How to treat rheumatoid arthritis – रुमेटाइड आर्थराइटिस के घरेलू उपाय

रुमेटाइड आर्थराइटिस का इलाज करने के पहले यह जानना ज़रूरी हैं कि वास्तव में यह क्या है? रुमेटाइड आर्थराइटिस जोड़ों में होने वाली सूजन होती है जो मुख्यतः हाथ और पैरों को प्रभावित करती है. इसमें सूजन के साथ अत्यधिक दर्द भी  होता है. यह रोग अधिकांश रूप से महिलाओं में देखा जा सकता है और हमारी जीवन शैली का इस पर ख़ास प्रभाव पड़ता है.

यह रोग हड्डी के जोड़ों को सुजाकर उसे अकड़नयुक्त बना देता है. यह शरीर के छोटे छोटे जोड़ों जैस कलाई, एड़ी और कोहनी तक को प्रभावित कर देता है. इस रोग का कोई भी स्थाई इलाज नहीं है लेकिन कुछ घरेलू उपायों द्वारा रुमेटाइड आर्थराइटिस के दर्द को कम किया जा सकता है.

रुमेटाइड आर्थराइटिस के रोग को अक्सर एक बड़ी उम्र के बाद देखा जाता है लेकिन फिर भी कई बार यह युवावस्था में भी प्रभावित कर देता है. इसकी जांच और शुरूआती समय में उपचार से जोड़ों में होने वाली क्षति से बचा जा सकता है. अगर इसका सही समय पर उपचार न किया जाये और इसके प्रति लापरवाह रवैया रखा जाये तो रोगी को एक समय के बाद चलने फिरने में भी परेशानी होने लगती है और सैट ही हाथ से किसी वस्तु को पकड़ने की क्षमता तक चली जाती है.

रुमेटाइड आर्थराइटिस मरीज को कई तरह कि दिक्कतें देता है, जिअसे सुबह उठने के बाद आधे से एक घंटे तक जोड़ों में अकड़न बनी रहती है. ऐसे लोगों में आँखों की बिमारी के साथ हार्ट के रोग और स्ट्रोक आदि की भी संभावना बनी रहती है.

रुमेटाइड आर्थराइटिस में टमाटर, पत्तागोभी, भिन्डी, उड़द और मसूर दाल आदि खाना मना होता है.

रुमेटाइड आर्थराइटिस के घरेलू इलाज हिंदी में (Home remedies for rheumatoid arthritis)

नियमित व्यायाम (Regular exercise)

रुमेटाइड आर्थराइटिस में सूजन और अकड़न को दूर करने के लिए नियमित रूप से की जाने वाली एक्सरसाइज बहुत फायदेमंद होती है. इस अवस्था में अगर आपका वजन बढ़ जाये तो यह और भी खतरनाक होता है, इसीलिए हलके चलने फिरने जैसे व्यायाम नियमित रूप से करना चाहिए.

पानी (Water)

रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना बहुत ज़रूरी है. सूजन को कम करने के लिए शरीर में पानी की उचित मात्रा होनी चाहिए. यह दर्द को कम करने में भी मददगार होता है.

नमक की सेंक (Salt compress)

रुमेटाइड आर्थराइटिस के दर्द में नमक की सेंक को भी प्रभावी पाया गया है. नमक को एक सूती कपडे में बाँध कर तवे में गर्म कर लें. इस नमक की पोटली को दर्द वाले स्थान पर रखकर सेंक लें. इससे दर्द में राहत मिलती है.

बथुआ (Chenopodium album)

बथुआ एक हरी पत्तेदार सब्जी है जिसका प्रयोग खाने में किया जाता है, इसमें दर्द और सूजन नाशक गुण होते हैं. चपाती या रोटी के आटे में बथुआ की साग को गूँथ कर इसका रोजाना सेवन किया जा सकता है. इसके साथ बथुआ का जूस भी बना सकते हैं. या सामान्य रूप से सब्जी की तरह इसे खाया जा सकता है.

मेथी (Fenugreek seeds and leaves)

मेथी बहुत ही गुणकारी मसाला है जिसके दानें और हरी पत्तियां दोनों ही इस्तेमाल की जा सकती है. जितना हो सके मेथी के दानों और पत्तों का प्रयोग खाने में करें. अगर आपके पास मेथी की पत्तियां मौजूद नहीं हैं तो इसके दानों को पानी में भिगोकर पानी पी लें.

दूध (Milk)

दूध और दूध से बने उत्पाद कैल्शियम से भरपूर होते हैं. हड्डियों के लिए कैल्शियम की सही मात्रा का शरीर में होना भी ज़रूरी है. नियमित रूप से बिना चीनी से दूध का सेवन करें.

कॉड लीवर ऑइल (Cod liver oil)

कॉड लीवर ऑइल दर्दनाशक होता है और कई रोगों के उपचार में इसका प्रयोग किया जाता है.

अखरोट (Walnut)

रुमेटाइड आर्थराइटिस के रोगियों को नियमित रूप से सुबह खाली पेट में कुते हुए अखरोट का सेवन करना चाहिए. यह कई तरह के पोषक तत्वों का मिला जुला रूप होता है जो शरीर को कई फायदे प्रदान करता है.

बादाम (Almond)

8 से 10 बादाम को रात भर के लिए पानी में भिगो दें. सुबह खली पेट में इन भीगे हुए बादामों का सेवन करने से रुमेटाइड आर्थराइटिस के अलावा भी कई तरह के रोगों में लाभ मिलता है.

नारियल (Grounded dry coconut)

नारियल को कद्दूकस कर लें और सका सेवन दूध या मीठे के साथ करें, यह जोड़ों के दर्द और सूजन आदि में फायदेमंद होता है.

हल्दी (Turmeric)

हल्दी एक औषधिय मसाला है जिसमें दर्दनाशक गुण होता है. दर्द को कम करने के लिए हल्दी का प्रयोग कई तरह से किया जाता है, आप इसे दूध या चाय के साथ पी सकते हैं.

लहसुन (Garlic)

जोड़ों में सूजन और अकड़न को दूर करने के लिए लहसुन का प्रयोग एक बहुत ही साधारण और सस्ता इलाज है. रुमेटाइड आर्थराइटिस में होने वाली सूजन को कम करने के लिए कच्चे लहसुन की कलियों को पानी से निगल लें.

अदरक (Ginger)

अदरक रोज के खाने का एक प्रमुख हिस्सा है. अदरक की चाय या अदरक के रस को शहद के साथ खाना बहुत फायदेमंद माना गया है.

बेसन (Gram flour)

चने की दाल का आटा जिसे बेसन कहते है, इसका प्रयोग रुमेटाइड आर्थराइटिस के दर्द में राहत के लिए किया जाना फायदेमंद है. अगर आप रोज के खाने में आटे कि जगह बेसन का प्रयोग करते हैं तो इसके लाभ आपको आसानी से मिल सकते हैं.

ग्रीन टी (Green tea)

ग्रीन टी कई रोगों की एक प्रमुख दवा है जो आसान और घरेलू है. ग्रीन टी में सूजन को कम करने की क्षमता के साथ दर्द कम करने का भी गुण पाया जाता है. यह तनाव को भी कम करता है.

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