Home remedies in Hindi to improve eyesight – नेत्र दृष्टि बढ़ाने के घरेलू उपचार

आँखें शरीर का सबसे ज़रूरी और खूबसूरत हिस्सा होती हैं जो कई बार आपकी पहचान भी बन जाती हैं। आँखों की देखभाल अत्यंत आवश्यक होती है। आँखों की माशपेशियां शरीर में सबसे अधिक क्रियाशील होती हैं।

आधुनिक दौर में आनुवंशिकता, काम का दबाव, तनाव, पोषण की कमी, अधिक पढाई जैसे कारकों के कारण लोगों के चश्मे के नंबर बढ़ते जा रहे हैं। आँखों को धूल और इन्फेक्शन से बचाने के अलावा यहाँ कुछ ऐसे तरीके बताये जा रहे हैं जो आपकी आँखों की दृष्टि बढ़ा सकते हैं। घरेलू उपचार द्वारा आँखों की रोशनी किस तरह बढ़ाई जा सकती है आइये जानते हैं।

आँखें आपके शरीर का सबसे खूबसूरत हिस्सा होती हैं। आपको उन्हें काफी स्वस्थ रखना चाहिए तथा उन्हें हमेशा तरोताजा रखने की कोशिश करनी चाहिए। आँखें छोटी या बड़ी हो सकती हैं। कुछ लोगों की आँखें काफी खूबसूरत एवं आकर्षक होती हैं तथा वे दूसरों का ध्यान आकर्षित करने की क्षमता रखती हैं। हर मनुष्य के लिए अच्छी और तेज़ नज़र का होना काफी ज़रूरी है।

अपनी आँखों को संक्रमण और दूसरी बीमारियों से बचाकर रखने के लिए उन्हें गन्दगी और धूल से बचाकर रखें। यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप अपने शरीर के अंगों का ख्याल रखें, जिससे वे काफी खूबसूरत दिखने लगें। बचाव हमेशा इलाज से अच्छा होता है। नीचे आपकी आँखों की रोशनी में प्राकृतिक रूप से वृद्धि करने के कुछ उपाय बताये गए हैं।

नेत्र रोग घरेलू उपचार, दृष्टि के लिए आँखों के कुछ व्यायाम (Some eye exercises are)

पेंसिल पुश-अप्स (Pencil push-ups se ankho ki roshni badhane ke tips)

आँखों की रोशनी बढाने का तरीका, एक पेंसिल लें और उसके मध्य में कोई अक्षर लिखें या निशान लगायें अब इसे आँखों से सामने बाँहों की दूरी पर पकड़ें और उस निशान पर फोकस करें अब धीरे धीरे इसे नाक की ओर लायें और फोकस बनाये रखें। इसे तब तक करीब लायें जब तक यह दो भागों में न दिखाई देने लगे, और जैसे ही यह दो भागों में बंटे इसे हटा लें और थोड़ी देर आँखों को खुला छोड़ कर इधर उधर देखें। थोड़ी देर बाद पुनः इसे 4 से 5 बार दोहरायें। यह आँखों की रोशनी बढाने का सर्वोत्तम व्यायाम है।

आँखों के रोग के लिए आई रोलिंग (Eye rolling)

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अपनी आँखों को घड़ी की सुई की दिशा में 10 बार घुमाएँ और 2 मिनिट के आराम के बाद उल्टी दिशा में 10 बार घुमायें। यह आँखों को स्वस्थ रखता है।

नेत्र रोग के लिए कनपटी की मालिश (Temple massage)

आँखो की कमजोरी, अपनी कनपटी के दोनों ओर एक साथ अंगूठों से घड़ी की दिशा मे और घड़ी की विपरीत दिशा मे 20 बार मालिश करें और इसी प्रकार नाक के जोड़ और माथे के बीच में भी मालिश करें।

आँखों के रोग के लिए पलकों को गर्म करें (Warming of eyelids)

अपनी हथेलियों को रगड़ कर गर्म करें और फिर उन्हें दोनों आँखों की पलकों पर रखें 5 सेकंड के लिए फिर हटा ले, इस प्रक्रिया को 3 बार दोहरायें।

नेत्र रोग के लिए झपकी (Naps)

आँखो की कमजोरी, किसी जरुरी काम से फुर्सत होने के बाद कुर्सी पर बैठकर सर पीछे टिकाएं और 3 मिनिट आँखे बंद करके झपकी लें। यह आँखों को तरोताजा करती है।

आँख का इलाज के लिए दैनिक भोजन से दृष्टि दोष दूर (Daily food diet)

  • आपकी दिनचर्या और भोजन का आँखों पर बहुत प्रभाव पड़ता है। इसलिये ऐसा भोजन करें जो विटामिन्स और न्यूट्रीशन से भरपूर हो।
  • आँखो की रोशनी बढाने के उपाय, हरी सब्जियां, खट्टे फल, मछली, फल और सूखे मेवे आँखों को पोषण प्रदान करते हैं।
  • विटामिन E, C और A से भरपूर फल और सब्जियां लें।
  • आँखो की रोशनी बढाने के उपाय (ankho ki roshni badhane ke upay), अंगूर और ब्लू बेरीज जैसे फल भी आँखों की ज्योति बढ़ाते हैं।
  • लेसिथिन और सिस्टेनाइन युक्त चीजें जैसे लहसुन और प्याज जरूर खाएं।

