Gastric problem solution tips in Hindi – गैस की समस्या के लिए घरेलू उपाय

कल रात आप अपने दोस्त की पार्टी में लजीज पकवान देखकर आप खुद को रोक नहीं पायें और भूख से अधिक खा बैठें और अब आपका पेट मुंह फुलाकर बैठा है? जिस तरह की दिनचर्या आज के समय में हम सब की है, उसमें पेट में गैस की समस्या बहुत ही आम है। पेट में गैस बनने की वजह से बदहज़मी और खट्टी खट्टी डकारों जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर पेट में गैस बनने की समस्या से निजात पानी है तो ये बेहद ज़रूरी है कि अपने रोज के खान पान और दिनचर्या में सावधानियां बरती जायें। पेट में गैस बनने के कारण कई हो सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको गैस के लिए कुछ घरेलू उपाय बताएंगे जिनको अपनाकर आप पेट में गैस या acidity की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

पेट में गैस की समस्या क्या है? एसिडिटी की समस्या (What is Gastric problem?)

पेट में जब अधिक मात्रा में एसिड उत्पन्न होने लगता है तो गैस की समस्या पैदा होती है। रोज की दौडभाग भरी ज़िन्दगी में भोजन करने का एक सही वक़्त ही निर्धारित नहीं हो पाता है, जिससे हर तीसरे व्यक्ति में गैस की बीमारी देखने को मिलती है। वयस्क और बुजुर्गों में गैस होना फिर भी आम है मगर अब तो पांच छः वर्ष के छोटे बच्चों में भी गैस की बीमारी देखने को मिल रही है।

हमारे पेट के मेम्ब्रेन (membrane) की एक परत होती है, जिसे गैस्ट्रिक म्यूकोसा (gastric mucosa) कहते हैं। अगर इसमें कोई परेशानी होती है, तो पेट में अतिरिक्त अम्ल (acid) पैदा होने लगता है, जिससे कि पेट में गैस बनने की समस्या होने लगती है।

पेट में गैस की समस्या का कारण? (Causes of acidity/ gastric problem)

पेट में गैस बनने का मुख्य कारण गैस्ट्रिक म्यूकोसा (gastric mucosa) में गड़बड़ी है, जो खान पान की अनियमितता की वजह से होती है। कुछ अन्य मुख्य गैस के कारण भी हैं, जैसे पेट में एसिड की अधिक मात्रा का होना, भोजन का ना पचना और अपाच्य भोजन का पेट में जमा हो जाना। हमारे शरीर में एक निर्धारित पीएच (PH) लेवल होता है, जिससे की पेट में एसिड की निर्धारित मात्रा बनती है जो कि भोजन को पचाने के लिए आवश्यक होती है। मगर कई बार ये पीएच लेवल ऊपर नीचे हो जाता है और एसिड की अतिरिक्त मात्र बनने लगती है जो कि pet me gas बनाती है। इन सभी कारणों के अलावा पेट में गैस बनने का जो एक अन्य विशेष कारण हो सकता है, वो है पेट में एच-पाइलोरी बैक्टीरिया का जमा होना। पेट में एसिडिटी के कारण पेट में और सीने में जलन का एहसास भी होता है। एक सुखी और निरोगी जीवन के लिए ज़रूरी है कि हमारे द्वारा बताये गए घरेलू उपायों को अपनाकर जल्दी से गैस की इस गंभीर बीमारी से छुटकारा पाया जायें।

गैस की बीमारी के लक्षण (symptoms of gastric problem)

पेट हमारे शरीर का एक मुख्य अंग है और अगर इसमें कोई समस्या आती है तो वो पूरे शरीर को प्रभावित करती है। किसी भी बीमारी के लक्षणों का शुरुआत में ही अगर पता चल जाये तो उसका इलाज करना आसान होता है। इसलिए ये ज़रूरी है कि उस बीमारी के लक्षणों से उसका अंदाज़ा लगाया जायें। पेट में गैस्ट्रिक प्रॉब्लम (गैस की बीमारी) के भी कुछ शुरुआती लक्षण होते हैं, जिनसे आप ये पता लगा सकते हैं कि आपको गैस की बीमारी हैं या नहीं। इसलिए हम आपको आगे कुछ बेहद महत्वपूर्ण गैस के लक्षण बता रहें हैं जिनसे आप इस गैस की गंभीर समस्या को शुरुआती दौर में पहचान कर इलाज शुरू कर सकते हैं। गैस की बीमारी होने पर शरीर में जो लक्षण दिखने लगते हैं जो कुछ इस प्रकार हैं :-

