10 ways to avoid gaining too much pregnancy weight – गर्भावस्था के दौरान ज़्यादा वज़न ना बढ़ने देने के 10 उपाय

गर्भावस्था के समय वज़न का ना बढ़ना अपने आप में एक काफी बड़ी चुनौती साबित होती है, खासकर तब जब आपको कभी भी कार्बोहाइड्रेट्स (carbohydrates) ज़्यादा पसंद ना रहे हों, पर जिनसे भी आप मिल रही हों, वे आपको दो लोगों का भोजन करने की सलाह दे रहे हों।

परन्तु गर्भावस्था के समय वान ज़्यादा बढ़ जाने से बच्चे के जन्म से जुड़ी समस्याएं जैसे सी सेक्शन डिलीवरी (c-section delivery) और समय से पहले बच्चे का जन्म हो सकती है। और भले ही आधे से ज़्यादा अमेरिकी महिलाओं की तरह आप गर्भावस्था की शुरुआत मोटी होकर करें, पर सही मात्रा में मोटापे का स्तर बरकरार रखने से आपको गर्भावस्था के समय के मधुमेह और प्रीएक्लैम्पसिया (preeclampsia) जैसी समस्याओं से बचकर रहने की आज़ादी मिलती है।

नीचे डॉक्टरों और खाद्य विशेषज्ञों द्वारा गर्भावस्था के समय वज़न ज़्यादा ना बढ़ाने के कुछ नुस्खे बताए गए हैं।

अगर संभव हो तो गर्भावस्था का समय एक स्वस्थ वज़न से शुरू करें (Start pregnancy at a healthy weight if possible)

डॉक्टरों के अनुसार गर्भावस्था के पहले के विटामिन (vitamins) लेने के अलावा जो सबसे महत्वपूर्ण काम आप कर सकती हैं, वह है अपनी गर्भावस्था का चरण एक स्वस्थ वजनके साथ शुरू करना।

अगर आप बच्चे को जन्म देने या माँ बनने के बारे में काफी गम्भीरता से सोच रही हैं, तो आज ही किसी डॉक्टर से इस बारे में सलाह मशविरा करें। आपके डॉक्टर आपको आपके बॉडी मास इंडेक्स (body mass index (BMI) से परिचित करवाएंगे और अगर ज़रूरत हो तो आपको वज़न घटाने के तरीकों से भी अवगत कराएंगे।

कम और बार बार खाएं (Eat moderately and often)

आपको अपने बच्चे के शरीर को पोषण देने के लिए रोज़ाना अतिरिक्त मात्रा में कैलोरी (calories) की आवश्यकता बिल्कुल नहीं होती। अगर आप स्वस्थ वज़न के साथ अपनी गर्भावस्था का चरण शुरू कर रही हैं तो वर्तमान दिशा निर्देशों के अनुसार आपको दूसरी तिमाही में रोज़ाना 340 अतिरिक्त कैलोरी और तीसरी तिमाही में रोज़ाना 450 अतिरिक्त कैलोरी ग्रहण करने की ज़रूरत होती है। अगर आपका वज़न सामान्य से कम या ज़्यादा है तो ये अंक आपके वज़न बढ़ाने के लक्ष्य के अनुसार बदलेंगे।

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ये कोई ज़्यादा अतिरिक्त कैलोरी नहीं हैं, अतः ऐसे खाद्य पदार्थों का चयन करें जो आपको भरपूर मात्रा में पोषण प्रदान कर सकें और आपका पेट भरने में सफल हो सकें।

छोटे और बार बार आहार ग्रहण करें तथा लीन प्रोटीन (lean proteins), फल और सब्ज़ियाँ काफी ज़्यादा मात्रा में खाने का प्रयास करें।

इसके बाद भोजन के बीच में कोई स्वास्थ्यकर चीज़ खाएं।

हर 3 घंटे में कोई स्वास्थ्यवर्धक भोजन करने से भोजन करने के असल समय में आप ज़्यादा खाने से बचेंगी। इससे ना सिर्फ आप अपने बच्चे को अच्छा पोषण प्रदान कर पाएंगी, बल्कि आपके रक्त का शुगर (blood sugar) भी सारा दिन सामान्य रहेगा जिससे कि रात के खाने के वक्त आपको काफी तेज़ भूख नहीं लगेगी।

