How to prevent heat rash or prickly heat in children naturally during summer? – गर्मियों में बच्चों में गर्मियों के रैश या घमौरियों की समस्या को प्राकृतिक रूप से ठीक करने के उपाय

क्या आपका बच्चा हर बार गर्मियों में घमौरियों की शिकायत करता है? क्या वह अपनी पीठ में घमौरियों के रैशेस की वजह से बाहर दोस्तों के साथ खेल पाने में या विद्यालय जाने में परेशानी महसूस कर रहा है? अगर उपरोक्त बातें सही है तो आपको इस बात को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वह इन गर्मियों में इस समस्या का शिकार ना हो। आपको घमौरियों का इलाज करवाने के लिए अपने बच्चे को किसी डॉक्टर के पास ले जाने की आवश्यकता नहीं है। कुछ बचाव उपाय एवं आसान घरेलू नुस्खे उसे तेज़ गर्मियों में भी इस समस्या से दूर रख सकते हैं।

आपके बच्चे को हर बार गर्मियों में घमौरियां क्यों होती हैं? (Why your child gets prickly heat every summer?)

घमौरियों के रैशेस खासकर बच्चों में काफी सामान्य हैं क्योंकि वे गर्मियों के मौसम में भी अमूमन धूप में खेलना पसंद करते हैं। इसके अलावा बच्चों को अपने पसीने से भीगे कपड़े बदलने का भी ख्याल नहीं होता, जिसके फलस्वरूप उन्हें गर्मियों में घमौरियों की समस्याएं होती हैं। बच्चों की त्वचा काफी संवेदनशील होती है एवं इसलिए उन्हें गर्म एवं उमस भरे दिनों में त्वचा की सामान्य समस्याएं जैसे घमौरियां होने का काफी डर होता है।

बच्चों में घमौरियों का इलाज करने की सबसे प्रमुख समस्या यह होती है कि वे अपनी घमौरियों पर काफी खुजली करते हैं जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है एवं सामान्य संक्रमण हो सकता है, जिससे घमौरियों की समस्या और भी गंभीर हो जाती है। अतः बच्चों के लिए मौसम की शुरुआत होते ही गर्म चीज़ों की ओर झुकाव पैदा करना श्रेष्ठ बचाव उपाय है। सही बचाव उपाय घमौरियों को पैदा होने से रोकते हैं एवं इस समस्या को पूरी तरह समाप्त करते हैं।

 सामान्य घमौरियों के इलाज का प्रयोग क्यों करें? (Why opt for natural prickly heat treatments?)

शरीर से आने वाली दुर्गंध को कैसे दूर करें?

बाज़ार में पाउडर एवं कई अन्य ऐसे उत्पाद उपलब्ध हैं जो घमौरियों को दूर करने का दावा करते हैं, एवं कई बार अभिभावक बच्चों को घमौरियों की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए इन उत्पादों का इस्तेमाल भी करते हैं। हालांकि इन उत्पादों की समस्या यह है कि इनमें से अधिकतर में रसायनों का प्रयोग किया जाता है जो आसानी से एक बच्चे की मुलायम त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है।

अतः जब बच्चों में घमौरियों का इलाज करने की समस्या सामने आती है तो प्राकृतिक उपचारों एवं उपायों का प्रयोग करना सबसे उपयुक्त तरीका होता है।

बच्चों में प्राकृतिक रूप से घमौरियों को दूर करने के नुस्खे (Tips to prevent prickly heat rashes in children naturally)

इससे पहले कि हम बच्चों में घमौरियों का उपचार करने के सबसे प्रभावी एवं त्वचा के लिए उपयुक्त घरेलू तरीकों के बारे में जानें, सबसे पहले उन महत्वपूर्ण नुस्खों पर नज़र डालते हैं जो बच्चों में घमौरियों को रोकने में सबसे प्रभावी साबित होते हैं।

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उन्हें ढीले सूती के कपड़े पहनाएं (Make them wear loose, cotton cloth)

अपने बच्चों को घमौरियों से बचाने के लिये जो सबसे पहला एवं सबसे महत्वपूर्ण कदम अभिभावक उठा सकते हैं, वह यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे गर्म एवं उमस भरे दिनों में ढीले, सूती कपड़ों के अलावा कुछ ना पहनें।

ढीले सूती के कपड़े त्वचा तक हवा को पहुँचने देते हैं और इसे सूखा रखते हैं, जिससे पसीने की ग्रंथियों के बंद होने एवं घमौरियों के उत्पन्न होने की संभावना कम हो जाती है। ढीले सूती या लिनेन (linen) के कपड़े ना सिर्फ गर्मियों में बच्चों के लिए आरामदायक होते हैं, बल्कि ये आपके बच्चे की त्वचा का सूखा होना भी सुनिश्चित करते हैं।

उनके कपड़े बार बार बदलें (Change their clothes frequently)