बदहज़मी (Indigestion)

पेट में गैस की बीमारी का मुख्य लक्षण बदहजमी है। बदहजमी को अगर सामान्य भाषा में कहें तो भोजन का नहीं पचना है। बदहजमी के दौरान पेट में खाना पूरी तरह हज़म नहीं हो पता है और इससे अतिरिक्त अम्ल (acid) का उत्पादन होता है। खट्टी खट्टी डकारें आने लगती है। बदहज़मी का मुख्य कारण गलत खान पान, अनियमित दिनचर्या है और आवश्यकता से अधिक मात्रा में भोजन करना हो सकता है। ज्यादा तेज़ी से बिना चबाये खाना खाने पर भी बदहज़मी हो सकती है। शारीरिक और मानसिक तनाव से भी कई बार बदहज़मी महसूस की जा सकती है। सोने से ठीक पहले खाना खाने से बदहजमी हो जाती है। इससे काफी पीड़ा और परेशानी होती है।

सीने में जलन (Heartburn)

सीने में जलन होना भी गैस की बीमारी का अहम लक्षण हैं। हार्टबर्न का मुख्य कारण पेट में तेज़ाब या एसिड का जमा होना है और पेट से आहार नाल (esophagus) में एसिड आ जाता है, जिसके कारण से सीने में जलन महसूस होती है। इससे कई बार रात में सोते समय ये एसिड मुंह में भी आ जाता है और गले में जलन होने लगती है। इसके चलते कुछ भी निगलना काफी मुश्किल हो जाता है। कई बार इसकी वजह से कई अन्य गंभीर समस्याएं भी हो जाती हैं  जैसे दिल के दौरे की समस्या आदि। ऐसी परिस्थिति में पास के किसी भी डॉक्टर की सलाह से दवाई अवश्य लें।

पेट में सूजन (Bloating)

पेट में गैस बनने की वजह से पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसा देखा गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इस समस्या की ज़्यादा शिकार होती हैं। जो लोग कब्ज (constipation) की बीमारी से पीड़ित रहते हैं उनमें पेट की सूजन होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। अगर आपके पेट में भी इस तरह की  सुजन की समस्या है तो इसे हल्के में इसे ना लें और आज ही इसका उपचार शुरू करें।

साँसों में बदबू (Bad breathe)

मुंह से बात करते समय अगर बदबू आती है तो ये भी गम्भीरता का विषय है, क्योंकि साँसों में बदबू का उत्पन्न होना भी पेट में गैस बनने का एक लक्षण है। पेट में गैस बनने पर जो एसिड बनता है वो आहार नाल द्वारा हमारे पेट से ऊपर आकर गले पर असर करता है और इसकी वजह से साँसों में बदबू आने लगती है।

पेट में गैस की समस्या के लिए घरेलू उपाय gas ka gharelu upchar (Treatment of gastric)

त्रिफला चूर्ण है गैस का अचूक इलाज (Trifala churna)

त्रिफला चूर्ण गैस की बीमारी का कई बरसों से आजमाया हुआ गैस का घरेलू उपचार है। आयुर्वेदिक त्रिफला चूर्ण पेट में गैस की समस्या की रोकथाम में काफी प्रभावी साबित होता है। अगर कुछ भी खाने के बाद आपको पेट में गैस बनने की शिकायत हो रही है तो रोजाना रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण का सेवन करें। अथवा त्रिफला का आधा चम्मच उबलते पानी में 5 से 10 मिनट के लिए डालकर रखें एवं सोने से पहले इसका सेवन करें। त्रिफला चूर्ण गैस की बीमारी का एक प्राकृतिक इलाज है जो प्राकृतिक तरीके से भोजन को डाइजेस्ट करने में मदद करता है और धीरे धीरे शरीर के पाचन तंत्र पर अपना प्रभाव डालता है और हाजमे से जुड़ी कई तरह की समस्याएँ दूर हो जाती हैं| इसका सेवन करने के अंतराल को लेकर सावधान रहें, क्योंकि यह फाइबर (fiber) से भरपूर होती है एवं इसका जरूरत से अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में दर्द एवं सूजन की समस्या आ सकती है।

पपीते से करें गैस का इलाज (Papaya for gastric problem)

