How to treat cystic acne? – सिस्टिक एक्ने का इलाज कैसे करें?

किशोरों एवं वयस्कों में सिस्टिक एक्ने काफी आम प्रकार की समस्या है। जहां सिस्टिक एक्ने सामान्य एक्ने जैसी ही परिस्थितियों एवं कारणों से होता है, पर इसके लक्षण अलग होते हैं। जहां सामान्य एक्ने के लक्षणों में मुहांसे, त्वचा का लालपन एवं जलन शामिल है, वहीं सिस्टिक एक्ने के लक्षणों में बड़े एवं नर्म मुहांसे तथा त्वचा का लालपन मुख्य होता है। इन मुहांसों के होने का कारण तेल अथवा सूखी मृत त्वचा द्वारा त्वचा के रोमछिद्रों का बंद हो जाना है। ये मुहांसे आमतौर पर बड़े, दर्दनाक एवं पस से भरपूर होते हैं। ये मुहांसे एक के बाद एक हो सकते हैं और कई सालों तक रह सकते हैं। इनके होने का प्रमुख कारण बैक्टीरिया (bacteria) है। सिस्टिक एक्ने किसी प्रकार की हार्मोनल (hormonal) असमानता के कारण भी हो सकता है। जलन से त्वचा चकत्तेदार, लाल एवं खुरदुरी हो सकती है।

हालांकि सिस्टिक एक्ने का इलाज करना काफी मुश्किल है एवं त्वचा रोग विशेषज्ञों की सहायता आवश्यक है, हम प्रभावी उपचार के लिए कुछ घरेलू नुस्खों का प्रयोग कर सकते हैं:

चन्दन (Sandalwood)

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चन्दन स्वभाव से जलनरोधी होता है एवं यह सिस्टिक एक्ने पर ठंडा प्रभाव छोड़ता है। चन्दन के लेप का प्रयोग बेहतर परिणामों के लिए प्रभावित भाग पर करें। चन्दन को नींबू के रस के साथ भी मिश्रित किया जा सकता है एवं प्रभावित भाग पर लगाया जा सकता है। आप सिस्टिक एक्ने के इलाज के लिए चन्दन के तेल का भी प्रयोग कर सकते हैं।

मुल्तानी मिट्टी (Multani mitti)

मुल्तानी मिट्टी स्वभाव से जलनरोधी एवं ठंडी होती है। प्रभावित भाग पर इस लेप का प्रयोग करके इस समस्या का निवारण करें।

एलो वेरा जेल (Aloe vera gel)

एलो वेरा जेल स्वभाव से जलनरोधी होता है एवं सिस्टिक एक्ने का इलाज करने में सक्षम होता है, जिसका इलाज करना वैसे काफी मुश्किल होता है। प्रभावित भाग पर जेल का प्रयोग करें एवं प्रभावी परिणामों के लिए इसे छोड़ दें।

लौंग (Cloves)

लौंग सिस्टिक एक्ने के उपचार क काफी बेहतरीन तरीका है। लौंग के लेप का प्रयोग सिस्टिक एक्ने से प्रभावित भाग पर लगाएं एवं धोने से पहले कुछ देर तक छोड़ दें। इस तरीके का नियमित प्रयोग करने से मुहांसों का आकार एवं लालपन कम होगा। लौंग के तेल का प्रयोग प्रभावी परिणामों के लिए प्रभावित भाग पर किया जा सकता है।

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बेकिंग सोडा (Baking soda)

थोड़े से पानी में बेकिंग सोडा मिश्रित करें एवं इसका प्रयोग प्रभावित भाग पर करें। यह चेहरे के मुहांसों को कम करता है एवं पस भी दूर करता है।

तुलसी की पत्तियां (Tulsi leaves)

तुलसी की पत्तियों को एक कप पानी में उबालें और इसे ठंडा होने दें। रोजाना इस पानी से अपने चेहरे को धोएं। तुलसी की पत्तियों को प्रभावित भाग पर भी लगाया जा सकता है।

जायफल (Nutmeg)

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जायफल पाउडर को पानी में मिश्रित करें एवं प्रभावित भाग पर लगाएं। इससे त्वचा की जलन कम करने में सहायता मिलेगी।

नीम की पत्तियां (Neem leaves)

एक कप पानी में थोड़ी सी नीम की पत्तियाँ उबालें। इसे ठंडा होने दें एवं प्रभावित भाग को रोजाना इस पानी से धोएं। नीम के पत्तों का लेप भी बेहतर परिणामों के लिए प्रभावित भाग पर लगाया जा सकता है। नीम स्वभाव से एंटी बैक्टीरियल एवं एंटी फंगल (anti-bacterial and anti-fungal) होता है एवं काफी प्रभावी रूप से सिस्टिक एक्ने का इलाज करता है।

पटसन के बीज (Flax seeds)

पटसन के बीज का सेवन पानी के साथ करके सिस्टिक एक्ने को काबू में रखा जा सकता है। सिस्टिक एक्ने से पस निकालने के लिए पटसन के बीज के पाउडर का पोल्टिस (poultice) बनाएं एवं बेहतर परिणामों के लिए इसका प्रयोग प्रभावित भागों पर करें।

कॉड लीवर तेल (Cod liver oil)

रोज़ाना कॉड लीवर टेबलेट्स (tablets) का रोज़ाना सेवन करके आप सिस्टिक एक्ने को काबू में कर सकते हैं।

अदरक का सूखा पाउडर (Dry ginger powder)

अदरक का सूखा पाउडर स्वभाव से जलनरोधी होता है। थोड़ा सा सूखे अदरक का पाउडर लें एवं इसे थोड़े से पानी के साथ मिश्रित करें। इस लेप का प्रयोग प्रभावी भाग पर करके सिस्टिक एक्ने का काफी अच्छे से इलाज किया जा सकता है।

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