Home treatments to cure Athlete’s foot / Tinea pedis – एथलीट फुट या पैरों का दाद के इलाज के लिए घरेलू उपचार

एथलीट फुट या पैरों का दाद ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं और इनकी सुरक्षा बहुत ज़रूरी होती है। एथलीट फुट या पैरों का दाद के कई तरीके हैं। फंगस की वजह से कई बार एथलीट फुट या पैरों का दाद के कुछ भागों में ललामी के साथ खुजली होने लगती है जिस से वे असहज हो जाते हैं।

यह स्थिति इसलिये उत्पन्न होती है क्योकि अधिकांश समय उनके पैर जूतों द्वारा ढंके रहते हैं और पसीना निकलता रहता है जिसके वजह से फंगल इन्फेक्शन हो जाता है और इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

टिनिआ पेडिस नामक फंगस इस इन्फेक्शन के लिए ज़िम्मेदार होता है जिसकी वजह से खुजली और दर्द जैसी परेशानियाँ उठानी पड़ती हैं। फंगस के पनपने की मुख्य वजह पसीने की अधिकता और रोग प्रतिरोधक क्षमता का क्षीण होना है। इस समस्या से बचने के लिए कई घरेलू औषधियां हैं जिन्हें अपनाकर लाभ उठाया जा सकता है और इस परेशानी से निजात पायी जा सकती है।

घरेलू नुस्खे एथलीट फुट के इलाज के लिए (Home remedies to treat Athlete’s foot)

लहसुन (Garlic se Athlete’s foot ka ilaj)

शोधों से यह प्रमाणित हुआ है कि लहसुन में एंटी फंगस और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो इन्फेक्शन को दूर करने में सहायक होते हैं खासकर पैरों में होने वाले फंगल इन्फेक्शन में यह अत्यधिक असर कारक होता है। लहसुन की 2 पोथियाँ लेकर उन्हें पीस कर पेस्ट बना लें और इस पेस्ट में 3 से 5 बूंदे ओलिव ऑइल की मिलाकर प्रभावी जगहों पर लगायें और 20 से 25 मिनिट बाद पानी और एंटी फंगल साबुन से धो लें। इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक दिन में एक बार ज़रूर अपनाएँ।

पैरों के दर्द के कारण और उपचार

नमक (Salt se pair ke daad ka upchar)

खिलाडियों के पैरों में होने वाले फंगल इन्फेक्शन के लड़ने के लिए नमक एक बेहतर औषधि है। आधा बाल्टी गर्म पानी में 3- 4 चम्मच नमक घोल कर इसमें अपने पैरों को 10 मिनट तक डुबो कर रखें। उसके बाद पैरों को पोंछ कर अंगूठों के बीच में बेकिंग सोड़ा लगायें और इस प्रक्रिया को दिन में कई बार अपनाएँ। असर खुद ब खुद नज़र आने लगेगा।

चाय की थैलियाँ (Black tea bags)

चाय की थैली में मिलने वाला टेनिक एसिड, फंगल इन्फेक्शन को रोकता है और पैरों की नमी को दूर करता है। चार कप उबलते हुये पानी में चार टी बैग्स को डालें और पानी जब कमरे के तापमान पर आ जाए। तो अपने पैरों को उसमे 20 से 40 मिनट तक डुबो कर रखें। इस प्रक्रिया को दिन में दो बार कुछ हफ्तों तक अपनाएँ।

जैतून की पत्तियां (Olive leaf se fungal infection ka ilaj in hindi)

जैतून की पत्तियां खिलाड़ियों के पैरों के फंगल इन्फेक्शन के लिए एक असरदार औषधि हैं। एक मुट्ठी पत्तियों को पीसकर उनका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को इन्फेक्शन वाली जगह पर लगायें और कुछ देर बाद गुनगुने पानी से धो लें। इस प्रक्रिया को दिन में दो बार कुछ हफ़्तों तक अपनाएं।

विनेगर (Vinegar se Tinea pedis ka ilaaj)

एक बाल्टी गर्म पानी में 1 कप विनेगर को मिलाकर अपने पैरों को 15 से 20 मिनट तक डुबो कर रखें और फिर बाहर निकालकर मुलायम कपड़े से पोंछ लें। विनेगर के एसिडिक गुण फंगल इन्फेक्शन को ख़त्म करते हैं और पैरों से नमी को भी दूर करते हैं।

बेकिंग सोडा का उपचार (Baking soda can work wonders)

