Hindi home remedies to stop sleep walking – नींद में चलना (स्लीप वाकिंग) को रोकने की घरेलू चिकित्सा

नींद में चलना एक ऐसी समस्या है, जिसके अंतर्गत एक व्यक्ति रात को सोते समय अचानक चलने लगता है। नींद में चलते समय व्यक्ति होश में बिलकुल नहीं रहता है। ऐसे लोगों को देखकर अन्य लोग हँसते हैं, पर यह कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसपर हंसा जाए। यह एक गम्भीर बीमारी है, जिसका इलाज होना चाहिए। कुछ लोगों की जीन्स (genes) में यह समस्या होती है, वहीं अन्य लोग किसी परेशानी या अन्य किसी समस्या की वजह से इस समस्या के शिकार होते हैं।

इसके लिए कुछ बचाव के उपाय अपनाएं, जैसे अपने माता पिता या घर के अन्य लोगों को बाहर से दरवाज़ा बंद कर देने के लिए कह दें, जिससे आप बाहर ना जा सकें। ऐसे कुछ प्राकृतिक नुस्खे भी हैं, जिनकी मदद से आप नींद में चलने की इस समस्या से आसानी से छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं।

नींद में चलने की समस्या देश भर में कई लोगों को हो सकती है, जब लोग नींद में उठकर चलना शुरू कर देते हैं। अपने कमरे में, घर में तो कई लोग घर से दूर भी नींद में चलते देखे जाते हैं जो कि कई बार बहुत खतरनाक भी हो सकता है। इसलिये इस समस्या का पूरे तरीके से इलाज किया जाना चाहिये और जिसके लिये तुरंत एक योग्य डॉक्टर के पास जाकर परामर्श और चिकित्स करानी चाहिये।

स्लीपिंग डिसऑर्डर या निद्रा-विचरण (स्लीप वाकिंग) के कारण (Causes of sleepwalking)

साइनस के घरेलू उपचार, सुझाव और नुस्खे

  • बाधक निंद्रा अश्वसन
  • पीरियडिक लेग मूवमेंट
  • रेस्टलेसनेस लेग सिंड्रोम
  • उद्वेग
  • गैस्ट्रोइसोफ़ेगल रिफ़्लक्स

अगर किसी को नींद में चलने की आदत है तो उसका तुरंत सही तरीके से उपचार करायें। कई बार इस बीमारी में दवाएं भी काम नहीं करती हैं।

निद्रा-विचरण से बचने के कुछ साधारण तरीके (Simple tips to avoid sleepwalking)

  • योग करें
  • व्यायाम करें
  • उपयुक्त नींद लें
  • उत्तेजित होकर न सोयें
  • तनावरहित वातावरण रखें

निद्रा-विचरण (स्लीप वाकिंग) की घरेलू चिकित्सा (Home remedies for sleepwalking)

नींद में चलने की बीमारी के लिए जल्दी उठना (Anticipatory awakening)

जिस व्यक्ति या बच्चे को नींद में चलने की आदत हो उसे सुबह 15 से 20 मिनिट जल्दी उठना चाहिये। साथ अन्य लोगों को तब तक जागते रहना चाहिये जब तक नींद में चलने वाले व्यक्ति का वह समय न निकल जाये।

नींद में चलना के लिए कारण का पता लगायें (Find out the cause)

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तनाव के कारणों का पता लगायें एवं इससे दूर रहने का प्रयास करें। अगर आपके बच्चे को यह बीमारी है तो उससे बात करें और उसकी समस्या को पहचाने।

विश्राम की तकनीकें (Relaxation techniques)

लोग सामान्यतः अपनी ख़राब दिनचर्या की वजह से तनाव में रहते हैं। पैसे और परिवार की समस्याएँ भी लोगों के तनाव का कारण बनती हैं जिससे लोग में निद्रा-विचरण की समस्या शुरू हो जाती है। इससे बचने के लिए कुछ समय काम से छुट्टी लें एवं घर से दूर किसी ऐसी जगह पे जाएँ जहाँ शान्ति हो।

नींद में चलना के लिए नियमों को अपनाएँ (Observe the pattern)

जब यह समस्या किसी बच्चे को होती है तो ज्यादा मुश्किल हो जाती है क्यूंकि बच्चों में समझ का अभाव होता है ऐसे में माता पिता को उसके नींद में चलने के समय का अवलोकन कर नियम बना लेना चाहिये कि उसके नींद में चलने के समय से 10 मिनिट पहले ही माता पिता उठ जाएँ।

नींद में चलने की बीमारी है मानसिक कल्पना (Mental imagery hai raat mein chalne ki bimaari)

मानसिक कल्पना की प्रक्रिया द्वारा भी निद्रा-विचरण से छुटकारा पाया जा सकता है। इस प्रक्रिया द्वारा कई लोगों ने इस समस्या से निजात पाई है।

नींद में चलने की समस्या को दूर करने के घरेलू नुस्खे (Home remedies to stop the sleep walk)

समस्या की जड़ तक जाएँ (Identify the root cause)

