How to prepare cereal for babies – बच्चों के लिए सीरियल (आहार) कैसे तैयार करे? सीरियल के विभिन्न प्रकार

बच्चों का सीरियल उनके जीवन का पहला ठोस आहार होता है। यह उन्हें आसानी से हजम हो जाता है और इसके कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होते। बच्चों का ठोस आहार 6 महीने की उम्र से शुरू किया जा सकता है।

बच्चों का खाना – बच्चों के ठोस आहार का महत्त्व (Importance of baby cereals)

1. ठोस आहार बच्चों की तेज़ बढ़त एवं शक्ति के लिए काफी आवश्यक होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट्स, विटामिन्स, मिनरल्स और प्रोटीन की काफी मात्रा होती है क्योंकि इन आहारों में गेहूं, दलिया, जौ और राई शामिल होती है।

2. बच्चों का ठोस आहार उनके शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाता है। इन्हें प्रीबायोटिक्स से छानकर बच्चों के नाज़ुक पाचन प्रणाली के अनुसार बनाया जाता है।

3. ये आहार ज़रूरी लौह पदार्थ एवं अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ज़्यादातर बच्चों को 6 महीने की आयु का होने तक शरीर में आयरन की कमी होती है, अतः ये सीरियल इस कमी को पूरा करने में सहायक होता है।

4. बच्चों का आहार, जिन बच्चों को ग्लूटन से एलर्जी है उनके लिए ग्लूटन मुक्त आहार भी बनाए जा सकते हैं। ग्लूटन एक प्रोटीन होता है जो कि गेहूं, दलिया, जौ तथा राइ में पाया जाता है।

बच्चे का शुरुआती भोजन – ठोस आहार शुरू करने का समय (When to Introduce baby cereal)

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ज़्यादा बच्चे प्राकृतिक रूप से 4 से 6 महीने के अंदर ठोस आहार लेने के लिए तैयार हो जाते हैं। इन आहारों को शुरू तभी करना चाहिए जब बच्चा इसे लेने के लिए तैयार हो। एक माँ निम्नलिखित तरीकों से यह जान पाती है कि उसका बच्चा कब से ठोस आहार लेने के लिए तैयार है :-

1. शिशु का आहार, जब बच्चा खुद बैठने लगे और अपना गला और गर्दान सही प्रकार से ऊपर कर सके।

2. जब बच्चे का भार उसके जन्म के समय के भार से दोगुना हो जाए।

3. जब बच्चा दूसरों के भोजन में रुचि लेने लगे और दूसरों की थाली से खाना लेने की कोशिश करे।

4. ठोस आहार की हो सही शुरुआत, जब बच्चा भोजन को अपने मुंह में रख सके।

5. जब बच्चे को अच्छे से खिला देने के बाद भी उसमें भूख के लक्षण दिखें।

शिशुओं के लिये आहार – ठोस आहार कैसे शुरू कराएं? (How to introduce cereal?)

शिशु का शुरुआती आहार, आमतौर पर चावल के आहार को ज़्यादातर माओं द्वारा सर्वश्रेष्ठ आहार माना जाता है। एक बार बच्चे के चावल के आहार के आदी हो जाने पर उसे अन्य आहारों से परिचित कराया जा सकता है। इनमें सूजी, रागी, साबूदाना, ज्वार और बाजरा प्रमुख है। बच्चे के 8 महिने से अधिक के हो जाने के बाद ही गेहूं और दलिये का आहार शुरू करवाएं। बच्चे को खिलाने से पहले भोजन का स्वाद और तापमान खुद जांच लें। हमेशा नए आहार को शुरू करने से पहले 1 हफ्ते का समय लें।

शिशु का डाइट प्‍लान – कुछ आसान और स्वास्थ्यवर्धक ठोस आहारों की सूची (Some easy to cook and healthy first cereal recipe)

नए जन्मे बच्चे के लिए श्रेष्ठ बेबी डायपर

  • मैश्ड चावल – ये प्रोटीन,कैल्शियम और विटामिन्स का अच्छा स्त्रोत होता हैं। चावल को अच्छे से पकाकर उसे मैश कर लें। इसमें दाल और सब्ज़ियाँ मिलाकर इसे स्वादिष्ट बनाएं।
  • खिचड़ी – यह विटामिन, प्रोटीन, स्टार्च और कैल्शियम से भरपूर होती है। 1 चम्मच मूंग दाल और 2 चम्मच चावल को दो कप पानी में पकाएं और उसमें नमक और हल्दी डाल लें।
  • सूजी का उपमा – ये प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत होता है। सूजी को तब तक रोस्ट करें जब तक ये सुनहरा भूरा ना हो जाए। इसमें पानी डालें और कुछ देर तक पकाएं। अब इसमें 1 चम्मच घी डालें और परोसें। अगर इसमें सब्ज़ियाँ मिला दी जाएं तो यह प्रोटीन और विटामिन से भरपूर बेहतरीन नाश्ता बन सकता है।
  • साबूदाने की खिचड़ी – यह एक पौष्टिक आहार है जिसमें काफी मात्रा में प्रोटीन और विटामिन होते हैं। साबूदाने को धोकर उसे तब तक भिगोकर रखें जब तक ये नरम ना हो जाए और फिर कुछ सब्ज़ियाँ उबालें। अब तेल गर्म करें और उसमें जीरा और उबली सब्ज़ियाँ डालें। अब इसमें नमक और साबूदाना डालें और अच्छे से चलाएं।
  • माल्ट आहार – ये रागी, चावल और मूंग का मिश्रण होता है जो कि आयरन, प्रोटीन, फोलिक एसिड और कैल्शियम से भरपूर होता है। तीनों सामग्रियों को बराबर मात्रा में लेकर रात भर भिगोकर रखें और दो दिन तक अंकुरित होने दें। अब इन्हें सूखाकर रोस्ट करें और इन्हें पीसकर इनका पाउडर बनाएं। एक एयर टाइट पात्र में इस पाउडर को संभालकर रखें। अब इस पाउडर को दूध, सूप या फलों की प्यूरी में मिलाएं। इस पाउडर को 2 हफ़्तों तक प्रयोग में लाया जा सकता है।

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