How to treat and prevent bumps after waxing in hindi – वैक्सिंग के बाद दानों से छुटकारा कैसे पाएं?

बाल हटाने के घरेलू उपाय में एक है वैक्सिंग से हटाना। वैक्सिंग के लाभ भी है परंतु वैक्सिंग करवाने के बाद निश्चित रूप से आपकी त्वचा पर वो खुजलीदार तथा बदसूरत दाने (waxing se daane) निकलते हैं। ये काफी दर्दभरे और शर्मसार कर देने वाले होते हैं। इन दानों से प्रभावी रूप से छुटकारा पाया जा सकता है। असल में महिलाओं की त्वचा पर ये दाने ज़्यादा उभरकर आते हैं। कई बार ये दाने छोटे तथा दर्दरहित होते हैं।

लेकिन ज़्यादातर मामलों में ही ऐसा नहीं होता और इनसे आपको काफी पीड़ा होती है। मोम में काफी मात्रा में केमिकल्स (chemicals) का मिश्रण होता है। यही कारण है कि इनके प्रयोग के बाद त्वचा में दाने और खुजली की संभावना बढ़ जाती है। अगर आप समय से खुजली और दानों का ध्यान नहीं रखेंगे तो इससे समस्या गंभीर हो सकती है। नीचे इनसे बचने के वैक्सिंग करने का तरीका के बारे में बात की गयी है।

बहुत सी महिलायें अपनी वैक्सिंग की प्रक्रिया के दौरान उभार और दानों को अनुभव करती है। यद्यपि थोड़ा उभार और रूखापन एक गंदे रूप में पाया जाने वाला प्रचलित कारण है जो अगली बार होने से नहीं बचा सकता है।

धुलना (Rinse off)

मुंह पर वैक्सिंग की प्रक्रिया को पूर्ण करने के बाद अपने चेहरे को गुणात्मक क्लीनर की सहायता से साफ कर दें। इस समय पर किसी भी कड़े स्क्रबर या साबुन का प्रयोग बिल्कुल भी नही करना चाहिये।

इसे ढंके (Cover waxed part with cotton)

वैक्सिंग करने का तरीका

सूती कपड़े को लेकर वैक्स की हुई त्वचा को पूरी तरह से ढ़क दें। यह आपकी त्वचा को बाहरी धूल और प्रदूषण के कारण होने वाले दानों से सुरक्षित करने के अतिरिक्त और कुछ नही है।

मॉइस्चराइज़र (Moisturizer on waxing portion)

मॉइस्चराइज़िंग क्रीम या लोशन का प्रयोग वैक्स की हुई त्वचा के प्रभावित क्षेत्र से त्वचा की सूजन को ठीक करने के लिये की जाती है।

अखरोट (Hazel)

रूई का एक फाहा लें और अखरोट के तरल मिश्रण में डूबा लें। इसके बाद इसे अपनी वैक्स की हुई अपनी त्वचा को ठण्डा करने के लिये लगा लें और अच्छे से आराम भी पहुंचायेगी। साथ ही गर्म जगहों पर जाने से बचें।

पहले ही वैक्सिंग से होने वाले दानों का इलाज़ कैसे करें (Ways to treat waxing bumps in the first place)

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है, सही सुझावों को अपनाकर इस समस्या को होने से बचाने की कोशिश करें। अगर आपको पहले ही ये गांठे जो चुकी है तो इलाज़ करने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं है। यहाँ कुछ उपाय आपके चेहरे और त्वचा पर वैक्सिंग के बद होने वाली इन गांठों से बचने के लिये बताये जा रहे हैं।

मासिक धर्म (Do not go for waxing while you are in menstruation)

क्या आप जानती है कि आपकी त्वचा अन्य दिनों कि अपेक्षा मासिक धर्म के दिनों में अधिक संवेदनशील हो जाती है? यह अधिकतर लोगों द्वारा ज्ञात नहीं है लेकिन यह त्वचा पर गांठो के आने के कई कारणों में से शीर्ष कारण है। अत: हो सके तो इन दिनों में भद्दे गांठों से बचने के लिये वैक्सिंग की प्रक्रिया इन दिनों में न करें।

