Hinditips – How to deal with heartburn during pregnancy – गर्भावस्था के दौरान छाती के जलने की समस्या का निदान

गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को पहली बार छाती में जलन होती है। पर इसमें डरने की कोई बात नहीं है क्योंकि यह हानिकारक नहीं होता तथा काफी सामान्य बात है। पर इस समय महिलाएं काफी असुविधा का अनुभव करती हैं। इस जलन में स्तन की हड्डियों से गले तक जलन होती है। ऐसी स्थिति में एक गर्भवती महिला के शरीर में हॉर्मोन आधारित परिवर्तन होते हैं।

गर्भावस्था के समय गर्भनाल द्वारा प्रोजेस्टेरोन नामक हॉर्मोन उत्पन्न होता है जो गर्भाशय को आराम देता है। छाती में जलन क्यों होती है? यह हॉर्मोन वाल्व को सुकून देने तथा पेट से भोजन नलिका को अलग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे एक गैस्ट्रिक एसिड उत्पन्न होता है जिससे जलन होती है। इस समय पाचन क्रिया धीमी पद जाती है तथा भोजन नलिका में मरोड़ उठता है जिससे आपके पेट में बढ़ते बच्चे को समस्या हो सकती है।

गर्भावस्था के दूसरे चरण में गर्भवती महिला कई तरह की गैस सम्बन्धी समस्याओं से जूझती है जिसमें छाती में जलन अहम है।

गर्भावस्था के समय छाती में जलन बढ़ाने वाले भोजन (List of foods that cause heartburn during pregnancy)

कॉफ़ी और सोडा (Coffee and soda)

गर्भावस्था के दौरान ग्रीन टी का सेवन

अगर आप कैफीन युक्त पेय पदार्थ ग्रहण करते हैं तो इससे छाती में काफी जलन होती है। ऐसा भोजन करें जिससे शरीर को लाभ हो तथा कैफीन से परहेज करें। गर्भावस्था के दौरान सोडे से भी दूर रहे।

छाती में जलन (chati mein jalan) होना – चॉकलेट (Chocolate)

चॉकलेट ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसे ज़्यादातर महिलाएं पसंद करती हैं। पर गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन करने से आप सीने में जलन की भी शिकार हो सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान क्योंकि चॉकलेट खाने का काफी मन करता है अतः थोड़ी मात्रा में ही चॉकलेट का सेवन करें। इससे आपको इसका स्वाद भी मिलेगा और आप जलन से भी बची रहेंगी।

छाती में जलन होना – शराब (Alcohol)

कुछ महिलाओं को शराब पीने की आदत होती है।अगर आपको भी ये आदत है तो इसे कम से कम गर्भावस्था के समय के लिए छोड़ दें। शराब पीना एक ऐसा अहम कारण है जिसकी वजह से महिलाएं सीने में जलन की शिकार होती हैं।

वसा युक्त भोजन (Food rich in fat)

डॉक्टरों के अनुसार गर्भावस्था के वक़्त स्वास्थ्यवर्धक भोजन ग्रहण करना चाहिए क्योंकि इससे माँ और बच्चे दोनों को फायदा पहुंचता है। आप स्वास्थ्यकर वसा का सेवन कर सकती हैं जैसे मक्खन, घी, ओमेगा 3 एवं ओमेगा 6 फैटी एसिड। इस समय तले हुए भोजन से दूर रहे।

सीने में जलन के उपाय – सीने की जलन से निपटने के तरीके (Best ways to deal with heartburn)

1. एक बार में ज़्यादा भोजन ग्रहण न करें बल्कि हर घंटे थोड़ी थोड़ी मात्रा में खाना खाते रहे। इससे पेट भी भरा रहेगा तथा आप गर्भावस्था के समय बिलकुल स्वस्थ रहेंगी।

2. खाने के बाद च्युइंग गम चबाएं क्योंकि च्युइंग गम से लार की ग्रन्थियां प्रभावित होती हैं तथा एसिड का असर नहीं होता।

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3. आपका वज़न इस समय बिलकुल सटीक होना चाहिए, न कम और ना ही ज़्यादा। गर्भावस्था के समय किये जा सकने वाले सारे व्यायाम करें।

4. अगर आपको धूम्रपान की आदत है तो इसे कम से कम गर्भावस्था के समय छोड़ दें। पेट की गैस बनाने में धूम्रपान का भी योगदान होता है।

5. हर पहर का भोजन ग्रहण करें और क्रियाशील रहे। भरे पेट में ना सोएं। इससे आपके पाचन की क्षमता पर असर पडेगा। सोने जाने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले भोजन कर लें।

गर्भावस्था के समय सीने में जलन की समस्या से निपटने के नुस्खे (Best ways to deal with heartburn during pregnancy)

सिट्रस भोजन (Citrus foods)

