Hindi tips to stop bedwetting in infants – शिशुओं और छोटे बच्चों के बिस्तर गिला करने से रोकने के लिये घरेलू उपाय

बिस्तर गिला करना छोटे बच्चों और शिशुओं की सामान्य समस्या है। इसमें वे सोते समय बिना जानकारी के पेशाब कर देते हैं। बिस्तर गीला करने का प्रमुख कारण है – शिशुओं के ब्लाडर समान होते हैं और वे रात भर के लिये पेशाब को रोक नहीं पाते हैं और कुछ मामलों में वे आसानी से जग और बाहर जाकर पेशाब नहीं कर पाते हैं।

बच्चे इस आदत को समय के साथ छोड़ देते हैं, लेकिन कुछ बार यह उन्हे शर्मिंदा कर देता है और वे सामान्य रूप से शर्माते है जब इस विषय पर कोई चर्चा की जाती है। इसे रोकने के कुछ उपाय यह है।

बिस्तर गीला करने के कारण (Causes of bedwetting)

बिस्तर गीला करने के मुख्य कारण मूत्राशय को नियंत्रित करने वाली नसों, जिससे मूत्र विसर्जित होता है, का विकास होते हैं। तनाव, स्लीप एपनिया (sleep apnea), मधुमेह, असंतुलित हॉर्मोन (hormone), मूत्रवर्धकों का प्रयोग और शरीर में अत्याधिक मूत्र का संचार होना है।

बिस्तर गीला करने के लक्षण (Symptoms of bedwetting)

बिस्तर गीला करने के लक्षण अचानक मूत्र निकासी की आवश्यकता महसूस होना, कब्ज़, ज़्यादा प्यास लगना, गुप्तांगों में दाग धब्बों का पैदा होना, मूत्र निकासी के समय दर्द होना, मूत्र के रंग में बदलाव, खर्राटे लेना आदि होते हैं।

बच्चों और शिशुओं में बिस्तर गीला करने की समस्या को दूर करने के नुस्खे (Home remedies to stop bed wetting in infants and small children)

बिस्तर गीला करना – दालचीनी (Cinnamon)

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दालचीनी आपके बच्चे के बिस्तर को गीला करने से रोकने का एक आसान घरेलू उपाय है। अपने बच्चे को दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा दे और इसे अच्छे से चबाने के लिये कहें। बेहतर परिणाम के लिये इस प्रतिदिन दोहरायें। अन्य रूपों में दालचिनी पाउडर में शक्कर मिलाकर हल्के भोजन पर छिड़कें।

बच्चों का बिस्तर में पेशाब करना – भारतीय गूज़बेरी (Bachon ka bistar pe peshab karna ke liye Indian gooseberry)

आंवला या भारतीय गूज़बेरी स्वास्थ्य और त्वचा देखभाल के लिये बहुत सारे लाभ देता है। आप इसका प्रयोग बिस्तर गिला करने की समस्या में भी कर सकते हैं।

दो आंवला लें और उन्हें कुचल लें, इसमें से बीजों को हटाकर शहदऔर थोड़ी मात्रा में हल्दी को मिलायें। इस मिश्रण का एक चम्मच अपने बच्चे को रोज़ सुबह दें। इसी समस्या के लिये भारतीय गूज़बेरीऔर काली मिर्च के मिश्रण को भी दे सकते हैं।दो भारतीय गूज़बेरी के लेप में एक चुटकी काली मिर्च पाउडर को मिलाकर अपने बच्चे को रात में सोने के लिये जाने से पहले दें।

स्थानापन्न रूप से, भारतीय गूज़बेरी के साथ जीरा बीज और शक्कर का मिश्रण बनायें और अपने बच्चे को दिन में दो बार दें।

बिस्तर गीला करना – जैतून तेल (Olive oil bachon ka bistar gila karna ke liye)

अगर आप का बच्चा सालों से बिस्तर गिला कर रहा है तो आप इसके लिये जैतून के तेल को प्रयोग कर सकते हैं। जैतून के तेल को गर्म करें और एक या दो मिनट के लिये गुनगुने तापमान के लिये छोड़ दें। इस तेल को अपनी हथेली पर लेकर अपने बच्चे के निचले पेड़ू पर रगड़ें और तब कुछ मिनट तक इस क्षेत्र में मालिश करें। सकारात्मक परिणाम के लिये इस उपाय को नियमित प्रयोग करें।

