Baby skincare tips in Hindi for this winter – सर्दियों में बच्चों की त्वचा की देखभाल

आपका बच्चा आपके जीवन का सबसे अनमोल खज़ाना होता है। क्योंकि ये काफी नाज़ुक होते हैं, अतः आपको इनकी त्वचा की अच्छे से देखभाल करने की आवश्यकता है। सर्दियों में सबकी त्वचा रूखी और अनाकर्षक हो जाती है और आपका बच्चा और भी ज़्यादा संवेदनशील होता है। आपको उसकी त्वचा को अच्छे से पोषण देना चाहिए, जिससे कि उसकी त्वचा पर रूखापन ना आ जाए। अभिभावक खुद के द्वारा प्रयोग में लाए जाने वाले उत्पाद बच्चों पर प्रयोग ना करें। ऐसी कई कंपनियां (companies) हैं जो केवल बच्चों के उत्पादों का निर्माण करती हैं। इन उत्पादों के डिब्बों के पीछे लिखी सामग्री पढ़ लें।

सर्दियों का कठोर मौसम आपके बच्चे के लिए काफी कठिन साबित हो सकता है। लेकिन ऐसे कई उपाय हैं जिनकी मदद से आपके लाडले की त्वचा को वह देखभाल मिल सकती है, जिसकी उसे काफी आवश्यकता है। नीचे कुछ ऐसे तरीके बताये गए हैं, जिनकी मदद से आप अपने बच्चे की त्वचा की अच्छे से देखभाल कर सकते हैं।

छोटे बच्चों की देखभाल के लिए फ्रॉस्ट बाइट से बच्चे को बचाएं (Manage the frostbites)

माएं अक्सर इस भुलावे में होती हैं कि उनके बच्चे की त्वचा पर मौजूद बेबी फैट सर्दियों के मौसम में उन्हें गर्माहट प्रदान कर सकता है। लेकिन सच्चाई यह है कि वयस्क लोगों की तुलना में एक शिशु अपने शरीर की गर्मी को ज़्यादा तेज़ी से खोता है। इसके फलस्वरूप उनकी छोटी उंगलियां, कान, अंगूठे, नाक और गाल सर्दियों में सुन्न पड़ सकते हैं, जिसे फ्रॉस्ट बाइट भी कहते हैं। अगर आप इस बात की जांच करना चाहती हैं कि आपका शिशु फ्रॉस्ट बाइट का शिकार हुआ है या नहीं, तो ध्यान दें कि कहीं बच्चे की त्वचा का कुछ भाग पीलापन लिए हुए भूरा या सफ़ेद तो नहीं है। इस बात की भी जांच करें कि कहीं ये भाग ठन्डे तो नहीं हैं। फ्रॉस्ट बाइट कड़ाके की ठण्ड होने के फलस्वरूप टिश्यू को नुकसान पहुँचने की स्थिति को कहा जाता है। अतः अगर आपके बच्चे में फ्रॉस्ट बाइट के कोई भी लक्षण मौजूद हैं तो बिलकुल भी समय नष्ट न करें तथा बच्चे को अपने पास सुलाकर उसके शरीर को अपनी गर्मी प्रदान करें। इसके बाद इमरजेंसी स्टैट शुरू कर दें और किसी डॉक्टर को बुलाएं। अगर आप इनमें से कुछ भी कर पाने में असमर्थ हैं तो कम से कम अंदर आ जाएं तथा अपने बच्चे को भी गर्मी प्रदान करने की कोशिश करें। ऐसी कुछ और चीज़ें भी हैं जो कि आपको नोट करनी चाहिए :-

