How to maintain a healthy weight during pregnancy? – गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ वज़न कैसे बनाए रखें ?

गर्भावस्था एक ऐसा समय है जब आपको अपने अधिक वज़न का ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता। लेकिन वज़न के थोडा बढ़ने का यह मतलब नहीं कि आप आवश्यकता से अधिक मोटी होने लगें। गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ रूप से वज़न का बढ़ना एवं बच्चे के विकसित होते समय गर्भावस्था की पूर्ण अवधि के दौरान शरीर का वज़न बढ़ते रहना आवश्यक है।

गर्भावस्था के दौरान वज़न के जल्दी बढ़ने के सबसे सामान्य कारणों में से एक यह होता है कि माएं दो लोगों के लिए भोजन करने वाली कहावत को सच मानने लगती हैं। परन्तु अगर आपने अपने बढ़ते हुए वज़न की ओर ध्यान दिया है तो आप इसे आसानी से नियंत्रित कर सकती हैं।  आपको गर्भावस्था के दौरान वज़न कम नहीं करना चाहिए परन्तु संतुलन बनाए रखने के लिए आप अपने बढे हुए वज़न को अगले कुछ महीनों तक बरकरार रख सकती हैं।

काफी मात्रा में अतिरिक्त वज़न कई स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हाइपरटेंशन (hypertension), गर्भावस्था के काल का मधुमेह एवं मोटापे से जुड़ी अन्य समस्याएं। यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती हैं। अतः जहां आपको गर्भावस्था के दौरान अपना वज़न बढ़ाना चाहिए, वहीँ यह काफी आवश्यक है कि इस अवधि के दौरान आपका वज़न सही रहे।

How much weight gain is “healthy weight gain” in pregnancy? – गर्भावस्था के दौरान कितना वज़न स्वस्थ वज़न है?

यह शायद आपके दिमाग में आने वाली सबसे पहली बात होती है क्योंकि आप सही वज़न बरक़रार रख रही हैं या नहीं यह जानने के लिए आपके पास सही संतुलन की जानकारी होनी चाहिए।  आपकी प्रसूति विशेषज्ञ आपको यह बता पाएंगी कि आपको गर्भावस्था के दौरान हर महीने अपने वज़न में कितनी बढ़ोत्तरी करनी चाहिए जिससे कि आपका वज़न स्वास्थ्यकर रूप से बढ़े।

गर्भावस्था के पहले सही बीएमआई (BMI) वाली महिलाओं की स्थिति में वज़न पहले तीन महीनों में 1 से 2 किलो से अधिक नहीं बढ़ना चाहिए। गर्भावस्था के चौथे एवं आठवें महीने में औसतन वज़न 2 किलो से अधिक नहीं बढ़ना चाहिए।  नौवें महीने में आमतौर पर बच्चे के पूर्ण विकसित हो जाने पर भी वज़न का बढ़ना बंद हो जाता है।

यह मापदंड केवल एक आंकलन है एवं आपको अपनी गर्भावस्था का पता चलते ही अपनी प्रसूति विशेषज्ञ से अपने स्वस्थ वज़न की असल तालिका प्राप्त कर लेनी चाहिए।

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The key to maintain a healthy weight during pregnancy – गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्यकर वज़न बनाए रखने की कुंजी

आइये अब हम आपको गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्यकर वज़न बनाये रखने की कुंजी बताते हैं जो आपको गर्भावस्था का समय आसानी से पार करने में सहायता करेगा एवं बच्चे के जन्म के बाद गर्भावस्था के दौरान बढ़े वज़न को भी आसानी से कम कर देगा।

Know the healthy weight gain pattern  स्वस्थ वज़न बढाने के ढाँचे को जानें

गर्भावस्था के दौरान वज़न सही रखने के लिए यह काफी आवश्यक है कि आप इस बात से अवगत रहें कि आपको इस दौरान हर महीने कितना वज़न बढ़ाना है।  जब तक आपको इस बात का पता नहीं होगा कि कितना वज़न स्वास्थ्यकर है और कितना वज़न अहितकर, आपके लिए गर्भावस्था के दौरान अनावश्यक वज़न बढाने से खुद को रोकना काफी मुश्किल हो जाएगा। एक बार जब आपको पता चल जाए कि गर्भावस्था के दौरान कितना वज़न आपके लिए स्वास्थ्यकर होगा, तो सही समय पर सही वज़न बढ़ाना सुनिश्चित करने के लिए एक साप्ताहिक वज़न बढ़ोत्तरी तालिका का प्रयोग उपयुक्त रहेगा।

