Home remedies for swimmer’s ear – How to treat swimmer’s ear – स्विमर्स इयर के उपचार के घरेलू नुस्खे

स्विमर्स इयर कान के बाहरी भाग की सूजन को कहते हैं जिसके साथ कान में काफी दर्द, सूजन एवं लालपन भी होता है। यह तब होता है जब कान को साफ करने के लिए इसमें कोई बाहरी चीज़ डाली जाती है। यह उन लोगों को भी होता है जिन्हें सर्दी खांसी, कान में पानी तथा कीड़े जाने की समस्या, कान के मैल का काफी जम जाना या कान में किसी प्रकार का दाना या फोड़ा  जैसी परेशानियां होती हैं।कुछ मरीज़ों में म्यूकस (mucus) जैसा पदार्थ पैदा होता है जो कानों से बाहर निकलता है। स्विमर्स इयर मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है।

स्विमर्स इयर के उपचार के घरेलू नुस्खे (Home remedies to treat swimmer’s ear)

नीम का तेल (Neem oil)

तैराकी के बाद कानों को साफ़ कैसे करें

यदि कान का दर्द काफी तेज़ हो तो नीम का तेल काफी फायदेमंद साबित होता है। नीम की पत्तियों को सरसों के तेल में उबालें।  नीम के इस तेल की दो बूँदें संक्रमित कान में डाल लें। नीम का तेल मरीज़ को कान में सूजन एवं दर्द से राहत प्रदान करता है। नीम के पानी से कानों के भाग को धोना एक अच्छा विकल्प है।

प्याज (Onion)

गैस स्टोव पर प्याज भून लें।  अब इसे मसलकर तथा इसके रस को निकालकर कान के भाग पर प्रयोग करें। इस तेल की दो बूँदें संक्रमित कान में डालें। इससे दर्द से राहत प्राप्त होगी।

तुलसी के पत्ते (Basil leaves)

तुलसी के रस की दो-तीन बूँदें संक्रमित भाग में डालें।  इसके साथ ही सूखे अदरक एवं गुड़ का भी सेवन करें। इससे दर्द में राहत मिलेगी।  यह खासतौर पर तब मदद करती है जब कान के अंदरूनी भाग में आवाजें आती हैं।

एकेसिया के पत्ते (Acacia leaves)

एकेसिया के पत्तों को एक बर्तन में लेकर उबालें तथा इसपर एक ढक्कन रख दें। इसे उबलने दें। बूंदों को ढक्कन पर इकठ्ठा करें एवं इसकी कुछ बूँदें सूजे हुए कान पर डालें। अच्छे परिणामों के लिए नियमित अंतराल पर कान में ये बूँदें डालते रहें।

लहसुन (Garlic)

नीम की कच्ची पत्तियों के साथ लहसुन के दो फाहे लें।  इनका पेस्ट बनाएं एवं इसे सरसों के तेल के साथ गर्म करें।  अब इस मिश्रण को छानकर बाकी बचे तेल को जमा करके रख दें।  इस तेल की कुछ बूंदों को कान के संक्रमित भाग पर लगाएं।  यह तेल कानों की किसी भी फुंसी या पस का इलाज करता है।

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कपूर (Camphor)

कपूर के पाउडर को तुलसी के पत्तों के रस में मिलाएं एवं इस मिश्रण की कुछ बूँदें अपने कानों में डालें। यह संक्रमित कान का इलाज करने के साथ ही दर्द में भी कमी लाता है।

अदरक (Ginger)

बच्चों में कान का संक्रमण

अदरक के रस को लहसुन के रस एवं मूली के रस के साथ मिश्रित करें।  इस मिश्रण की कुछ बूँदें अपने संक्रमित कानों में बेहतर परिणाम के लिए डालें।

फिटकरी (Alum crystals)

यदि कान में पस जमा हो तो फिटकरी युक्त पानी से अपने कानों को धोएं।

बीटरूट (Beetroot)

बीटरूट की पत्तियों का रस तैयार करें एवं इसका प्रयोग संक्रमित क्षेत्र का इलाज करने के लिए करें।  बेहतर परिणामों के लिए नियमित अंतराल पर इस रस की दो बूँदें अपने कान में डालें।

मूली (Radish)

स्टोव पर एक मूली भूनें। थोड़े से सरसों के तेल के साथ राख मिश्रित करें।  संक्रमित क्षेत्र पर इस तेल की 2-3 बूंदों का प्रयोग करें।  इससे गंभीर दर्द से राहत प्राप्त होती है।

हल्दी (Turmeric)

थोड़ी सी हल्दी को सरसों के तेल के साथ मिश्रित करें।  इस मिश्रण को कुछ देर तक गर्म करें। इस मिश्रण को छान लें एवं संक्रमित क्षेत्र में इस मिश्रण की कुछ बूँदें डालें।

साल का पेड़ (Sal tree)

साल के पेड़ की कुछ पत्तियां लें एवं इसे सरसों के तेल के साथ मिश्रित करें। इस मिश्रण को गर्म करके छान लें तथा इसकी दो बूँदें अपने कान में डालें।  यह संक्रमित कान में उत्पन्न पस के इलाज में मदद करता है।

कैस्टर की पत्तियां (Castor leaves)

कैस्टर की पत्तियों पर सरसों का तेल लगाएं एवं अपने कानों के चारों ओर बाँध लें।  यह मरीजों को कान के दर्द से राहत प्रदान करता है।

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