना अपनी खुरदुरी त्वचा पर गुलाबजल लगाएं। इसे लाने किसी भी प्रकार की फुंसी या पीड़ा भी कम हो जाएगी।

एलो वेरा जेल (Aloe vera gel)

एलो वेरा प्राकृतिक रूप से ठंडक प्रदान करता है एवं त्वचा की सभी प्रकार की बीमारियों या समस्याओं का इलाज करने में काफी फायदेमंद साबित होता है। अच्छे परिणामों के लिए रोज़ाना एलो वेरा जेल का प्रयोग प्रभावित भाग पर करें एवं इसे सूखने के लिए छोड़ दें। इससे सूजन एवं दर्दनाक फोड़ों में कमी आएगी।

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हल्दी (Turmeric)

हल्दी स्वभाव से जलनरोधी, जीवाणुरोधी एवं एंटी फंगल (anti-fungal) होती है। प्रभावित भाग को रोज़ाना हल्दी के पानी से धोएं.हल्दी के लेप को प्रभावित भाग पर लगाएं एवं सूखने के लिए छोड़ दें।इससे आपके शरीर के सूजे हुए भागों का इलाज जल्दी होगा। यहदी प्रभावित भाग में अधिक सूजन है तो इसपर हल्दी के पोल्टिस (poultice) का प्रयोग किया जा सकता है।

चन्दन (Sandalwood)

चन्दन प्राकृतिक रूप से ठंडक प्रदान करता है एवं प्रभावित भाग को भी राहत प्रदान करने का काम करता है। बेहतर परिणामों के लिए चन्दन के लेप का प्रयोग प्रभावित भाग पर करें। आप सूजे हुए स्थान पर चन्दन के तेल का भी प्रयोग कर सकते हैं।

मुल्तानी मिट्टी (Multani mitti)

मुल्तानी मिट्टी किसी भी प्रकार की जलन एवं सूजन का इलाज करने हेतु प्राकृतिक रूप से ठंडक प्रदान करने वाला उत्पाद है। खुरदुरी त्वचा को मुलायम बनाने के लिए प्रभावित भाग पर मुल्तानी मिट्टी के लेप का प्रयोग करें जिससे कि दर्द एवं सूजन में कमी आएगी।

ग्लिसरीन (Glycerin)

त्वचा की रंजकता को कम करने वाले आहार, त्वचा के दाग धब्बे हटाने का घरेलू उपाय

ग्लिसरीन भी ठंडक प्रदान करता है एवं बेहतर तरीके से सूजी हुई खुरदुरी त्वचा का इलाज करता है। यह पपड़ीयुक्त त्वचा को नमीयुक्त रखता है तथा फुंसियों एवं लालपन को दूर करता है।

विटामिन इ जेल (Vitamin E gel)

विटामिन इ जेल प्राकृतिक रूप से खुरदुरी त्वचा की मरम्मत करता है। यह दर्दनाक फोड़ों को काफी जल्दी एवं प्रभावी रूप से दूर करता है।

नीम (Neem)

नीम के कुछ पत्तों को एक कप पानी में उबाल लें और इसे ठंडा होने दें। अपनी खुरदुरी त्वचा को इस पानी से रोज़ धोएं। नीम की पत्तियों का लेप भी प्रभावित भाग पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ देने से काफी फायदा होता है।

बेकिंग सोडा (Baking soda Take)

थोड़ा सा बेकिंग सोडा लें एवं इसे पानी के साथ मिश्रित कर लें। खुरदुरी त्वचा के त्वरित इलाज के लिए इस लेप का प्रयोग प्रभावित भाग पर करें।

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