बच्चे हमेशा शारीरिक रूप से कार्यशील रहते हैं एवं शारीरिक गतिविधियों के फलस्वरूप गर्मियों में पसीना निकलने की घटना भी अधिक होती है। अतः उनका पसीना निकलने से रोकने का प्रयास करने की अपेक्षा सुनिश्चित करें कि उनके कपड़ों के भीगते ही इन्हें तुरंत बदलें। अगर आपका बच्चा काफी शरारती एवं चुलबुला है तो यह कार्य काफी मेहनत भरा हो सकता है, परंतु यह घमौरियों एवं अन्य कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचने का काफी प्रभावी प्राकृतिक तरीका है।

गर्मी के दाने के लिए बार बार गीले तौलिये का प्रयोग भी उपयोगी (Frequent towel bath can be helpful)

डिटर्जेंट से होने वाली एलर्जी से प्राकर्तिक रूप से कैसे बचें

हर बार जब आप पसीने से तर होने की वजह से अपने बच्चे के कपड़ों को बदलें, तो इसके पहले एक तौलिये को पानी में भिगोकर उसकी त्वचा को हल्के से पोंछें। इससे ना सिर्फ उसकी त्वचा से सारा पसीना एवं अतिरिक्त तेल, जिससे पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाती हैं दूर हो जाएगा एवं बच्चे के शरीर का तापमान भी कम होगा। इससे पसीना निकलने में कमी आएगी और वह काफी आरामदायक महसूस करेगा।

अपने बच्चे को सीधे ताप से दूर रखें (Keep your child away from direct heat)

अपने बच्चे को सूरज के सीधे ताप से बचाकर रखने से पसीना निकलने में कमी आती है एवं आप घमौरियों से बचे रहते हैं। उसे सूरज के अपने चरम पर होने के समय घर के अंदर या कम से कम छाँव में खेलने के लिए कहें। दिन के समय कड़ी धूप होने पर उसे घर के अंदर खेलने के लिए कहें।

गर्मियों के दिनों में उसके कमरे को ठंडा रखना फायदेमंद हो सकता है। एयर कंडीशनर का प्रयोग करने के अलावा आप छाँव के लिए खिड़कियों के मोटे पर्दों एवं कमरे के चारों ओर पौधे लगाने का कार्य कर सकते हैं।

खानपान की आदतों में बदलाव (Make some changes in his food habit)

आपका बच्चा जो भी खाता है, उसका सीधा प्रभाव उसके शरीर के तापमान पर पड़ता है, एवं पसीने पर शरीर के तापमान का नियंत्रण होता है। अतः अपने बच्चे के खानपान में शरीर को ठंडा रखने वाली चीज़ें जोड़ने से ना सिर्फ घमौरियां उससे दूर रहेंगी, बल्कि उसे अन्य स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे पेट की समस्याओं, जो गर्मियों के दौरान आम है, से भी बचाकर रखेंगी।

सामान्य कार्ब्स, सब्ज़ियों एवं रसीले फलों को अपने नियमित आहार में शामिल करें। जानवरों के प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन करने के स्थान पर गर्मियों के दिनों में डेयरी उत्पादों एवं पौधों के प्रोटीन का सेवन करें। मिल्कशेक (Milkshakes), रस, खट्टी दही, योगर्ट (yogurt) बच्चों के पसंदीदा आहारों में आते हैं एवं आप इन खाद्य पदार्थों में विविधताएं पैदा करके अपने बच्चे को खिला सकते हैं।

नियमित अंतरालों पर उन्हें पर्याप्त पानी पिलाएं एवं अगर उसके शरीर से काफी पसीना निकल रहा है तो उसके पीने के पानी में नमक एवं चीनी मिश्रित करके सुनिश्चित करें कि उनके शरीर में पानी की कमी ना हो।

उपरोक्त तरीकों का पालन करना गर्मियों में बच्चों की घमौरियों को दूर करने में प्रभावी साबित होता है। उपरोक्त बचाव उपायों के अलावा बच्चों के गर्मियों में निकलने वाली घमौरियों को ठीक करने के लिए नीचे बताये गए इलाजों का प्रयोग करें।

पेट और आस पास के सेल्यूलाइट डिम्पल को कैसे करें दूर?

