Hindi tips to get good sleeping – नींद विकार से कैसे छुटकारा पायें

बिस्तर पर लेटने के बाद नींद न आना आजकल के पुरुषों और महिलाओं की सामान्य समस्या है। अनिद्रा के कारण, सोने के विकार कई कारणों से होते है जिनमें शामिल हैं शारीरिक और मानसिक बीमारी, अनियमित सोने की योजना, असुविधाजनक बिस्तर आदि। लेकिन आगे बताये गये कुछ आसान सलाहों को अपनाकर आप अच्छी नींद पा सकते हैं।

दर्द से बाहर निकलें (Get out from pain – neend ke vikaar)

अगर कोई व्यक्ति दर्द और इसकी परेशानी को महसूस कर रहा है तो उसके लिये सो पाना निश्चित रूप से कठिन होगा। दर्द कैसा भी हो आपको नींद नहीं आयेगी। इसलिये, जब आप दवा ले रहे है तो आप सुनिश्चित हो लें कि आप दवा को बिस्तर पर जाने से एक या दो घंटे पहले ले लें और दवा को लेने के पहले और उसके बाद कैफीन उत्पादों को न लें।

बिस्तर पर जाने से पहले गुनगुने पानी से स्नान (Warm bath before going to bed)

अगर आपको लेटने पर नींद न आने की समस्या हो या सोने के बीच में जग जाते है, तो इसके लिये आपको सोने जाने से पहले गुनगुने पानी से स्नान करने की सलाह दी जाती है। यह आपकी मांसपेशियों को आराम देगा और शरीर के तनाव को दूर रखेगा।

नींद संबंधी विकार – पेय को रोकें (Drinks to restrict)

गर्भवती महिलाओं को नींद लाने में सहायता करने के लिए कुछ तरीके

ऐसे पेय जिनमें कैफीन शामिल होता है उनसे बचने की आवश्यकता है। ये आपको देर तक जगाये रख सकते है और आपको बिस्तर पर नींद आने में कठिनाई पैदा कर सकते हैं।

अनिद्रा के घरेलू उपचार – योग करें (Go on with yoga – anindra rog)

योग करना आपके शरीर और मन को आराम पहुंचाता है। यह रक्त परिसंचरण को मजबूत बनाता है और मानसिक तनाव और चिंता को दूर रखता है। योग शरीर के विभिन्न अंगों को उचित स्थिति में तैयार करता है।

वजन कम करना (Achi neend ke gharelu nuskhe lose weight)

अगर आप स्लीप एप्निया का शिकार है तो आप अधिक वजन को कम करने का प्रयास करें क्योंकि जो व्यक्ति स्लीप एप्निया से पीड़ित है उनमें वसा भंडारण के कारण हवा लेने का रास्ता संकरा हो जाता है। इसलिये वजन को कम करने के द्वारा हवा के लिये रास्ता खुल जाता है और गले के मांस पेशियां उचित स्थिति में हो जाती हैं।

नींद संबंधी विकार – सोने के घंटों को उचित बनायें (Maintain perfect sleeping hours)

प्रतिदिन एक निश्चित समय पर सोने की कोशिश करें, एक ही समय पर सोने की आदत के द्वारा आपको उसी समय पर सोने की आदत हो जायेगी। यह आपको आठ घंटे की अच्छी नींद लेने में सहायता करेगा।

अपने बिस्तर को आरामदेह बनायें (Make your bed comfortable)

अनिद्रा रोग, अगर आपका बिस्तर कड़ा है तो आप आसानी से सो नहीं सकते है। इसलिये अपने कठोर गद्दे को चिकने और मुलायम गद्दे से बदल लें। इसी प्रकार अपनी तकिया को हल्के और मुलायम से बदलें। यह आपके सिर और गर्दन को आराम देगा।

अच्छी नींद के लिए सर्वश्रेष्ठ खाद्य पदार्थ

निद्रा विकार – सोने के कमरे का माहौल अच्छा रखें (Keep the bed room ambience good)

