Hindi tips to avoid bad dreams during pregnancy – गर्भावस्था के दौरान बुरे सपनों से बचने के लिए सलाह

गर्भावस्था हर महिला (pregnancy me dekhbhal) के जीवन का सबसे सुहावना समय होता है। परिवार के सदस्यों के साथ महिला के रूप में वह हर कदम पर बहुत सावधान रहना चाहती है। यह वह क्षण है जब वह बहुत डरी रहती है। उसे एक प्रकार से सहानुभूति की कमी महसूस होती रहती है। चूंकि वह अपने अंदर एक जिंदगी को लेकर चल रही होती है इसलिये अपने अजन्मे बच्चे के बारे में सदैव चिंतित रहती है।

इस समय बहुत से हार्मोनल बदलाव भी होते रहते हैं जो इस अवस्था में बुरे स्वप्न और भयावह अनुभव से घिर सकती है। लेकिन यह डरावनी और भयभीत करने वाली स्थिति उनके लिये अच्छी नहीं होती है। ऐसे कुछ तरीके होने चाहिये जिससे इस स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके।

यहाँ तक कि थोड़ी सी उत्तेजना गर्भ में पलने वाले बच्चे के विकास पर प्रभाव डाल सकता है। इसलिये हर गर्भवती महिला को अपने और बच्चे के स्वास्थ्य के लिये हमेशा तनाव से मुक्त रहना चाहिये। यह लेख आपको कुछ ऐसे तरीके बतायेगा जो आपके भयावह और बुरे स्वप्न को हटा सकता है।

स्वप्न प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण कारकों में से एक हैं। किसी सुबह आपको आनंद और खुशी के साथ ताज़गी देती हैं तो कुछ अन्य सुबह उदास महसूस करने का कारण हो सकती है। यह अच्छे और बुरे सपने की वजह से हो सकता है। वे वैज्ञानिक जो सपनों का अध्ययन करते हैं उन्हें ऑनिरोलॉजिस्ट्स कहलाते हैं।

आज की तारीख तक वैज्ञानिक इस स्थिति तक नहीं पहुंच पाये कि मस्तिष्क में स्वप्न कहाँ से उत्पन्न होते हैं। सालों से वे इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या सपने एक बिंदु से अलग किये जा सकता है। अधिकांश स्वप्न व्यक्ति में नकारात्मक भावना के लिए जिम्मेदार हैं।

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलायें और बुरे सपने (Pregnant ladies and bad dreams – garbhavastha ki samasya)

गर्भावस्था के दौरान खून निकलना और उनके कारण

बुरे स्वप्न या दु:स्वप्न में भयावह चित्र, अनुभूति, भावनाओं और विचारों की एक श्रृंखला वर्णित हैं। जब लोग रात में सो रहे होते हैं तो ये भयावह कृत्य दिखायी पड़ते हैं। यह महिलाओं की गर्भावस्था की अवधि के दौरान भी होता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में बहुत सारे हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, इसलिये वह कई विषयों पर बराबर सोचती है जो उसे स्वप्न के दौरान नकारात्मक व्याख्या बनाता है। चूंकि, वह गर्भावस्था के दौरान शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरती है इसलिये दु:स्वप्न या बुरे स्वप्न सामान्य रूप से आते हैं।

गर्भावस्था के दौरान संभव उपचार (Possible treatments)

बहुत से लोग लगातार बुरे स्वप्न से ग्रस्त नहीं होते है। वे बहुत लापरवाही से इन बुरे स्वप्न को लेते हैं और वे सुबह जगने पर उन्हें भूल जाते है। लेकिन, कई लोगों को ये बुरे स्वप्न नियमित रूप से आते है और पीड़ा के रूप में चिंता का कारण बन जाते हैं। यह भी अवसाद और चिंता की वृद्धि का कारण होते है।

गर्भावस्था में देखभाल – उपचार के प्रकार (Types of treatments)

