Skin hives tips in Hindi – पित्ती रोग – त्वचा पित्ती के इलाज के लिए प्राकृतिक उपचार

एलर्जी की प्रतिक्रिया के कारण त्वचा पर लाल रंग के समान गांठों का बन जाना ही पित्ती कहलाता है। वे खुजलाहट वाले और अधिकांश मामलों में छोटे से लेकर बड़े तक किसी भी आकार में हो सकते है। इन त्वचा पित्ती, पित्ती रोग (pitti rog) का कारण एक प्रकार का रसायन हिस्टामिन उत्तरदायी है। हिस्टामिन कोशिकाओं द्वारा छोड़ा जाता है और यह रसायन रक्त वाहिकाओं द्वारा गहरी त्वचा की परतों से तरल पदार्थ छोड़ने का कारण हो सकता है।

लोगों की ज़िंदगी में त्वचा पित्ती का प्रभाव हो सकता है। पित्ती उछलना, त्वचा पित्ती के कारणों से जुड़े कारणों के कुछ कारण हैं: चिकित्सा, तनाव, वायरल संक्रमण, ठंड, सूर्य रोशनी, दबाव और ऊष्मा। अगर कोई चीज़ एलर्जिक समस्या का कारण बन सकती है। तो यह आसानी से त्वचा पित्ती का कारण बन सकता है जिसे धूल, धूल कण, पराग, रूसी, शंख और अन्य खाद्य।

एलर्जिक प्रतिक्रियों से आराम पाने के लिये और त्वचा पित्ती से बचने के लिये एंटीहिस्टामिन ले सकते हैं। नई दवाइयों का चुनें जो आपको उनिंदापन न होने दे। दवा को अपनी क्रिया करने दें और इस बीच कुछ घरेलू उपचार करें जो आपको अतिरिक्त लाभ देगा। यहां एक सूची है जो पित्तियों को बाधित करने और बचाने के कुछ कदमों को बता है।

पित्ती के उपाय – ठंडा सेक / ठंडा स्नान (Cold compress/cold bath)

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अगर आप ठंड के कारण ऐसी पित्ती के साथ पीड़ित हैं, तो यह दुर्लभ मामलों में होता है। पित्ती के उपाय, आप एक ठंडे स्नान या ठंडी सेक को करें जो रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ती है और रासायनिक हिस्टामिन का अतिरिक्त निर्वहन बंद हो जाता है। खुजली की समस्या से छुटकारा पाने के लिए, पानी के टब में दलिया का आधा कप डालें और अपने आप को एक त्वरित स्नान दे।

पित्ती उपचार – एस्ट्रिंजेंट (Astringents)

रक्त वाहिकाओं को क्षीण करने के लिए और हिस्टामिन के आगे निकलने से रोकने के लिए, एस्ट्रिंजेंट जैसे कैलामाइन लोशन और/या विच हज़ेल अच्छा कार्य करता है। आप पेप्टो-बिस्मोल या मैग्नीशिया के दूध को चुन सकते हैं जो प्रकृति में क्षार है बजाय कैलामाइन लोशन के उपयोग करने के।

पित्ती के उपचार – बेकिंग सोडा (Baking soda)

एक कटोरी में बेकिंग सोडा के दो चम्मच ले और इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी को मिलायें। इसे हिलाकर एक लेप तैयार कर लें। इस लेप को खुजली से आराम पाने के लिये और खीझ को रोकने के लिये पित्ती प्रभावित क्षेत्र पर लगायें।

पित्ती उपचार – सिरका (Vinegar)

सेब आसव के सिरका को एक चम्मच लें और समान मात्रा के गुनगुने गर्म पानी के साथ मिलायें। इस मिश्रण को त्वचा प्रभावित क्षेत्र पर क़्यू की नोंक के द्वारा लगा दें, यह खुजलाहट की अनुभूति को सम्भाल लेगा।

पित्ती का इलाज – भूरी चीनी और अदरक (Brown sugar and ginger)

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भूरी चीनी का 1/4 कप, अदरक का एक चम्मच और सिरका का 3/4 कप ले। पित्ती का इलाज, इन सब को एक साथ मिलायें और कुछ मिनट तक के लिए मिश्रण को उबालें। इस उबले हुये मिश्रण में गर्म पानी की थोड़ी मात्रा मिलायें और दिन भर में कई बार पित्तियों पर इसे थपथपायें।

पित्ती के उपाय – मछली का तेल (Fish oil)