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  • अपने बच्चे को हीटर, स्टोव या रेडियेटर के आसपास न रखें।
  • आप फ्रॉस्ट बाइट से प्रभावित भागों को गुनगुने पानी या फिर गीले और गर्म कपड़े से भिगोने के बारे में सोच सकती हैं। इस प्रक्रिया को तब तक करें जब तक कि त्वचा गर्म ना हो जाए। इस कार्य को पूरा करने में 30 से 60 मिनट तक लग सकते हैं।
  • जब बच्चे की त्वचा गर्म हो रही हो, तब आपकी उसकी त्वचा पर लाल होने के निशान, सूजन या फोड़े फुंसी का अनुभव कर सकती हैं जो कि बिलकुल सामान्य बात है। अतः एक बार अपने बच्चे को इस विधि के द्वारा ठीक कर लेने पर किसी शिशु रोग विशेषज्ञ( pediatrician)की सहायता अवश्य ले लें।
  • अपने बच्चे पर फ्रॉस्ट बाइट का असर होने ना देने के लिए ध्यान रखें कि वह हमेशा अपने ऊनी कपड़े, मोज़े, बूट्स, हैट और स्नो कोट पहने रहे।
  • इस बात को मानकर कि हवा एक बेहतरीन इंसुलेटर का कार्य करती है, अपने बच्चे को प्याज की तरह ढककर रखें। इसका अर्थ यह है कि उसे हलके से मध्यम वज़न वाले विभिन्न लेयर्स के कपड़े पहनाकर रखें।

बच्चे की देखभाल के लिए फटे होंठों और गालों की देखभाल (Caring for chapped cheeks and lips)

  • ठण्ड में उन फूले गालों और गुलाबी होंठों की देखभाल करना ना भूलें। सूखी, भारी और ठंडी हवा आपके बच्चे की खुली त्वचा को काफी नुकसान पहुंचा सकती है और उसे सूखी, बेजान और फ़टी हुई बना सकती है।
  • इस समस्या से निपटने का हल आसान है मॉइस्चराइज़र का प्रयोग करें। दिन में कम से कम दो बार अपने बच्चे की त्वचा को मॉइस्चराइस करने का प्रयास अवश्य करें। गंधरहित, हाइपोएलर्जेनिक तथा शिशु रोग विशेषज्ञों द्वारा जाँचे परखे गए उत्पादों का इस्तेमाल करें। आप बच्चों के लिए उपयुक्त लिप बाम्स तथा ऑइंटमेंट्स खरीद सकती हैं, जिनका प्रयोग आप अपने शिशु के होंठों पर आसानी से कर सकती हैं।
  • बच्चे की त्वचा को खासकर तब मॉइस्चराइस करना ना भूलें, जब आप उसे कहीं बाहर लेकर जा रहे हों।
  • जिस दिन काफी तेज़ हवा चल रही हो, उस दिन अपने बच्चे के स्ट्रॉलर से हवा को दूर रखने के लिए प्लास्टिक के रेन कवर्स का इस्तेमाल करें।

बच्चों की देखभाल के टिप्स के लिए स्नो बर्न्स से सुरक्षा (Managing snow burns)

नए जन्मे बच्चे के लिए श्रेष्ठ बेबी डायपर

बाहर भले ही कड़ाके की ठण्ड हो, पर फिर भी सूरज की किरणें आपके शिशु की त्वचा को नुकसान पहुंचाने में काफी अहम भूमिका निभाती हैं। ये एक जाना हुआ तथ्य है कि बर्फ सूर्य की 85% हानिकारक किरणों को प्रतिबिंबित (reflect) करती हैं, अतः आपका शिशु ठण्ड में स्नो बर्न्स की समस्या से ग्रस्त हो सकता है। स्नो बर्न्स का इलाज आसान है – एक अच्छी क्वालिटी के सनस्क्रीन का प्रयोग करें, जो कि खासतौर पर कम उम्र के शिशुओं के लिए बिलकुल सुरक्षित हो।

सर्दियों में बच्चे की देखभाल, बच्चों को सर्दियों में स्वस्थ रखने के उपाय (Tips)

  • अपने बच्चे को हर 2 से 3 दिन में नहलाएं। ध्यान रखें कि उसे ज़्यादा दिनों तक ना नहलाएं।
  • बच्चे को नहलाने के लिए गुनगुने पानी (lukewarm water) का प्रयोग करें। नहाने के तुरंत बाद उनकी त्वचा को मॉइस्चराइस (moisturise) करें। इससे आपके बच्चे की त्वचा अधिक रूखी होने से बच जाएगी।
  • अपने बच्चे की त्वचा की मालिश दिन में 2 से 3 बार अवश्य करें। इससे बच्चे के शरीर में तेल काफी अच्छे से समाएगा। इससे उसकी त्वचा स्वस्थ और नरम बनी रहेगी।
  • बच्चे के नाक के अंदर अच्छे पेट्रोलियम जेली (petroleum jelly) का प्रयोग करें। ऐसा करना आवश्यक है क्योंकि ज़्यादातर मामलों में नाक की त्वचा काफी सूख जाती है और इससे बच्चे को काफी तकलीफ होती है। अगर आप लम्बे समय तक इसका उपचार नहीं करेंगे तो इससे हालत बिगड़ सकती ही और खून भी निकल सकता है।
  • बच्चे की त्वचा को नमी देते वक़्त उसे उसकी उम्र के मुताबिक़ गुनगुना पानी पिलाएं। इससे भी उसकी त्वचा अच्छी रहेगी।
  • अगर आप काफी ठन्डे प्रदेश में रहते हैं तो अपने बच्चे के लिए 24 घंटे रूम हीटर (room heater) चालू ही रखें। इसके अलावा अपने आसपास की हवा का रूखापन कम करने के लिए ह्यूमिडिफायर (humidifier) का भी प्रयोग करें।

