Wearing high heels and tips in hindi to take care – ऊँची हील पहनने के वक़्त सावधान रहने के नुस्खे

ऊँची हील के जूते सदियों से एक महिला के मित्र रहे हैं। इससे वे लम्बी तथा पतली लगती हैं तथा उनका आत्मविश्वास भी काफी बढ़ता है। ऊँची हील के जूते एक तरह का बेहतरीन स्टाइल है।

हाई हील के फायदे (Advantages of wearing heels or high heel ke fayde)

हील पहनने से महिलाओं की सुंदरता में निखार आता है। इससे उनकी लम्बाई बढ़ाने में भी मदद मिलती है। महिलाएं हील पहनकर स्मार्ट एवं आरामदायक महसूस करती हैं। इससे महिलाओं की चाल में काफी बदलाव आ जाता है। हील शरीर की मुद्राओं को सुधारता है तथा महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाता है। ऐसा माना जाता है कि ऊँची हील के जूते पहनने से पैर लम्बे और सुडौल लगते हैं। हील कपड़ों के साथ काफी जंचते हैं, जैसे कोनिकल हील व्यावसायिक कपड़ों के साथ काफी अच्छे लगते हैं, पेंसिल हील ट्यूनिक तथा मिनी के साथ बेहतरीन लगते हैं और प्लेटफार्म हील ट्राउज़र तथा चौड़ी जीन्स के साथ खूब फबते हैं।

हील पहनने के नुकसान (High heel ke nuksan)

हील पहनने से कई नुकसान होते हैं। महिलाएं हील पहनने से पैरों में पीड़ा का अनुभव करती हैं, क्योंकि चलते समय उनके शरीर का सारा भार पैरों पर पड़ता है। जो महिलाएं हील की अभ्यस्त नहीं हैं, वे ऊँची हील पहनकर चलने में काफी परेशानी का अनुभव करती हैं। ऊँची हील के नुक्सान, चलने में परेशानी होने से संतुलन बिगड़ता है और चलते समय गिरने की भी संभावना रहती है। इससे पीठ के दर्द की भी समस्या होती है। इससे एड़ियों में पीले धब्बे पड़ जाते हैं, जो बाद में कड़े हो जाते हैं। निरंतर हील्स पहनने से भविष्य में पैरों की गंभीर समस्याएं होने की संभावना रहती है।

पैदल शैली में बदलाव की सहायता से मनोदशा में बदलाव

ऊँची एड़ियों के दर्द से छुटकारा दिलाने के 5 उत्पाद (Save your Sole! 5 Things you could buy that will prevent High Heel Pain)

एंटी परस्पिरंट स्प्रे (Antiperspirant spray)

भले ही आपकी एड़ियां महकती न हों, हवा में थोड़ी सी भी नमी होने से आपके सैंडल का चमड़ा आपकी त्वचा को काटकर वहां चोट पहुंचा सकता है। पैरों में डिओड्रेंट लगाकर उन्हें स्वस्थ और सुन्दर रखें।

हाई हील्स ब्लिस्टर ब्लॉक्स (Blister blocks)

बैंड ऐड ब्लिस्टर ब्लॉक आसानी से आपके पर्स में आ जाता है। यह काफी उपयोगी होता है तथा पैरों की उन जगहों पर असर करता है, जहां फफोले पड़ने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है। परन्तु यह सिर्फ समस्या को होने से बचाने का एक उत्पाद है। अगर आपको गंभीर रूप से फफोलों की समस्या ने सता रखा है तो आप अन्य उत्पादों का इस्तेमाल करें।

जेल इन्सर्ट्स (Gel inserts)

ना सिर्फ जेल इन्सर्ट आपके जूतों में काफी अच्छे लगते हैं, आप काफी देर तक बिना पैरों में दर्द का सामना किये इसका प्रयोग कर सकते हैं।

हाई हील्स, फुट कुशन्स (Foot cushions)

फुट कुशन्स भी काफी बेहतरीन विकल्प साबित होते हैं। चाहे वो सिर्फ आपकी उँगलियों, पैरों के सोल या एड़ियों के लिए ही क्यों न हो, ये असल में जूते का ही अंदरूनी भाग लगते हैं। फुट पेटल्स फैशन की दुनिया में कार्यरत एक काफी अनुभवी महिला ने ईजाद किया था जो पीड़ादायक हील्स में रहकर परेशान हो गयी थी।