  • काल्पनिक चित्र दुहराव उपचार (Imagery rehearsal treatment) – यह एक प्रकार की उपचार प्रक्रिया है जिसमें लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है कि दुःस्वप्न के अंत में परिवर्तन करें। यह संज्ञानात्मक उपचार के रूप में भी जाना जाता है जिसमें लोगों की कल्पना और दु:स्वप्न से बाहर निकलने के लिये कम चिंताजनक परिणाम से बदला जाता है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 70% लोग इस उपचार प्रक्रिया से सफलता प्राप्त कर सके है।
  • चित्रात्मक स्वप्न (Painting dreams) – लगातार और पुराने दु:स्वप्न देखने वाले लोगों को विशेषज्ञ स्वप्न में दिखे दृश्यों का चित्र बनाने के लिये करते है। फिर, स्वप्न देखने वाले को स्वप्न के चरित्र के बारे में काल्पनिक बातें करने के लिए कहा जाता है। इसके बाद, स्वप्न देखने वाले को एक सुखांत निष्कर्ष निकालने की स्वतंत्रता दी जाती है।
  • सामान्य भावना जोड़ें (Add common sense) – एक बार आप स्वप्न से बाहर आ जाते हैं, तो आप महसूस करेंगे कि, जो कुछ भी आप देख रहे थे वह इस वास्तविक जगत में नहीं है। अब अगर आप अपने विचारों का सामान्य भाव बनाये तो यह आपको स्वप्न दुनिया की तकलीफों और चिंताओं से बाहर निकाल ले आयेगा।
  • विश्राम तकनीकें (Relaxation techniques) – शारीरिक व्यायाम, ध्यान, श्वास व्यायाम, शराब नहीं, निकोटीन नहीं। अब आप एक खुश देने वाली जगह को खोजें और कुछ देर के लिये वहाँ पर जायें जिससे कि आपके मन और स्वास्थ्य को आराम हो जाता है और आप वो सब कुछ भूल जायें जिसे आपने अपने स्वप्न में देखा है। आप अपना कुछ समय अपने दोस्तों और आपका हित चाहने वालों के साथ भी बिता सकते हैं जिसके साथ आप सहज और आराम महसूस करते हैं। आप कुछ ऐसा सोच सकते है जिसे बिस्तर पर जाने से पहले सोचने पर आप खुश महसूस करते हैं। आप काल्पनिक दुनिया में हो सकते हैं जैसे बादलों में उड़ते हुए, पेड़ों के साथ नाचते हुए और जंगल में जानवरों के साथ आदि।

गर्भवती महिलाओं को नींद लाने में सहायता करने के लिए कुछ तरीके

गर्भावस्था के दौरान भयावह स्वप्न के कारणों को समझना और बचाव की सलाह (Tips to avoid and understanding bad dreams/nightmare during Pregnancy)

आपको अपने डर को समझने की आवश्यकता है जिसकी शिकार आप रात भर रहती हैं। अगर आप गर्भवती नहीं भी है तो भी डरावने सपने किशोरों की निजी ज़िंदगी से जुड़े तनावों के कारण भी आ सकते हैं। दु:स्वप्न आपको विभिन्न प्रकार के वास्तविक चित्र देगा जो आपके चिंता को बढ़ा देगा और आप में भयंकर संवेदनाओं को भी देगा। लेकिन, अगर आप यह जान सके कि आप का भय क्या है तो आप जगने पर उससे बाहर भी आ सकती हैं, यह दु:स्वप्न आपको अपना शिकार नहीं बनायेगा।

गर्भवती महिलाओं के लिए खास टिप्स – स्वास्थ्य स्थितियों का उपचार (Treating Health conditions)

अगर गर्भवती महिला किसी स्वास्थ्य समस्या जैसे अवसाद, अनिद्रा आदि से पीड़ित है तो यह दु:स्वप्नों को पैदा कर सकता है। इसा समय सबसे अच्छा उपाय डॉक्टर से मिलना है और वह दु:स्वप्नों से बचाव के लिये उपचार भी देगा। अक्सर यह देखा गया है कि अनिद्रा और अवसाद की शिकार गर्भवती महिलाये जब उचित उपचार के लिये जाती है तो यह उनके लिये अच्छा होता है।

बिस्तर पर जाने से ठीक पहले कुछ भी न खायें (No eating before going bed)

अगर आप वास्तविकता में दु:स्वप्नों से बचना चाहती है तो इसके लिए आपको अपनी आदतों में कुछ बदलाव लाना होगा। इनमें से एक रात का भोजन है। कुछ लोग बिस्तर पर जाने से कुछ देर पहले ही खाना खाते हैं। सोने से ठीक पहले भोजन करना दु:स्वप्नों को बढ़ावा देगा। यह आवश्यक है कि सोते समय आपके मस्तिष्क को आराम मिले। जब आप भोजन करते है तो यह उपापचय को बढ़ा देता और यह मस्तिष्क को कई सारे कार्यों को करने के लिये एक बार फिर सक्रिय होने का देता है। जैसे ही आपका मस्तिष्क सक्रिय होता है आपका सुषुप्त मस्तिष्क एक काल्पनिक संवेदना देगा और बुरे स्वप्न दिखने लगेंगे।

प्रेग्नेंट होने के टिप्स

गर्भवती महिलाओं के लिए खास टिप्स – सोने की अवधि (Duration of sleep)

एक स्वस्थ मनुष्य के सोने की अवधि 8 से 9 घंटे तक होती है।अगर आप इससे कम सोती हैं तो सोने में कमी के कारण आपको तनाव हो सकता है दु:स्वप्न आपको परेशान करा सकता है। साथ ही आपको शांत और आरामदायक वातावरण में रहने की आवश्यकता है। आपको ऐसी जगह पर रहना चाहिये जो न तो बहुत गर्म हो और न ही ठंडा। लेटने और सोने की जगह आरामदायक होना चाहिये जिससे आपको कोई परेशानी न महसूस हो। आप रूई के दो गोले लेकर दोनों कानों में डाल लें जिससे कि अंचाही और अशांत आवाज़े आपको परेशान न कर सकें।