अगर आपको गैस के साथ बदहजमी या अन्य कोई भी पेट से जुड़ी समस्या है तो प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक पपीते का सेवन करें। पपाया कई तरह की पेट से सम्बंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। ये अवश्य ध्यान रहें कि इसके लिए प्राकृतिक तरीके से पके हुए पपीते का ही सेवन करें। केमिकल के प्रयोग से पकाये हुए पपीते का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

गुनगुने पानी से करें गैस को छूमंतर (Get rid off from Gastric problem with warm water)

पेट की गैस और बदहज़मी को दूर करने के लिए आप गर्म पानी का भी सहारा ले सकते हैं। अगर आपको खाने के बाद गैस की शिकायत हो रही है तो आप पीने के पानी पर अवश्य ध्यान दें और कुछ दिनों तक गर्म या गुनगुने पानी का ही सेवन करें, खासकर भोजन के बाद। अगर आपने काफी भारी भोजन कर लिया है तो एक गिलास गर्म पानी का सेवन करें। इससे आपके द्वारा खाये गए मसालेदार भोजन में मौजूद वसा को, जो शरीर में फैलती जा रही है, आसानी से सोखा जा सकता है। इसकी मदद से आप जल्दी ही भारी कोलेस्ट्रॉल और मसालेदार भोजन का सेवन करने के बाद भी पूरी तरह स्वस्थ और चिंतामुक्त रह सकते हैं। अगर आपने कुछ गरिष्ठ (heavy) भोजन किया है तो भोजन के दौरान पानी ना पीयें एवं खाने के कम से कम आधे घंटे बाद गर्म पानी का सेवन करें। इसी तरह रात को सोने से पहले भी गर्म या गुनगुना पानी पीकर सोयें। सुबह उठकर खाली पेट एक गिलास गर्म पानी पीने से पेट अच्छे से साफ़ होता है और गैस बनना भी बंद हो जाती है। हर दिन सुबह उठकर खाली पेट तथा भोजन करने के बाद एक गिलास गर्म पानी का सेवन करने की आदत डालें। इससे आप स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

नींबू का रस और बेकिंग पाउडर (Lime juice with baking powder)

नींबू पेट की कई बीमारियों की अचूक औषधि है और आजकल सबके घर में बेकिंग सोडा भी आराम से मिल जाता है, क्योंकि केक आदि बनाने में यह काफी काम आता है। अगर आप नींबू का रस और बेकिंग सोडा आपस में मिला दें तो यह गैस के लिए एक बेहतरीन औषधि बन सकती है। ये उपचार गैस की समस्या को दूर करने में काफी कारगर है। एक ताजा नींबू को निचोड़ें तथा एक कटोरी में उसका रस निकल लें। अब इसमें आधा चम्मच बेकिंग सोडा (baking soda) और एक कप पानी को मिला लें। इस घोल को चम्मच से तब तक मिलाते रहें जब तक कि बेकिंग सोडा पानी में अच्छे से ना घुल जाए। अब इसे पी लें तथा गैस की समस्या से मुक्त हो जाएं। भोजन करने के बाद इसका सेवन करें, क्योंकि यह कार्बन डाइ ऑक्साइड (carbon dioxide) की उत्पत्ति में सहायता करता है जो पाचन प्रणाली के सुचारु रूप से चलने में सहायता करता है। गैस की समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए पानी में बेकिंग सोडा मिलाकर प्रतिदिन सुबह इसका सेवन खाली पेट करें। यह घरेलू नुस्खा आपको गैस की समस्या से तुरंत राहत दिलाता है।

हर्बल चाय से गैस के दर्द से छुटकारा पायें (Use of herbal tea)

हममें से बहुत कम ने हर्बल चाय की मदद से गैस से होने वाला दर्द दूर होते हुए सुना है? पुदीने, रास्पबेरी (raspberry), कैमोमाइल (chamomile) और जामुन से बनी हर्बल चाय आपके हाजमे को दुरुस्त करने में काफी कारगर साबित होती है। इनमें से अपने स्वादानुसार किसी भी हर्बल चाय को बनाकर एक बार सुबह और एक बार शाम के समय सेवन करें। गैस कि समस्या और उससे होने वाले दर्द में बहुत रहत मिलेगी। हर्बल चाय बनाते समय इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि इसे ज़्यादा देर तक ना उबाले, क्योंकि इससे इसके औषधीय गुण नष्ट हो जाते हैं।

हल्दी की पत्तियां  (Turmeric leaves to prevent gas)