अपने सोने के कमरे का माहौल अच्छा रखें जहाँ आपको कोई शोरगुल न सुनाई पड़े। तेज़ टेलीविज़न और संगीत से बचने की कोशिश करें। ठीक इसी तरह ऊंची आवाज में बातचीत आपको ठीक से सोने नहीं देगा। अपने सोने के कमरे को, सोने और अच्छे से समय के लिये तैयार करना सुनिश्चित करें।

अनिद्रा के कारण – निकोटीन से बचें (Avoid nicotine, neend aane ke nuskhe)

तम्बाकू तंत्रिका तंत्र के लिये उत्तेजक का कार्य करता है। अगर आपको धूम्रपान की आदत है तो अधिक धूम्रपान की आदत से बचने की कोशिश करें और शाम के समय अधिक देर तक धूम्रपान न करें। अगर आप ऐसा करते है तो यह आपके शरीर को बेचैन कर देगा।

अनिद्रा के उपचार – संगीत सोने में मदद कर सकता है (Music could help to fall asleep)

आरामदायक संगीत सुनना आपको सोने में सहायता कर सकता है। कठोर और रॉकिंग आवाज़ों को सुनने से बचें बल्कि मधुर और कोमल धुनों को सुनें जो आपको सोने में आसानी से मदद करेगा।

बिलकुल अँधेरे में सोने की कोशिश करें (Sleep in total darkness, or at least close to, anindra ka ilaj)

पुराने दर्द को रोकने के लिए खाद्य

अगर आपके कमरे में हल्की सी भी रोशनी मौजूद है तो यह आपके अंदर की घड़ी को बाधित कर सकती है, एवं आपके पिनियल (pineal) ग्रंथियों से मेलाटोनिन एवं सेरोटोनिन (melatonin and serotonin) के उत्पादन को भी रोक सकती हैं। आपकी घड़ी के रेडियो (radio) से आ रही हल्की सी रोशनी भी आपकी नींद को बाधित कर सकती है। बिल्कुल अँधेरे में सोने से आपको कैंसर (cancer) होने की संभावना काफी कम हो जाएगी। अपने सोने के कमरे का दरवाज़ा बंद रखें और नाईट लैम्प्स (night lamps) का प्रयोग ना करें। कमरे में काले पर्दों का प्रयोग करें। इस धरती पर सारा जीवन रोशनी एवं अँधेरे के तालमेल से ही आया है जिसे सर्केडियन रिदम्स (circadian rhythms) कहते हैं। नवीनतम बिजली की रोशनियों ने प्राकृतिक रिदम्स को बाधित करके आपकी अंदर की घड़ी में खराबी उत्पन्न कर दी है। छोटी से छोटी रोशनी भी आपके ऑप्टिक नर्व (optic nerve) से होते हुए आपके हाइपोथैलमस (hypothalamus) में जाती है। हाइपोथैलमस आपकी जैविक घड़ी पर नियंत्रण रखता है। रोशनी आपके मस्तिष्क को यह निर्देश भेजती है कि अब उठने का वक़्त हो गया है और आपका शरीर काम के लिए तैयार हो जाता है।

आपके कमरे का तापमान 70 डिग्री फारेनहाइट से ज़्यादा नहीं होना चाहिए (The temperature of your room should not be more than 70 degrees F)

लोग अपने घर और सोने के कमरे को काफी गर्म रखना पसंद करते हैं। शोधों में पाया गया है कि कमरे का आदर्श तापमान ठंडा होना चाहिए। यह 60 से 68 डिग्री के बीच होना चाहिए। कमरे को अतिरिक्त ठंडा या गर्म रखने से सोने में काफ तकलीफ होती है। सोते समय आपके शरीर का तापमान आपके सोने के 4 घंटे बाद अपने न्यूनतम पर चला जाता है। अतः वैज्ञानिकों का यह विश्वास है कि सोने के कमरे का अपेक्षाकृत ठंडा होना शरीर के लिए अच्छा होता है, क्योंकि यह शरीर के गिरे हुए तापमान के समान ही होता है।

सोने के कमरे में विद्युत चुम्बकीय भागों की जाँच करें (Check for electro-magnetic fields (EMFs) in your bedroom)

