Hindi remedies to treat gout – गोट या गठिया की प्राकृतिक चिकित्सा

गठिया आर्थराइटिस की ही एक अवस्था होती है जिसमे शरीर के जोड़ों वाले हिस्से जैसे टखना, कोहनी, घुटना, पंजा आदि में परेशानी उत्पन्न होने लगती है। गठिया / आर्थ्राइटिस में जोड़ों वाले हिस्सों में सूजन के साथ तेज़ दर्द होता है साथ ही जलन भी होती है।

इसका अभी तक कोई निश्चित कारण पता नहीं चल पाया है लेकिन डॉक्टरों द्वारा इसका कारण यूरिक एसिड की अधिकता, अधिक अल्कोहल लेना, व्यायाम की कमी, अनुवांशिकता और तनाव बताया जाता है। समय रहते इसका इलाज ज़रूरी होता है अन्यथा या शरीर में अन्य बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप, गुर्दे की पथरी और मधुमेह आदि को बढ़ा सकता है। गठिया से बचने और इसके इलाज के लिए कई घरेलू चिकित्सायें उपलब्ध हैं जिन्हें अपना कर आप भी लाभ उठा सकते हैं।

गठिया का प्राकृतिक इलाज (Home remedies to treat gout)

गठिया आर्थराइटिस की ही एक अवस्था होती है जिसका मुख्य कारण शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता का होना है। जोड़ों में तेज दर्द होना इसके प्रारंभिक लक्षण हैं। लेकिन घरेलू विधियों को अपनाकर इसका इलाज किया जा सकता है। नीचे दी गयी औषधियों को अपनाएँ और आर्थ्राइटिस से मुक्ति पायें।

सेब (Apples)

सर्दी और खांसी के लिए सबसे अच्छे घरेलू उपचार

सेब को गठिया के इलाज के लिए एक बेहतर विकल्प समझा जाता है। सेब में पाया जाने वाला मैलिक एसिड, यूरिक एसिड की अधिकता को ख़त्म करता है जिससे शरीर में दर्द और जलन से छुटकारा मिलता है और आप आराम महसूस करते हैं। इसलिये अपने रोज के भोजन में सेब को शामिल करें।

नींबू (Lemon)

दिन में कम से कम तीन बार नींबू का रस पीना गठिया में आराम दिलाता है। एक गिलास पानी में एक नींबू को निचोड़ कर दिन में तीन बार पियें, नींबू में उपस्थित साइट्रिक एसिड, यूरिक एसिड को घोल कर बाहर निकाल देता है जो गठिया का मुख्य कारण होता है।

केला (Bananas)

केला भी गठिया के इलाज के लिए एक अच्छा विकल्प होता है। हड्डियों की मजबूती, केले में उपस्थित पोटेशियम, शरीर में मिलने वाले यूरिक एसिड को द्रव अवस्था में बदल देता है जिससे इससे आसानी से शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। इसके अलावा केले में मिलने वाला विटामिन सी जोड़ों के दर्द को दूर करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

फ्रेंच बीन्स (French beans)

फ्रेंच बीन्स गठिये के रोग को ठीक करने का बेहतरीन हल माने जाते हैं। थोड़े से फ्रेंच बीन्स लें और इन्हें अच्छे से पीस लें। अब इनसे रस निकाल लें और रोजाना एक महीने तक इसका आधा गिलास रस पियें और फर्क महसूस करें।

गठिया के उपचार में चेरी (Cherries)

दिन में 15 से 20 चेरी खाना भी गठिया में लाभदायक होता है।

अदरक की जड़ें (Ginger root)

अपने एंटी इन्फिलेमेट्री गुणों के कारण अदरक की जड़ें गठिया / आर्थ्राइटिस में बहुत लाभ पहुंचाती हैं। हड्डियों की मजबूती, एक ग्लास पानी में अदरक की जड़ों का पावडर मिलाकर दिन में एक बार ज़रूर पियें। इसके अलावा इसे लेप के रूप में भी अपनाया जा सकता है।

पैरों के छालों का घरेलू उपचार

सब्जिओं का जूस (Vegetable juice)

गाजर, ककड़ी, चुकंदर जैसी कच्ची सब्जियों का जूस पीने से गठिया में बहुत आराम होता है।

चारकोल (Charcoal)

चारकोल लें और इसे पानी के साथ मिश्रित करके एक पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को आधे बाल्टी पानी में मिश्रित करें और अपने प्रभावित पैर को इस मिश्रण में डुबोएं। इस मिश्रण में अपने पैर को आधे से एक घंटे तक अवश्य डुबोकर रखें।

बेकिंग सोड़ा (Arthritis ka ilaj with baking soda)