खुशनुमा विचार (Happy thought – pregnancy me dekhbhal)

आपको अपनी गर्भावस्था के दौरान हमेशा सकारात्मक सोचना और खुश रहना चाहिये यह एक ऐसा तरीका है जिससे आपको अच्छे सपने और स्वास्थ्य को पा सकती है। आप पहाड़ों, समुद्र के किनारों आदि ऐसी जगहे जहाँ आप जाना चाहती हों, के बारे में सोच सकती है। ये विचार आपके सोते समय भी सक्रिय रहेंगे जिससे आप अगली सुबह जगने पर भी तरोताज़ा महसूस करेंगी। अगर आप इसे ठीक सोने से पहले करेंगी तो यह ज्यादा  प्रभावकारी होगा। साथ ही बहुत सारे विचारों के बारे में और अच्छे स्वप्न के अतिरिक्त कुछ मत सोचें।

बुरे सपनों के कारण (Causes of bad dreams)

नींद में बाधा उत्पन्न होना (Interruption of sleep)

नींद में बाधा उत्पन्न होना महिलाओं में काफी बड़ी समस्या के रूप में सामने आती है। आपकी नींद में बार बार बाधा उत्पन्न होने तथा आपकी 8 घंटे की नींद पूरी ना होने से भी बुरे सपने आ सकते हैं। अतः रातभर की सामान्य नींद काफी ज़रूरी है।

नींद की गोलियां (Sleeping pills se pregnancy mai bure sapne)

अगर आप नींद ना आने की समस्या के शिकार हैं, तो अपने डॉक्टर से नींद की गोलियों के सेवन के बारे में सही जानकारी प्राप्त कर लें। कोई भी ऐसी गोली खाने से पहले डॉक्टर से पूछना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि कुछ गोलियां आपके एवं आपके अजन्मे बच्चे के लिए उपयुक्त नहीं होती हैं। आप प्राकृतिक रूप से नींद आने के कुछ उपायों का भी पालन कर सकती हैं। अच्छी नींद के लिए आप ध्यान का सहारा भी ले सकती हैं। ध्यान करने से ना सिर्फ बुरे सपने आने बंद होते हैं, बल्कि आपको नींद भी अच्छी आती है।

गर्भावस्था के चौथे महीने में रक्तस्राव के कारण

आप विल्ड्स (WILDS) का सहारा भी ले सकती हैं, जिसके अन्तर्गत आप शान्ति से सो जाने की बजाय अचानक आधी रात को उठ जाती हैं। इस तरह जगने से आपको काफी गुस्सा आता है और आप शान्ति से गहरी सांसें लेकर एक अच्छा स्वप्न देखने की कोशिश करती हैं। आप ये सब तरीके आसानी से अपना सकती हैं।

मस्तिष्क में चलने वाली इधर उधर की चिंताएं (Random thoughts in your mind)

यह सबसे बड़ा कारण है, क्योंकि मस्तिष्क में चलने वाले इधर उधर के ख्याल आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छे साबित नहीं होते। इससे आपके सपनों में भी बाधा उत्पन्न होती है तथा आपको नींद ना आने की समस्या भी उत्पन्न होती है। आपके सपने सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण होते हैं और ये आपके विचारों को सही दिशा में ले जाने तथा अच्छे से सजाकर रखने में काफी सहायता करते हैं। इन्हें मस्तिष्क के सही भाग में जमा करके रखें। ऐसा ना होने पर ये आपके मस्तिष्क में इधर उधर घूमते रहते हैं और आपको बुरे सपने आने की वजह से नींद भी अच्छे से नहीं हो पाती।

गर्भावस्था के दौरान बुरे सपनों का श्रेष्ठ इलाज (Best treatment for nightmares during pregnancy)

सपनों को काबू में रखने का यह सबसे अच्छा तरीका है। इससे आपको सारे दिन अपना मस्तिष्क शांत रखने में सहायता मिलती है। अगर आपके पास आपसे प्रेम करने वाला कोई साथी है तो भी आपको काफी सहायता मिलती है, क्योंकि आपके जीवन में ऐसा व्यक्ति है जो आपका इंतज़ार करता है एवं आपकी देखभाल करता है, जिससे आपको घर और अपना मस्तिष्क नियंत्रण में रखने का दोहरा काम नहीं करना पड़ता। ध्यान से आपका मस्तिष्क शांत होता है, जिसकी बात हम यहां पहले कर चुके हैं। पर अगर आपने इसके बारे में नहीं सुना है तो यह आपके बुरे सपने दूर करने का काफी प्रभावी उपाय है। जब आप ध्यान लगाते हैं तो आप अपने  मस्तिष्क से हर तरह के विचारों को दूर करते हैं, जिससे आपको काफी आराम की प्राप्ति होती है।

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