1000 मिलीग्राम मछली के तेल का कैप्सूल दिन तीन बार लें। ये कैप्सू वसा अम्ल का स्रोत है जिसमें सूजन विरोधी गुण होता है। ठंडे पानी की मछलियों जैसे ब्लूफिश, सामन और अल्बाकोर टूना अच्छा खाद्य स्रोत है।

तनाव से राहत (Stress relief)

कई बार तनाव त्वचा पित्ती के लिये कारण हो सकता है इसलिये योग अभ्यास, ध्यान और विश्राम अभ्यास करना चाहिये।

तुलसी (Basil)

तुलसी ना सिर्फ किसी भी व्यंजन को स्वादिष्ट बनाती है, बल्कि एक प्राकृतिक एंटीहिस्टामिन (antihistamine) का काम भी करती है, जिसकी वजह से यह पित्ती रोग का सर्वोत्तम उपचार है। यह खुजली और जलन से भी काफी प्रभावी रूप से लड़ती है। इसकी मदद से त्वचा का एक बेहतरीन मास्क तैयार करने के लिए नीचे दिए गए कदमों का पालन करें : –

  • सबसे पहले एक पात्र में गर्म पानी लें और इसमें 1चम्मच सूखी तुलसी के पत्ते डालें। इसके bad इसे ठंडा होने दें।
  • अब तुलसी के इस मिश्रण को एक रुई के गोले की सहायता से अपनी त्वचा के प्रभावित भागों पर लगाएं।
  • आप इसके अलावा एक और नुस्खा भी आजमा सकते हैं। इसके लिए तुलसी की कुछ पत्तियां लेकर इन्हें मसल लें।
  • इसके बाद इनका प्रयोग प्रभावित भागों पर करें और गुनगुने पानी (lukewarm water) से धो लें।

पुदीना (Mint)

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पुदीना त्वचा को ठंडक देने के अपने गुणों की वजह से जाना जाता है। यह भी पित्ती दूर करने का काफी बढ़िया उपचार साबित होता है। पुदीना खुजली और पित्ती की मदद से हो रही दर्दनाक जलन को ठीक करने में भी काफी प्रभावी रूप से काम करता है। पुदीने में जलनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) के गुण होते हैं, जिसकी वजह से पुदीना एक अच्छा विकल्प है। इसके लिए नीचे दिए गए कदमों का पालन करें :-

  • एक कप उबलते पानी में 2चम्मच ताज़ा पिसी हुई पुदीने की पत्तियां डालें और इसे 5 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • इसके बाद इसे छान लें और फ्रिज (fridge) में कुछ घंटों तक ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • इस ठन्डे पुदीने युक्त मिश्रण को अपनी त्वचा के पित्ती से प्रभावित भागों पर लगाएं।
  • इसका प्रयोग दिन में कई बार करें।
  • दूसरे मिश्रण को बाहर लगाने की जगह इसका सेवन करें।
  • यह एक आसान मिश्रण है, जिसके अंतर्गत 1 कप पानी में 1 चम्मच पिसी हुई पुदीने की पत्तियों और 2 चम्मच चीनी को मिश्रित करके 5 मिनट तक उबाला जाता है।
  • इसके बाद इस मिश्रण को छान लें और इसे ठंडा होने दें।
  • इस मिश्रण का सेवन दिन में 2 बार करें।

हल्दी (Turmeric)

हल्दी एक ऐसा मसाला है जो हर घर में आसानी से उपलब्ध हो जाता है। यह ना सिर्फ आपके भोजन को स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि आपकी त्वचा को भी स्वस्थ रखता है और पित्ती रोग से बचाता है। इसका मुख्य गुण इसका जलनरोधी होना है, तथा यह शरीर के प्राकृतिक जलनरोधी कोर्टिकोस्टेरोइड्स (corticosteroids) को उत्तेजित करता है। हल्दी में एंटीहिस्टामिन (antihistamine) और एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो त्वचा में जलन पैदा करने वाले पदार्थों को दूर करते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए कदमों का पालन करें।

  • दिन में दो बार एक गिलास गर्म दूध या पानी पियें, जिसमें 1 चम्मच हल्दी पाउडर मिश्रित हो।
  • आप अपने खानपान में भी हल्दी की मात्रा सामान्य से ज़्यादा बढ़ा सकते हैं।

स्केल्प पर खुजली के लिए घरेलू उपचार

बिच्छु बूटी (Nettle)