हल्दी कि पत्तियां पेट में गैस बनने की समस्या का रामबाण इलाज है। टर्मरिक लीव्स हमारे शरीर के डाइजेशन सिस्टम को बूस्ट करती हैं और गैस कि वजह से होने वाली परेशानियों जैसे बदहजमी, पेट का फूलना आदि को कम करती हैं। हल्दी का सेवन करने से हमारे शरीर में लीवर के द्वारा  बाइल (bile) का उत्पादन बढ़ता हैं जो कि हमारे पेट में भोजन को पचाने में महत्वपूर्ण घटक है। हल्दी की ताजा पत्तियों को पीस कर एक गिलास गर्म दूध में मिलाकर रोज पीयें। इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होगा और गैस के दर्द से भी आराम मिलेगा।

काफी मात्रा में पानी पीयें (Drink plenty of water)

प्रतिदिन दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए। पानी का सेवन ना केवल आपको गैस की समस्या से छुटकारा दिलाता है बल्कि अन्य कई बीमारियों को भी आपके  शरीर से दूर रखता है। पानी आपके शरीर से गैस निकालने में काफी मददगार साबित होता है, क्योंकि यह अधोवायु (Farting) को बाहर करने में आपकी मदद करता है। पानी के सेवन से पेट में मौजूद गैस मलोत्सर्ग के भाग में चली जाती है और फिर शरीर से बहार उत्सर्जित हो जाती है।

अदरक, नींबू का रस और शहद से पाए एसिडिटी से छुटकारा (Ginger, lemon and honey to prevent acidity)

अदरक पेट में गैस नहीं बनने देता है और पाचन तंत्र को भी सुचारु करता है। खाने के बाद अदरक का एक टुकड़ा रोज सेवन करने दे गैस कि समस्या नहीं होती है। कटोरी में एक चम्मच अदरक का रस, एक चम्मच नींबू का रस और दो चम्मच शहद मिला लें। इस काढ़े को एक गिलास गर्म पानी में चम्मच से मिलाकर भोजन करने के बाद सेवन करें। इसके सेवन से पेट में एसिडिटी के कारण होने वाली जलन से बहुत राहत मिलती है। ध्यान रहें कि इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से गले में खराश और छाले भी हो सकते हैं।

आलू (Potatoes)

हालाँकि अगर आपको गैस की समस्या है तो आलू का सेवन ना करने कि सलाह दी जाती है क्योंकि गैस बनाता है। मगर क्या आपको पता है कि आलू का आयुर्वेद में गैस से छुटकारा पाने में प्रयोग होता है? जी हाँ! एक ताजा आलू को छीलकर उसका रस निकाल ले और भोजन से पहले रोज़ 3 बार सेवन करें। भोजन के पाचन में मदद मिलेगी और गैस की समस्या से छुटकारा मिलेगा।

उपवास (Fasting for gastric solution)

पेट में  गैस की समस्या को दूर करने के लिए व्रत करना भी अच्छा उपाय है। हफ्ते में एक या दो दिन उपवास करें। इससे पेट पूर्ण रूप से साफ और हल्का हो जाएगा। जिससे से पेट में  गैस नहीं बनेगी। मगर उपवास करते समय कुछ बातों का ख्याल रखना ज़रूरी है वरना आपको गैस से राहत मिलने कि जगह उल्टा एसिडिटी की समस्या बढ़ भी सकती है। उपवास के दौरान ध्यान रखें कि एक बार उपवास खोलकर पूरा भोजन एक साथ करने के बजाय दिन में हल्का फलाहार लेते रहें अन्यथा एक साथ भोजन से गैस बन जाएगी। उपवास के दौरान खाए जाने वाले आटे भी गैस बनाते है इसलिए उनका सेवन करते समय ध्यान रखें।

लहसुन (Garlic)

लहसुन भी गैस की समस्याओं को ठीक करने का एक बेहतरीन इलाज है। लहसुन को पीस लें तथा इसके साथ काली मिर्च के कुछ बीज, धनिया और जीरा मिश्रित करके उबाल लें। इसे कुछ मिनट तक चूल्हे पर रखें और उबलने के बाद  फिर इसमें से रस निकाल लें। अब इस मिश्रण को कमरे के तापमान तक आने दें और इसके बाद इसे पी लें। इस मिश्रण का सेवन दिन में दो बार करने से आपको काफी बेहतर परिणाम मिलेंगे।

