How to improve the mineral absorption by the body – शरीर द्वारा मिनरल अवशोषण को कैसे सुधारे

आयरन हमारे लिए सही के साथ बुरा भी साबित हो सकता है।जब हम अधिक आयरन का अवशोषण नहीं करते है तब हमारे शरीर में एनीमिया (anemia) का जोखिम बढ़ सकता है, लेकिन अगर हम अधिक से ज्यादा आयरन का अवशोषण कर लेते है तब हम कोलोरेक्टल कैंसर (colorectal cancer), हृदय सम्बंधित रोग, इन्फेक्शन, न्यूरोडीजेनरेटिव डिसऑर्डर (neurodegenerative disorders) और इंफ्लेमेटरी परिस्थिति का शिकार बन सकते है।

मनुष्य के शरीर में मिनरल अवशोषण के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका विटामिन निभाता है। मिनरल जैसे विटामिन सहित फोस्फोरस, आयरन भी अनिवार्य मिनरल है जो शरीर के विकास और सुधार के लिए सहयोगी है। शरीर के कार्यो को सही से बढाए रखने के लिए शरीर में सही मिनरल अवशोषण होना आवश्यक है।

मिनरल के सुधार से हड्डियाँ मजबूत बनती है और साथ ही डेंसिटी भी सही बनी रहती है। एय्ह मिनरल आपके हार्ट बीट को नार्मल रखती है और स्वस्थ सेहत को हमेशा के लिए बनाए रखती है।

हमारे शरीर के लिए मिनरल एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन अधिक से ज्यादा कुछ भी सही नहीं है। उदहारण के लिए, रेड ब्लड सेल के निर्माण के लिए आयरन बहुत ही मुख्य योगदान प्रदान करता है। बहुत सी महिलाओं में आयरन की कमी है जिस से उनके शरीर में RBC की मात्रा माहवारी के कारण कम हो जाती है।

इसलिए सही प्रकार के मिनरल का सेवन कर आप अपने शरीर में मिनरल अवशोषण की क्षमता को बढ़ा सकेंगे। अगर आपके शरीर में सही क्षमता नहीं है तो आपको इस आर्टिकल द्वारा सहायक प्राप्त होगी, इसलिए इसे पूर्ण पढ़िए और शरीर को सेहतमंद बनाइये।

खनिज पदार्थ अवशोषण को सुधारने में विटामिन का योगदान (Role of vitamins in improving mineral absorption)

आयरन के लिए विटामिन C (Vitamin C for iron)

शरीर में सेल्स को जीवित रखने के लिए आयरन सबसे मुख्य भूमिका को निभाता है। इसलिए यह शरीर में प्राकृतिक रूप से सबसे सामान्य मिनरल है। एक्सपर्ट के अनुसार ज्यादातर आयरन सेल्स, रेड ब्लड सेल्स में मौजूद होते है जहाँ सही नियमित रूप से ऑक्सीजन को पहुँचाया जाता है। एनर्जी को बढाने की गतिविधियों में भी आयरन सबसे मुख्य कारक है। अगर आपके शरीर में सही मात्रा में आयरन नहीं है तो आप कमज़ोर, थकान को महसूस कर सकते है और साथ ही एनीमिया का शिकार बन सकते है। आप इसके लिए हरे पत्ते की सब्जियाँ, नट्स और अन्य का सेवन कर आयरन और विटामिन c को शरीर में बढ़ा सकते है। जिस से मिनरल अवशोषण की क्षमता भी बढती है।

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कैल्शियम के लिए विटामिन K (Vitamin K for calcium)

कैल्शियम एक और प्रकार का मिनरल है जो शरीर के लिए आवश्यक है। विशेष रूप से आपकी हड्डियां पूर्ण तरह से आयरन पर निर्भर रहती है। जब आपकी त्वचा पर कोई कट होता है और खून बहने लगता हिया तो उसे रोकने के लिए आपको कपडे की आवश्यकता पड़ती है। यह तब ही मुमकिन है जब आपके शरीर में अधिक मात्रा में विटामिन k मौजूद हो। यह विटामिन बोन डेंसिटी को कैल्शियम से बाइंड करने के बाद, सही से बनाए रखता है। विटामिन k सिनर्जी प्रभाव (synergy effect) को विटामिन D पर बनाता है जिस से आपका शरीर सही से कैल्शियम का उपयोग कर सके और इस से हड्डियों के रिपेयर में भी सहायक प्राप्त होती है।

विटामिन D (Vitamin D)

