Hindi tips for curing ear pain – कैसे कान में दर्द और संक्रमण का इलाज करें – कान का दर्द

कानों का दर्द बहुत ही दर्दनाक होता हैं। कानों का दर्द तेज आवाज़, सर्दी, जुखाम, नासिका मार्ग में रूकावट, कान में मैल का जम जाना या फिर कान का क्षतिग्रस्त हो जाना। कानों का दर्द छोटे और नवजात शिशुओं में बहुत आम बात हैं। कान में दर्द कान के बीच में बैक्टीरिया और वायरस के संक्रमण हो जाने से होता हैं। कान दर्द के कारण, यह संक्रमण मैल के जैम जाने से, पोषक ततावों की कमी हो जाने से, आनुवंशिकी, शराब की लत की वजह से होता हैं।

कान में संक्रमण, कान दर्द के कारण के कुछ सामान्य लक्षण हैं जैसे की कानों में दर्द होना, नींद आने में तकलीफ, कान से पानी का बहना, आवाज पर उत्तर ना देना और उलटी होना।

कान का दर्द घरेलु उपचार से भी सही हो सकता हैं लेकिन अगर इस संक्रमण को समय पर सही नहीं किया गया तो यह आपके कान के परदे को भी नुकसान पहुंचा सकता हैं। यह आपको बहरा भी बना सकता हैं। ऐसे बहुत सारे घरेलु नुस्खे है जो आपका बहरापन दूर कर सकते हैं और आपके संक्रमण का भी उपचार कर सकते हैं।

कान दर्द का घरेलू उपचार (Home remedy to cure ear pain / ear ache)

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कान दर्द बच्चों और बड़ों में बहुत ही आम बात हैं। बच्चों के कान का विशेष ख्याल रखना चाहिए क्योकि कान का दर्द उन्हें बहुत परेशान कर सकता हैं यहाँ तक की उनकी भूख को भी मिटा सकता हैं। इसलिए अपने कानों को हमेशा साफ़ रखें। आप अपने कानों की सफाई नहाते वक्त कर सकते हैं। कान दर्द होने के बहुत सारे कारण हो सकते हैं जैसे कड़ाके की ठंड, कान में पानी का बहना आदि। कान का दर्द बच्चे को हो चाहें या बड़े को हो, हर किसी को परेशान कर सकता हैं और उस वक्त आप हमेशा ऐसा उपचार चाहते हैं जिससे आपको तुरंत आराम मिल जायें।

घर में कानों के दर्द का घरेलू इलाज / उपाय कैसे करें (Measures to cure ear pain at Home)

  • कान के दर्द में तुरंत आराम के लिए उन्हें गर्म सेंक दें।
  • एक बोतल में जैतून का तेल लें, इसे गुनगुना बनाने के लिए गरम पानी में रखें और फिर अपने कान में इस तेल की 2-3 बूँदें डाल लें और फिर रुई के गोले से कान को बंद कर दें। आपके कान को दर्द में काफी हद तक राहत मिलेगी।
  • आप प्याज के बुरादे (प्याज का घोल या पेस्ट) का भी इस्तेमाल, कान के बाहरी त्वचा में कर सकते हैं इससे भी आपको कान के दर्द में राहत मिलेगी। इस बुरादे को अपने कान में कम से कम 45 मिनट्स के लिए रहने दें।
  • अपनी नाक को साफ़ करते रहें जिससे की पानी आपके कान की नली में ना जमे।

कान के दर्द में ध्यान में रखने वाली कुछ बातें (Points to remember while having ear ache)

अपने कान में रुई की सींख को ज़्यादा अंदर डालने से बचें क्योकि यह आपके कान के पर्दों को बंद कर सकती हैं। अगर आपके कान के परदे में कोई छिद्र हैं तो अपने कान में किसी भी प्रकार का तरल पदार्थ डालने से बचें। आप नहाते समय अपने कान में रुई रख सकते हैं जिससे की पानी आपके कान में ना जायें। अगर आपके नवजात शिशु को कान के दर्द की शिकायत हैं तो जल्द ही डॉक्टर से परामर्श लें।

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कान दर्द का देसी इलाज (Kaan dard ka desi ilaj)