घर पर वैक्सिंग करने के सर्वोत्तम उपाय

चिकित्सा (Medication)

अगर आप किसी प्रकार की चिकित्सा करा रही हैं तो बेहतर होगा कि गांठों से बचने के लिये वैक्सिंग को आप अनदेखा करें। क्योंकि वैक्सिंग दवा के साथ क्रिया करके आपकी त्वचा पर गांठों की समस्या बढ़ा दे। उदाहरण के लिये अगर आप कोई दवा का कोर्स कर रही है जैसे रेटिन ए या एक्युटेन, तो आपको ऐसे समय वैक्सिंग की प्रक्रिया को छोड़ना चाहिये। आप छ: महीने बाद वैक्सिंग कर सकती है।

एक ही दोनों दो काम न करें (Not the two on a same day – wax kaise kare)

जिस दिन आपने अपनी त्वचा पर अपपर्णन की क्रिया की हो उसी दिन वैक्सिंग को मत करें। अपपर्णन की प्रक्रिया में त्वचा अपनी ऊपरी परत को छोड़ देती है और उसी क्षेत्र पर असामान्य गर्मी गांठों के लिये परिणाम हो सकती है और यह चुनाव खतरनाक भी हो सकता है।

शांत रहें (Stay calm)

कुछ शोधों ने यह तथ्य खोजा है कि जो लोग वैक्सिंग की प्रक्रिया में परेशान होने होते है ऐसे लोगों हेयर फॉलिकल्स को विकसित करते है जिससे त्वचा में सिकुड़न हो जाती है। अत: वैक्सिंग की प्रक्रिया को कराते समय यथासम्भव शांत और सरल रहें।

वैक्स लोशन का प्रयोग (After wax lotion – waxing ke baad dekhbhal)

वैक्सिंग प्रक्रिया के बाद वैक्स लोशन लगाना सुनिश्चित करें जो त्वचा के दर्द और अन्य परेशानियों के कारणों को कम करेगा। जिस लोशन को आप लगाने जा रहे हैं जांच लें कि वह खनिजों से युक्त हो। यह आपकी त्वचा के छिद्रों को बंद करेगा और त्वचा की आगे की समस्याओं को बढ़ायेगा।

बर्फ के टुकड़े (Ice cubes on waxed area)

वैक्सिंग के पहले और बाद में त्वचा की देखभाल के नुस्खे

त्वचा से वैक्स को हटाने के बाद यदि खून बहने की समस्या आती है तो एक बर्फ का टुकड़ा लें और तुरंत लाभ प्राप्त करने के लिये प्रभावित क्षेत्र पर रगड़ें इससे सम्स्या में आराम मिलेगा।

सही कपड़ों का चयन (What clothes to wear)

ऐसे कई घरेलू इलाज हैं जिनकी मदद से आप इन दानों को ठीक कर सकते हैं। आर आप भी इन दानों के शिकार हैं तो ऐसे कपड़े पहनने का प्रयास करें जो आरामदायक हों। यह और भी ज़्यादा अच्छा होआ आर आप प्रभावित भाग को खुला रख सकें, जिससे कि वह कपड़े के संपर्क में ना आए। आर आपने अपने पैरों में वैक्सिंग करवाई है और इसमें जगह जाह दाने उभरकर सामने आ रहे हैं तो स्कर्ट (skirt) पहनने की ज्यादा कोशिश करें। कसी हुई जीन्स (jeans) बिलकुल ना पहनें क्योंकि इससे ये दाने और भी गंभीर रूप धारण कर लेते हैं।

दानों का टोपिकल ऑइंटमेंट (The topical ointment for bumps)

