Hindi remedies to treat foot blisters – पैरों के छालों का घरेलू उपचार

पैरों पर छाले संभवतः गलत जूतों के चुनाव के कारण होते हैं। पैर के छालों के लक्षण हैं पैरों का लाल रहना, खुजली होना तथा पैरों में दर्द रहना। छालों का घर पर ही आसानी से इलाज हो सकता है पर अगर इन्फेक्शन पर कोई असर न हो अथवा इन्फेक्शन बढ़ जाये तो डॉक्टर से जल्द से जल्द दिखा लेना चाहिए। नीचे पैरों के छालों के लिए कुछ घरेलु उपचार दिए जा रहे हैं।

छाले छोटे फफोलों की तरह होते हैं जो कि प्रायः हथेली, पैरों अथवा चेहरे पर होते हैं। इनमे तरल द्रव्य भरा होता है जो की त्वचा की अंदरुनी तथा बाहरी परत के बीच में होता है।

पैरों पर छाले आम तौर से पसीने, गन्दगी, गर्मी, तथा नए जूते पहन कर काम करने से होने वाले घर्षण की वजह से होते है। उपरोक्त समस्याएं अपने चरम पर तब पहुँचती हैं जब हम हाईकिंग, स्केटिंग, जिम में कसरत जैसी चीज़ें करते हैं और और खासकर तब जब ऐसा करते हुए हम गलत नाप के मोज़े एवं जूते पहनते हैं।

कसे हुए ऊँचे हील वाले जूते, बार बार फिसलने वाले जूते तथा ऐसे बूट्स जो पैरों से चिपके होते हैं और पैरों पर लगातार घर्षण करते हैं पैरों के छालों का प्रमुख कारण होते हैं जो कि घर्षण ना रोके जाने की स्थिति में और भी ज़्यादा दर्दनाक हो सकते हैं। नए जूतों को ज़्यादा समय के लिए लगातार नहीं पहनना चाहिए बल्कि उन्हें कुछ समय देना चाहिए जिससे वो हमारे पैरों के अनुसार सही तरीके से व्यवस्थित हो जाएँ। पैर में छाले का घरेलू उपचार :-

छले फोड़कर द्रव्य निकालें (Burst and drain it)

छालों को फोड़ कर धो लेना उन्हें ठीक करने का सबसे आसान तथा साफ़ सुथरा तरीका है। छालों में बन रहे द्रव्य को निकाल देने से छाले के बढ़ने तथा इन्फेक्शन के बढ़ने का खतरा टल जाता है। एक कीटाणुरहित सुई ले कर छाले के किनारे को फोड़ दें। हलके हाथ से दबा कर द्रव्य को पूरी तरह से बहने दें। ऊपरी परत की त्वचा को ना निकालें जब तक छाले पूर्णतः ठीक न हो जाये। अब छालों वाले भाग पर कोई भी एंटीसेप्टिक क्रीम लगा लें।

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पैर में छाले के लिए सेब से बना सिरका (Apple cider vinegar)

सेब से बने सिरके को शुद्ध अरंडी के तेल में अच्छी तरह से मिलाकर पैरों के छालों पर दिन में 2 से 3 बार प्रयोग करने से लाभदायक परिणाम मिल सकते हैं। सेब का सिरका एक बहुत ही शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीफंगल घटक होता है जो की छालों पर इस्तेमाल करने से उनके जल्द ठीक होने में मददगार सिद्ध होता है।

पैर में छाले के उपाय के लिए पट्टी का उपयोग (Use bandage)

अगर आप जूतों का उपयोग बंद नहीं कर सकते तो छालों पर पट्टी कर अथवा जिंक ऑक्साइड टेप लगा कर जूतों का उपयोग करें। बस ध्यान रखें कि पट्टी के भीग जाने पर या गंदे हो जाने पर उसे बदल लें।

सूखी त्वचा को हटा दें (Clear the dead skin)

पुरानी त्वचा के सूख जाने पर या नयी त्वचा के आ जाने पर पुरानी त्वचा को हलके हाथ से खीच कर उखाड़ ले अथवा काट कर अलग कर दें। अब उस पर एलोवेरा का जेल अथवा क्रीम लगा कर रखें । इससे छालों को जल्द ठीक होने में मदद मिलेगी। विटामिन इ नयी त्वचा के जीर्णोद्धार में काफी मदद करता हैं।

पैर में छाले के लिए एलोवेरा (Aloe Vera)