एसिडिटी के उपाय – नारियल पानी (Gastric ka gharelu upchar ke liye coconut water)

नारियल के पानी में प्राकृतिक रूप से कई तत्व मौजूद रहते हैं जो गैस की समस्या उत्पन्न ही नहीं होने देते हैं ।  एसिडिटी की बीमारी से निजात पाने के लिए प्रातः काल नारियल पानी का सेवन करें। नारियल पानी में बहुत से विटामिन मौजूद होते हैं जो कि पेट के लिए बहुत लाभकारी है। स्वस्थ शरीर के लिए रोजाना नारियल पानी पीये।

एप्पल साइडर सिरका (Acidity ke upay mai ek apple cider vinegar)

एप्पल साइडर सिरका भोजन में अतिरिक्त स्वाद के लिए काम में लिया जाता है। एप्पल साइडर सिरका को एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर पीयें। इससे आपको तुरंत आराम होगा। अगर एप्पल साइडर सिरका उपलब्ध नहीं है तो आप सादा सिरका भी  इस्तेमाल कर सकते हैं।

पुदीना (Peppermint tea to relieve from gas problem)

पुदीना भी गैस की समस्या को ख़त्म करता है। पुदीने की पत्तियों को उबाल कर पीयें  साथ ही इसमें शहद भी मिला सकते है। पुदीना पेट के अन्दर जाकर उसे ठंडक प्रदान करता है और एसिडिटी की वजह से पेट व सीने में होने वाली जलन से राहत दिलाता है। आप चाहें तो पुदीने का तेल ठंडे पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं। ये भी गैस की समस्या से राहत देता है।

एसिडिटी का आयुर्वेदिक उपचार – छाछ (Butter milk)

छाछ को अजवाइन के साथ मिलाएं और इनका एक मिश्रण बनाएं। आप चाहें तो इस मिश्रण में काला नमक भी मिला सकते हैं। आप अजवाइन की जगह अजमोद का भी प्रयोग कर सकते हैं। गैस से तुरंत निजात पाने के लिए ये काफी असरदार उपाय है। ये पेट में जलन को कम करता है और भोजन के पाचन में भी असरदार है।

गैस के लिए योग (Yoga to get rid of gas/acidity)

अगर आप किसी भी औषधि या खाद्य उत्पाद का प्रयोग करें बिना गैस से मुक्ति चाहते हैं तो योग और व्यायाम आपके लिए सर्वश्रेष्ठ चुनाव है। आप योग को गैस के लिए घरेलू उपचार के साथ भी कर सकते हैं। हम आपको जो योगासन बताने वाले हैं उनसे आपको एसिडिटी में राहत मिलेगी, साथ ही गैस का दर्द भी कम होगा। योग की मदद से आप गैस की परेशानी से स्थायी मुक्ति पा सकते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि ये योगासन आप खाली पेट ही करें और आसन से तुरंत पहले पानी ना पीये। तो आइये जानते है गैस के लिए कुछ महत्वपूर्ण योगासन जिनका असर आपको पहले दिन से ही दिखने लगेगा।

पश्चिमोत्तनासन (Seated forward bend pose)

Seated forward bend pose

यह योगासन एक सामान्य स्ट्रेच (stretch) है जो गैस के कारण आपके पेट में फुलाव को कम करके गैस के दर्द में राहत देता है। ये योगासन दिमाग को भी शांत कर पिछले अंगों को लचीला बनाता है। इस योगासन को प्रतिदिन करने से कब्ज की शिकायत दूर होती है और पाचन तंत्र मजबूत बनता है। इस आसन को कद को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। अगर आप अपने बड़े हुए पेट को वापस से शेप में लाना चाहते हैं तो यह आसन आपके लिए सबसे बेहतर है।

कैसे करें (How to do)

  • पैरों को सामने सीधा रखकर नीचे ज़मीन पर बैठ जाए।
  • पीठ को एकदम सीधा रखें और अब आगे की तरफ झुककर अपने पैर के अंगूठे को हाथों से छूने की कोशिश करें।
  • इसी अवस्था में रूक कर धीरे धीरे पाँच से दस बार लम्बी सांस लीजिये।
  • अब वापस पीछे आ जाये।
  • इस योगासन को शुरुआत में 8-10 बार करें।
  • इस योगासन में आपके कमर से नीचे के अंगों में ऊपर की ओर खिंचाव आता है।
  • शुरुआत में हो सकता है कि आप पैरों को नहीं छू पाये, मगर इसका अभ्यास करते रहें।

