Hindi tips to treat butt pimple, butt acne, buttock zits – नितम्ब के दाने, मुँहासे के लिए प्रभावी घरेलु उपचार

क्या आप अपने नितम्ब के मुहांसों के बारे में सबके सामने बात करना चाहेंगे? शायद नहीं। पर इस बात को नज़रअंदाज़ करने से स्थिति की गम्भीरता बिलकुल भी कम नहीं हो जाती। कई बार हमारे नितम्बों में काफी दर्दभरे मुहांसे जन्म लेते हैं।

वैसे तो इस बारे में कोई भी किसी से बात नहीं करता है, पर अगर कभी इस बात को लेकर सर्वेक्षण हुआ तो यह बीमारी काफी सामान्य सामस्या के रूप में सामने आएगी। पर जब समस्या है तो उसका समाधान भी पास में ही है। आपने अब तक खानपान, साफ़ सफाई और खास मलहम से इस समस्या के इलाज के बारे में सुना होगा। पर इनके अलावा नितम्ब के मुहांसों को दूर करने के कुछ घरेलू नुस्खे भी मौजूद हैं।

जिन लोगों के चेहरे पर दाना, फुन्सी या मुँहासे होना प्रवण हैं उन लोगों को कूल्हों या नितम्ब पर भी मुँहासे होने की संभावना होती है। हालाकि इस विषय पर लोग बात करना टालते हैं पर इनका इलाज होना बहुत जरुरी है इस बात से वह लोग भी सम्मत होते हैं।

क्या आप इस तथ्य को जानते हैं कि नितम्ब हमारे शरीर का तीसरा सबसे उष्णता वाला अंग होता है? और इसी वजह से वहां पर दाने निकलना, फुन्सी या मुँहासे होने की प्रमुख संभावना होती है। शरीर का यह भाग कीटाणुओं और जीवाणुओं का निवासस्थान होता है। इसी कारणवश जब हम मुंहासो का इलाज करते हैं तब यह बात ध्यान में रखनी चाहिए। आप इस तरह उपचार करें जिससे और कोई समस्या न उत्पन्न हो पर केवल मुंहासो का ही इलाज हो।

इसलिए अपने घर पर आसानी से कर सकें ऐसे कुछ नुस्खे यहाँ दिए जा रहे हैं। इन उपायों से मुँहासे से हो रही जलन से रहत मिलती है। यहाँ पर एक सावधानी बरतनी होगी की इन उपायों के बावजूद अगर यह समस्या कम न हो तब आपको किसी अच्छे त्वचा विशेषज्ञ की मदद लेनी आवश्यक है।

नितम्ब पर होने वाले मुहाँसो या फुंसी का घरेलू इलाज (Remedies to treat the butt pimple)

प्राकृतिक तेल (Natural oil)

सुडौल नितम्बों के लिए वर्कआउट

मुहासे से छुटकारा, नितम्ब के मुहाँसो पर नारियल तेल एक सरल उपचार है जो इस समस्या का निवारण कर सकता है। नारियल तेल प्रभावी ढंग से मुहाँसो का इलाज करता है। आप इस उपचार से काफी लाभ पा सकते हैं।

शहद (Honey treatment)

प्रकृति का उत्तम उपहार है शहद जो आपके त्वचा की कई समस्याएँ मिटा सकता हैं जिनमे नितम्ब के मुंहासे भी शामिल हैं। ऐसा माना जाता है की शहद के औषधीय गुणों की वजह से  वह छोटे घावों का इलाज करने में इस्तमाल किया जाता है। इसी कारणवश यह नितम्ब के मुंहासो के इलाज के उपायों में से एक है।

बेकिंग सोडा या खाने का सोडा (Baking soda)

घरेलु उपचारों में से एक प्रभावी उपचार है बेकिंग सोडा। मुहासे की दवा, बेकिंग सोडा पानी में मिलकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। पेट के बल लेटकर मुहांसों पर यह पेस्ट लगायें। 10 से 15 मिनट रखकर फिर उस पेस्ट को साफ़ पानी से धो दे। यह उपाय उन मुहांसों को साफ कर कुछ ही दिनों में मिटा देता है।

स्वच्छता बनाए रखना (Maintain hygiene)

तन की स्वच्छता बनाए रखना कई समस्याओं को होने से रोकने के लिए एक सटीक तरीका है। मुहाँसो का मुख्य कारण है बैक्टीरिया जो किसी भी तरह के गन्दगी में पैदा हो सकते हैं। इसी गन्दगी में उनकी संख्या तेज़ी से बढती है। आप ऐसे तरीके अपनाये जिनसे आप ज्यादातर समय तक साफ़ सुथरे रह सकें और इन विषाणुओं की पैदावार रोके।