सर्दियों में बच्चों की देखभाल, धारीदार त्वचा का उपचार (Treating scaly skin)

धारीदार त्वचा एक ऐसी समस्या होती है जिससे बच्चे काफी ज़्यादा ग्रस्त होते हैं। ऐसा इसलिए होता है कि ठण्ड के मौसम में बच्चे अपने शरीर से व्यस्कों की तुलना में गर्मी ज़्यादा तेज़ी से खोते हैं। वे अपने गालों, पैरों, नाक तथा कानों पर फ्रॉस्ट बाईट (frost bite) का अनुभव कर सकते हैं। इसमें मौजूद फ्रॉस्ट (frost) की वजह से आपको धारीदार त्वचा से बच्चों को बचाना होगा। इसके लिए माएं बच्चों को अपनी छाती पर सुलाएं और उन्हें गर्म कपड़ों से ढककर रखें। माँ के शरीर की गर्मी से बच्चा फ्रॉस्ट बाईट से बचा रहेगा।

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सर्दी में बच्चों की केयर के लिए बच्चे के लिए सही गर्म कपड़ों का चुनाव (Right winter clothing for baby)

बच्चों की त्वचा को सर्दियों से बचाने का एक और उपाय यह भी है कि आप उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं, जिससे कि वे ठंडी हवाओं से बचे रहे। अपने बच्चों को सूती के कपड़े पहनाएं क्योंकि ये काफी मुलायम होते हैं और बच्चों की त्वचा के लिए बिलकुल सही होते हैं। बच्चे के शरीर का हर भाग ऊनी कपड़ों से ढककर रखें। परन्तु ध्यान रखें कि उन्हें ज़रुरत से ज़्यादा कपड़े ना पहनाएं वरना उन्हें इनमें घुटन होने लगेगी।

त्वचा के पोषण के लिए बेबी ऑइल (Baby oil for nourishment – bache ki dekhbhal)

बच्चों के शरीर पर ठण्ड के समय बेबी ऑइल से एक बार से ज़्यादा मालिश करें क्योंकि इस समय त्वचा फटने की समस्या उत्पन्न होती है। तेल को उसके शरीर पर अच्छे से लगाने के बाद धीरे धीरे अपनी उंगलियां और हाथ उसके शरीर पर फिराएं जिससे कि तेल उसके शरीर में अच्छे से समा जाए। यह तेल बच्चे की त्वचा के अंदर समा जाता है और इसे स्वस्थ बनाता है जिससे त्वचा के फटने की संभावना ही समाप्त हो जाए।

बेबी क्रीम्स और मॉइस्चराइज़र (Baby creams and moisturizer)

बाज़ार में कई तरह के बेबी क्रीम्स और मॉइस्चराइज़र्स उपलब्ध हैं। आप सबसे अच्छी कंपनी (company) के ही उत्पाद खरीदें तथा इसका प्रयोग अपने बच्चे की त्वचा (bacche ki skin ki dekhbhal) पर करें। इससे आपके बच्चे को पपड़ीदार और फटी त्वचा, फ्रॉस्ट बाईट और गंभीर स्थितियों में खून निकलने की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। परन्तु अपने बच्चे की त्वचा को लेकर काफी सावधान रहें और उस पर लोशन (lotion) और क्रीम (cream) लगाते रहें। यह बच्चे की त्वचा को ठण्ड के मौसम में कई समस्याओं से बचाने का काफी कारगर इलाज है।

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