बच्चों का बिस्तर में पेशाब करना – हर्बल चाय (Herbal tea)

आपके बच्चे के बिस्तर गिला करने की समस्या का एक सामान्य घरेलू उपाय है।एक कटोरी में घोड़े की पूंछ,ओक छाल और बियरबेरी ले। इन सभी सामग्रियों की थोड़ी मात्रा का मिश्रण बनायें और इस मिश्रण को उबलते पानी में डालें। अपने बच्चे को यह काढ़ा आधा कप एक दिन में दो बार दें और एक कप उसे बिस्तर पर जाने से एक घण्टे पहलें दें।

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बिस्तर पर पेशाब – अखरोट और किशमिश (Walnuts and raisins)

अपने बच्चे को अखरोट और किशमिश का स्वादिष्ट स्नैक्स दें। यह तरीका आपके बच्चे को बार बार बिस्तर को गिला करने से बचायेगा। बेहतर परिणाम के लिये इसे नियमित उपयोग में लायें।

बिस्तर पर पेशाब – क्रैनबेरी जूस (Cranberry juice hai baby ka bistar gila karna ka ilaaj)

क्रैनबेरी जूस, बच्चों में, बिस्तर गिला करने की समस्या का इलाज़ का अच्छा उपाय है। यह पेशाब नली, किडनी और मूत्राशय के लिये अच्छा है। यद्यपि अच्छा होगा कि बिस्तर पर जाने से पहले तरल पदार्थों के उपभोग से बचें। आप क्रैनबेरी जूस को अपने बच्चे को सोने से एक घण्टे पहले दें। परिणाम प्राप्त करने के लिये कुछ महीनों तक इस प्रक्रिया को अपनायें।

शहद (Honey)

शहद प्राकृतिक रूप से मीठा होता है और आपके शरीर में बिलकुल भी चर्बी का सृजन नहीं करता है। एक चम्मच शहद लें और अपने बच्चे को रोज़ रात को इसका सेवन करवाएं। आप बच्चों की इस समस्या को दूर करने के लिए उन्हें एक गिलास दूध में चीनी की जगह एक चम्मच शहद भी मिलाकर पिला सकते हैं।

सेब का सिरका (Apple cider vinegar)

बच्चे का पहला टुकड़ा – बच्चे का पहला ठोस आहार

सेब का सिरका पेट के अम्ल के स्तर को नियंत्रित करने का काम करते हैं और बार बार मूत्र निकासी की आवश्यकता को ख़त्म करते हैं। थोड़ा सा सेब का सिरका लें और इसे एक गिलास पानी के साथ मिश्रित करें। इसे अपने बच्चे को पिलाएं तथा इस पानी का सेवन दिन में कम से कम 3 बार करवाएं।

गुड़ (Jaggery se chote bachon ko bistar gila karne se rokna)

गुड़ एक काफी प्रभावी घरेलू नुस्खा है जो आपके बच्चे के शरीर को अन्दर से गर्म रखता है। आपके लिए अपने बच्चे को भोजन से पहले गुड़ का एक टुकड़ा देना काफी श्रेयस्कर होगा। आप काले तिल के बीज, गुड़ और अजवाइन को ज़्यादा मात्रा में मिश्रित भी कर सकते हैं। इस मिश्रण का एक चम्मच अपने बच्चे को सुबह दें और इसके साथ एक गिलास दूध भी प्रदान करें। इसका प्रयोग 1 से 2 महीनों तक करें यह आपके बच्चे की बिस्तर गीला करने की समस्या को दूर करने में सफल साबित होता है।

सौंफ (Fennel seeds)

सौंफ भी बिस्तर गीला करने की समस्या को दूर करने का काफी प्रभावी उपचार साबित होता है। एक गिलास गर्म दूध लें और इसमें 1 चम्मच सौंफ मिश्रित करें। इसके बाद इसमें 2 चम्मच चीनी का सिरप (syrup) मिलाएं। इसका सेवन अपने बच्चों को रोज़ करवाने से उनकी बिस्तर गीला करने की समस्या दूर होती है।