“Eating for two” is not something you should do  – दो लोगों का भोजन करना अनुचित

यह एक काफी प्रचलित कहावत है कि गर्भावस्था की स्थिति में आप दो लोगों का भोजन करती हैं, पर असल में आपके बच्चे को आपके जितने भोजन की आवश्यकता नहीं होती।  अतः जहां आप गर्भावस्था के दौरान अपनी सामान्य खुराक से अधिक भोजन कर सकती हैं, परन्तु आपको दो लोगों का भोजन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए।  काफी मात्रा में भोजन करने से आपके शरीर के वज़न में असामान्य बढ़ोत्तरी होने की संभावना होती है जिससे गर्भावस्था से पहले वज़न सामान्य रहने पर भी गर्भावस्था के दौरान आप मोटापे की शिकार हो सकती हैं।

Cut down on empty calories – खाली कैलोरी का सेवन बंद करें

गर्भावस्था के दौरान शरीर का वज़न स्वास्थ्यकर बनाए रखने के लिए यह काफी आवश्यक है कि आप अपने रोजाना के खानपान से खाली कैलोरी की मात्रा को दूर करें, क्योंकि ये कैलोरी आपके बच्चे की किसी भी प्रकार से सहायता नहीं करती एवं केवल आपके शरीर में चर्बी के रूप में जुड़ती रहती है। अतः भले ही आप गर्भवती हों पर आप वसायुक्त एवं जंक फ़ूड (junk food) का सेवन फिर भी अधिक मात्रा में नहीं कर सकती।  आपको इस बात पर नज़र रखनी होगी कि आप ऐसी कितनी कैलोरी का सेवन कर रही हैं जिनसे आपके शरीर को कोई पोषण प्राप्त नहीं हो रहा है। यदि आपका वज़न पहले से काफी ज़्यादा नहीं है तो आप सप्ताह में एक बार जंक फ़ूड का सेवन कर सकती हैं, पर सुनिश्चित करें कि आप इन्हें अपने नियमित खानपान का भाग ना बना लें।  इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा ग्रहण किया गया भोजन केवल आपके शरीर की चर्बी बढाने की बजाय आपको पोषण प्रदान कर रहा हो।

Live on healthy foods – स्वास्थ्यकर भोजन ग्रहण करें

शायद अपने सामान्यतः कभी भी अपने खानपान की ओर विशेष रूप से ध्यान ना दिया हो, पर क्योंकि अब आप गर्भवती हैं तो यह आवश्यक है कि आप ऐसे खानपान का चयन करें जो आपके शरीर के लिए काफी स्वास्थ्यकर हो।  गर्भावस्था के दौरान आपके दौरान ग्रहण किया गया भोजन आपके भ्रूण के विकास को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। आपके शरीर में एक भी पोषक पदार्थ की कमी ना सिर्फ आपके लिए बल्कि आपके अजन्मे बच्चे के लिए भी हानिकारक हो सकती है। अच्छी बात यह है कि एक बार जब आप स्वास्थ्यकर भोजन ग्रहण करने लगते हैं यो आपका वज़न स्वास्थ्यकर रूप से बढ़ेगा।

अपने खानपान में अनिवार्य रूप से अधिक मात्रा में सब्जियां एवं ताज़े फल शामिल करें। लेकिन इस बात को सुनिश्चित करें कि आप इनका सेवन करने से पहले इन्हें अच्छे से धो लें जिससे ये कीटनाशक एवं हानिकारक रसायनों से मुक्त हो जाएं।  यदि आपका वज़न अधिक तेज़ी से नहीं बढ़ रहा है तो आप सूखे मेवों का भी सेवन कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में, सूखे मेवों से पूरी तरह दूर रहें क्योंकि ये शरीर में कैलोरी की मात्रा में वृद्धि करती है।