जिन खाद्य पदार्थों में विटामिन सी (Vitamin C) की मात्रा ज़्यादा होती है, उनका गर्भावस्था के समय के दौरान अतिरिक्त मात्रा में सेवन करने से सीने में जलन की समस्या आपको काफी भयंकर रूप से सता सकती है। संतरे, टमाटर तथा अंगूर जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने के बाद आपके सीने में जलन की समस्या गंभीर रूप से पैदा हो सकती है। परन्तु आप टर्की सैंडविच (turkey sandwich) पर सलाद के स्थान पर टमाटर डालकर ही इसका सेवन करें। सुबह उठकर नाश्ते के सीरियल (cereal) का सेवन करने के बाद कम अम्ल (acid) वाले संतरे के रस का सेवन करने का प्रयास करें।

स्वस्थ भोजन ग्रहण करें (Eat healthy food)

अगर आपका पेट पूरी तरह से भरा हो तो आपको पेट की गड़बड़ी एवं हाजमे की शिकायत होने की संभावना काफी ज़्यादा हो जाती है। निरंतर रूप से काफी भारी मात्रा में भोजन का सेवन करने से आपकी हालत और भी ज़्यादा गंभीर होती जाती है। अगर आप पेट से हैं तो इस समय आपकी भोजन करने की इच्छा सामान्य से कई गुना ज़्यादा हो जाती है। लेकिन इस तरह से अतिरिक्त मात्रा में भोजन करने से ना सिर्फ आपके, बल्कि आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर भी काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। आपको दो लोगों के लिए भोजन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। पर अपने लिए एक ख़ास आहार बनाए रखें, जिसमें रोज़ाना कई तरह के विभिन्न खाद्य पदार्थों का मिश्रण हो। इससे आपको उन पोषक पदार्थों की सही और पर्याप्त मात्रा मिल सकेगी, जिसकी आपको एवं आपके बच्चे को काफी ज़रुरत होती है। गर्भावस्था के समय के दौरान स्वास्थ्यकर आहार ग्रहण करने का पूरा प्रयास करें एवं ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें, जिनमें वसा की मात्रा काफी ज्यादा होती है।

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अपने खानपान की आदतों में बदलाव करें (Change your eating habits)

अगर आप अपने हाजमे की समस्या से निजात पाना चाहती हैं तथा इसपर नियंत्रण प्राप्त करना चाहती हैं, तो आपके लिए अपने खानपान के तरीकों एवं आदतों में बदलाव करना बेहद ज़रूरी हो जाता है। इससे आपको काफी मदद प्राप्त होती है। हाजमे की समस्या पर नियंत्रण प्राप्त करने के लिए दिन में तीन बार ज्यादा मात्रा में भोजन करने की अपेक्षा बार बार थोड़ी सी मात्रा में भोजन ग्रहण करने का प्रयास करें। रात में सोने से कम से कम तीन घंटे पहले भोजन ग्रहण कर लेने का प्रयास करें। भोजन करते वक़्त सीधेहोकर बैठें, क्योंकि इससे आपके पेट पर ज़रूरत से ज़्यादा दबाव नहीं पड़ता है।

सिर को ऊपर करके रखें (Prop your head up)

दो तकिये लें तथा इनकी सहायता से अपना सिर और कंधे उठाकर रखें। आप अपने बिस्तर की गद्दियों के नीचे कुछ रखकर भी अपने बिस्तर का सिरा कुछ इंचों तक ऊपर उठाने का प्रयास कर सकती हैं। इस हलकी उंचाई की वजह से जब आप सो रही होती हैं, तो आपके पेट का अम्ल ऊपर ईसोफैगस (oesophagus) में प्रवेश नहीं कर पाता है।

एंटासिड (Antacid hai chati me jalan ke liye)

एंटासिडस आपके सीने की जलन के लक्षणों को दूर करने का काम करता है। इसमें कैल्शियम या मैग्नीशियम (calcium or magnesium) होता है, जिसका सेवन करना गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित माना जाता है। एंटासिडस में मौजूद अतिरिक्त कैल्शियम माँ और बच्चे दोनों के लिए काफी स्वास्थ्यवर्धक होता है। ऐसे एंटासिडस ग्रहण करने से परहेज करें जिनमें एल्युमीनियम (aluminum) की मात्रा मौजूद हो, क्योंकि इससे कब्ज़ की समस्या हो सकती है एवं इसका अधिक सेवन काफी हानिकारक सिद्ध हो सकता है। सोडियम बाईकार्बोनेट (sodium bicarbonate) ग्रहण करने से भी परहेज करें, क्योंकि इसका सेवन करने से सूजन हो सकती है।

अदरक (Ginger)

अदरक आपके पेट में हो रही किसी भी गड़बड़ी को दूर करने का एक रामबाण इलाज साबित होता है। इस मसाले के प्रयोग से मतली और उलटी जैसी समस्याओं से भी पूरी तरह निजात प्राप्त होती है। ये दोनों समस्याएं आमतौर पर सीने में जलन की समस्या से किसी ना किसी तरह जुड़ी हुई होती है। अदरक गर्भावस्था की किसी भी समस्या को दूर करने का काफी बेहतरीन उपचार है। अगर आप गर्भवती हैं तो आप बिना किसी परेशानी के इसका सेवन कर सकती हैं।

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