विटामिन D को प्राकृतिक रूप से पाने के लिए सही उपाय सूरज की किरण है। अगर आप सुबह- सुबह हलकी सूरज की किरणों को प्राप्त कर सकते है तो आप अपने शरीर को अधिक विटामिन D प्रदान करते है। विटामिन D बहुत ही आवश्यक है, शरीर में कैल्शियम का अवशोषण करने के लिए। आप पाचन तंत्र में भी कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ा सकते है जिस से बोन डेंसिटी और बोन अवशोषण सुधर सके। बेहतर होगा की आप सूरज से विटामिन D को प्राप्त करें। लेकिन आज कल वातावरण के प्रभाव के कारण, सूरज की किरणे सही पवित्र प्राप्त नहीं होती है। इसलिए, आप विटामिन D को खाने के पदार्थ से भी प्राप्त कर सकते है। उन खानों का सेवन करें जो मिनरल से भरपूर हो जैसे डेरी प्रोडक्ट, मीट / मांस और फिश।

अगर आप पाने शरीर में पोषण प्रदान करना चाहते है तो आपको पाचन तंत्र से उन पोषण को एक्सट्रेक्ट करना होगा। अगर आप सही मात्रा में अपने ब्लड स्ट्रीम में सप्लीमेंट को सप्लाई करते है तो आप आसानी से विटामिन सहित मिनरल का अवशोषण कर सकते है। अगर आपको अपने शरीर में अनेक प्रकार के मिनरल का अवशोषण करना है तो, आपको इस आर्टिकल को पूर्ण पढना चाहिए। रिसर्चर ने मिनरल जैसे जिंक, आयरन और कैल्शियम के अवशोषण क्षमता के ऊपर काम किया है।

आयरन सप्लीमेंट से सम्बंधित जोखिम (Risk associated with iron supplements)

अधिक से ज्यादा आयरन का सेवन करने से अनेक परिस्थिति जैसे अल्झाइमर, पार्किन्सन, आर्थराइटिस और डायबिटीज उत्पन्न हो सकती है। क्योंकि मनुष्य के शरीर में ऐसी कोई मैकेनिज्म नहीं है जिस से वे अधिक आयरन को निकाल सके इसलिए बेहतर होगा की आप सही मात्रा में ही आयरन का सेवन करें। अगर हमारे शरीर में आयरन कम है तब आंत आयरन का अवशोषण करता है, अगर आयरन अधिक मात्रा में है तब आंत आयरन को ब्लॉक कर देता है। लेकिन यह केवल उन आयरन के साथ होता है जो पौधों से उपलब्ध हुआ हो। हमारा पाचन तंत्र ब्लड में मौजूद आयरन को नियंत्रित नहीं कर सकता है।

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मांस का सेवन करने से शरीर में आयरन अधिक से भी ज्यादा बन जाता है और जिस से ब्रैस्ट / स्तन के कैंसर का जोखिम बढ़ता है। आयरन एक प्रो- ऑक्सीडेंट है जो ओक्सीडेटिव स्ट्रेस को बना सकता है और DNA को क्षति पहुँचा सकता है। ज्यादा मात्रा में आयरन का सेवन करने से महिलाओं में पोस्टमेनोपौसल हो सकता है जिस से उन्हें हर महीने माहवारी / पीरियड्स नहीं होंगे। आयरन की अधिक मात्रा से फ्री रेडिकल का बनना, फैट ऑक्सीडेशन, DNA डैमेज हो सकता है और इस से ब्रैस्ट कार्सिनोजेन भी हो सकता है या अन्य कार्सिनोजेन के प्रभाव को बढ़ा सकता है।

आयरन अवशोषण को बढाने के लिए सुझाव (Tips for enhancing iron absorption)

सही से खाने के मिश्रण का चुनाव करने से आप अधिक विटामिन c को प्राप्त कर सकते है और इस तरह आप शरीर में आयरन की मात्रा को बढ़ा सकते है।

खाने में हीट होने के कारण और ज्यादा लम्बे समय तक स्टोर करने से विटामिन c खाने से निकल सकता है, इसलिए ताज़े और कच्चे पदार्थ को ज्यादा खाए। जो लोग मांस खाना पसंद करते है उन्हें मांस के साथ हरे पदार्थो को मिलाना चाहिए जिस से आयरन का अवशोषण सुधर सके।

हीम आयरन के पदार्थ (Sources for heme iron)

–         चिकन और बीफ लीवर

–         बीफ – चक (chuck)

–         टर्की और चिकन

–       पानी में लाइट टूना कैंड (Light tuna canned in water)

नॉन- हीम आयरन के पदार्थ (Sources for non-heme iron)

–         बीन्स – किडनी

–         किण्वित सोया आधारित खाना जैसे फर्म टोफू

–         लेंटिल  (Lentils)

–         नट्स और बीज

–         खाने के लिए तियार, आयरन- फोर्टीफाइड सरेअल (Ready-to-eat, iron-fortified cereal)

–         पालक

–         किशमिश

विटामिन C के पदार्थ (Sources for vitamin C)

–         शिमला मिर्च (Bell peppers)