अंतर्वस्त्रों की देखभाल (Undergarments care)

आप किस तरह के अंतर्वस्त्र पहनते हैं उनपर आपकी त्वचा का आरोग्य निर्भर करता है। हमेशा साफ, स्वच्छ और आरामदायक अंतर्वस्त्रों का उपयोग करें। आपकी त्वचा तंग अंतर्वस्त्रों में सांस नहीं ले सकती जिससे मुँहासे होने की काफी सम्भावना होती है। इसलिए आरामदायक कपड़े पहनने और अपनी त्वचा को सांस लेने में मदद करें।

मुँहासे का मुकाबला करने में उपयुक्त सामग्री (Acne combating ingredients)

त्वचा फोड़ों का इलाज कैसे करे?

नितम्ब के मुहांसों का इलाज करने के लिए बेन्ज़ोइल पेरोक्साइड मिश्रित उत्पादों का प्रयोग करें। इसके अलावा सलिस्य्क्लिक एसिड (salicyclic acid) एक प्रभावी उपचार माना गया है। सलिस्य्क्लिक एसिड  सूजन कम कर देता है और मुहांसों की त्वचा गिराने में सबसे अच्छा परिणाम देता है।

इन बातों का भी पालन करें (Also follow)

दिनभर एक ही पोशाख में न रहें। ज्यादा पसीना आता हो तब पोशाख बदलते रहें। इस वजह से आपके शरीर के रंध्र खुले रहेंगे और आपकी त्वचा सांस ले सकेगी।

• सूती कपड़े पहनना आपकी त्वचा को सांस लेने के लिए सर्वोत्तम उपचार है।
• नितम्ब के क्षेत्र को साफ रखें। दिन में तीन से चार बार यह साफ कीजिये।
• आपकी त्वचा में जलन पैदा करने वाले सौंदर्य प्रसाधन और स्प्रे का प्रयोग न करें।

सूरज से इलाज (Sun treatment)

मुहांसे शरीर के नरम मुलायम भागों जैसे गालों और नितम्बों पर जन्म लेते हैं। इस तथ्य का अर्थ यह है कि नरम और चर्बीयुक्त भागों पर अतिरिक्त तेल की मात्रा नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो आपके नितम्बों पर मुहांसे हो सकते हैं, जिससे आपके लिए बैठ पाना काफी चुनौतीपूर्ण कार्य सिद्ध होता है। इसके लिए सूर्य का उपचार काफी फायदेमंद सिद्ध होता है।

अगर आप किसी न्यूड बीच (nude beach) हो तो वहाँ चले जाएँ, अन्यथा आपके घर का आँगन भी चलेगा। अब धूप में लेटकर सूरज की गर्मी का अपने नितम्बों पर आनंद लें। इससे अतिरिक्त तेल कम होगा। पर इस प्रक्रिया का प्रयोग ज़्यादा देर तक ना करें क्योंकि इससे सनबर्न (sunburns) हो सकता है। हमेशा सनस्क्रीन (sunscreen) का प्रयोग करें।

डिटॉक्सिफिकेशन (Detoxification)

अपने शरीर से विषैले तत्वों को दूर भगाएं। इससे आपके नितम्बों से प्राकृतिक रूप से मुहांसे दूर रहेंगे। हरी सब्ज़ियों के अलावा बीच बीच में एक गिलास फलों के रस का भी सेवन कर लें। काफी मात्रा में पानी पिएं। सादा पानी शरीर को अंदर से साफ़ रखने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आप एक गिलास पानी में क्रीम ऑफ़ टार्टर (cream of tartar) भी मिश्रित करने की सोच सकते हैं। अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो अपने रोज़ाना के खानपान में ज़्यादा से ज़्यादा पेय पदार्थों का समावेश करने का प्रयास करें।

पैरों से आने वाली दुर्गंध को दूर करने के घरेलू उपचार

नीम्बू का रस (Lemon juice)

नीम्बू के रस में मौजूद अम्लीय गुणों की वजह से इसका प्रयोग बाहरी तौर से करने पर नितम्बों के फोड़ों से छुटकारा प्राप्त होता है। क्या आपने कभी ओसमोसिस (osmosis) के सिद्धांत के बारे में सुना है ? इसके अनुसार घुलनशील तत्व उच्च घनत्व से निचले घनत्व में सेमी पर्मीएबल मेम्ब्रेन (semi-permeable membrane) के माध्यम से तुरंत बहता है। आप सोच रहे होंगे कि इस वैज्ञानिक सिद्धांत का नितम्बों के फोड़ों से क्या सम्बन्ध है ! इसके लिए आपको परिस्थिति के विज्ञान को समझना पड़ेगा।