अब ये काफी आवश्यक है कि आप दानों से प्रभावित भागों पर टोपिकल ऑइंटमेंट का प्रयोग करें। इस विधि का प्रयोग दाने निकलने के बाद लगातार तीन दिनों तक करते रहें। सही प्रकार से इसके प्रयोग से आपके दाने बिलकुल ठीक हो जाएंगे। ये टोपिकल ऑइंटमेंट पोलिमिक्सिन बी सलफेट (polymyxin B sulphate) तथा बेसीट्रेसिन जिंक (bacitracin zinc) से युक्त होता है। यही कारण है कि यह ऑइंटमेंट दानों को प्रभावी रूप से ठीक कर पाता है। अब आपके दानों से संक्रमण फैलने की संभावनाएं काफी कम हो जाएंगी तथा आप काफी आराम और राहत महसूस करेंगे।

दानों को साफ़ रखें (Keeping the bumps clean – waxing ki savdhani)

ऐसे कई तरीके हैं जिनकी मदद से आप त्वचा पर उभर आए लाल दानों से मुक्ति पा सकते हैं। इनसे काफी जलन होती है और आपको इससे छुटकारा पाने के लिए तुरंत उपाय करने होते हैं। एक बार जब आपकी त्वचा पर दाने उभर आएं तो आपके लिए उन्हें साफ़ सुथरा रखना काफी आवश्यक हो जाता है। यह काफी ज़रूरी है कि आप किसी औषधि से प्रभावित भागों को साफ़ करें। आपके लिए प्रभावित भाग को प्री वैक्स क्लीन्ज़र (pre wax cleanser) की मदद से साफ़ करना ज्यादा बढ़िया विकल्प साबित हो सकता है। यह भी काफी ज़रूरी है कि आप त्वचा के किसी विशेषज्ञ से बात करें और उनसे जानें कि त्वचा को साफ़ रखने की विधियां क्या हो सकती हैं।

अपने हाथ अच्छे से धोएं (Wash your hands nicely)

वैक्सिंग के विभिन्न प्रकार

दानों को छूते समय भी आपके लिए सावधान रहना काफी आवश्यक है। अगर आप इस समय असावधानी बरतें तो इससे संक्रमण फ़ैल सकता है। अगर आप दानों पर दवाई लगा रहे हैं तो दवा लगाने से पहले तथा बाद में अच्छे से हाथ धोने की प्रक्रिया बिलकुल ना भूलें। इससे संक्रमण फैलने से रूकेगा। आप पानी और साबुन की सहायता से अपने हाथों को साफ़ सुथरा रख सकते हैं। दानों को हाथ लगाने से पहले सुरक्षा दस्ताने पहन लें, जिससे दानों को कोई नुकसान ना पहुंचे और वे समय से ठीक हो जाएं।

दाने हटाने के लिए नींबू के रस का प्रयोग (Lemon juice can help heal bumps)

दाने काफी दर्दनाक और संक्रमित अवस्था में होते हैं, और इसीलिए आपके लिए यह आवश्यक है कि ऐसे किसी तत्व का प्रयोग ना करें जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचे। आपको घर पर ही दानों को प्रभावी रूप से ठीक करने के कई उत्पाद प्राप्त हो जाएंगे। अगर दाने ज्यादा पीड़ादायक और संक्रमित नहीं हैं तो इनपर नींबू के रस का प्रयोग किया जा सकता है। यह विटामिन सी (vitamin C) से भरपूर होता है और यही कारण है कि यह दानों को अच्छे से ठीक करने की क्षमता रखता है। नींबू का रस दानों को जल्दी से जल्दी सूखने में मदद करता है। इसके लिए नकली रस नहीं बल्कि असली और शुद्ध नींबू के रस का प्रयोग करें।

चाय के पेड़ का तेल (Tea tree oil is sure solution)