गैस के उपचार के लिए अपनासन (Knees pulled to chest)

Knees pulled to chest

गैस के वजह से होने वाली समस्याओं के लिए यह मुख्य आसान है। गैस में काफी राहत देने की वजह से ही इस आसन को गैसहारक आसान भी कहा जाता है। पाचन संबंधी अवस्थाओं के अलावा यह पीछे के निचले हिस्से को flexible बनाए रखता है। इसके अलावा यह पीठ दर्द और स्पाइनल पेन में भी आराम दिलाता है।

कैसे करें (How to do)

  • जमीन पर पीठ के बल सीधे लेट जाइए और अपने पैर सीधे कीजिये।
  • दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर लंबी सांस लीजिये।
  • अब सांस को छोड़ते हुए दोनों घुटनों को सीने तक लाइये।
  • घुटनों को एक तरफ से दूसरी तरफ हिलाइए।
  • 5 से 10 मिनट तक साँसे लेने और छोडने का क्रम चलते रहने दें। अब घुटनों को छोड़ दें।
  • इस प्रक्रिया को 2 से 3 बार दोहराएँ।

हस्तपदासन (Hastapadasana)

Hastapadasana

ये आसन गैस का दर्द, कमर दर्द और आँखों के नीचे होने वाले डार्क सर्कल्स से आराम दिलाता है। इस आसन को करने से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

कैसे करें (How to do)

  • पैरों को पास रखते हुए सीधे खड़े हो जाए।
  • लम्बी साँस अंदर लेंऔर दोनों हाथों को ऊपर ले जाए।
  • आगे की ओर नीचे झुकते हुए साँस छोड़ें और फर्श को अपनी हथेली से छुएं और सिर को घुटने से टच करें।
  • 15 से 20 सेकंड कर लिए इसी अवस्था में रुकें और गहरी साँस लेते-छोड़तेरहें।
  • साँस को अन्दर लेते हुए अपने हाथों को आगे व ऊपर की तरफ उठाएँ और धीरे धीरे खड़े हो जाए।
  • साँस छोड़ते हुए अपने हाथों को शरीर के साथ ले आएँ।

सेतुबंध सर्वांगासन (Bridge pose)

Bridge pose

इस आसान में शरीर को सेतु (bridge) की तरह ऊपर की तरफ उठाए रखना होता है। यह आसन शरीर में फंसी गैस को बाहर निकालता है और गैस के दर्द से राहत प्रदान करता है। यह आसन आपके पाचन में मदद करता है। यह तनाव को कम करने वाले आसन के नाम से भी जाना जाता है। यह महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी लक्षणों में सुधार कर मासिक धर्म चक्र को नियमित और सुचारु रखता है। इन सबके साथ यह सिर तथा कमर के दर्द को कम करने में सहयोगी होता है।

कैसे करें (How to do)

  • जमीन पर पीठ के बल लेट जाइए और दोनों घुटने मोड़ ले।
  • अपने हाथों को ज़मीन पर रखिए और पैरों के पंजों को ज़मीन पर टिका दीजिये।
  • अपने शरीर को कूल्हों से ऊपर की ओर उठाइये जिससे आपके सीने को तनाव मिले।
  • अब इस अवस्था में 5 बार लंबी साँसे लीजिये और छोड़िए।
  • अब वापस जमीन पर आ जाये।

एसिडिटी के उपाय बालासन से (Child’s pose)

Child’s pose

बालासन एक आरामदायक योग है जिसे शरीर को बहुत आराम मिलता है। यह आसन करने में बहुत ही आसान व सरल है। इस आसन को नियमित करने से पेट कि मांसपेशियां मजबूत होती है। यह कंधों, सीने और पीठ से तनाव को बाहर करता है। ये आसन रीढ़ कि हड्डी को सीधा और हल्का कर रक्त के प्रवाह को ठीक करता है।

कैसे करें (How to do)

  • घुटनों के बल जमीन पर बैठे और अपने घुटनों को बहार ही तरफ फैला ले ताकि इनके बीच पर्याप्त जगह रहें।
  • अब आगे की तरफ लेट जाइए और अपने बाजू को सामने की ओर सीधा कर खींचिए।
  • 5 से 10 बार लम्बी साँसे ले और वापस अपनी पूर्व अवस्था में आ जाये।
  • इस योगासन को करते समय ध्यान रहे कि कमर बिल्कुल सीधी और माथा ज़मीन पर टिका हुआ होना चाहिए।

