Hindi tips to prepare homemade black paste – बच्चों या नवजात शिशुओं के लिए घरेलू काजल

नवजात शिशु शुद्ध और मासूम मन का होने से कई लोगों के लिए भगवान के रूप में माना जाता है। उनके माथे पर बिंदी लगाकर उनका स्वागत करने का रिवाज है। शिशु की त्वचा बहुत संवेदनशील होने से आप उसके माथे पर किसी भी प्रकार का टिका नहीं लगा सकते। काजल बच्चे की त्वचा को नुकसान न करें ऐसी हर्बल और प्राकृतिक सामग्री से बनाया हुआ होना चाहिए।

काजल लगाने के फायदे – बच्चे को काजल लगाने के कारण (Reasons for putting black color paste on a child’s face)

हर माता पिता के लिए उनके बच्चे बहुत कीमती होते हैं और वे उन्हें बुरी नजर से बचाना चाहते हैं। कुछ लोगों को बच्चा अच्छा लगेगा पर उनकी नजर बुरी होती है। आंख के नीचे काजल लगाकर बुरी नज़र से अपने बच्चे को बचाने में वास्तव में बहुत प्रभावी है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इससे बच्चे की त्वचा पर कोई बुरा प्रभाव नहीं होता है। डॉक्टर आँखों में काजल लगाने की सिफारिश नहीं करते क्योंकि यह जलन और संक्रमण पैदा कर सकता है। हाल के दिनों में माताएं बुरी नजर से बचने के लिए माथे पर या कान के पीछे या पैर पर एक छोटा सा निशान डालते हैं।

बेबी विकास चार्ट

बोट्टू का मतलब बिंदु है जो दक्षिण पूर्व एशिया और मुख्य रूप से दक्षिण एशिया में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान और मॉरीशस में लगाया जाता है। यह भौंहों के बीच माथे पर लगाया जाता है।

साडू बोट्टू नवजात शिशु के चेहरे पर लगाया जाता है। पुराने दिनों में यह बच्चे के आगमन से पहले दादी अपने घर पर बनाया करती थी। आधुनिक समय में महिलाएं बच्चे के माथे पर एक माचिस की तीली से छोटी सी काली बिंदी लगाती हैं। कुछ घरों की महिलाएं इसे आज भी घर पर बनाती हैं।

काला सुरमा बनाने की विधि (Method to make saadu bottu)

एक लोहे की कढाई में धीमी आंच पर साबूदाना गहरे भूरे रंग का होने तक भुने। माचिस की तीली जलाकर उसमे डालें। कुछ ही सेकंड में इसका आकार बढ़ जायेगा। पानी मिलाकर गाढ़ी पेस्ट बनायें। माचिस के जलने से यह कोयले जैसा काला हो जायेगा। गाढ़ा होने तक इस मिश्रण को उबालें। जब उपयोग में नहीं हो तब स्टील के बर्तन में रख दें। धूप में सुखाने से यह घट जाएगा।

काजल लगाने के तरीके (surma kaise lagaye) – काला सुरमा का उपयोग कैसे करें (How to use)

बर्तन की सतह पर पानी की एक बूंद डालकर थोडा बोट्टू निकालें। उंगलियों से रगड़ें। पिघलने पर उंगली पर इकट्ठा करें। अतिरिक्त पानी रगड़कर निकालें। तुरंत बच्चे के माथे पर लगायें। सूखने पर यह सख्त और चमकीला हो जाता है।

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साडू बोट्टू बनाने की एक अन्य विधि (Another method of making saadu bottu)

लोहे की कढाई में तेल के बिना साबूदाना के बीज भुने। थोड़ा पानी डालें और मध्यम आंच पर गठन से बचने के लिए हिलाते रहें। गाढ़ा होने तक पकाएं| अरंडी के तेल की कुछ बूँदें मिलाएं। ठंडा होने पर एक डिब्बे में रख दें।

जब बच्चे को लगाना हो तब उंगली पर थोड़ा पानी लेकर इसके साथ पेस्ट मिलाएं और चेहरे या माथे या गाल पर लगायें।

नवजात बच्चों की आंखों में काजल

काला पेस्ट परंपरागत रूप से नारियल के गोले में संग्रहीत किया जाता है, लेकिन यह कांच के बर्तन में भी संग्रहित किया जा सकता है। शिशुओं के माथे पर काजल बुरी नजर से बचने के लिए लगाया जाता है। इसे तमिल में चंदू बोट्टू कहा जाता है। यह बहुत जल्दी सूख जाता है और इसका दाग धब्बा नहीं लगता। शिशु को स्नान कराते समय यह आसानी से पानी से साफ किया जा सकता है।

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