How to get rid of bumps on arms? – त्वचा पर दानें, हाथों की त्वचा पर दानों का मुख्य कारण और घरेलू उपाय

हाथों की त्वचा पर दाने या ददोड़े होना कोई असामान्य बात नहीं है, इसे मेडिकल की भाषा में केराटोसिस पिलारिस (keratosis pilaris) के नाम से जाना जाता है। ये लाल लाल दाने केवल हाथ या भुजाओं पर ही नहीं बल्कि जांघों, पीठ और कभी कभी चेहरे पर भी दिखाई देते हैं। यह त्वचा संबंधी एक समस्या है जो पूरी आबादी के 50 से 80 प्रतिशत के किशोरों और लगभग 40 प्रतिशत युवाओं को होती है।

आम तौर पर संवेदनशील (sensitive skin) तथा शुष्क त्वचा (dry skin) वाले लोगों को इसका ज़्यादा सामना करना पड़ता है। इस त्वचा संबंधी रोग से पीड़ित 50 प्रतिशत लोगों में इस समस्या का कारण पीढ़ीगत होता है, आनुवंशिकी (genetic) रूप से यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होती रहती है। केराटोसिस पिलारिस (keratosis pilaris) एक ऐसी समस्या है जिसके कई प्रकार होते है।

अनेक लोगों में दानों का आकार और रंग अलग अलग हो सकता है। यह कोई गंभीर समस्या नहीं है, इसमें किसी प्रकार का कोई दर्द नहीं होता पर त्वचा प्रभावित दिखाई देती है, खास तौर पर जिस स्थान पर यह होता है उस जगह की त्वचा खुरदुरी महसूस होती है जो कभी कभी असामान्य लगता है। इसके उपचार से पहले केराटोसिस पिलारिस (keratosis Pilaris) के कारणों को जानना ज़रूरी है। इसके कारणों का पता कर हम उपचार पर भी चर्चा करेंगे।

केराटोसिस पिलारिस क्या है? हाथों पर दिखाई देने वाले छोटे बड़े दानों का मुख्य (What is Keratosis Pilaris – the small bumps on arms?)

केराटोसिस पिलारिस को आम भाषा में चिकन स्किन (chicken skin) के नाम से भी जाना जाता है। इसका मुख्य कारण त्वचा के बालों या रोम में प्रोटीन केराटिन (protein keratin) का निर्मित होना है जो त्वचा के रोम के नीचे दबे होते हैं और कुछ समय बाद छोटे दानों के रूप में निकल कर त्वचा के ऊपर आ जाते हैं। केराटिन वही प्रोटीन हैं जो बालों के निर्माण में मदद करते हैं और सामान्य रूप से हमारे बालों में मौजूद रहते हैं। कुछ अनजाने कारणों की वजह से यह वंशानुगत भी हो सकते हैं। इस प्रोटीन के ज़्यादा निर्माण की वजह से ही यह त्वचा पर दानों के रूप में निकल आते हैं और कभी कभी ये दाने लाल रंग के साथ भी दिखाई देते हैं। इसमें किसी तरह का कोई दर्द नहीं होता पर कभी कभी इनमें खुजली जैसी समस्या हो सकती है पर यह स्थिति कम ही होती है।

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कई लोगों में यह समस्या बचपन में ही शुरू हो जाती है और उम्र बढ़ने के साथ साथ खत्म भी हो जाती है। वहीं कुछ लोगों में किशोरावस्था में इस समस्या को देखा जा सकता है। हाथों या भुजाओं पर अचानक कई दाने निकल आते है, आप देखेंगे की कुछ समय बाद यह दाने शरीर के कुछ अन्य हिस्सों जैसे जांघों, पीठ या नितंबों पर भी होने लगते हैं। महिलाओं में खासकर यौवनावस्था या प्रेग्नेंसी (pregnancy) के दौरान इस समस्या को देखा जा सकता है जो इस विशेष समय काल के बाद अपने आप प्राकृतिक रूप से ठीक हो जाता है। केराटोसिस पिलारिस (keratosis pilaris) को सीधे ठीक करने के लिए किसी तरह की दवाओं द्वारा उपचार नहीं होता पर इसके लिए कई तरह के सुरक्षित घरेलू उपाय मौजूद हैं जो त्वचा पर एक्सफोलिएशन के द्वारा इनके उपचार में सहयोग प्रदान कर सकते हैं। त्वचा विशेषज्ञों के पार इसके इलाज का तरीका मौजूद है। लेसर (laser) ट्रीटमेंट के द्वारा इसका उपचार किया जा सकता है पर कुछ समय अंतराल के बाद पुनः इसके वापस प्रभाव की संभावना बहुत ज़्यादा होती है। एक निश्चित समय के बाद दोबारा ये दानें आपके शरीर में दिखाई दे सकते हैं। तो बेहतर होगा की आप इसके उपचार के लिए घरेलू तरीकों की मदद लें। अगर आपको इनसें कोई लाभ नहीं हो रहा तो किसी चर्मरोग विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित होता है।