छालों के उपचार के लिए एलोवेरा सबसे बढ़िया स्त्रोत होता है। एलोवेरा का एक पौधा लें तथा पत्तों की ऊपरी परत को हटाएं। उससे जो तरल द्रव्य निकलेगा उस द्रव्य को छालों पर लगा लें।

दलिये का इस्तेमाल (Oatmeal)

ऊँची हील पहनने के वक़्त सावधान रहने के नुस्खे

पैरों के छालों (pairon mai chale) के लिए दलिया प्राकृतिक और बहुत अच्छा उपचार होता है। थोड़ा सा दलिया लेकर उसे कूटकर तथा उसका चूरा बनाकर एक कपडे में बाँध लें। अब इसे छालों पर लगा कर कुछ समय के लिए छोड़ दें तथा कुछ देर के बाद गुनगुने पानी से धो लें। दलिये को गुनगुने पानी में मिलाकर आप अपने पैरों की सिंकाई भी कर सकते हैं। यह छालों के उपचार का एक बहुत बढ़िया तरीका है।

पैर में छाले के लिए साफ़ सफाई रखना (Personal hygiene pair mai chale ke liye)

खुद को हमेशा साफ़ सुथरा बनाए रखें और अपने पैरों तथा हाथों को धोकर साफ़ रखें। छालों को भी धोकर साफ़ सुथरा रखना काफी ज़रूरी है, जिससे इनपर फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण (fungal and bacterial infection) ना होने पाए। ऐसा होने पर इन छालों की पीड़ा और भी ज़्यादा बढ़ जाती है। अपने छालों को दिन में दो बार एंटीसेप्टिक (antiseptic) या गर्म पानी से अवश्य साफ़ करें।

एंटीबायोटिक का प्रयोग (Use of antibiotic)

आप अपने छालों को जल्दी ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक का भी प्रयोग कर सकते हैं। एंटीबायोटिक्स का प्रयोग करने का सबसे सही समय तब होता है, जब आपने अपने छाले से द्रव्य निकालकर उसे अच्छे से साफ कर लिया हो। प्रभावित भाग को साफ करें और इसपर एंटीबायोटिक क्रीम या पाउडर (antibiotic cream or powder) लगाएं, तथा इसपर एक पट्टी बांधकर इसे ढक लें।

पैर में छाले के उपाय के लिए छालों का प्लास्टर (Blister plaster)

ज़्यादातर एथलीट (athlete) तथा धावक छालों के प्लास्टर का प्रयोग ही उचित समझते हैं, क्योंकि वे जूते पहनना बंद नहीं कर सकते। आप इस प्लास्टर को अपने जूतों पर या अपने पैर के पिछले हिस्से में भी बाँध सकते हैं।

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पैरों के छालों से बचने के नुस्खे (Tips for preventing foot blisters)

  •  हमेशा नए जूतों के साथ मोज़े पहनें।
  • एक ही भाग पर बार बार कोई क्रिया ना करें। इससे त्वचा के उस भाग में जलन और परेशानी पैदा हो सकती है और वह कट फट सकती है।
  • हाईकिंग (hiking) के जूतों या पैरों को आराम प्रदान ना करने वाले जूतों को ना पहनें, क्योंकि ये पैरों में एक गर्म भाग की सृष्टि करते हैं, जो कि आगे जाकर फफोलों और छालों का रूप ले लेता है।
  • अपने पैरों को बीच बीच में ही ठंडक देकर सुखाने की कोशिश करें।
  • उस प्रभावित भाग, जहां जूतों का घर्षण हो रहा हो, को पट्टियों या जिंक ऑक्साइड टेप (zinc oxide tape) से ढककर रखें, जिससे कि उन भागों में छालों की उत्पत्ति ना हो।
  • मोज़े पहनने से पहले पैरों में टेलकम पाउडर (talcum powder) का प्रयोग करें, जिससे पैर मोज़े के अन्दर आसानी से समा जाएं और इनका जूतों के साथ घर्षण ना हो।
  • अगर आप लम्बी दूरी तक चलने या दौड़ने के बारे में सोच रहे हैं, तो अपने पैरों के उन भागों पर अच्छे से पेट्रोलियम जेली (petroleum jelly) का प्रयोग करें, जिनपर आमतौर पर छाले होने की समस्या सामने आती है।
  • नमी दूर करने वाले मोज़े पहनें, जिससे आपके पैरों में ज्यादा पसीना ना आ पाए। अगर आप सामान्य मोजों का प्रयोग कर रहे हैं, तो इन्हें दिन में दो बार अवश्य बदलें।
  • गीले मोज़े ना पहनें, क्योंकि ये पैरों में रगड़ और घर्षण उत्पन्न करते हैं, जिसके फलस्वरूप छालों की सृष्टि होती है।