पैरों के छालों का घरेलू उपचार

फोल्डेबल बैले फ्लैट्स (Foldable ballet flats)

ये उत्पाद आसानी से आपके पर्स में आ जाते हैं तथा काम के बाद घर के रास्ते या रात के वक़्त कहीं बाहर बिताने वाले समय को पीड़ा से मुक्त रखते हैं।

दर्द का अहसास किये बिना हील पहनने के 5 तरीके (5 Tips to wear heels without feeling the pain)

क्या आप भी उनमें से हैं, जिन्हें हील्स पहनना पसंद तो है, पर कुछ देर तक इसे पहनने के बाद ही आप काफी थक जाती हैं। नीचे आपके लिए हील्स पहनने और साथ ही दर्द का अनुभव ना करने के कुछ नुस्खे दिए गए हैं।

  1. नर्म अंदरूनी सोल्स (soles) वाले जूते पहनें।
  2. ऊँची हील्स सिर्फ तभी पहनें, जब आपको ज्यादा चलना ना हो।
  3. ऊँची हील्स को कामकाजी माहौल या ख़ास उत्सवों पर पहनें। जो समय ऊँची हील्स पहनने के लिए सबसे अच्छे हैं, वे हैं जन्मदिन के उत्सव, नाईट क्लब (night clubs)जाने का समय, ग्रेजुएशन पार्टी (graduation parties), चर्च (church) आदि।
  4. अपनी एड़ियों तथा अंगूठों को एक ही समय पर ज़मीन से स्पर्श ना करवाएं। इस तरह चलने की कोशिश करें जैसा कि आप समतल जूते पहनकर चलते। जैसे जैसे एक कदम बढ़ाएं, पहले अपनी हील को ज़मीन पर रखें और फिर पैरों के पिछले हिस्से या पैर की उँगलियों का स्पर्श ज़मीन से करवाएं।
  5. आत्मविश्वास से भरे रहें। एक बार जब आपो लगे कि आपके अन्दर आत्मविश्वास आ गया है, तो धीरे धीरे नाचना शुरू कर दें। इससे आपके पैर जूतों के अन्दर आराम से चले जाएंगे और आप ज़्यादा नियंत्रित तथा आरामदायक मुद्रा में रहेंगी। नयी हील्स खरीदने पर उन्हें पहनने का अभ्यास करने की सबसे अच्छी जगह है सुपर मार्किट (supermarket), क्योंकि इस जगह आप शॉपिंग कार्ट (shopping cart) लेकर घूम सकती हैं।

हील्स पहनने पर पैरों की देखभाल करने के नुस्खे (Tips to take care of the feet on wearing heels)

ऊँची एड़ी के जूतों को आरामदायक बनाने के विभिन्न तरीके

ऊँची हील्स काफी कम समय के लिए तथा कभी कभी ही पहनें। हालांकि आप हील्स पहनकर पैरों को होने वाले नुकसान से खुद को बचाने के लिए नीचे दिए गए नुस्खों का पालन कर सकते हैं।