हाथों या भुजाओं के दानों के उपचार के लिए घरेलू उपाय (The best remedies to get rid of bumps on the arms include)

नारियल तेल के प्रयोग से करें हाथों के दानों का उपचार (Coconut oil for getting rid of bumps on the arms)

नारियल तेल एक बेहतरीन प्राकृतिक मॉश्चराइज़र है जो त्वचा को पर्याप्त नमी प्रदान करता है। इसमें मौजूद फैटी एसिड (fatty acid) आसानी से त्वचा के अंदर जाकर इसे भीतर से पोषण देते हैं। त्वचा पर दानों के उपचार में नारियल तेल से अवश्य ही लाभ होगा। यह त्वचा में जाकर शुष्कता को कम करता है, जिससे दानों का प्रभाव भी कम हो जाता है। नारियल तेल को हल्का गुनगुना कर लगाने से अधिक लाभ होता है।

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इसके लिए आप एक्स्ट्रा वर्जिन नारियल तेल (extra virgin coconut oil) का इस्तेमाल कर सकते हैं। नारियल तेल को एक पैन में डालकर गरम करें। इसे प्रभावित हिस्सों पर लगाकर 5 – 6 मिनट तक अपने हाथों से मसाज करना चाहिए, आप इसे लगा कर रात भर भी रख सकते हैं। इसे तब तक रगड़ते रहें जब तक की तेल त्वचा पर अच्छी तरह से सूख न जाए।

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दही से करें कंधे के नीचे और हाथों पर छोटे ददोड़ों का उपचार (Yogurt for reduce small bumps on the arms)

शरीर पर दानों के घरेलू उपचार में दही (yogurt) का बहुत ज़्यादा महत्व है। यह दानों को पूरी तरह से खत्म तो नहीं कर सकता पर नियमित उपचार से आप पाएंगे की आपके दानों या ददोड़ों में काफी लाभ हुआ है। दही त्वचा का रूखपन दूर करने का बेहतर साधन है साथ ही इसमें लैक्टिक एसिड (lactic acid) होता है जो अल्फ़ा हाईड्रॉक्सिल एसिड का प्राकृतिक रूप है जो शरीर में अतिरिक्त केराटीन (keratin) को बनने से रोकता है।

2 चम्मच दही लेकर प्रभावित हिस्सों में कुछ देर मसाज करें उसके बाद दही की एक परत बना कर इसे 20 मिनट तक रहने दें। इसे पानी से धोकर साफ कर लें। पानी के साथ किसी साबुन आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

शरीर पर दानों का घरेलू इलाज (Apple Cider Vinegar for getting rid of the small bumps on arms)

एप्पल साइडर वेनेगर अम्लीय प्रकृति का होता है इसमें त्वचा के पीएच स्तर को बैलेंस करने का गुण पाया जाता है। आईएमें मौजूद एस्ट्रिनजेंट (astringent) तत्व त्वचा की पोरों को बंद होने नहीं देते और उसकी सफाई कर उन्हें खुला रखते हैं ताकि त्वचा आसानी से सांस ले सके। आपको नहाने के पहले यह प्रयोग करना चाहिए।

2 कप पानी में 2 कप एप्पल साइडर वेनेगर (apple cider vineger) मिलाएँ। इसमें कॉटन बॉल डुबोकर अपने शरीर के हर हिस्से पर हल्के हाथों से रगड़ें। प्रभावित हिस्से पर अच्छी तरह इस सोलुशन को लगाना चाहिए। इसे 10 मिनट तक लगा रहने दें उसके बाद सामान्य तरीके से स्नान करें।

बेकिंग सोडा से करें लाल दानों का प्राकृतिक उपचार (Baking soda for getting rid of small bumps on the arms, dano ka upchar)