आँखों की सुरक्षा के आसान और प्राकृतिक तरीके

  • आँखो की रोशनी बढाने के उपाय, पानी अधिक से अधिक पीयें।
  • धूम्रपान आँखों को नुकसान पहुंचाते है इसलिये इनसे दूर रहें।

आँखो का इलाज के लिए आँखों की देखभाल करें (Take care of your eyes and its environment)

  • जब भी बाहर जायें चश्मा लगायें जो आँखों को धूल और धूप से बचाता है।
  • कंप्यूटर, लैपटॉप और टी.वी. अधिक देर तक देखने की बजाये बीच बीच में ब्रेक लेते रहें।
  • यदि आप किसी ऐसी जगह काम कर रहे हैं जहाँ आपकी आँखों को नुकसान पहुँच सकता है तो पर्याप्त सुरक्षा का प्रबंध करें और सुरक्षित रखने वाले उपकरणों का प्रयोग करें।
  • गहरी नींद आँखों को पर्याप्त आराम देती है और नेत्र ज्योति बढ़ाती है।

अगर आप अपनी आँखों को हमेशा स्वस्थ रखना चाहते है और उन्हें हमेशा खूबसूरत बनाये रखना चाहते हैं तो ऊपर बताये गये तरीकों को अपनाएँ और इन्हें हमेशा स्वस्थ रखें।

जीवनशैली और खानपान में बदलाव (Lifestyle and dietary changes)

अब भी आपकी आँखों की रोशनी बढ़ाने की बात आती है तो आपकी जीवनशैली और आपके खानपान की आदतें इसमें काफी बड़ी भूमिका निभाती हैं। अतः आपको ऐसा भोजन करना चाहिए, जिसमें वे सारे पोषक तत्व हों जिनकी आपकी आँखों को ज़रुरत है। नीचे दिए गए खाद्य पदार्थों को अपने खानपान में शामिल करने का प्रयास करें :-

  • हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, कोलार्ड्स, केल, चार्ड (spinach, collards, kale, chard) आदि विटामिन (vitamin) और खनिज पदार्थों से युक्त होती हैं। गाजर भी आपकी आँखों के लिए काफी फायदेमंद होते हैं।
  • ओमेगा 3 फैटी एसिड्स (omega-3 fatty acids) आपकी नज़रों और सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छे और फायदेमंद होते हैं। टूना और साल्मन (tuna and salmon) इस लिहाज से आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प साबित होते हैं। ये काफी स्वादिष्ट भी होते हैं।
  • आप सिट्रस फलों (citrus fruit) को भी अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं। आप इन्हें कच्चा भी खा सकते हैं और इनका रस निकालकर इन्हें पी भी सकते हैं। अंगूर, नींबू, संतरे आदि सिट्रिक एसिड (citric acid) से युक्त होते हैं।
  • अगर आप शाकाहारी हैं तो आप नट्स (nuts), केले और बीन्स (beans) का सेवन भी कर सकते हैं। ये प्रोटीन (protein) से भरपूर होते हैं।

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  • विटामिन के पूरक पदार्थ ग्रहण करना भी काफी अच्छा विकल्प साबित होता है।

हालांकि अपनी नज़र को तेज़ करने के लिए सिर्फ खानपान में परिवर्तन करना काफी नहीं है। जीवनशैली में परिवर्तन भी इस लिहाज से काफी ज़रूरी है। नीचे दिए गए परिवर्तन आप अपनी जीवनशैली में कर सकते हैं : –

  • शोधों से साबित हुआ है कि जो लोग धूम्रपान करते हैं, वे नज़रों में कमजोरी की समस्या का सबसे अधिक शिकार होते हैं। इसके अलावा धूम्रपान करने से जीवन के बाद के समय में मैकुलर डिजनरेशन (macular degeneration) और आँखों में मोतियाबिन्द होने की समस्या भी सामने आती है। अगर आप धूम्रपान छोड़ने में सफल नहीं हो पा रहे हैं तो आप किसी भरोसेमंद सपोर्ट ग्रुप (support group) या पेशेवर चिकित्सक की मदद ले सकते हैं।
  • धूम्रपान की तरह ही आँखों की ऊपर बतायी गयी समस्याएं सूरज की रोशनी के अतिरिक्त संपर्क में आने की वजह से भी हो सकते हैं। अतः जब भी कभी आप बाहर निकलें तो धूप का चश्मा अवश्य पहन लें। इस बात का ख्याल रखें कि आपके चश्मे UV सुरक्षित हों। आँखों को पूरी तरह ढकने वाले चश्मे सबसे अच्छे होते हैं, क्योंकि ये आँखों पर सबसे अच्छे साबित होते हैं।
  • आँखों की थकान को जितना हो सके कम करने का प्रयास करें। इसके लिए कंप्यूटर की रोशनी को कम करके रखें। किसी चमकदार चीज़ पर देर तक नज़रें गड़ाए रहने से आँखों को नुकसान पहुंचता है।
  • अगर आप लम्बे समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं तो कंप्यूटर की लिखाई को अपनी आँखों के हिसाब से आरामदायक बनाने का प्रयास करें। अक्षरों को बड़ा कर देने से आँखों पर कम दबाव पड़ता है और इनसे जुड़ा नुकसान होने की संभावना भी काफी कम होती है।

इन सामान्य नुस्खों का पालन करके आप अपने आँखों की रोशनी को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं। हर 3 महीने में आँखों के डॉक्टर को दिखाना भी अनिवार्य है।