बिच्छु बूटी एक घास का पौधा होता है जिसके पत्ते दांतेदार और बाल नुकीले होते हैं। पित्ती की समस्या दूर करने के लिए आयुर्वेदिक विशेषज्ञ इस जड़ीबूटी का प्रयोग करने की सलाह देते हैं। बिच्छु बूटी को प्राकृतिक एंटीहिस्टामिन माना जाता है और यह जलनरोधी तथा एस्ट्रिंजेंट (astringent) गुणों से युक्त होता है, जिसके प्रयोग से सूजन, जलन और खुजली दूर हो जाती है। सिर्फ इसके लिए कुछ आसान कदमों का पालन करें :-

  • एक चम्मच सूखी बिच्छु बूटी की पत्ती लें और इसे एक कप गर्म पानी में मिश्रित करें।
  • इसे 10 से 15 मिनट तक उबालें और फिर इसे छान लें।
  • इसमें थोड़ा सा शहद मिश्रित करें और इस चाय को दिन में 2 से 3 बार तब तक पीते रहें, जब तक आपको इस स्थिति से छुटकारा प्राप्त नहीं हो जाता।
  • इसके अलावा आप बिच्छु बूटी की 300 मिलीग्राम की कैप्सूल्स (capsules) का भी सेवन कर सकते हैं। इस कैप्सूल को लेने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

ओटमील (Oatmeal)

ओटमील त्वचा के बेहतरीन स्क्रबर (scrubber) के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इसका स्वरुप खुरदुरा होता है जिससे मृत कोशिकाओं को निकालने में मदद मिलती है। पर इसके अलावा ओटमील पित्ती की समस्या दूर करने में भी काफी कारगर साबित होता है। इसके जलनरोधी और आरामदायक गुणों की वजह से यह खुजली दूर करता है और आपकी त्वचा को स्वस्थ रखता है। इसके लिए आपको सिर्फ कुछ नियमों का पालन करना है :-

  • सबसे पहले एक कप बेकिंग सोडा (baking soda) और 2 कप पिसी हुई ओटमील मिश्रित करें।
  • अगले चरण में इस मिश्रण को गर्म पानी से भरे टब में मिलाएं।
  • इसे अच्छे से मिश्रित करें और इस पानी में 15 मिनट तक खुद को डुबोये रखें।
  • इस आरामदायक स्नान को दिन में 2 बार तब तक जारी रखें, जब तक आपके शरीर से पित्ती की समस्या दूर ना हो जाए।

हाथों की झुरियों को घरेलू उपचार से कैसे हटाए

  • वैकल्पिक तौर पर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं और इसका प्रयोग प्रभावित भागों पर करें।
  • एक पात्र में पर्याप्त मात्रा में पानी लें तथा इसमें 2 चम्मच कॉर्नस्टार्च (cornstarch) और 2 कप ओटमील का मिश्रण करके एक पेस्ट तैयार करें।
  • अब इस पेस्ट का प्रयोग अपनी त्वचा पर करें और इसे 15 से 20 मिनट तक सूखने दें। इसके बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें।
  • इस विधि का पालन रोज़ाना करें।

एलोवेरा (Aloe vera)

एलोवेरा पुदीने की तरह ही अपने ठंडक भरे गुणों के लिए जाना जाता है। यह सिर्फ प्राकृतिक रूप से पित्ती रोग से आपको छुटकारा दिलाता है। एलोवेरा में जलनरोधी और एंटी माइक्रोबियल (antimicrobial) गुण होते हैं, जो लालपन, जलन और खुजली को दूर करते हैं। यह आपकी प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है और इसका सेवन करने पर जलन पैदा करने वाले विषैले तत्वों से छुटकारा मिलता है।

  • सबसे पहले, ताज़ा एलो वेरा जेल अपने चेहरे के प्रभावित भागों पर लगाएं और इसे 15 मिनट तक छोड़ दें।
  • इसके बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें।
  • इस विधि का प्रयोग एक या दो हफ़्तों तक दिन में कई बार करें।
  • वैकल्पिक तौर पर, आप एलोवेरा का रस रोज़ाना पी सकते हैं।
  • एलोवेरा के रस का सेवन करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में काफी इज़ाफ़ा होता है ,
  • इस बात का ध्यान रखें कि यह उपाय बच्चों और स्तनपान करवाने वाली माओं के लिए नहीं है।
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