पैरों के छाले दूर करने के घरेलू नुस्खे (Home Remedies for foot blisters)

पैरों के छालों का उपचार इनकी साफ सफाई का एक अहम भाग है। इन छालों को ठीक करने के कुछ जाने माने घरेलू नुस्खे उपलब्ध हैं।

  • कैस्टर ऑइल (Castor oil) यह पैरों के छालों को ठीक करने की सबसे आसान विधियों में से एक है। इसके लिए अपने पैरों के छालों से प्रभावित भाग पर थोडा सा कैस्टर ऑइल लगा लें और इसे रातभर के लिए छोड़ दें। सुबह होने तक आप पाएंगे कि आपके छाले पूरी तरह सूख चुके हैं। अपनी त्वचा के उपरी भाग को निकालने का प्रयास ना करें, बल्कि इसे प्राकृतिक रूप से निकलने दें। ऐसा ना करने पर छाले पैरों में दोबारा उत्पन्न हो जाएंगे।

घर बैठे पेडीक्योर करने के उपाय

  • गर्म पानी (Warm water) छालों के उपरी भाग को नर्म बनाने के लिए इसे दिन में एक बार 15 मिनट के लिए गर्म पानी में डुबोकर रखें। ऐसा करने पर धीरे धीरे छालों से द्रव्य बाहर निकल जाएगा और ये काफी जल्दी ठीक हो जाएंगे।
  • वेसिलीन या जेल (Vaseline or Gel) वेसिलीन या अन्य किसी भी पेट्रोलियम जेल का प्रयोग छालों को ठीक करने के लिए किया जा सकता है। रात को सोने जाने से पहले अपने छालों पर वेसिलीन या जेल लगाएं और सुबह होने पर आया असर महसूस करें।
  • छालों से द्रव्य निकालना (Draining the blister) पैरों के ज़्यादातर छाले कुछ समय में अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। पर अगर ऐसा संभव ना हो तो छालों को एक स्टर्लाइज्ड सुई (sterilized needle) की मदद से फोड़ लें और अन्दर का द्रव्य बाहर निकाल लें। परन्तु इस दौरान छालों के उपरी भाग को ना निकालें। इसे खुद सूखने दें। छालों के भाग को एक गौज़ (gauze), पट्टी या प्लास्टर (plaster) की मदद से ढक लें।
  • बर्फ (Ice) छालों के भाग पर खून की अधिक मात्रा को आने से रोकने के लिए प्रभावित भाग पर बर्फ का प्रयोग करें।
  • छालों वाले भाग को पानी से धोकर साफ़ करने से इनपर बैक्टीरिया (bacteria) हमला नहीं कर पाएंगे और संक्रमण भी उत्पन्न नहीं होगा।
  • बैक्टीरिया के हमले से बचने के लिए छालों के भाग को गन्दगी और अशुद्धियों से बचाकर रखें।
  • छालों को जितना हो सके खोलकर रखें जिससे वे जल्दी से जल्दी ठीक हो जाएं। ऐसा खासकर तब अवश्य करें, जब आप घर पर हों।
  • छालों के भाग को कमर के ऊपर तक उठाकर रखें, जिससे कि दर्द कम हो और वे जल्दी ठीक हो जाएं।
  • पैरों के छालों को सुकून पहुंचाने के लिए एक तौलिया लेकर इसे नमक और ठन्डे पानी के मिश्रण में डुबोएं। अब इस तौलिये से प्रभावित भाग की सेंक करें।
  • छालों की खुजली से छुटकारा पाने के लिए उनपर ठन्डे पानी के उपचार का प्रयोग करें। बर्फ के पानी में तौलिये को दुबोयें तथा इसे छालों से प्रभावित भाग पर रखें।

निष्कर्ष (Conclusion)

पैरों के ज़्यादातर छाले खुद ही ठीक हो जाते हैं और उन्हें किसी उपचार की आवश्यकता नहीं पड़ती। जैसे जैसे छालों के नीचे नयी त्वचा उगने लगती है, वैसे ही छालों का द्रव्य शरीर द्वारा सोख लिया जाता है। इसके बाद त्वचा का ऊपरी भाग सूखकर निकल जाता है।

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