क्योंकि नींद में चलने की बीमारी के कई कारण हो सकते हैं, अतः आपको खुद की इस समस्या का कोई पुख्ता कारण ढूंढना होगा। अगर ऐसा होने का कारण तनाव है, तो आपको इस बात का पता लगाना होगा कि आपके जीवन में किस कारण से तनाव उत्पन्न हो रहा है। अपने तनाव को दूर करने के लिए पुख्ता कदम उठाएं। आप अपने दोस्तों, साथियों या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से अपने मन की बात कह सकते हैं, जिससे आपके मन का बोझ थोड़ा सा कम हो। हमेशा बात करते रहें, जिससे आपका मन चिंताओं से दूर रहे।

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अपने रास्ते में कोई वस्तु रखें (Put object on your way)

जब आप होश में होते हैं तब आपको पता होता है कि नींद में चलने के दौरान आप किस रास्ते पर चलना शुरू करते हैं और किन किन रास्तों से गुज़रते हैं। अपने इस रास्ते में एक बाधा पैदा करने के लिए कोई वस्तु रख दें। इससे जब आप रात को दोबारा नींद में चलने लगें तो इस वस्तु से टकराकर आपकी नींद टूट जाए। इससे आप पूरी तरह होश में आ जाएंगे। परन्तु ऐसी कोई वस्तु बीच में ना रखें जो कठोर हो। लकड़ी, एल्युमीनियम (aluminum) या अन्य किसी धातु की चीज़ें ना रखें। आप रास्ते में एक नरम तकिया या रुई के गोले डाल सकते हैं, जिससे आपको कोई तकलीफ ना हो।

अलार्म लगाएं (Set alarm)

अलार्म लगाने का मुख्य मकसद है अपने मनचाहे समय पर सोकर उठना। अतः अगर आप रात में सोते समय चलने की समस्या से पीड़ित हैं तो अलार्म घड़ी की सहायता से यह समस्या दूर की जा सकती है। अगर आप ऐसी समस्या से पीड़ित हैं तो आधी रात के समय का अलार्म लगाकर सोएं। अगर आप कुछ दिनों तक लगातार इस विधि का पालन करेंगे तो इससे आपको नींद में चलने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

समय पर नज़र रखें (Look at the duration)

क्योंकि नींद में चलते समय आप खुद को देख नहीं पाते, अतः अपने साथी को नींद में चलने की अपनी आदत को देखने और महसूस करने के लिए कहें। आप एक अच्छा काम यह कर सकते हैं कि अपने कमरे में एक कैमरा (camera) लगा सकते हैं  और खुद के नींद में चलने की वीडियो (video) को आसानी से देख सकते हैं। यहाँ पर सबसे महत्वपूर्ण कार्य, जो आपको करना चाहिए, वह है अपने नींद में चलने के समय का ध्यान रखना। हर रात इस प्रक्रिया का समय लिखकर रखें। अगर आपको यह दिखे कि रोज़ रात को आपके नींद में चलने का समय एक ही है तो उस ख़ास समय से कुछ देर पहले उठ जाने की कोशिश करें।

प्याज़ (Onions neend mai chalne ki bimari ke liye)

आपको शायद इस बात का विश्वास ना हो, पर पके हुए प्याज़ भी नींद में चलने की आपकी समस्या को दूर करने की क्षमता रखते हैं। अपनी सब्ज़ियों और मांस आदि में ज़्यादा प्याज़ डालें, जिससे आपके खानपान में ज़्यादा से ज़्यादा प्याज़ शामिल हो सके। आप उबली हुई सब्ज़ियों के साथ भी प्याज उबालकर इसका सेवन कर सकते हैं। आप एक प्याज़ के 4 टुकड़े करके और इन्हें उबालकर भी इसका सेवन कर सकते हैं। एक बार उबले प्याज़ का सेवन करना शुरू करने पर कोई भी आपको सोने से रोक नहीं सकता। इससे आप गहरी नींद में सो जाएंगे और नींद में चलने की समस्या भी आपको नहीं सताएगी। आप जब आधी नींद में होते हैं, तभी बुरे सपने आपको काफी परेशान करते हैं। नींद में चलना भी ऐसी ही एक स्थिति है।

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शराब का सेवन कम करें (Reduce alcohol consumption)

शराब ना पीना वैसे भी काफी अच्छी आदत है। कभी कभी शराब पीने की वजह से भी लोगों को नींद में चलने की समस्या सताने लगती है। अपने मन में ऐसा दृढ़ संकल्प कर लें कि आपकी शराब पीने की आदत काफी हद तक छूट जाए। यह नींद में चलने की आपकी आदत को ठीक करने का काफी अच्छा तरीका है।

बीच बीच में आराम करें (Relaxation frequently)

कई बार लोगों को शुरू से नींद में चलने की बीमारी नहीं होती। वे इसके शिकार कुछ सालों के बाद भी हो सकते हैं। इसका मतलब यह है कि समय के साथ वे इस बीमारी के शिकार होते हैं। इस स्थिति में आराम करने से नींद में चलने की आदत से आपको छुटकारा मिल जाएगा।