आप पैरों पर इस्तेमाल करने के लिए बेकिंग सोडा को फ्रिज (fridge) में भी आसानी से रख सकते हैं। बेकिंग सोडा पैरों की दुर्गन्ध दूर करने में आपकी काफी हद तक मदद करता है और इसका प्रयोग अच्छे से करने के बाद आपके पैरों की खुजली भी काफी कम हो जाती है। इसका इस्तेमाल करने के बाद आपको दो उँगलियों के बीच जलन होने की समस्या का भी बिलकुल सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए बेकिंग सोडा लें और इसका गर्म पानी के साथ एक मिश्रण तैयार करें। इस मिश्रण का प्रयोग पैरों पर काफी अच्छे से करें, और ध्यान रखें कि पैरों का कोई भी हिस्सा छूटने ना पाए। इसके बाद इस मिश्रण को धो लें तथा अपने पैरों को अच्छे से साफ़ करके सुखा लें। इस प्रक्रिया के अंत में पैरों में अच्छे से टेलकम पाउडर या कॉर्नस्टार्च (talcum powder or corn starch) का प्रयोग करें। यह पैरों को ताज़गी प्रदान करने का काफी अच्छा उपाय साबित होता है, और इससे आपके पैरों में गन्दगी और पसीने का नामोनिशान भी पूरी तरह मिट जाता है।

फटी एड़ियों को घर में ठीक करें रसोई में रखी हुई चीजों से

टी ट्री ऑइल और जैतून के तेल का मिश्रण (A combo of tea tree oil and olive oil)

आप जैतून और टी ट्री ऑइल के मिश्रण की मदद से भी अपने पैरों का काफी अच्छी प्रकार से उपचार कर सकते हैं। टी ट्री ऑइल में काफी मात्रा में एंटीसेप्टिक (antiseptic) गुण होते हैं, जिसकी मदद से आपके पैर हमेशा ही फंगस (fungus) के आक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं। यह एक बेहतरीन उपचार है, जिसका इस्तेमाल करने से आपके पैरों को काफी आराम की प्राप्ति होती है। इसके लिए इन दोनों तेलों को लेकर एक मिश्रण तैयार करें और इसका प्रयोग पैर के प्रभावित हिस्सों में अच्छे से करें। जैतून का तेल आपके पैरों नरम मुलायम कर देता है, और एक बार जब आपकी एथलीट्स फुट की समस्या पूरी तरह दूर हो जाती है, तो आपकी त्वचा आसानी से टी ट्री ऑइल को शरीर में सोख लेती है, जिससे काफी मात्रा में पोषण प्राप्त होता है।

कैलेंडुला इस समस्या का बेहतरीन उपचार (Calendula can cure the condition)

अगर आप अपनी एथलीट्स फुट की समस्या का कोई स्थानिक (topical) इलाज ढूंढ रहे हैं तो कैलेंडुला का प्रयोग आपके लिए बहुत ही ज़्यादा फायदेमंद साबित होगा। यह आयुर्वेदिक रूप से आपकी समस्याओं को दूर करता है और सबसे अच्छी बात यह है कि इस तत्व में एंटी फंगल और जलनरोधी (anti-fungal and anti-inflammatory) गुण भी मौजूद होते हैं। आप ये दवा लें तथा पैरों के उन हिस्सों में इसका प्रयोग करें, जहां पर इस संक्रमण का हमला हुआ है। ध्यान से इस मलहम को पैरों की उँगलियों के बीच के हिस्से में भी लगाना ना भूलें। अगर आप इस उपचार का नियमित रूप से प्रयोग करते हैं, तो आपके पैरों का संक्रमण पूरी तरह से और प्रभावी रूप से ठीक हो जाएगा।

लैवेंडर के उपचार करने के गुण (Lavender can do the magic)

लैवेंडर एक प्राकृतिक गुणकारी तत्व है और इसकी खुशबू काफी मादक और तेज़ होती है। लैवेंडर में फंगस से लड़ने के बेहतरीन गुण मौजूद होते हैं। यही कारण है कि त्वचा सम्बन्धी किसी भी संक्रमण की समस्या के दौरान आप इस तत्व का आसानी से प्रयोग कर सकते हैं। इस उपचार के लिए 3 कप लैवेंडर के तेल और किसी करियर ऑइल (carrier oil) का एक चम्मच लेकर अच्छे से मिश्रित करें। हालांकि करियर ऑइल की जगह आप त्वचा का कोई लोशन (lotion) या वनस्पति तेल का भी प्रयोग कर सकते हैं। यही वो समय है, जब आप अपने पैरों के संक्रमण पर इस मिश्रण का प्रयोग कर सकते हैं और एथलीट्स फुट का काफी प्रभावी रूप से इलाज हो जाएगा।

पैरों की नसों की सुजन रोकने के लिए सुझाव

सरसों तेल (A footbath with mustard powder)

सरसों का तेल या पाउडर पानी में मिलाकर इससे अपने पैरों को कुछ देर तक धोते रहें या इसमें डुबो कर रखें। यह शर्तिया लाभ देता है।

संक्रमणों को नियंत्रित रखने के कुछ और उपाय (More things to control the infection)

एथलीट्स फुट की समस्या का तेज़ी से इलाज करने के लिए आप सर्जिकल स्पिरिट (surgical spirit), लहसुन के पाउडर, कच्चे शहद, सेब के सिरके और बालों के स्प्रे (spray) का प्रयोग दिन में कम से कम 3 से 4 बार कर लें। ये वो तत्व हैं, जिनकी सहायता से आपकी समस्या का समाधान हो सकता है।

loading...