आधा चम्मच बेकिंग सोडा एक गिलास पानी में दिन में एक बार दो हफ्तों तक लें, यह यूरिक एसिड की मात्रा को घटाता है और गठिया में आराम पहुंचाता है।

कार्यशील चारकोल से दर्द दूर करें (Deactivate pain with activated charcoal)

कार्यशील चारकोल गठिये की जड़ को लक्ष्य बनाता है जो कि शरीर में अत्याधिक मात्रा में जमा हुआ यूरिक एसिड (uric acid) होता है। यह रक्त के स्त्रोत में इसकी मात्रा में काफी कमी करता है तथा यह उपचार साइड इफ़ेक्ट (side effect) से बिल्कुल मुक्त है। जो लोग टखने तथा घुटने के जोड़ों में गठिये की समस्या से पीड़ित होते हैं, उनके लिए कार्यशील चारकोल से स्नान करने से ज़्यादा आरामदायक कुछ भी नहीं होता है। अपने बाथटब (bath tub) में सामान्य पानी भरकर इसमें एक कप चारकोल पाउडर मिश्रित करें। इस पानी में खुद को कम से कम आधे घंटे के लिए डुबोये रखें। इसका प्रयोग करने का एक और तरीका भी उपलब्ध है। इसके लिए इस पाउडर में थोड़ा सा पानी मिश्रित करके एक पेस्ट तैयार करें और इसे प्रभावित भाग के ऊपर रगडें।

जल चिकित्सा (Gathiya ka ilaj with the help of hydrotherapy)

गठिया / आर्थ्राइटिस वाले हिस्से को दिन में दो बार ठन्डे पानी में थोड़ी देर तक डुबो कर रखें यह गठिया में दर्द और जलन से आराम देता है।

ठंडी सेंक से आराम (Relief with cold compress)

एक ठंडी सेंक आपको असहनीय दर्द से तुरंत आराम प्रदान करने की क्षमता रखती है। ठन्डे पानी की सेंक के लिए एक कपड़े या तौलिये में बर्फ के टुकड़े को लपेट लें ,इसे अपने सूजे हुए जोड़ों पर 15 से 20 मिनट के लिए रगडें। अगर आप ठन्डे पानी का प्रयोग कर रहे हैं तो कपड़े को बर्फीले पानी में डुबोएं। अतिरिक्त पानी को निचोड़ लें और इस कपड़े को पैर पर लगाएं। आप ठंडी सेंक के लिए बर्फ के जेल (gel) का पैक भी प्रयोग में ला सकते हैं। अगर आप बर्फ के पैक का प्रयोग कर रहे हैं तो इसका प्रयोग लम्बे समय के लिए ना करें, अन्यथा इससे यूरिक एसिड का क्रिस्टलाइज़ेशन (crystallization) हो सकता है।

शक्कर कम खायें (Say no to too much sugar and grains)

शक्कर में फ्रक्टोज होता है जो गठिया के दर्द को बढ़ाता है इसलिये शक्कर और इससे सम्बंधित उत्पादों का सेवन कम से कम करें।

गठिया के उपचार – व्यायाम करें (Time for exercise)

यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर का बजन भी बढ़ने लगता है जिससे तकलीफ़ और भी बढ़ जाती है इसलिये नियमित तौर पर व्यायाम करें। इससे आपका बजन भी नियंत्रित रहेगा और शरीर क्रियाशील भी बना रहेगा।

ओलिव ऑइल से मालिश करें (Relaxing olive oil massage)

जोड़ो के दर्द से आराम पाने, दूर करने के लिए घरेलू उपचार

जैतून के तेल से की गयी मालिश भी इस रोग से निजात दिलाता है। अतः इसलिये 2 से 3 चम्मच ओलिव आयल से रोज मालिश करें।

सेब के सिरके के साथ मिश्रण (Solution with apple cider vinegar)

इस उत्पाद को चमत्कारी मिश्रण भी कहा जा सकता है। यह आपके शरीर के अंगों की कई तरह से देखभाल करता है। सेब के सिरके की शक्ति को गठिये के इलाज के लिए प्रयुक्त करने के लिए 1 गिलास पानी में 1 चम्मच कच्चा सेब का सिरका मिश्रित करें। रोजाना इसका 3 बार सेवन करें। सिरके से होने वाली एसिडिटी (acidity) आपको आराम प्रदान करने का काम बखूबी करती है। अगर आपको यह लगे कि इस मिश्रण से आपके शरीर पर अच्छा प्रभाव पड़ रहा है तो इसकी खुराक में वृद्धि कर लें।

सेंधा नमक (Gathiya rog ka upchar with epsom salt)

गर्म पानी में सेंधा नमक मिलाकर गठिया वाले स्थान को उसमे डुबो कर रखें यह गठिया में आराम पाने की एक बेहतर विधि है।