शरीर पार लाल रंग के दाने होने पर बेकिंग सोडा के द्वारा उसका इलाज किया जा सकता है। बेकिंग सोडा या खाने का सोडा इन दानों पर अच्छा प्रभाव डालता है जिसके प्रयोग से लाल दनें कम हो जाते हैं। दरअसल सोडे में एक्सफोलिएट करने का खास गुण होता है जो त्वचा को भी एक्सफोलिएट करता है जिसकी वजह से त्वचा के बंद पोर खुल जाते हैं और और उनमें जमा विषाक्त तत्व बाहर निकाल जाता है। इस प्रयोग से त्वचा ज़्यादा रूखी या ड्राय हो जाती है, इसीलिए इस प्रयोग को हफ्ते में 2 या 3 से ज़्यादा बार नहीं करना चाहिए और इस प्रयोग के बाद त्वचा पर अच्छे माश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।

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लाल दानें का इलाज (Shrir par laal dane ka gharelu ilaaj, Egg yolk to treat small bumps on the skin)

अंडे की ज़र्दी या कच्चे अंडे का पीला भाग (egg yolk) त्वचा पर दानों को कम करने में बहुत मददगार होता है। केराटोसिस पिलारिस (keratosis pilaris) जो पोर को बंद कर देते हैं, अंडे के पीले हिस्से में विटामिन ए (vitamin A) की भरपूर मात्रा होती है जो त्वचा को आसानी से एक्सफोलिएट (exfoliate) कर सकती है और यह त्वचा के पोर (Pore) को साफ कर उन्हें खोलने में मदद करता है। एक अंडे का पीला हिस्सा लें और उसे अच्छी तरह फेंट लें। अप अपने शरीर के प्रभावित हिस्से को पानी से गीला करें और उस स्थान पर इस अंडे की ज़र्दी को 2 से 3 परतों में लगाएँ। इसे 15 मिनट तक रखें और सूखने के बाद धो लें। इस प्रयोग को करने के बाद किसी भी प्रकार के क्लिंजर का इस्तेमाल लगभग 1 घंटे तक न करें। शरीर में लाल दानों का उपचार (lal dano ka upchar) करने के लिए इस प्रयोग को रोजाना करना चाहिए।

मछली के तेल से करें शरीर पर दानें का घर पर इलाज (Fish oil to get rid of the small bumps on the arms, Lal dano ka Ilaj)

शरीर पर दानें का इलाज घर पर करना आसान है, इसके लिए कुछ खास किस्म की मछली जैसे टूना, सालमन और मैकरेल आदि का प्रयोग किया जा सकता है। आपको तो यह पता ही होगा कि, मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड (omega3 fatty acid) भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो स्किन को पोषण देने में मददगार होता है। इसकी मदद से चिकन स्किन (chicken skin) जैसी समस्या से भी निजात मिलती है। इन सब के अलावा इनमें यूरिक एसिड (uric acid) की भी उच्च मात्रा होती है यह भी आपकी त्वचा को एक्सफोलिएट कर जल्दी ही त्वचा के दानें ठीक करता है।

इन सब के अलावा ठंडे पानी की मछलियों को अपने रोज के आहार में शामिल करें। मछलीयुक्त आहार आपके लिए बेहतर परिणाम देने वाले हो सकते हैं। प्रभावित हिस्से में फिश ऑइल (fish oil) की मदद से मसाज को भी एक बेहतर उपाय माना जाता है। अगर आपको मछली की तीखी गंध से कोई समस्या नहीं है तो आप आसानी से ये सभी उपाय कर सकते हैं।

केलेंडुला ऑइल से करें दानों का इलाज घर पर इलाज (Calendula oil for curing red bumps on arms, Skin allergy treatment in Hindi)

त्वचा की देखभाल के लिए घरेलू नाईट क्रीम

केलेंडुला (calendula) एक औषधिय पौधा है जिसे इसके खूबसूरत फूल के अलावा इसे औषधिय गुणों की वजह से भी जाना जाता है। इसमें त्वचा पर होने वाले किसी बुरे प्रभाव की वजह से जलन या सूजन को कम करने का खास गुण पाया जाता है। इन गुणों की वजह से ही केराटोसिस पिलारिस (keratosis pilaris) के घरेलू उपचार में फायदेमंद समझा गया है। यह त्वचा को पर्याप्त नमी देने के साथ लाल दानों का उपचार भी करता है इस प्रयोग के बाद त्वचा पर किसी तरह की ड्रायनेस भी नहीं होती।

केलेंडुला ऑइल (calendula oil) के प्रयोग को करने के लिए प्रभावित हिस्से म एन केलेंडुला ऑइल की मसाज 2 से 3 मिनट तक  करें इसके बाद लगभग 2 से 3 घंटे के लिए त्वचा को ऐसे ही रहने दें, केलेंडुला ऑइल इस पर अपना प्रभाव डालता है और त्वचा पर लाल दानें जल्दी ही ठीक होने लगते हैं।

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