Care to be taken during twin pregnancy – Tips in Hindi – जुड़वा बच्चों के जन्म के समय देखभाल के तरीके

सामान्य बच्चों की डिलीवरी की तुलना में जुड़वा बच्चों की डिलीवरी थोड़ी अलग किस्म की होती है। जहाँ तक दवाइयाँ लेने की बात है तो जिस माँ के गर्भ में जुड़वा बच्चे हैं, उसे आम डिलीवरी की तुलना में ज़्यादा सावधान रहने की ज़रुरत है। एक बार जब डॉक्टर ने बता दिया कि आपको जुड़वा बच्चे होंगे तो यह आपकी ज़िम्मेदारी बनती है कि आप अल्ट्रा साउंड स्कैन्स आदि के द्वारा हमेशा बच्चे की जांच करते रहें।

आपको एंटी नेटल अपॉइंटमेंट लेने की भी आवश्यकता है। कुछ महिलाएं काफी भाग्यशाली होती हैं की उनके जुड़वा बच्चे काफी स्वस्थ होते हैं। पर आमतौर पर इस प्रकार की डिलीवरी में कई प्रकार की समस्याएं आती हैं।

नयी तकनीक अपनाएं (Adopt latest technique)

ट्विन जन्म, कुछ लोग गर्भावस्था के दौरान मिडवाइफ या दाई की सेवाएं लेना बेहतर समझते हैं। पर यह बेहतर होगा कि आप दाई की बजाय एक प्रशिक्षित नर्स को सेवा के लिए रखें। उनके पास उस महिला की देखभाल और सुश्रुषा की बेहतर तकनीक होती है जिसके गर्भ में जुड़वाँ बच्चे होते हैं। अस्पताल में प्रसव के पहले (Antenatal)अपॉइंटमेंट लेना भी बच्चे की देखभाल और सुरक्षा का एक बेहतरीन तरीका है। एक प्रशिक्षित नर्स रखने से आपको गायनेकोलॉजिस्ट के पास अपॉइंटमेंट भी आसानी से मिल जाएगी। आप डॉक्टरों के प्रोफाइल की जांच करके यह भी देख सकती हैं कि उन्हें जुड़वा बच्चों की डिलीवरी का अनुभव है या नहीं।

परिवार नियोजन एवं दूसरी गर्भावस्था का सही समय

ट्विन बच्चे / जुड़वाँ बच्चों की गर्भावस्था के समय पोषण (Nutrition for twin pregnancy)

गर्भ में पल रहे दोनों बच्चों और माँ के स्वास्थ्य और पोषण के लिए सही खानपान की आवश्यकता है। अगर आप दो बच्चों को एक साथ जन्म देने जा रही हैं तो आपको एक बच्चे को जन्म देने वाली माँ की तुलना में ज़्यादा पोषण की आवश्यकता होगी। गर्भ में मौजूद बच्चे की बढ़त और विकास के लिए ज़रूरी तत्व ही उसके लिए पोषक तत्व होते हैं। गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड के साथ विटामिन्स की मात्रा भी शरीर में लें। छोटे और स्वस्थ आहार इस अवस्था में आपके लिए काफी लाभदायक सिद्ध होंगे। जंक फ़ूड तथा सैचुरेटेड फैट से युक्त भोजन से परहेज करें।

देखभाल की प्रक्रिया का एक और महत्वपूर्ण कदम है आराम करना। आपको गर्भावस्था के सम्पूर्ण काल में बिलकुल भी तनाव नहीं लेना चाहिए।

गर्भावस्था में जुड़वाँ बच्चे – डॉक्टर से जांच करवाएं (Checking with the doctor)

क्योंकि आप एक नहीं बल्कि दो बच्चों को जन्म देने जा रही हैं, अतः आपके लिए निरंतर डॉक्टरी जांच बहुत ज़रूरी है जिससे कि किसी समस्या के होने पर उसका तुरंत इलाज किया जा सके। अपने डॉक्टर के साथ खुलकर बात करें और अपने शारीरिक और मानसिक बदलावों, जिनसे आप गुज़र रही हैं, के बारे में परामर्श करें। अगर इस समय आपको कोई समस्या पेश आ रही है तो डॉक्टर को तुरंत बताना काफी आवश्यक है। इस बात की भी जांच करवाएं कि क्या आपके जुड़वा बच्चे एक ही प्लेसेंटा से जुड़े हैं। अपने बच्चे की अच्छे से देखभाल करें। अगर आपको लग रहा है कि जुड़वा बच्चों को जन्म देने की वजह से कुछ समस्याएं आ रही हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

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आखिरी तिमाही में काफी टेस्ट होते हैं, जैसे तनाव का टेस्ट, अल्ट्रा साउंड आदि। टेस्ट सही है या नहीं, इस बात का फैसला डॉक्टर के हाथ में होता है। एक डॉक्टर ही आपका और आपके बच्चों का अतिरिक्त दवाइयों के साथ अच्छा ख्याल रख सकता है।

जुड़वा गर्भावस्था – बच्चे के प्रकार के बारे में जानना (Knowing about the type of child)

इस समय आप यह जानने के लिए काफी उत्सुक होंगी कि आपके बच्चे दिखने में एक जैसे होंगे या नहीं। अगर आपके बच्चे एक ही प्लेसेंटा से जुड़े हुए हैं तो इस बात की काफी ज़्यादा संभावना है कि वे दिखने में भी एक जैसे होंगे। परन्तु अगर उनका प्लेसेंटा अलग है तो बच्चे दिखने में अलग हो सकते हैं। आपके लिए बच्चे के जन्म से पहले 8 अपॉइंटमेंट्स लेना अनिवार्य है। आपको अपने आब्स्टिट्रिशियन (obstetrician)के साथ भी दो अपॉइंटमेंट लेनी पड़ेगी।

जांच और अपॉइंटमेंट्स (Checkups and appointments – judwaa pregnancy)

11 से 13 हफ़्तों के बीच में आपको अपॉइंटमेंट के साथ अल्ट्रा साउंड भी करवाना पड़ेगा। इससे ट्विन जन्म, बच्चे के आने के तय समय के बारे में पता चलेगा और डाउन सिंड्रोम की मदद से आगे बढ़ा जा सकता है। आपके लिए 20, 24, 28, 32 और 36 हफ्ते पूरे होने पर स्कैन करवाना ज़रूरी होता है। इस स्कैन के द्वारा आपको यह पता चल जाएगा कि आपके जुड़वा बच्चे दिखने में एक जैसे होंगे या नहीं।

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