ऐसे भोजन का चुनाव करें जिसमें प्रोटीन, फाइबर (fiber) और स्वास्थ्यवर्धक वसा की मात्रा निहित हो। उदाहरण के तौर पर एक सेब के साथ 2 चम्मच पीनट बटर (peanut butter)।

काफी मात्रा में फाइबर और पानी से युक्त फल जैसे अंगूर, संतरे, सेब, बेरीज (berries), नाशपाती आदि का सेवन करें। इससे आपका पेट भी भरा रहेगा और आपको कब्ज़ की समस्या भी नहीं सताएगी।

काफी मात्रा में पानी पिएं (Drink up water, that is)

गर्भावस्था के दौरान शरीर में पानी की कमी होने देना काफी हानिकारक हो सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से आपका पेट भोजन और नाश्ते के समय के बीच में भरा रहता है।

रोज़ाना कम से कम 8 गिलास या 3 लीटर पानी अवश्य पीने की चेष्टा करें। कई खाद्य विशेषज्ञ ऐसा मानते हैं कि जिस घंटे में आपने कोई हल्का शारीरिक श्रम किया हो, उस समय पानी थोड़ा ज़्यादा पीने की कोशिश करें।

पानी पर्याप्त मात्रा में पीने से कब्ज़ की समस्या से भी छुटकारा प्राप्त होता है। जब आप गर्भावस्था के चरण से गुज़र रही होती हैं तो आपके हाज़मे की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है, जो यह सुनिश्चित करता है कि आप अपने भोजन से पोषण का एक एक कण चुनकर शरीर की भलाई के लिए लगा लें। सही मात्रा में पानी पीने से पेट में कोई चीज़ रुकेगी नहीं और आपको पेट में सूजन या दर्द की समस्या का शिकार नहीं होना पड़ेगा।

गर्भावस्था के वक़्त शरीर की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए आप अपने साथ पानी की एक बोतल लेकर भी चल सकती हैं, या फिर नीम्बू या खीरे का रस पीकर अपने स्वाद में परिवर्तन भी ला सकती हैं।

खानपान की इच्छाओं को क्रियाशील रूप दें (Make your cravings constructive for vajan control ke liye)

गर्भावस्था के समय कोई भी इस बात की अपेक्षा नहीं रखता कि आप पूरी तरह से स्वादिष्ट लेकिन वर्जित खाद्य उत्पादों का सेवन करना छोड़ देंगी, क्योंकि इस समय स्वादिष्ट खाने की इच्छा करना अपने आप में काफी सामान्य बात है।

इस स्थिति में आपके लिए महत्वपूर्ण यही है कि किस तरह आप अपने बच्चे के लिए प्रोटीन और स्वास्थ्यकर वसा ग्रहण करने के बाद भी अपने खाने पीने की इच्छाओं को शांत कर पाती हैं।

डॉक्टरों के अनुसार अगर आप किसी स्वादिष्ट मगर अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ के साथ पौष्टिक भोजन मिलाकर खाएं तो आप अपनी इच्छाओं को शांत करते हुए स्वस्थ भी रह सकती हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपको मिठाई खानी है तो इसे किसी पौष्टिक और स्वास्थ्यकर भोजन के साथ खाने से आपके शरीर पर सकारात्मक प्रभाव ही पड़ेगा।

स्टार्च युक्त भोजन से परहेज करें (Make starches work harder)

गर्भवती महिलाओं के लिए कार्बोहाइड्रेट्स काफी उपयोगी साबित होते हैं, खासकर तब जब आप मतली और उल्टी की शिकार होती हैं। पर साधारण स्टार्च युक्त भोजन जैसे सफेद ब्रेड (bread), चावल और पास्ता (pasta) आपके रक्त का शुगर बढ़ाते हैं और आपको साबुत अनाज जितना पोषण भी प्रदान नहीं करते।