  • जैतून का तेल (Olive oil) : जैतून का तेल कान के दर्द में जल्द राहत दिला सकता हैं। अगर आपको अपने कान में गूंज की अनुभूति होती हैं तो यह तेल उससे भी आपको छुटकारा दिला सकता हैं। 3-4 बूँदें जैतून की तेल की कान में डालें और फिर रुई लगा लें। इसी तरह से आप सरसों के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • प्याज (Onion) : प्याज में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक तत्व होते हैं जो कान के दर्द को सही करने में बहुत कारगर हैं। आप 2-3 प्याज लें उसका रस अपने कान में डालें 10 मिनट के लिए आपको कान के दर्द में जरुर आराम मिलेगा।
  • गरम पानी की बोतल (Hot bottle) : गरम पानी की बोतल कान के दर्द में बहुत असरदार हैं। एक गरम पानी की बोतल लें और उसे कान में जहाँ दर्द हैं वहां लगायें निश्चय ही आपको आराम मिलेगा।
  • हेयर ड्रायर (Hair dryer) : कान को कभी भी नहाने के बाद तौलिए से ना पोछें उसे हेयर ड्रायर से उसकी नमी को सुखाएं।
  • नमक (Salt) : नमक हर घर में उपलब्ध होता हैं नमक लें उसको माइक्रोवेव में 5 मिनट ले लिए गरम करें फिर कपडे में बाँध लें। कपडे में बाँध के उसे कान में रखें। इससे जो गर्मी निकलेगी वह आपके कान के दर्द के उपचार में बहुत सहायक हैं।
  • लहसुन (Garlic) : लहसुन में दर्दनाशक (analgesic) तथा एंटीबायोटिक (antibiotic) गुण होते हैं जो कान के संक्रमण से पैदा हुए दर्द को कम करने में काफी सहायता करते हैं। तिल के तेल को गर्म करें और लहसुन को छोटे छोटे टुकड़ों में काटें। इसे ठंडा होने के बाद छान लें। लहसुन के इस तेल की दो से तीन बूंदों को अपने दर्द होते कान में डाल लें। एक और विकल्प के तौर पर आप लहसुन के कुछ फाहों का रस निकालकर भी अपने कान में डाल सकते हैं।
  • अदरक (Ginger) : अदरक में शक्तिशाली जलनरोधी गुण होते हैं जो कान के कई तरह के संक्रमणों की स्थिति में आपकी सुरक्षा करते हैं। यह काफी अच्छे दर्दनिवारक का भी कार्य करता है। अदरक का ताज़ा रस निकालकर अपने कानों में डालने से दर्द, जलन और सूजन से काफी राहत मिलती है।
  • बिशप वीड ऑइल (Bishop’s weed oil) : यह कान के दर्द को ठीक करने के सबसे प्राकृतिक उपाय है। बिशप वीड के तेल को तिल के तेल के साथ मिश्रित करें और इसे गर्म करें। इस मिश्रण की 4 से 5 बूँदें अपने कानों में डालें।
  • मुलैठी (Licorice) : मुलैठी एक बेहतरीन जड़ीबूटी है जिससे आपको कान के दर्द से राहत मिलती है। मुलैठी को शुद्ध मक्खन के साथ गर्म करके एक गाढा पेस्ट बनाएं। इस मिश्रण को अपने प्रभावित कान के बाहर तब तक लगाएं, जब तक कि आपके कान के दर्द में कोई सुधार नहीं आ जाता।

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  • पुदीना (Peppermint) : पुदीने के पत्ते और तेल दोनों ही कान के दर्द को दूर करने में काफी असरदार साबित होते हैं। अपने दर्द हो रहे कान में पुदीने का ताज़ा रस डालें। वैकल्पिक तौर पर पुदीने के तेल का प्रयोग कान के आसपास करें। आप पुदीने के तेल का मिश्रण जैतून के तेल के साथ कर सकते हैं।
  • शलजम (Radish) : शलजम भी कानों का काफी बेहतरीन इलाज होता है। शलजम के ताज़े टुकड़ों को सरसों के तेल में गर्म करें। इसके बाद इसे ठंडा करके जमा कर लें। इस तेल की कुछ बूँदें अपने कान में डालें।
  • तुलसी (Basil) : तुलसी का प्रयोग कान के सामान्य दर्द और संक्रमणों का उपचार करने के लिए किया जाता है। यह कान के दर्द को ठीक करके संक्रमण को कम करने की क्षमता रखता है। तुलसी की ताज़ा पत्तियों को निचोड़कर इनसे रस निकालें। इस रस का प्रयोग कान के ऊपरी हिस्से या आसपास करें पर कान के अन्दर बिलकुल ना करें।