Masik dharm me dard ke upay – मासिक धर्म में दर्द के उपाय

मासिक धर्म के दर्द को कम करने (masik dharm me dard ko kam karne) के क्रम में लोगों को प्रकृति की सहायता उपलब्ध  है और विभिन्न प्रकार के मासिक धर्म के दर्द के उपचार के क्रम में विभिन्नता हासिल किया है। ये उपचार खाद्यों की विभिन्न्ता से लेकर व्यायाम तक को शामिल करते है।

पीरियड की समस्या, लोगों को उपचार करने से पूर्व इसके सही कारण का पता लगाना चाहिये। कुछ लोगों को महंगी दवाइयां दर्द को कम करने के लिये खाने की आदत होती है। लेकिन कुछ घरेलू उपचारों का उपयोग करके भी दर्द से आराम पाया जा सकता है।

मासिक धर्म का दर्द जहां एक समूह की महिलाओं को काफी मात्रा में तकलीफ देता है, वहीं कई अन्य महिलाएं इस दर्द को सहन करने में सफल हो जाती हैं। कुछ महिलाएं तो इतनी बेबस हो जाती हैं कि उन्हें किसी डॉक्टर की सहायता लेनी पड़ती है। महिलाएं सारा दिन अपने दफ्तरों या शिक्षण संस्थानों में काम करती हैं और मासिक धर्म के आने से उन्हें काफी मात्रा में दर्द का सामना करना पड़ता है।

मासिक धर्म के दर्द की वजह से महिलाएं अपने रोज़मर्रा के कार्यों को भी संपन्न करने में काफी परेशानी महसूस करती हैं। हार्मोनल (hormonal) समस्या की वजह से भी मासिक धर्म का दर्द पैदा हो सकता है। इसके अंतर्गत पेट के निचले हिस्से, कमर और पीठ के भागों में महिलाओं को काफी दर्द का सामना करना पड़ता है। पर इस दर्द को कुछ घरेलू उपायों की मदद से आसानी से दूर किया जा सकता है।

पीरियड्स में दर्द के लिए दालचीनी (Cinnamon)

किसी भी भारतीय रसोई में आसानी से दालचीनी प्राप्त करना संभव है। इस विशेष घटक का उपयोग लम्बे समय से एलर्जी, सर्दी और अपच से व्यक्तियों को आराम पहुंचाने के लिए किया गया है। आप जान कर खुश होंगे कि, मासिक धर्म ऐंठन से आराम दिलाने में बहुत ही शक्तिशाली है। पीरियड्स में दर्द (period me pet dard ke upay), ऐंठन से आराम दिलाने के अलावा, इसमें लोहे, कैल्शियम तत्व के साथ साथ फाइबर आहार भी पाया जाता है। चूंकि, इसमें अच्छी मात्रा में मैग्नीशियम भी होता है जिससे मासिक धर्म ऐंठन का अंत होता है।

पीरियड्स के दर्द के लिए पानी (Water)

मासिक धर्म से पहले के सिंड्रोम के उपचार

कई महिलाओं को मासिक धर्म की अवधि के दौरान कब्ज या दर्दनाक सूजन की समस्या होति है। ऐसी स्थिति में गर्म पानी का उपभोग करना बेहतर है। यह कम दर्द के साथ आपको मासिक धर्म के रक्त को बिना रुकावट के प्रवाह की सुविधा देकर कब्ज की समस्या को कम करेगा। ऐसे बहुत से खाद्य है जिनमें प्रचुर मात्रा में पानी होता है। इसका उपभोग करने पर आप आसानी से लंबी अवधि के लिए जलयोजित रहती हैं। बेरी, जामुन, अजवाइन, तरबूज, आदि खाद्यों में पानी  शामिल होता हैं।

माहवारी का दर्द के लिए अदरक (Ginger)

मासिक धर्म समस्या के दौरान अदरक, लक्षणों को कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ महिलाओं में सिर दर्द, जुकाम जैसे लक्षण होने की प्रवृत्ति पायी जाती है। अदरक का पानी पीने से आपको इन लक्षणों से छुटकारा मिल सकता है। आप कुछ अदरक मसलें और गर्म पानी में इसे उबाल लें। इसे पीने पर, आपको आसानी से दर्दनाक माहवारी से राहत मिल सकती है।

मासिक धर्म के समय दर्द के लिए पपीता (Papaya)

आप आसानी से सब्जी की दुकान में पपीता प्राप्त कर सकते हैं। इसमें उच्च मात्रा में विटामिन ए के साथ साथ विटामिन सी पाया जाता है। चूंकि इसमें कैल्शियम की निम्न मात्रा के साथ साथ लोहा होता है इसलिये इस खाद्य को उच्च गुणवत्ता वाला खाद्य माना गया है। कुछ महिलायें अपने स्वास्थ्य के प्रति बहुत सावधान रहती हैं। लेकिन, पपीता प्रकृति में उपलब्ध विभिन्नता वाला फल है जो कैलोरी में कम और पोषक मूल्यों में उच्च है।