बच्चों की घमौरियों को ठीक करने के प्राकृतिक उपाय (Natural remedies to prevent prickly heat in children)

बच्चे को दलिये का स्नान कराएं (Give him oatmeal bath daily)

दलिये से स्नान करना बच्चे को घमौरियों से बचाने के प्रभावी तरीकों में से एक है। दलिया त्वचा को बेहतरीन रूप से आराम प्रदान करता है एवं यह एक सौम्य एक्सफोलिएटर (exfoliator) है जो अतिरिक्त तेल को सोखता है एवं पसीने की ग्रंथियों को खुला रखने में सहायता करता है तथा घमौरियां होने से रोकता है।

अपने बच्चे के नहाने के पानी में मुट्ठीभर दलिया डालें एवं इसे 5 मिनट तक भिगोकर रखें और इसके बाद उसे इससे नहलाएं।

नहाने का नमक एवं आवश्यक तेल काफी प्रभावी कार्य करते हैं (Bathing salt and essential oils can work miraculously)

अपने बच्चे के शरीर से घमौरियों को दूर रखने के लिए उसके नहाने के पानी में नहाने के नमक के साथ जेरेनियम या युकलिप्टस (geranium or eucalyptus) के आवश्यक तेल मिश्रित करना एक प्रभावी विकल्प है। नहाने का नमक त्वचा को स्वस्थ रखता है एवं त्वचा के संक्रमणों को दूर करता है। आवश्यक तेल त्वचा को आराम प्रदान करते हैं एवं इसे रैशेस एवं चिड़चिड़ेपन से दूर रखने में मददगार साबित होते हैं।

एलोवेरा जेल आपके बच्चे का भी पसंदीदा होना चाहिए (Aloe Vera gel should be your child’s favorite too)

शुद्ध एलो वेरा जेल एक सौंदर्यवर्धक औषधि ही नहीं है, बल्कि आपको बेहतरीन त्वचा एवं बाल भी प्रदान करती है। इसके साथ ही यह आपके बच्चे से घमौरियों की समस्या को भी दूर रखती है। अपने बच्चे के रैशेस से प्रभावित भागों पर शुद्ध एलो वेरा जेल लगाएं। एलो वेरा जेल त्वचा को आराम पहुंचाता है एवं घमौरियों को पैदा होने से रोकता है।

पुदीने का पैक आपके बच्चे की त्वचा के लिए उपयुक्त (Mint pack is ideal for your child’s skin)

बच्चों को घमौरियों से बचाने के लिए उनकी त्वचा पर पुदीने के पैक का दिन में कम से कम एक बार प्रयोग करना एक प्राकृतिक उपचार है। पुदीने में एंटी माइक्रोबियल (anti-microbial) गुण होते हैं एवं यह त्वचा को ठंडा रखता है एवं पसीना निकलने को कम करता है। पुदीने की पत्तियों को मसलकर पुदीने का पैक तैयार करें एवं इसका प्रयोग अपने बच्चे के शरीर पर करें। इसे कुछ देर के लिए छोड़ दें एवं इसके बाद इसे एक गीले सूती के कपड़े से पोंछ लें।

घमौरियों को रातोंरात दूर करने के नुस्खे

घमौरियों को प्राकृतिक रूप से ठीक करने के लिए मुल्तानी मिट्टी का पैक (Fuller’s earth pack for preventing prickly heat naturally)

मुल्तानी मिट्टी एक प्राकृतिक मिट्टी है जिसमें त्वचा को पोषण प्रदान करने एवं इसे राहत देने के गुण होते हैं। गर्मियों के इस मौसम में मुल्तानी मिट्टी का प्राकृतिक ठंडा अहसास आपके बच्चे को अवश्य पसंद आएगा। पर्याप्त मात्रा में मुल्तानी मिट्टी लेकर गुलाबजल में भिगोएं एवं एक बार नरम होने पर इसे अपने बच्चे के शरीर पर लगाएं। इसे कुछ देर के लिए छोड़ दें एवं इसके बाद पानी से धो लें।

बच्चों में घमौरियों की समस्या को दूर करने के लिए नीम एवं तुलसी (Neem and Tulsi for prickly heat prevention in children)

नीम एवं तुलसी की पत्तियां अपने बेहतरीन माइक्रोबियल एवं त्वचा को आराम प्रदान करने के गुणों की वजह से जानी जाती हैं। इसके अलावा ये पसीने की ग्रंथियों से अतिरिक्त तेल के निकलने की समस्या को दूर करने, जो ग्रंथियों को बंद करने से रोकती है जिनसे घमौरियां पनपती हैं, के लिए भी उपयुक्त है। 25-30 नीम की पत्तियों को एक साथ पीसें एवं एक महीन पेस्ट बनाकर अपने बच्चे की त्वचा पर धीरे से मालिश करें। इसे 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें एवं इसके बाद उसे नहला दें।

उसे सूखा रखने के लिए चन्दन के पाउडर का प्रयोग करें (Use sandalwood powder to keep him dry)

जब आपका बच्चा विद्यालय या कक्षा में हो जहां वह बार बार कपड़े बदल ना पा रहा हो तो उसे सूती के कपड़े पहनाने से पहले उसके शरीर पर चन्दन का शुद्ध पाउडर छिड़कें। चन्दन का पाउडर ना सिर्फ पसीना रोकने में, बल्कि शरीर को ठंडक एवं त्वचा को राहत प्रदान करने में काफी बड़ी भूमिका निभाता है।

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