ये पिनियल ग्रंथियों से मेलाटोनिन एवं सेरोटोनिन (melatonin and serotonin) के उत्पादन को भी रोक सकती हैं, एवं इसके अन्य कई नकारात्मक प्रभाव आपके शरीर पर पड़ते हैं। EMFs की जांच करने के लिए आपको एक गॉस मीटर (gauss meter) की आवश्यकता होगी। आप ऑनलाइन (online) कई तरह के सस्ते और महंगे गॉस मीटरों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कई विशेषज्ञों का कहना है कि आपको सोने से पहले अपने सर्किट ब्रेकर्स (circuit breaker) को खींच देना चाहिए, जिससे कि आप अपने घर की बिजली को नियंत्रित कर सकें।

नूडल्स से बचने और स्वस्थ रहने के लिये कारण

सोने से 2 घंटे पहले किसी द्रव्य का सेवन ना करें (2 hours before going to bed don’t drink any fluids)

इससे आपके रात में उठकर बाथरूम (bathroom) जाने की संभावना काफी कम हो जाती है और आप आराम से सो पाते हैं।

सोने से ठीक पहले बाथरूम जाएं (Use the bathroom right before going to bed)

इससे आपके आधी रात को उठकर बाथरूम जाने की आदत पर लगाम लगेगी।

सोने से कुछ घंटे पहले प्रोटीन युक्त स्नैक का सेवन करें (Several hours before going to sleep have a high-protein snack)

इससे आपके शरीर को एल – ट्रिप्टोफैन (L-tryptophan) प्राप्त होगा जो मेलाटोनिन और सेरोटोनिन के उत्पादन के लिए काफी आवश्यक होता है।

सोने से कुछ घंटे पहले फल का छोटा सा टुकड़ा खाएं (Have a small piece of fruit hours before going to bed)

इससे ट्रिप्टोफैन को रक्त एवं मस्तिष्क की बाधा को पार करने की शक्ति प्राप्त होती है।

सोने से पहले अनाज और चीनी का सेवन ना करें (Avoid snacks such as grains and sugars before going to bed)

बवासीर के दौरान क्या खाएं और क्या नहीं ?

इन खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आपके रक्त में चीनी की मात्रा काफी ज़्यादा हो जाएगी और इससे आप सो भी नहीं पाएंगे। जब रक्त में चीनी की मात्रा में गिरावट आती है, जिसे हाइपोग्लाईसेमिया (hypoglycemia) कहते हैं, तो आपकी नींद अचानक आधी रात को खुल जाती है और फिर आप सो भी नहीं पाते।

किसी अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर के पास जाकर अपने एड्रेनल्स की जांच करवाएं (Go to a good natural medicine clinician to have your adrenals checked)

वैज्ञानिकों ने यह पाया है कि एड्रेनल तनाव की वजह से नींद ना आने की बीमारी हो जाती है। अगर आप रजोनिवृत्ति या रजोनिवृत्ति होने से पहले की समस्या से गुज़र रही हैं तो किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपनी जाँच करवाएं। अगर हार्मोनल परिवर्तनों को नियंत्रण में नहीं रखा गया तो इससे सोने की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

धार्मिक और उत्साहित करने वाली चीज़ें पढ़ें (Read something which is spiritual or uplifting – anidra ka upchar)

इससे आपको आराम करने में मदद प्राप्त होगी। ज़्यादा भड़काने वाली कोई चीज़, जैसे कोई रहस्यमयी कहानी की किताब ना पढ़ें, क्योंकि इससे आपके ऊपर उल्टा ही असर होगा। इससे होगा यह कि रहस्यमयी किताब पढ़ते हुए आपको इस बंद करने का मन नहीं करेगा और आप सोना भूलकर पढ़ते ही रहेंगे।

अगर सोने के बाद दिमाग में कई चीज़ें सोचने की बजाय आप सिर्फ लेटे रहें, तो आपके लिए एक जर्नल (journal) रखना सही रखेगा, जिससे आप सोने से पहले अपने मन के सारे विचार इस किताब में उतार सकें।

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