  • आपके पैरों में सबसे अच्छे से आने वाला ऊँची हील का जूता ही पहनें। जो ऊँची हील्स पैरों में अच्छे से फिट (fit) नहीं होते, उनके फलस्वरूप पैरों के सामने का भाग आगे की ओर हो जाता है जिससे कि पैरों की उँगलियों पर ज्यादा दबाव एवं दर्द बढ़ जाता है।
  • हील्स पहनने से पहले आपके लिए अपने पैरों का प्रकार जानना काफी आवश्यक है। इससे एक आर्क (arch) जैसा सही आकार मिलेगा जो आपको अपने लिए सही जूता खरीदने में मददगार साबित होगा।
  • मोटी हील से नियंत्रण प्राप्त होता है एवं यह पैर पर वज़न को बराबर बांटकर दबाव को कम करता है। हील्स की सही लम्बाई ज्ञात होने से अकिलिज़ टेंडन (achilles tendon) की समस्या की संभावना में कमी लाने में आसानी होती है।
  • पतले सोल्स पहनने से बिलकुल परहेज करें क्योंकि इनसे पैरों के निचले भाग में काफी दर्द होता है। प्लेटफार्म हील्स (platform heels) ज़्यादा बेहतर विकल्प साबित होते हैं।
  • हील्स को कुछ देर के लिए निकाल दें तथा टखनों एवं उँगलियों को खींचकर आराम पाएं।
  • स्ट्रेचिंग (stretching) की कुछ मुद्राएं जैसे स्ट्रैप (strap) की मदद से उँगलियों को नीचे और ऊपर करने से पिंडली की मांसपेशियों को काफी फायदा पहुंचता है।
  • जिन जूतों में पैरों के ऊपरी भाग में ज्यादा काम किया जाता है, वे अधिक आरामदायक साबित होते हैं। कुछ ऊँची हील के जूतों को आप सारा दिन बिना किसी परेशानी के पहन सकती हैं। गर्मियों में पहनी जानी वाली सैंडल (sandal) भी आपके पैरों के लिए काफी आरामदायक साबित होती है।
  • पूरे जूते को आरामदायक बनाने के लिए इसमें सिलिकॉन मेटाटर्सल पैड्स (silicone metatarsal pads) डालें जिससे झटकों को सोखने में मदद मिलती है। इन्हें मेटाटर्सल या पैरों के नीचे की गोलाई के पैड्स कहा जाता है। ये अंडाकार पैड्स होते हैं जो पैरों के नीचे की गोलाई में चले जाते हैं। इससे आपका पैर नियंत्रित मुद्रा में रहता है तथा उँगलियों को घर्षण या फोड़े फुंसियों की समस्या से छुटकारा मिलता है।
  • सही प्रकार से चलने की मुद्रा अपनाने से हील वाले जूते पहनकर आराम प्राप्त किया जा सकता है। इस तरह की चलने की मुद्रा के अंतर्गत अपना सिर और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखना काफी आवश्यक है। छोटे छोटे कदम लें एवं चलने की मुद्रा बाउंस (bounce) की तरह लगनी चाहिए। हील पहनकर चलने की मुद्रा में परिवर्तन करके शरीर के गुरुत्वाकर्षण का केंद्र बदलेगा एवं नियंत्रण मिलेगा।

हाई हील और दर्द, एड़ियों की पीड़ा से सम्बंधित जानकारी (Foot care after wearing high heels)

अगर आप ऐसे जूते पहनती हैं, जो कि टाइट हैं या आपके पैरों के प्राकृतिक आकार को बदलते हैं, तो डॉक्टरों के अनुसार इससे निश्चित रूप से पैरों में दर्द की समस्या होती है।

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अगर आपके जूते कड़े या टाइट होने के साथ साथ ऊँची हील के भी हैं, तो डॉक्टरों के अनुसार ये पीड़ा काफी गंभीर रूख अख्तियार कर सकती है।

सबसे आम समस्याओं में से एक है गोखरुओं में दर्द और जलन। यह पैरों के अंगूठों के पास हड्डियों का वो उभार होता है जो पैरों का आकार खराब कर देता है।

ऊँची हील से गोखरू की समस्या उत्पन्न नहीं होती, परन्तु बिगड़ती अवश्य है। इसमें हील की ऊंचाई तथा जूते की नोक काफी अहम भूमिका निभाते हैं।

डॉक्टरों के अनुसार गोखरू से ग्रस्त महिलाओं के पैर के अंगूठे के जोड़ में एक अलग हड्डी होती है, जो पैरों के चलने की मुद्रा को बुरी तरह प्रभावित करती है। ऐसी स्थिति में अगर पैर को ऊँची हील में डालकर चला जाए तो इन हड्डियों में काफी दबाव पड़ता है तथा गोखरू का दर्द और गंभीर हो जाता है।

  • योग, स्ट्रेचिंग तथा पैरों का व्यायाम करें जिससे पैरों तथा टखनों में रक्त का संचार अच्छे से हो। अच्छे रक्तसंचार से मेटाटारसल्जिया, तनाव के फ्रैक्चर तथा स्नायु में समस्या होने की सम्भावना कम हो जाती है।
  • ऊँची हील के जूते उतारकर एप्सोम नमक युक्त पानी में पैर डुबोएं। इससे रक्त की वाहिनियां खुलेंगी तथा पैर की त्वचा जल्दी ठीक होगी।
  • पैरों में कठोरता आने से रोकने के लिए उनपर लैवेंडर के तेल या अन्य आवश्यक तेलों से मालिश करें।