आपके मुहांसों में जमा तेल काफी घनत्व युक्त होता है। अगर ध्यान से देखा जाए तो त्वचा एक सेमी पर्मीएबल मेम्ब्रेन है। अतः अगर आप प्रभावित भाग पर नीम्बू के रस का प्रयोग रुई की मदद से करते हैं तो यह निचले घनत्व के घुलनशील पदार्थ के रूप में काम करता है। एक बार नीम्बू के रस का प्रयोग करने पर मुहांसों का गाढ़ा तेल पस (pus) और खून के रूप में निकल जाता है। रोमछिद्रों को साफ़ करना काफी दर्दभरी प्रक्रिया है, पर यह काफी प्रभावी उपचार है। सेब का सिरका भी इस स्थिति में काम करता है। इस मिश्रण का प्रयोग करके अपनी पीठ के भाग को ऊपर करके लेट जाएँ। कुछ देर के बाद इसे धो लें।

बर्फ के पैक, गर्म उपचार और हल्दी (Ice packs, warm treatment, and turmeric)

बर्फ के पैक का प्रयोग करने पर जीवाणु नष्ट हो जाते हैं और काफी राहत मिलती है। इसका प्रयोग बीच बीच में करते रहें, पर नीम्बू के रस और हल्दी जैसी अन्य विधियां भी अवश्य प्रयोग में लाएं। हल्दी के पेस्ट में बेहतरीन जलनरोधी गुण होते हैं। आप हल्दी के मलहम बाज़ार से भी खरीद सकते हैं, पर जब हल्दी का पैक घर बैठे तैयार किया जा सकता है तो इसे बाज़ार से खरीदने का कोई तुक नहीं बनता। ये नितम्बों के मुहांसों को ठीक करने के बेहतरीन उपायों में से एक हैं।

बर्फ प्रभावित भाग पर रक्त के संचार में कमी लाता है और सूजन को काफी कम कर देता है। पानी और हल्दी का एक पेस्ट बनाएं और इसका प्रयोग सीधे प्रभावित भाग पर करें। प्रभावित भाग को ज़्यादा ठंडक पहुंचाने के लिए पानी की जगह पुदीने के रस का प्रयोग किया जा सकता है। इस पेस्ट को 10 मिनट तक सूखकर कड़ा होने दें। इसे धो लें और नहाने से पहले बीच बीच में इसका प्रयोग करें। आप रात को सोने से पहले भी इसका प्रयोग करके इसे प्रभाव दिखाने के लिए लंबा समय दे सकते हैं। इस विधि से आपको काफी जल्दी राहत प्राप्त होगी। जिस तरह बर्फ सूजन को कम करता है, गर्म पानी रोमछिद्रों को फैलाता है और अंदर की गन्दगी को बाहर निकालता है।

पीड़ादायी स्तनों के लिए घरेलू उपचार

हल्का एक्सफोलिएशन (Light exfoliation)

हलके एक्सफोलिएशन से रोमछिद्र खुल जाते हैं। आप संतरे के सूखे छिलके और अच्छे से पिसी हुई चीनी जैसे तत्वों का इस प्रक्रिया के लिए प्रयोग कर सकते हैं। नहाते समय लूफा (loofah) और एक नॉन कमेडोजेनिक लोशन (non-comedogenic lotion) का प्रयोग करें। ये लोशन आपके रोमछिद्रों को बंद नहीं करते। अगर आपको नितम्बों में फोड़े हुए हैं तो साबुन का प्रयोग ना करें। साबुन के रासायनिक तत्व एलर्जिक (allergic) भाव दिखा सकते हैं, अतः इससे आपको और भी ज़्यादा परेशानी हो सकती है। अतः घरेलू नुस्खों का ही पालन करें क्योंकि ये सुरक्षित होते हैं।

विटामिन्स को ना भूलें (Do not forget the vitties)

आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली, खासकर रक्त की सफ़ेद कोशिकाएं हमेशा जीवाणुओं की बढ़त को कम करने का प्रयास करती रहती है। इन कोशिकाओं को शक्ति देने के लिए विटामिन्स का सेवन करें, जिससे नितम्बों के फोड़े ठीक हो जाएँ। आपका डॉक्टर आपको मल्टीविटामिन टेबलेट (multivitamin tablet) लेने की सलाह दे सकता है, पर आप घरेलू नुस्खे के रूप में अपने भोजन से ही ये पोषक पदार्थ प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें विटामिन ए, बी 5, सी और इ (vitamins A, B5, C, and E) हों।

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