मासिक धर्म के घरेलू उपाय के लिए अजवाइन (Carom seeds)

अजवाइन भारतीय घरों में इस्तेमाल किया जाने वाला सामान्य मसाला हैं। क्या आप जानते हैं कि ये कैसे मददगार है? अजवाइन को एक कप उबलते पानी में डालकर लेने पर पैरों के दर्द और ऐंठन से बचने में सहायता मिलती है। अन्यथा आप कुछ अजवाइन को भून कर दूध के साथ निगल लें। यह आपको भारी दर्द से आराम देगा। अजवाइन तेल का उपयोग मांसपेशियों को आराम पहुंचाने के लिये भी किया जाता है। मासिक धर्म के दौरान तनावपूर्ण मांसपेशियों पर अजवाइन तेल को लगाया जाता है।

विसर्पिका और दाद के लिए घरेलू उपाय

पीरियड्स में दर्द के लिए एलोवेरा (Aloe Vera)

मासिक धर्म की अवधि के दौरान दर्द से छुटकारा पाने के लिए एलोवेरा के रस का प्रयोग करें।  एक दिन में तीन बार शहद के एक चम्मच के साथ एलोवेरा का रस लेने के बाद अधिक रक्त के वहाव को कम करेगा और सहायता  पहुंचायेगा।

आयरन युक्त आहार (Iron rich diet)

मासिक धर्म के दौरान शरीर मे आयरन की कमी हो जाती है। इसलिये ऐसे खाद्यों को चुनें जिसमें लोहा प्रचुर होता है। सूखे खुबानी और लाल मांस, मे जस्ते और लोहे की प्रचुर मात्रा होती है।

पीरियड की समस्या – क्या बचाना चाहिए? (What should be avoided?)

महिलाओं के मासिक धर्म ऐंठन से राहत पाने के लिए कुछ खाद्यों से बचना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इन खाद्य पदार्थों में कार्बन सामग्री के साथ पेय, फास्ट फूड और मादक पेय पदार्थ शामिल हैं। कैफीन लेने के बजाय, आप अपनी सुबह के पेय में मिंट या अदरक की चाय को पी सकते हैं। आप नींबू के कुछ स्वाद के साथ गर्म पानी का भी उपभोग कर सकते हैं। यह न केवल मासिक धर्म की ऐंठन को कम करेगा बल्कि आपको लम्बे समय तक तक स्वस्थ रखेगा।

गर्म पानी का बैग (Hot water bag)

अपने घर में गर्म पानी का बैग अवश्य रखें। आज के दौर में आपको पानी को उबालने की भी कोई आवश्यकता नहीं है। सिर्फ इस पानी के बैग में पानी भरें और प्रभावित भागों पर लगाएं। गर्म पानी का यह बैग आसानी से बाज़ार में उपलब्ध हो जाता है, और आपको उसी तरह गर्म करना होता है, जिस तरह आप अपने मोबाइल (mobile) को चार्ज (charge) करते हैं। एक बार इसके गर्म हो जाने पर इसका प्रयोग पेट, पीठ और शरीर के उन सारे भागों पर करें जहां पर मासिक धर्म की वजह से आपको दर्द का सामना करना पड़ रहा है। इससे आपको काफी आराम प्राप्त होगा।

घरेलू उपचार के रूप में तुलसी (Basil as home remedy)

अगर आप मासिक धर्म के दर्द की समस्या से जूझ रही हैं तो तुलसी आपको काफी प्रभावी रूप से आराम प्रदान करने में सक्षम है। इस जड़ीबूटी में पीड़ानाशक (analgesic) गुण होते हैं, जो हर पेन किलर (pain killer) में पाए जाते हैं। इसके लिए एक कप पानी उबालें और इसमें 2 से 3 तुलसी की पत्तियां मिश्रित करें। अब इसे ढककर आंच को बंद कर दें। एक बार इसके ठंडा हो जाने पर तुलसी के इस मिश्रण का सेवन करें। इसके सेवन के फलस्वरूप आप मासिक धर्म के दर्द से दूर रहने में सफल होंगी।

मासिक धर्म के दर्द के लिए सौंफ (Fennel for menstrual pain)

सौंफ एक बीज जैसा पदार्थ होता है जो ज़्यादातर भारतीय रसोइयों में उपलब्ध होता है। आपको शायद इस बात का पता नहीं होगा कि मासिक धर्म की पीड़ा को दूर करने में यह काफी अहम् भूमिका निभाता है। इसके लिए 2 चम्मच सौंफ को रातभर पानी में भिगोकर छोड़ दें। अगले दिन सुबह उठें और सौंफ के इस मिश्रण का सेवन कर लें। इसके सेवन से आपको मासिक धर्म के फलस्वरूप शरीर के किसी भी हिस्से जैसे पेट, पीठ, जाँघों आदि में होने वाले दर्द से छुटकारा प्राप्त होगा।