–         बेर्री

–         ब्रोक्कोली

–         फूल गोभी

–         साइट्रस फल / फ्रूट

–         अमरूद

–         खरबूज़

–         प्याज

–        अनानास (Pineapple)

उन खानों को मिलाना है जिस से आयरन अवशोषण हमारे आहार से बढ़ सके। नीचे कुछ आयरन से भरपूर खाने को दर्शाया गया है।

–    अपने नाश्ते में सरेअल के साथ संतरा रोज़ सुबह खाए या सरेअल को कटी हुयी स्ट्रॉबेरी के साथ सजाए और इसका सेवन करें।

–    एक टूना सलाद को बनाना जिसमे लाइट कैंड टूना, किडनी बीन्स, सब्जियाँ जैसे आहरे प्याज या अजवायन और हर्ब जैसे अजमोद का उपयोग किया गया हो। इसे निम्बू के रस और एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव आयल के साथ ड्रेस करें।

–    लेंटिल को अपनी साइड डिश के लिए चुने जिसे बीफ या पौलट्री के साथ खाए या लेंटिल के उपयोग से सूप बनाए और इसमें चिकन या बीफ का हल्का उपयोग करें।

–    ताज़े पालक के सलाद को कटी हुयी शिमला मिर्च, लाल प्याज, स्ट्रॉबेरी और साइट्रस विनाईग्रेटे के साथ खाए।

–    टोफू को ताज़ी ब्रोक्कोली के साथ खाए और इसके बाद मीठे में खरबूज़ या अनानास / पाइनएप्पल को खाए।

शरीर में प्रोटीन को बनाने के लिए आयरन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जिस से शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई होती है। इस से सेल का विकास और ग्रोव्थ भी होती है। अनेक कारक डाइटरी आयरन की आवश्यकता को बढाते है लेकिन NIH का सुझाव यह है की पुरुष जो 19 या 19 साल से बड़े है और महिला जो 51 साल और 51 साल से बड़ी है उन्हें रोजाना 8mg आयरन का सेवन करना चाहिए। महिलाए जिनकी उम्र 19 से 50 के बीच में है उन्हें रोजाना 18mg आयरन का सेवन करना चाहिए।

मिनरल अवशोषण की मात्रा को सुधारने के तरीके (Ways to improve mineral absorbing capacity)

खाने को चबाए ना कि निगले (Chew food without swallowing)

हम में से कुछ लोगो की आदत है किन खाने को बिना चबाए, उन्हें निगल लेना। यह हम तब करते है जब हमारे पास खाने के लिए अधिक समय नहीं होता। लेकिन यह बहुत ही गलत आदत है। आपके खाने में मौजूद विटामिन और मिनरल का सही से अवशोषण नहीं हो पाएगा। अगर आप अपने खाने को सही से चबाते है तो आप अपने खाने को छोटे- छोटे भाग में बांटते है जिस से इनकी आसानी से पचत हो जाती है और इस तरह आपकी मिनरल अवशोषण की क्षमता भी बढ़ जाती है।

एप्पल साइडर विनेगर (Apple cider vinegar)

पचाने की क्षमता खट्टे खाने से बढती है। हाँ, आपने सही पढ़ा, इसलिए रोजाना अपने आहार में 2 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को मिलाए। यह आपके खाने को छोटे- छोटे भाग में तोड़ देगा और इस तरह फैट और प्रोटीन का सही से अवशोषण हो सकेगा। एप्पल साइडर विनेगर के सहयोग से पाचन तंत्र आसानी से उत्तेजित हो जाएगा। इस से आपका शरीर आसानी से मिनरल के अवशोषण की क्षमता को बढ़ा पायेगा।

पचाने वाले सामग्री (Digestive ingredients)

यह महत्वपूर्ण है की आप उन खानों को पकाए जिस से आपको पचाने में सहायक प्राप्त हो। सबसे महत्वपूर्ण सामग्री जो पाचन में सहायक है वो है जड़ी बूटी / हर्ब और मसाले / स्पाइस। सबसे मुख्य हर्ब जिन से पचाने में सहायता प्राप्त होती है वो है तुलसी, रोसमेरी, लैवेंडर और अजमोद। मसाले भी पाचन की शक्ति को बढाते है। मसाले जैसे काली मिर्च, इलायची, दाल चीनी, सौंफ और अन्य।

किण्वित खाना (Fermented food)

एक व्यक्ति के शरीर में मिनरल के अवशोषण को बढाने के लिए किण्वित खाना बहुत ही बेहतरीन योगदान प्रदान करता है। आप किण्वित खाने को घर पर खा सकते है और इनके लाभ का आनंद उठा सकते है। कुछ किण्वित खाने जैसे दही, किण्वित सरेअल्स, किण्वित चावल और अन्य का आप सेवन घर पर कर सकते है।

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