ये सभी योगासन गैस के कारण होने वाले दर्द और दुष्प्रभावों को दूर करते हैं और गैस की समस्या को जड़ से ख़त्म करते हैं। इन सभी योगासनों का लगातार नियमित अभ्यास करते रहें ताकि अगली बार आप अगर ज़्यादा भी खा लें तो आपको किसी प्रकार की चिंता ना हो।

रसोई में मौजूद मसालों से गैस की समस्या का उपचार

गैस का आयुर्वेदिक इलाज – दालचीनी (Cinnamon to stop stomach gas)

दालचीनी गैस की समस्या से निजात दिलाने वाले सबसे कारगर नुस्खों में से एक है। पानी में दालचीनी डालें तथा इसे उबाल लें। बाद में पानी को ठंडा होने दें तथा इसे पी लें।  यह गैस की समस्या का आयुर्वेदिक इलाज है, अगर आपके पेट में गैस की मात्रा अधिक हो गयी है तो दालचीनी की मात्रा पानी में बढ़ा दें। बाद में इसमें शहद भी मिला लें तथा सुबह नाश्ता करने से पहले इसका सेवन कर लें। इससे आपके स्वास्थ्य में अवश्य सुधार आयेगा। इस उपाय का पालन एक महीने तक करें और थोड़े ही दिनों में सफल परिणाम खुद देखे।

इलायची (Cardamom acidity ka desi ilaaj)

चाहें चाय बनानी हो या स्वादिष्ट भोजन बनाना हो, इलायची के बिना कुछ भी संभव नहीं है। इलायची रसोई में मौजूद मसालों में पहले नंबर पर आता है। इलायची के सेवन भोजन की पाचन क्रिया में बहुत मदद करता है और एसिडिटी के वजह से मुंह से आने वाली दुर्गन्ध का भी इलाज करता है| बेहतर परिणामों के लिए दिन में 2 से 3 बार इलायची को चबायें|

गैस का उपचार – धनिया (Coriander)

धनिया उन जड़ी बूटियों में से एक है जिसकी सुगंध काफी अच्छी होती है। लोग इसे इसकी खुशबू के लिए अलग अलग व्यंजनों में डालते हैं। आप इसकी खुशबू के अलावा इसका प्रयोग बदहज़मी होने की स्थिति में भी कर सकते हैं। अगर आपके पेट में जलन हो रही हो तो धनिये की पत्तियों को कच्चा खाएं। गैस का उपचार करने के लिए आप आधे गिलास छाछ में भुने हुए धनिये के पत्ते डालकर भी सेवन कर सकते हैं।

गैस्ट्रिक का इलाज – काली मिर्च (Black pepper)

काली मिर्च का प्रयोग खाने में स्वाद डालने के लिए किया जाता है। आप बाज़ार में मिलने वाले काली मिर्च के बीज को पीसकर भी प्रयोग में ला सकते हैं। लोगों को गैस की समस्या पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड (hydrocoloric acid) की कमी की वजह से होती है। एक बार काली मिर्च का सेवन करने पर पेट में हाजमे की समस्या दूर हो जाती है। आप इस  समस्या को दूर करने के लिए दूध में काली मिर्च मिलाकर पी सकते हैं।

एसिडिटी की दवा है हींग (Gas ka ilaj asafoetida se)

यह रसोई में पाया जाने वाला हाजमे के सबसे बढ़िया उपचारों में से एक है। डॉक्टरों का कहना है कि कोलन (colon) वात दोष का मुख्य केंद्र है – यह वह दोष है जो वायु से उत्पन्न होता है। जब कोलन में वात बढ़ जाती है तो गैस उत्पन्न हो सकती है। आयुर्वेद के अनुसार, हींग शरीर के वात दोष को संतुलित करने का काम करता है। यह साबित हो चुका है कि हींग कब्ज, उदर वायु , पेट दर्द आदि की स्थिति में काफी राहत पहुंचाता है। गैस की समस्या से बचने के लिए आप आधा चम्मच हींग को हल्के गर्म पानी में मिश्रित करके इसका सेवन भी कर सकते हैं। हींग गैस की रोकथाम के लिए एक प्रभावी तत्व है। यह आँतों के बैक्टीरिया (bacteria), जो पेट में अतिरिक्त गैस उत्पन्न करते  हैं, उन्हें रोकता है और गैस की समस्या को दूर करता है। हाजमे की समस्या को जड़ से दूर करने के लिए इस उपाय का प्रयोग दिन में 3 बार करें।