आप दानों पर चाय के पेड़ का तेल लगा सकते हैं। इस तेल में एंटीबैक्टीरियल (antibacterial) गुण होता है जो इसे दानों के लिये सर्वोत्त्म बना देता है। यह तेल बैक्टीरिया से लड़ने में सहायता करता है और इस प्रक्रिया में यह त्वचा सम्बंधी बहुत सी समस्याओं का भी समाधान करता है। इसके लिये आपको रूई के गोले को तेल में डुबाकर दानों पर लगाना चाहिये। ऐसा करने पर त्वचा की संवेदनशीलता कम और संक्रमण मुक्त हो जायेगी।

बेबी पाउडर (Baby powder)

अंडरआर्म के कालेपन को हल्का करने के लिए ब्यूटी टिप्स

बेबी पाउडर का निर्माण मुख्य तौर पर छोटे बच्चों और शिशुओं के लिए किया जाता है, क्योंकि ये संवेदनशील त्वचा के लिए काफी अच्छे माने जाते हैं। इस पाउडर के हमारे द्वारा प्रयोग में लाये जा रहे सामान्य पाउडर की तुलना में कई ज़्यादा गुण होते हैं, इसी वजह से इनका प्रयोग कई प्रकार की समस्याओं में किया जा सकता है। बेबी पाउडर के प्रयोग से आपकी त्वचा के रैशेस (rashes) भी ठीक हो जाते हैं। बेबी पाउडर का मुख्य रूप से प्रयोग डायपर (diaper) के रैशेस को ठीक करने के लिए किया जाता है। आप त्वचा पर वैक्सिंग कर लेने के बाद भी इसका आसानी से प्रयोग कर सकते हैं। एक बार वैक्सिंग की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद अपने हाथों और पैरों में थोड़े से बेबी पाउडर का छिड़काव करें। यह अंदरूनी रूप से बढ़े हुए बालों के लिए भी काफी अच्छा होता है तथा इन्हें निकालने के बाद त्वचा को नरम करने का भी काम करता है।

नारियल का तेल (Coconut oil)

शुद्ध नारियल का तेल त्वचा की विभिन्न प्रकार की समस्याओं को ठीक करने के काम आता है। एक बार जब आप अपने शरीर के मनचाहे भाग पर वैक्सिंग की प्रक्रिया अपना लें तो इसके बाद इसपर शुद्ध नारियल के तेल का प्रयोग करें। यह ना सिर्फ आपके शरीर को आराम प्रदान करता है, बल्कि इस पर फोड़े फुंसी होने से भी आपको बचाता है। अतः अपने शरीर पर शुद्ध नारियल के तेल से मालिश करें और इसे अपने शरीर में समाने दें। ना सिर्फ इसकी सुगंध अच्छी होती है, बल्कि इससे आपकी त्वचा भी नमीयुक्त और मुलायम बनी रहती है।

नारियल के तेल और चीनी का स्क्रब (Coconut oil sugar scrub)

आप नारियल के तेल के साथ चीनी का मिश्रण करके एक स्क्रब भी तैयार कर सकते हैं। यह उन महिलाओं के लिए काफी लाभदायक है, जिनके शरीर पर वैक्सिंग करवाने के बाद काफी मात्रा में फोड़े फुंसियां हो जाती हैं। अगर आप इतने दिनों से वैक्सिंग से परहेज कर रही थी, तो अब आपको डरने की आवश्यकता नहीं है। इस विधि से आपकी उस समस्या का निदान होगा, जो वैक्सिंग के बाद पैदा होती है और जिससे आप इतने दिनों से डर रही थी। 2 चम्मच चीनी और 2 चम्मच ब्राउन शुगर (brown sugar) को 4 चम्मच नारियल के तेल के साथ मिश्रित करें। इस मिश्रण को और भी बेहतर बनाने के लिए इसमें एक चम्मच शहद का भी मिश्रण कर लें। इसका प्रयोग शरीर के प्रभावित भागों पर करें और कुछ देर तक इसे अपने शरीर पर सूखने दें। स्नान करते समय इसे धो लें और एक नयी और स्वस्थ त्वचा प्राप्त करें।

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