Home remedies for dry socket – How to treat dry socket? – ड्राई सॉकेट के लिए घरेलू नुस्खे – ड्राई सॉकेट का इलाज कैसे करें?

ड्राई सॉकेट एक ऐसी स्थिति है जिसमें दांत निकालने के बाद मांस का ढेर पैदा हो जाता है। खून का थक्का जमना ड्राई सॉकेट का मुख्य कारण है।  इससे खाली स्थान कड़ा हो जाता है एवं इसमें दर्द भी होता है। यदि अधिक उम्र में दांत निकाला जाए तो यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। प्रभावित भाग रबर की तरह हो जाता है एवं कड़ा भोजन करने से यह और भी अधिक प्रभावित होता है।

नीचे कुछ घरेलू नुस्खे दिए जा रहे हैं जिनका प्रयोग ड्राई सॉकेट के इलाज के लिए किया जा सकता है:

गर्म पानी (Warm water)

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हल्का गुनगुना पानी लें एवं इससे कुछ देर तक गरारा करें। इससे कड़ी मांसपेशियां नर्म हो जाएंगी एवं दर्द भी कम होगा।

ग्लिसरीन (Glycerin)

ग्लिसरीन ड्राई सॉकेट का इलाज करने के लिए एक बेहतरीन उत्पाद है। अपनी चिकनाई युक्त प्रकृति के कारण यह प्रभावी रूप से ड्राई सॉकेट की समस्या का समाधान कर सकता है। ग्लिसरीन एक जलनरोधी माध्यम भी है। थोड़ा सा ग्लिसरीन लें एवं बेहतर परिणामों के लिए इससे कुछ मिनटों तक अपने मसूड़ों की मालिश करें। दिन में दो बार ऐसा करना और भी अधिक फायदेमंद होगा एवं इससे आपके ड्राई सॉकेट का काफी जल्दी इलाज हो जाएगा।

गुलाबजल (Rosewater)

गुलाबजल ठंडक प्रदान करने में काफी प्रभावी होता है एवं ड्राई सॉकेट का इलाज करने के लिए काफी फायदेमंद होता है।  प्रभावित स्थान पर रोजाना गुलाबजल से मालिश करने पर कड़ी मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं एवं ड्राई सॉकेट का इलाज प्रभावी रूप से होता है। गुलाबजल से गरारा करना भी प्रभावी साबित होता है।

जैतून का तेल (Olive oil)

जैतून का तेल विटामिन इ (vitamin E) से भरपूर होता है एवं त्वचा की किसी भी समस्या का आसानी से इलाज कर सकता है। जो लोग ड्राई सॉकेट की समस्या से ग्रस्त हैं, उन्हें प्रभावित भाग की मालिश जैतून के तेल से करने पर काफी लाभ होगा। बेहतर परिणामों के लिए इसे दिन में दो से तीन बार दोहराएं। आप जैतून के तेल में नमक मिश्रित करके भी इसे अपने मसूड़ों पर लगा सकते हैं।

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लौंग का तेल (Clove oil)

लौंग का तेल एक जलनरोधी माध्यम है एवं एक बेहतरीन एंटीसेप्टिक (anti-septic) भी है।  लौंग दांतों की किसी भी समस्या का इलाज करने में काफी फायदेमंद साबित होता है। रोज़ाना एक लौंग का सेवन करना स्वास्थ्य के लिहाज से काफी उपयोगी है।  ड्राई सॉकेट का इलाज लौंग के तेल से किया जा सकता है, जिसकी मालिश आप प्रभावित भाग पर कर सकते हैं।

हल्दी (Turmeric)

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हल्दी स्वभाव से जलनरोधी होती है एवं दांतों तथा त्वचा की समस्याओं का इलाज करने में काफी फायदेमंद है।  यह एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक भी है।  हल्दी को गुनगुने पानी के साथ मिश्रित करके बेहतर परिणामों के लिए इससे गरारा भी किया जा सकता है।  आप हल्दी के पाउडर को गर्म करके प्रभावित भाग पर भी लगा सकते हैं।

कैस्टर ऑइल (Castor oil)

कैस्टर ऑइल विटामिन्स (vitamins) से भरपूर होता है एवं दांतों की समस्याओं को ठीक करने का एक प्राकृतिक उत्पाद माना जाता है।  कैस्टर ऑइल को गर्म करके आप प्रभावित भाग पर इससे मालिश भी कर सकते हैं। बेहतर परिणामों के लिए दिन में दो बार इस तेल से अपने मसूड़ों की मालिश करें।

बादाम का तेल (Almond oil)

बादाम का तेल विटामिन इ से भरपूर होता है एवं इससे आपके ड्राई सॉकेट का काफी आसानी से इलाज हो सकता है।  प्रभावित भाग पर बादाम के तेल से मालिश करें।  बेहतर परिणामों के लिए यह नुस्खा दिन में कई बार प्रयोग में लाएं।

सरसों का तेल (Mustard oil)

सरसों का तेल एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है।  आप इसे थोड़े से नमक के साथ मिश्रित करके अपने मसूड़ों पर इसकी मालिश कर सकते हैं।  सरसों के तेल को गर्म करके थोड़े से हल्दी पाउडर के साथ भी मिश्रित किया जा सकता है। इस लेप का प्रयोग प्रभावित भाग पर मालिश करने के लिए भी किया जा सकता है। ऐसा करके कुछ देर के लिए इसे छोड़ दें।  इसके बाद इसे आसानी से धो लें।  यह नुस्खा काफी जल्दी ड्राई सॉकेट की समस्या का इलाज करता है एवं संक्रमणों को दूर रखता है।

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