Tips in Hindi for partners in pregnancy – गर्भवती महिला के साथी के लिए टिप्स

क्योंकि गर्भवती महिला की तरह उनके साथियों में गर्भाशय में फर्टीलाइज़ेशन की वजह से शरीर में भारी बदलाव नहीं आते, अतः उनके शरीर में सेक्स की इच्छा ज्यों की त्यों बरकरार रहती है। ज़्यादातर महिलाओं के साथियों के लिए उत्सुकता और ख़ुशी की भावना का अंत नहीं होता।

यह एक महिला के साथी की ज़िम्मेदारी है कि वह गर्भावस्था तथा लेबर के समय उसका ख्याल रखें। कुछ मर्दों को इस बात की भी चिंता रहती है कि गर्भावस्था की स्थिति से उनके सेक्स संबंधों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य, मर्दों के लिए ज़रूरी टिप्स (Important tips for men)

जब आपकी पत्नी गर्भवती हो तो आपको थोड़ा सा शोध करना चाहिए। आप पिता बनने वाले हैं, अतः आपको इस बारे में थोड़ी सी तैयारी करके रखनी चाहिए। यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप अच्छी मिडवाइफ, दाई या सही समय पर नर्स का चुनाव करें। अपनी पत्नी को उसके गर्भधारण की स्थिति में सहारा देना हर साथी की अहम ज़िम्मेदारी है। एक महिला को इस अवस्था में अपने साथी के प्यार और देखभाल की काफी ज़रुरत होती है।

आपको बच्चे के जन्म के पहले कुछ क्लासेज में हिस्सा लेना होगा जो कई संस्थाओं द्वारा माता पिता के लिए आयोजित किया जाता है, जिससे कि वे गर्भावस्था के तथा उसके बाद के समय के लिए तैयार रह सकें।

बच्चे के जन्म के समय के आने के साथ ही आपके ऊपर अतिरिक्त पैसों की ज़िम्मेदारियाँ आ जाती हैं। बच्चे की डिलीवरी की तैयारी से लेकर उसकी दवाइयों तक हर कदम पर आपको काफी पैसों की ज़रुरत पड़ती है। इसके पहले आप दो ही लोग साथ में रहते थे, पर अब एक नया मेहमान आपके साथ सारा जीवन रहने के लिए आने वाला होता है।

गर्भावस्था में करने वाले कार्यों की सूची

आप अपनी गर्भवती पत्नी से खुलकर बातचीत करें और बच्चे से जुड़ी उसकी सारी भावनाओं को मन लगाकर सुनें। आपको उसकी उत्सुकता और उसकी समस्याओं की मुख्य जड़ तक पहुँचने का भी प्रयास करना चाहिए।

गर्भावस्था में देखभाल अपने बच्चे के साथ जुड़ाव (A perfect bond se grabhavastha me dekhbhal)

यह देखा गया है कि पुरुष अपने बच्चे के जन्म के बाद उसके साथ एक गहरा भावनात्मक लगाव स्थापित कर लेते हैं। कुछ लोग माँ के पेट पर कान रखकर बच्चे की हरकतों को महसूस करने की कोशिश करते हैं। एक बार जब आप माँ के गर्भ में मौजूद बच्चे से बात करते हैं तो वो अपने पिता की आवाज़ को पहचान सकता है और उसपर भरोसा करना शुरू कर देता है। आप अभिभावकों के लिए चलाई जाने वाली कई वेबसाइट्स से भी जुड़ सकते हैं, जहां लेबर के दौरान काम आने वाली सबसे अच्छी तकनीक के बारे में बताया जाता है। अब आपका अपने साथी के साथ रिश्ता थोड़ा अलग सा हो जाता है, क्योंकि आप अब सिर्फ पति और पत्नी ही नहीं रहते, बल्कि माँ बाप बनने वाले होते हैं। इसकी वजह से अपने घर में आने वाले नए मेहमान के साथ आप अवश्य ही एक ख़ास लगाव महसूस करेंगे।

गर्भावस्था की समस्याएं सेक्स सम्बन्ध में (Sexual relationship – pregnancy me hone wali problem)

गर्भावस्था के चरणों के दौरान एक जोड़े को अपनी सेक्स लाइफ में थोड़े से परिवर्तन करने पड़ते हैं। क्योंकि एक माँ बनने वाली औरत में कई प्रकार के शारीरिक बदलाव महसूस किये जा सकते हैं, अतः उसके साथी को उस महिला के साथ सहानुभूति होने लगती है जो कि इतना दर्द सहन करके उनके बच्चे को जन्म देने वाली है। भले ही इस समय पुरुषों के अंदर सेक्स और कामुकता की भावना रहती है, पर ऐसी स्थिति में उन्हें भी अपने मन पर काबू करने की कोशिश करनी होती है।

गर्भावस्था के दौरान सावधानियां, प्रेम करने में परेशानी (Difficulty in love making)

गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर से संपर्क कब करें?

गर्भावस्था के समय एक महिला के स्तनों का आकार काफी बढ़ जाता है और इसीलिए फोरप्ले की क्रिया की समय स्तनों की नर्माहट को आसानी से महसूस किया जा सकता है। महिलाओं में गर्भावस्था की शुरुआत में ही मतली और थकान आदि लक्षण देखे जाते हैं, और इसीलिए उनकी कामुक इच्छाओं में इस समय काफी कमी आ जाती है। एक गर्भवती महिला के शरीर में रक्त के संचार में भी वृद्धि दर्ज की जाती है। इससे शरीर की उत्तेजना (sensation) में भी काफी वृद्धि हो जाती है। अतः इस समय सेक्स की क्रिया काफी खुशनुमा तथा आनंददायक साबित होती है। आप भले ही पहली और दूसरी तिमाही में सेक्स करने में सफलता हासिल कर सकते हैं, परन्तु तीसरी तिमाही तक बच्चा काफी बढ़ चुका होता है और महिला का पेट काफी बड़ा हो जाता है। इसी वजह से उसे लेटने, बैठने तथा अन्य कोई भी कार्य करने में काफी परेशानी होती है। आप अपनी साथी से प्यार जताने के अन्य तरीके भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए आपको काफी सावधानी और नर्माहट से पेश आना होगा। उसे प्यार से गले लगाने और किस करने से ही कामुकता में वृद्धि होगी।

loading...