इसलिए कॉम्प्लेक्स (complex) कार्बोहाइड्रेट्स जैसे भूरे चावल, साबुत अनाज वाले ब्रेड और पास्ता का सेवन करें। इससे आपका पेट लम्बे समय तक भरा रहेगा और आपको अस्वास्थ्यकर भोजन करने की इच्छा नहीं होगी।

चलने फिरने की सामान्य दिनचर्या निर्धारित करें (Start a simple walking regime)

एक गर्भवती महिला के लिए चलना फिरना काफी ज़रूरी है। जो नई माएं अभी व्यायाम की महत्ता से अंजान हैं, उन्हें इस क्रिया के लिए कम से कम 10 मिनट अवश्य निकालने चाहिए। रोज़ाना 10 मिनट तक चलकर खुद की जांच करें और 1 महीने के बाद अपनी दिनचर्या में 10 मिनट और जोड़ लें। इस तरह आप पहली तिमाही खत्म होने तक रोज़ाना 30 मिनट तक चलने की आदत डाल लेंगी जिसका पालन गर्भावस्था के अंतिम चरण तक करना काफी फायदेमंद रहेगा।

इस तरह के व्यायाम से ना सिर्फ वज़न को नियंत्रित करने में सहायता प्राप्त होती है, बल्कि कार्यशील रहने से आपके शरीर में काफी कम दर्द और मरोड़ें उठने की सम्भावना रहती है।

व्यायाम करना ना छोड़ें (If you’re already moving, don’t stop)

जब तक आपके रोज़ाना के व्यायाम में कोई गम्भीर शारीरिक श्रम वाला व्यायाम ना हो, तब तक ऐसा कोई कारण नहीं है कि आप गर्भावस्था के दौरान व्यायाम करना छोड़ दें।

दौड़ना, चहलकदमी, एरोबिक्स (aerobics) आदि व्ययाम गर्भावस्था की स्थिति के बाद भी जारी रखे जा सकते हैं। आपको सिर्फ अपने हिलने डुलने की गतिविधि को अपने बच्चे के विकास के अनुरूप ढालने की ज़रूरत होती है, अन्यथा आप कोई भी काम गर्भावस्था के दौरान कर सकती हैं।

बीच बीच में अपने मनपसंद व्यंजनों का लुत्फ उठाएं (Have the occasional indulgence)

कई डॉक्टरों का यह मानना है कि गर्भावस्था का मतलब यह नहीं है कि आप खुद को अपनी पसंद की चीज़ का सेवन करने से पूरी तरह रोके रखें। हाँ यह बात ज़रूर है कि आप  व्यंजनों का सेवन नहीं कर सकती, परन्तु हफ्ते में एक बार ऐसा करना बिल्कुल भी हानिकारक नहीं है।

अपने वज़न के बारे में सलाह मशविरा करें (Make weight a regular discussion)

गर्भावस्था के पहले जब भी आप अपने डॉक्टर से मिलने जाएँ तो उनसे वज़न के बढ़ने या घटने सम्बन्धी बातों की पूरी जानकारी ले लें। इससे आपकी सेहत अच्छी बनी रहेगी और आप उनके निर्देशों का भली प्रकार पालन कर पाएंगी। आपके लिए शुरुआत से अंत तक खुद पर नज़र रखना काफी ज़रूरी है।

अगर हो सके तो स्तनपान करवाएं (Breastfeed if you can, wajan kam ke liye)

वैसे तो यह नुस्खा गर्भावस्था की स्थिति के दौरान आपके कोई काम नहीं आएगा, पर यह बात जानने योग्य है कि बच्चे के जन्म के बाद उसे स्तनपान करवाने से आपको गर्भावस्था के दौरान अपना बढ़ा हुआ वज़न कम करने में काफी आसानी होती है। अगर आप सही प्रकार से अपने बच्चे को स्तनपान करवा रही हैं तो इससे रोज़ाना 500 कैलोरी  की खपत होती है। इसके अलावा बच्चे को जन्म देने के पहले 6 हफ्तों में आपके शरीर में ऐसे कई परिवर्तन होते हैं, जिनके फलस्वरूप आपको अपना वज़न घटाने में काफी मदद प्राप्त होती है।

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