गैस के लिए सौंफ के बीजों का उपाय (Fennel seeds remedy for gas)

अगर आप उच्च कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) तथा मसालों से भरे भोजन का सेवन करके बदहज़मी से पीड़ित हो गए हैं तो जिस घरेलू नुस्खे का आपको इस्तेमाल करना चाहिए, वह है सौंफ के बीज। क्योंकि गैस की समस्या के अन्तर्गत लोग पेट फूलने के शिकार होते हैं, इस स्थिति में सौंफ के बीजों में मौजूद तेल आपकी काफी सहायता करता है। यह आपकी रसोई में पाये  जाने वाले सबसे प्रभावी और किफायती तत्वों में से एक है।

सौंफ के बीजों को पीसकर इनका चूरा बना लें। अब अपने पीने वाले पानी में आधा चम्मच सौंफ का पाउडर मिश्रित करें और इसका सेवन करें। इससे आपको काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त होगा।

पेट की गैस के लिए लौंग (Cloves for stomach gas)

हम सभी जानते हैं कि लौंग में कई औषधीय गुण होते हैं और इनमें से एक पेट की गैस को ठीक करने का गुण है। यह एक ऐसा घरेलू नुस्खा है जो आपके पेट में आँतों के द्रव्य का संचार दुरुस्त करता है तथा आपको स्वस्थ बनाता है। इससे आपको बदहज़मी और गैस्ट्रिक की समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है। आप या तो लौंग के टुकड़े का सीधा सेवन कर सकते हैं, या फिर लौंग के तेल की मदद से गैस की समस्याओं से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं।

गैस ठीक करने के लिए अजवाइन के बीज (Carom seeds to treat gas)

अजवाइन के बीज बदहज़मी और गैस की समस्या को प्रभावी रूप से दूर करने के लिए जाने जाते हैं। ये पेट में बनने वाले अतिरिक्त अम्ल (acid) का बनना कम कर आपको हाजमे की विभिन्न समस्याओं से निजात प्रदान करते हैं। आप अजवाइन के बीजों पर नमक छिड़क कर इन्हें चबा सकते हैं, या फिर अजवाइन के बीज के पाउडर और नमक को पानी में मिश्रित करके भी इसका सेवन कर सकते हैं। इस पेय पदार्थ का सेवन भारी भोजन के बाद करना काफी फायदेमंद साबित होता है। इससे आपको आपके पेट में उठ रही गैस और अन्य परेशानियों से राहत मिलती है।

जीरा (Cumin Seeds)

जीरे के साथ मिश्रित पानी का सेवन करने से गैस की रोकथाम में काफी मदद मिलती है। जीरे में आवश्यक तत्व  होते हैं जो मुंह में मौजूद लार ग्रंथियों को प्रभावित करके भोजन के सुचारु पाचन में मदद करते हैं एवं अतिरिक्त गैस की उत्पत्ति होने से रोकते हैं। एक चम्मच जीरा लें एवं इसे 10 से 15 मिनट के लिए दो कप पानी में उबालें। इसे ठंडा होने दें और इसके बाद छानकर भोजन करने के बाद इस पानी का सेवन करें। इससे गैस में तुरंत आराम मिलेगा।

गैस कि समस्या के लिए ऊपर बताएं गए सभी घरेलू नुस्खे अपनी एक सीमा तक ही इस समस्या का इलाज कर सकते हैं। मगर इस समस्या के पूर्ण निवारण के लिए आवश्यक है कि हम अपनी दिनचर्या को सुधारें। सभी गैस की समस्या से बचने के लिए लाल मिर्च, तेल वाला भोजन, माँस, अत्यधिक खट्टे भोजन, एल्कोहल, पेस्ट्रीज से परहेज करें। दिन में एक साथ भोजन करने के बजाय थोड़े थोड़े अंतराल में भोजन करें। जैसे कि सिर्फ लंच डिनर ना करें, ब्रेकफास्ट और इवनिंग स्नैक्स का भी सेवन करें। अगर आपके पास कोई भी उत्पाद उपलब्ध नहीं है तो प्रतिदिन सुबह उठकर खली पेट और रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म पानी पीकर भी आप हाज़मा ठीक कर सकते हैं।