ताज़े फलों एवं सब्जियों के अलावा आपको अपने रोजाना खानपान में अनाज भी शामिल करने चाहिए। अनाज आपके शरीर में कार्बोहायड्रेट (carbohydrate) के मुख्य स्त्रोत के रूप में कार्य करते हैं जो शरीर में ऊर्जा का प्रमुख स्त्रोत है। अतः चावल, पास्ता या दालों को अपने नियमित खानपान में पर्याप्त मात्रा में शामिल करें। हालांकि, अगर आपका वज़न अधिक है तो वज़न बढ़ने से बचने के लिए सुनिश्चित करें कि रिफाइंड (refined) एवं सफ़ेद अनाज के बदले साबुत अनाज का सेवन करें।

प्रोटीन (protein) एक और महत्वपूर्ण पोषक पदार्थ है जिसकी आवश्यकता आपके शरीर को गर्भावस्था के दौरान होती है। यदि गर्भावस्था के दौरान आपका वज़न काफी तेज़ी से बढ़ रहा है तो अपने दैनिक खानपान में कम वसा युक्त जानवरों एवं पौधों से प्राप्त प्रोटीन शामिल करें। डेरी (dairy) उत्पाद भी गर्भवती महिलाओं के लिए काफी उपयोगी होते हैं पर स्वस्थ रहने के लिए कम वसा वाले उत्पादों का ही सेवन करें। स्वास्थ्यकर वसा का सेवन करने पर ध्यान केन्द्रित करें जो मछलियों, बीजों एवं नट्स (nuts) से प्राप्त होता है। अपने नियमित रसोई के तेल के बदले जैतून के तेल का इस्तेमाल करने से भी गर्भावस्था के दौरान आपको काफी लाभ होगा।

Exercise regularly – नियमित व्यायाम करें

गर्भवती होने का यह अर्थ नहीं कि आप व्यायाम करना छोड़ दें, जब तक कि आपके डॉक्टर ने विशेष रूप से ऐसा ना कहा हो। गर्भावस्था के दौरान अस्वास्थ्यकर रूप से वज़न के बढ़ने का एक कारण यह भी होता है कि आमतौर पर गर्भवती माएं अपनी दैनिक दिनचर्या से दूर हो जाती हैं एवं घर पर ही रहना पसंद करती हैं। हालांकि गर्भावस्था का समय कठोर व्यायाम का नहीं है, परन्तु स्वस्थ गर्भावस्था के लिए सुनिश्चित करें कि व्यायाम करना बंद ना हो।

कम मेहनत वाले एरोबिक्स (aerobics), फ्री हैण्ड कार्डियोवैस्कुलर free hand cardio vascular) व्यायाम शरीर का वज़न सही रखने एवं गर्भावस्था का समय बिना किसी कष्ट के समाप्त करने में काफी उपयोगी साबित होते हैं।  गर्भावस्था के दौरान वज़न को नियंत्रण में रखने के लिए तेज़ चहलकदमी एवं तैराकी जैसे व्यायाम आपके लिए काफी लाभदायक होते हैं।

Never go on a diet – कभी भी डाइट पर ना जाएं

गर्भावस्था के दौरान डाइट पर जाना या शरीर की आवश्यकताओं से कम भोजन ग्रहण करना काफी खराब निर्णय होता है एवं गर्भवती महिलाओं एवं बच्चे के लिए काफी हानिकारक भी हो सकता है।  गर्भावस्था के दौरान अपने शरीर के वज़न को नियंत्रित रखने के लिए वसा एवं कैलोरी के सेवन को कम करें पर शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों के सेवन में कभी भी कमी ना आने दें।

अतः, भले ही गर्भावस्था के शुरूआती महीनों में आपका वज़न आपकी अपेक्षाओं से अधिक बढ़ गया हो, पर आपका उद्देश्य कम भोजन करना नहीं बल्कि अपने खानपान से अस्वास्थ्यकर कैलोरी एवं वसा का उन्मूलन होना चाहिए, जिससे आपका वज़न कुछ महीनों तक बरकरार रहेगा एवं मापदंड में बराबरी आएगी।

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